चंडीगढ़ः पंजाब सरकार की ओर से तबादलों का दौर लगातार जारी है। हाल ही में 71 पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए थे। सरकार की ओर से आज फिर 2 आईपीएस औ 8 पीपीएस अधिकारियों के तबादलें किए गए है। देखें लिस्ट


चंडीगढ़ः पंजाब सरकार की ओर से तबादलों का दौर लगातार जारी है। हाल ही में 71 पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए थे। सरकार की ओर से आज फिर 2 आईपीएस औ 8 पीपीएस अधिकारियों के तबादलें किए गए है। देखें लिस्ट



नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि मोटर वाहनों में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों की सुरक्षा, उनकी लागत और वेरिएंट की परवाह किए बिना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ये भी बताया कि केंद्र सरकार ने M1 केटेगरी की सभी गाड़ियों में छह एयरबैग को अनिवार्य करने के प्रस्ताव को एक साल टालकर एक अक्टूबर 2023 किया कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट करते हुए लिखा, “वाहन उद्योग को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, इसे देखते हुए और व्यापकके आर्थिक परिदृश्य पर इसके असर के मद्देनजर यात्री कारों में न्यूनतम छह एयरबैग अनिवार्य करने के प्रस्ताव को एक अक्टूबर, 2023 से लागू करने का निर्णय लिया गया है।”
इससे पहले केंद्र सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर 14 जनवरी 2022 को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक मसौदा अधिसूचना जारी की थी, जिसमें 1 अक्टूबर, 2022 के बाद निर्मित एम 1 श्रेणी के सभी वाहनों में छह एयरबैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया था। एयरबैग एक वाहन अधिभोगी-संयम प्रणाली है जो टक्कर के दौरान चालक और वाहन के डैशबोर्ड के बीच हस्तक्षेप करती है, जिससे गंभीर चोटों को रोका जा सकता है।

नई दिल्ली: जल्द यात्रियों को दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 5जी नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध होगी। जीएमआर समूह द्वारा संचालित दिल्ली हवाईअड्डे को 5जी नेटवर्क के अनुरूप बना दिया गया है। दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लि. (डायल) ने वीरवार को यह जानकारी दी। डायल ने कहा कि इससे दूरसंचार सेवाप्रदाता जब 5जी सेवा शुरू करेंगे, तो यात्री यहां पर इन सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। डायल ने कहा एयरलाइन और हवाईअड्डे के अन्य हितधारक तेज, सुगम और सुरक्षित कनेक्टविटी चाहते हैं। उसने कहा कि 5जी नेटवर्क से 20 गुना तेज डेटा स्पीड मिलेगी। डायल ने कहा कि टी3 टर्मिनल पर यह सेवा चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी। डायल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि 5जी नेटवर्क से प्रभावशीलता बढ़ेगी और त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, “5G नेटवर्क तेज गति प्रदान करता है। हवाई अड्डे पर, अगली पीढ़ी की मोबाइल तकनीक की यह सुविधा कनेक्शन घनत्व में सुधार करने में मदद करेगी और इससे अधिक दक्षता और तेजी से निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।” आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी 1 अक्टूबर को इंडिया मोबाइल कांग्रेस में 5जी सेवाओं की शुरुआत करेंगे। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के दौरान उन्होंने ने कहा था, “अब हम 5 जी के युग की ओर बढ़ रहे हैं … लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हम हर गांव में ऑप्टिकल फाइबर ले जा रहे हैं। मेरे पास पूरी जानकारी है कि डिजिटल इंडिया का सपना गांवों से गुजरेगा।”
गौरतलब है कि भारत 5G सेवाओं की लॉन्चिंग की तैयारी कर रहा है। कई दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने अपने नेटवर्क को नई तकनीक के लिए सक्षम किया है। अगस्त में, सरकार ने दूरसंचार दिग्गजों को स्पेक्ट्रम आवंटन पत्र जारी करते हुए उन्हें सेवाओं के रोल आउट के लिए तैयार करने के लिए कहा था।टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह दिवाली में मेट्रो शहरों में स्टैंडअलोन 5G सेवाएं शुरू करेगी, और 2023 तक देश के सभी हिस्सों में नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। रिलायंस की प्रतिद्वंद्वी एयरटेल मार्च 2024 तक 5,000 शहरों और कस्बों में 5जी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रही है।



नई दिल्ली: केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने चीन समर्थित कई कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कई लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम देते हुए ईडी ने 9 कंपनियों के बैंक अकाउंट से संबंधित 9 करोड़ 82 लाख रुपये को फ्रिज कर दिया। इसका मतलब है कि अब उन पैसों का प्रयोग चीन समर्थित ये कंपनियां नहीं कर सकतीं। दरअसल, चीन समर्थित कंपनियों द्वारा भारत के अंदर अपनी आर्थिक व्यवस्था से संबंधित कंपनियों का जाल फैलाकर एक बड़े साजिश के लिए नेटवर्क तैयार करने की कोशिश की जा रही थी, मगर जांच एजेंसी ईडी ने इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कैसे बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी में निवेश यानी इन्वेस्टमेंट करने के एवज में बड़ा मुनाफा कमाने का लालच दिया जा रहा था। इस मामले की शुरुआती जांच में यह भी जानकरी सामने आई है कि चीन समर्थित कई कंपनियों द्वारा भारत की आर्थिक व्यवस्था पर गंदी निगाहें हैं, मगर उन तमाम मामलों पर जांच एजेंसी काफी सतर्कता से आगे की तफ्तीश कर रही है। जिन कंपनियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की गई है और जिसका नाम तफ्तीश के दौरान सामने आया है, वे इस प्रकार हैं।
कॉमिन नेटवर्क टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, मोबिक्रेड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, मैजिक डेटा टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, बैतू टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, अलीये नेटवर्क टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, वीकैश टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, लार्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, मैजिक बर्ड टेक्नोलॉजी जैसी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्राइवेट लिमिटेड और ऐसपर्ल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड। ईडी ने एचपीजेड टोकन और अन्य के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, कोहिमा, नागालैंड द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत 8 अक्टूबर, 2021 की पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की।
जांच एजेंसी ईडी ने पिछले साल 8 अक्टूबर 2021 को इस मामले को टेकओवर किया था और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच शुरू की थी। दरअसल यह मामला नागालैंड की राजधानी कोहिमा स्थित साइबर क्राइम ब्रांच में दर्ज किया गया था। दर्ज एफआईआर में HPZ टोकन नाम की मोबाइल ऐप और उससे जुड़े कई कंपनियों की जानकारी सामने आई थी। इसके द्वारा बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के बदले मोटा मुनाफा देने का लालच दिया जा रहा था। चीन समर्थित उन कंपनियों का शुरुआती जाल नागालैंड जैसे राज्यों से शुरू किया जाना भी सवालों और जांच के राडार पर है, क्योंकि नागालैंड या उसके आसपास के राज्य चीन के सीमावर्ती इलाके से जुड़े हुए हैं। लिहाजा इस मामले में होने वाली आगे की तफ़्तीश में जल्द ही कई अन्य खुलासा किया जा सकता है।
हालांकि, जांच एजेंसी ईडी द्वारा पहले भी चीन समर्थित इन कंपनियों से जुड़े मामले में कार्रवाई के दौरान कई बैंक अकाउंट के करीब 56 करोड़ 49 लाख रुपये की रकम को फ्रिज किया जा चुका है। ईडी की टीम द्वारा 14 सितंबर 2022 को सर्च ऑपरेशन को भी अंजाम दिया गया था और उस दौरान कार्रवाई करते हुए करीब 46 करोड़ 67 लाख रुपये को फ्रिज किया गया था। इस मामले में फिलहाल आगे की तफ़्तीश जारी है।


नई दिल्लीः भारतीय जांच एजेंसियां अब दूसरे देशों में छिपे ड्रग माफियाओं पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर चुकी हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इंटरपोल के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग टैफिकिंग के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन गरुण शुरू किया है। इस ऑपरेशन में अब तक 127 केस दर्ज किए जा चुके हैं वहीं 175 की गिरफ्तारी भी की गई है। इतनी बड़ी कार्रवाई में सीबीआई ने बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद किया है। सीबीआई और इंटरपोल इस ऑपरेशन के तहत ड्रग्स माफियाओं की एक्टिविटी पर नियंत्रण लाना चाहती हैं।
इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाया जा रहा है जिसमें इंटरपोल की अहम भूमिका है। इंटरपोल के जरिए एनसीबी और स्टेट पुलिस को भी खासी मदद मिल रही है। दरअसल जांच एजेंसी की नजर अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के सिंडिकेट पर है। वह चाहती हैं कि किसी तरह इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया जा सके। इसी मकसद को लेकर इतनी बड़ी कार्रवाई की जा रही है।
सीबीआई और इंटरपोल के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाया जा रहे ऑपरेशन में सीबीआई और एनसीबी तो शामिल हैं ही। साथ ही इसमें देश के 8 राज्यों की पुलिस भी अहम भूमिका निभा रही है। छोटी से छोटी लीड पर राज्यों की पुलिस अपराधियों तक पहुंच रही है। इन राज्यों में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली और मणिपुर शामिल हैं। इन राज्यों में सबसे ज्यादा ड्रग माफिया एक्टिव हैं। किसी राज्य में ड्रग्स की ज्यादा खपत है तो किसी राज्य से इसकी खरीद-फरोख्त की जाती है।
सीबीआई, एनसीबी और इंटरपोल के इस ऑपरेशन में अब तक कुल 6600 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। ऑपरेशन के तहत एजेंसियों ने पूछताछ और सबूतों के आधार पर 127 नए केस दर्ज किए हैं। इतना ही इन्होंने 175 ड्रग तस्करों को भी गिफ्तार किया गया है। फिलहाल मामले में सीबीआई इंटरनेशनल लिंक्स खंगाल रही है। गिरफ्तार तस्करों से लगाता पूछताछ जारी है। इनसे पूछताछ करके जांच एजेंसिया इस गिरोह के माफियाओं तक पहुंचना चाह रही है।

फगवाडा़ः पंजाब में किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। वहीं अब पांच किसान जत्थेबदियों ने कल यानि शुक्रवार को फगवाड़ा में बड़ा इकट्ठ करेंगी। दरअसल, किसान जत्थेबंदियां धान की फसल, पराली की समस्या, पंजाब में पानी और किसानों नहीं मिल रही डीएपी खाद लेकर फगवाड़ा की दानामंडी में रैली करने जा रही हैं। इस रैली का आयोजन भारतीय किसान यूनियन राजेवाल द्वारा करवाया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से राज्य की पांच किसान जत्थेबंदियां भारतीय किसान यूनियन राजेवाल, भारतीय किसान यूनियन मानसा, किसान संघर्ष कमेटी पंजाब, आजाद किसान संघर्ष कमेटी पंजाब, आजाद किसान फेडरेशन एवं कुल हिंद किसान फेडरेशन शामिल होंगी।

किसानों की समस्या को लेकर की जा रही इस रैली में मुख्य वक्ता के रूप में संयुक्त समाज मोर्चा के संयोजक बलवीर सिंह राजेवाल शामिल होंगे। रैली में किसानों को पेश आ रही समस्याओं पर सभी जत्थेबंदियों के नेता अपने-अपने विचार रखेंगे। किसानों की मुख्य मुद्दा पंजाब में पराली की समस्या को लेकर है। किसानों का कहना है कि सरकार प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से चालान तो कटवा रही है लेकन इसका हट कोई बता नही है। भारतीय किसान यूनियन के अमरजोत सिंह जंडियाला ने बताया कि रैली में पंजाब के पानी को लेकर भी चर्चा होगी। उन्होंने कहा पानी अपने किसानों को मिल नहीं रहा जबकि अन्य राज्यों को पानी दिया जा रहा हैष। पंजाब की नहरों से किसान सुए देने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि रैली में पंजाब के पानी को बचाने पर भी विचार मंथन होगा और अगली रणनीति तय की जाएगी।
किसान नेता ने कहा कि किसानों को फसलों के लिए डीएपी खाद की जरूरत है। लेकिन सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाली यह खाद उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है जिससे किसानों का काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सब्सिडी पर डीएपी खाद सरकारी स्तर पर ना मिलने के कारण किसानों को महेंगे दामों पर डीएपी खाद खरीदनी पड़ रही है। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसान नेता अमरजोत ने कहा कि गन्ना खेतों में तैयार है लेकिन फगवाड़ा मिल को चलाने पर सरकार अभी चुप्पी साधे हुए है। इसे चलाने की तैयारियां शून्य. के बराबर है। उन्होंने कहा कि सरकार का मिल को चलाने का इरादा नहीं है इसलिए पहले ही सरकार गन्ने का कोटा आसपसा की मिलों में बांट दिया है। धान की फसल को लेकर उन्होंने कहा कि फसल बारिश से खेतों में खराब हो गई है लेकिन सरकार ने अभी तक गिरदावरी नहीं करवाई है।