पंजाबः इस जगह पर भारी संख्या में इकट्ठ करेंगे किसान, बलवीर सिंह राजेवाल सहित 5 जत्थेबदियां होंगी रैली में शामिल

फगवाडा़ः पंजाब में किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। वहीं अब पांच किसान जत्थेबदियों ने कल यानि शुक्रवार को फगवाड़ा में बड़ा इकट्ठ करेंगी। दरअसल, किसान जत्थेबंदियां धान की फसल, पराली की समस्या, पंजाब में पानी और किसानों नहीं मिल रही डीएपी खाद लेकर फगवाड़ा की दानामंडी में रैली करने जा रही हैं। इस रैली का आयोजन भारतीय किसान यूनियन राजेवाल द्वारा करवाया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से राज्य की पांच किसान जत्थेबंदियां भारतीय किसान यूनियन राजेवाल, भारतीय किसान यूनियन मानसा, किसान संघर्ष कमेटी पंजाब, आजाद किसान संघर्ष कमेटी पंजाब, आजाद किसान फेडरेशन एवं कुल हिंद किसान फेडरेशन शामिल होंगी।

किसानों की समस्या को लेकर की जा रही इस रैली में मुख्य वक्ता के रूप में संयुक्त समाज मोर्चा के संयोजक बलवीर सिंह राजेवाल शामिल होंगे। रैली में किसानों को पेश आ रही समस्याओं पर सभी जत्थेबंदियों के नेता अपने-अपने विचार रखेंगे। किसानों की मुख्य मुद्दा पंजाब में पराली की समस्या को लेकर है। किसानों का कहना है कि सरकार प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से चालान तो कटवा रही है लेकन इसका हट कोई बता नही है। भारतीय किसान यूनियन के अमरजोत सिंह जंडियाला ने बताया कि रैली में पंजाब के पानी को लेकर भी चर्चा होगी। उन्होंने कहा पानी अपने किसानों को मिल नहीं रहा जबकि अन्य राज्यों को पानी दिया जा रहा हैष। पंजाब की नहरों से किसान सुए देने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि रैली में पंजाब के पानी को बचाने पर भी विचार मंथन होगा और अगली रणनीति तय की जाएगी।

किसान नेता ने कहा कि किसानों को फसलों के लिए डीएपी खाद की जरूरत है। लेकिन सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाली यह खाद उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है जिससे किसानों का काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सब्सिडी पर डीएपी खाद सरकारी स्तर पर ना मिलने के कारण किसानों को महेंगे दामों पर डीएपी खाद खरीदनी पड़ रही है। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसान नेता अमरजोत ने कहा कि गन्ना खेतों में तैयार है लेकिन फगवाड़ा मिल को चलाने पर सरकार अभी चुप्पी साधे हुए है। इसे चलाने की तैयारियां शून्य. के बराबर है। उन्होंने कहा कि सरकार का मिल को चलाने का इरादा नहीं है इसलिए पहले ही सरकार गन्ने का कोटा आसपसा की मिलों में बांट दिया है। धान की फसल को लेकर उन्होंने कहा कि फसल बारिश से खेतों में खराब हो गई है लेकिन सरकार ने अभी तक गिरदावरी नहीं करवाई है।

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