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आत्महत्या को उकसाने पर मां बेटी पर केस दर्ज
ऊना/सुशील पंडित : उपमंडल हरोली में मंगलवार को जहर खाकर आत्महत्या करने के मामले में एक महिला और उसकी बेटी के खिलाफ हरोली थाने में मुकद्दमा दर्ज हुआ है। हरोली के कर्मपुर गांव के मृतक अजय कुमार के भाई कृष्ण कुमार पुत्र सतपाल ने अपनी शिकायत में बताया है कि 11 दिसंबर को उसके भाई ने एक युवती और उसकी मां द्वारा तंग किए जाने के बाद जहरीला पदार्थ निगल लिया था। उसे अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। -

सती की जीत के लिए देवतुल्य मतदाताओं का आभार: भाजपा
ऊना/सुशील पंडित: भारतीय जनता पार्टी की ऊना मंडल इकाई ने विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सतपाल सिंह सत्ती को जीत दिलाने के लिए विधानसभा क्षेत्र के देवतुल्य मतदाताओं को देवतुल्य करार देते हुए आभार जताया है। भाजपा के मंडल अध्यक्ष हरपाल सिंह गिल, जिला महामंत्री राजकुमार पठानिया, मंडल महामंत्री अशोक धीमान और राहुल देव शर्मा, बलवीर बग्गा, हरमेश प्रभाकर, पहु लाल भारद्वाज, तिलक राज सैणी, पवन कपिला, कैप्टन चरण दास, जनक राज,खामोश जैतक,,उमंग ठाकुर, सतीश ठाकुर, सतीश कुमार,-जयोति लाल बग्गा,बलविन्दर गोलडी, विनय शर्मा, राजेश कौशल,राजेश प्रभाकर,- ने सतपाल सिंह सत्य की जीत को विकास की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि सतपाल सिंह सत्ती ने चुनाव लड़ने से पूर्व जिस प्रकार विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य करवाए हैं वह निश्चित रूप से हर प्रत्याशी के लिए एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि सतपाल सिंह सत्ती ने पूर्व कांग्रेस सरकारों के समय विधानसभा क्षेत्र के साथ हुए सौतेले व्यवहार का सूत समेत हिसाब बराबर करते हुए कई दशक पर छोड़ चुके ऊना को विकास के मामले में अग्रणी पंक्ति में लाकर खड़ा कर दिया।भाजपा के मंडल पदाधिकारियों ने सतपाल सिंह सत्ती की इस जीत को विधानसभा क्षेत्र की समस्त जनता और पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि सतपाल सिंह सत्ती ने चुनाव हारने के बावजूद विधानसभा क्षेत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। वहीं दूसरी तरफ कार्यकर्ताओं ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए प्रत्येक विकास कार्य को जनता तक पहुंचाने में अहम किरदार अदा किया। जबकि विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने सतपाल सिंह सत्ती की इस विकास पसंद सोच को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें चौथी बार विधानसभा की दहलीज के पार पहुंचाया। -

जालंधरः ट्रेवल एजेंटों के दफ्तर में पुलिस की दबिश, कई घंटों तक चली जांच
फर्जी लाइसेंस दिखाकर लोगों को दे रहे थे धोखा
जालंधर, (वरुण/हर्ष): महानगर में एक बार फिर पुलिस ने ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज पुलिस ने ट्रैवल एजेंटों के दो दफ्तरों में दबिश दी है। बता दें यह दो ऑफिस उसी ट्रैवल एजेंट के हैं जो आज से कुछ महीने पहले 532 पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार हुआ था। उक्त एजेंट कुछ दिन पहले जेल से बाहर आया था और फिर से अपने गोरखधंधे को बढ़ावा देने में लग गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रैवल एजेंट का साथ पुलिस के उच्च अधिकारी और खुद को स्वंयभू नेता बताने वाले शिवसेना नेता दे रहे है। पुलिस ने दबिश के दौरान ट्रैवल एजेंटों के दफ्तरों में दस्तावेजों की जांच के दौरान लाइसेंस के बारे में पूछताछ की है। जानकारी के अनुसार ट्रैवल एजेंटों के फर्जी लाइसेंस दिखाकर बोले वाले लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाते थे और उनसे लाखों रुपये ठगते थे।
शिवसेना का स्वंयभू नेता बताने वाले की अहम भूमिका
बता दें कि मिली जानकारी के अनुसार लाखों रुपए की ठगी का शिकार हुए लोग जब इन ट्रैवल के दफ्तरों बाहर धरना लगाते थे, तब खुद को शिवसेना स्वयंभू बताने वाला नेता समझौता कराने में अहम भूमिका निभाता था ताकि थक ट्रेवल एजेंट पर कारवाई ना हो सके।
इस मामले में पुलिस ने साधी चुप्पी
जब इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों से बात करनी चाही तो उन्होंने मीडिया से दूरी बनाई रखी। इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। वहीं कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। अधिकारियों ने कहा मामले की जांच जारी है। जांच के बाद मामले की सारी जानकारी मीडिया के सामने रख दी जाएगी।
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पार्टी कार्यकर्ताओं का पूरा होगा मान सम्मान: भुट्टो
मौकापरस्त लोगों से सावधान रहें पार्टी पदाधिकारी
ऊना/सुशील पंडित : कुटलैहड़ के नवनिर्वाचित विधायक देवेंद्र भुट्टो ने साफ तौर पर कहा है क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं का पूरा मान सम्मान किया जाएगा। मौकापरस्त लोगों से भी पार्टी पदाधिकारियों को सावधान रहना होगा। ऐसे लोग सक्रिय होने के कारण पार्टी से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं की भावनाएं भी आहत होती हैं। इसलिए पार्टी के वफादार साथियों को साथ लेकर क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाया जाएगा। देवेंद्र भुट्टो बुधवार को डेरा बाबा रुद्रु नारी बसाल में उनके सम्मान में आयोजित अभिनंदन समारोह में हिस्सा ले रहे थे। जीत के बाद पहली दफा इस क्षेत्र में पहुंचे कांग्रेस विधायक देवेंद्र भुट्टो ने कहा कि उनका पहला उद्देश्य गांव और गरीब की सेवा करना हैं। उन्होंने कहा कि वह पिछले 22 वर्षों से गरीबों की भलाई के लिए सेवा भाव से कार्य कर रहे हैं और यही क्रम निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मेरी जीत में समाज के हर वर्ग का बराबर योगदान रहा है, इसलिए मेरे लिए हर व्यक्ति एक समान है। समानता के साथ जनता के कार्य किए जायेंगे। कोई भेदभाव किसी के साथ नही होगा। उन्होंने अपने युवा साथियों और महिला संगठनों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने पार्टी के लिए दिन रात मेहनत की। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने काम के लिए सीधे उनसे मिले, वह हर पल जनता की सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे।देवेंद्र भुट्टो ने कहा कि कुटलेहड़ में 32 वर्षों का भाजपा का दुर्ग पार्टी कार्यकर्ताओं ने मिलकर ध्वस्त किया है, पार्टी के कार्यकर्ता मेरी संजीवनी बूटी हैं जिनकी अथक मेहनत और लग्न से यहां कुटलेहड़ में कांग्रेस को प्रचंड सफलता मिली है। उन्होंने जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे कई बूथ हैं यहां पर मैं समय के अभाव के कारण बोट मांगने नही जा पाया। लेकिन वहां की जनता ने मुझे भरपूर सहयोग देकर कांग्रेस पार्टी की प्रचंड विजय निश्चित की।भुट्टो ने अपने कार्यकर्ताओं को भी नसीयत देते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों की भी कांग्रेस पार्टी की जीत में अहम भूमिका रही है , उनके साथ अच्छा व्यवहार बनाए रखें। क्षेत्र में बदले की भावना से कोई भी कार्य नही किया जाऐगा। कर्मचारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। भुट्टो ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश किए जा रहे हैं कि हर व्यक्ति का कार्य समय पर किया जाए। पार्टीबाजी से उठकर प्रत्येक व्यक्ति का काम किया जायेगा। हम व्यवस्था परिवर्तन करने आए हैं और जनता को स्वच्छ प्रशासन देना हमारा प्रथम कर्तव्य है। इस अवसर पर कुटलैहड़ में चुनाव प्रबंधन के प्रमुख रहे सुरिंदर ठाकुर, विजय डोगरा, राम आसरा शर्मा, आत्मा राम, विवेक मिंका, देशराज गौतम, डॉक्टर राजेंद्र ठाकुर, प्रवीण पाधा , गणमान्य कार्यकर्ताओं सहित व जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण शर्मा, सहायक अभियंता राजेश शर्मा, खंड विकास अधिकारी रमनवीर चौहान पंचायत इंस्पेक्टर इंजीनियर दीपक जोशी व सीडीपीओ उपस्थित रहे। -

अधिकारी तबादलों से न डरें जनता के हित में कार्य करें : सुदर्शन बबलू
बबलू बोले अंब अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन जल्द चालू की जाए
ऊना /सुशील पंडित: कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायक मैदान में उतर चुके हैं। सीएम सुखविंदर सुक्खू से लेकर अलग अलग विधायकों के बयान आ चुके हैं कि सरकारी कर्मचारियों को तबादलों का खौफ नहीं खाना चाहिए। विधानसभा क्षेत्र चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने कहा कि क्षेत्र में कर्मचारियों और अधिकारियों को कांग्रेसी सरकार में किसी तरह के तबादले का डर नहीं होना चाहिए। प्रशासनिक अमला सिर्फ आम जनता के हित में कार्य करे और आम जनता की समस्याओं को हल करने के लिए सदैव तत्पर रहे।उन्होंने बुधवार को अधिकारियों से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें अपने अधिकारियों से बहुत अपेक्षाएं हैं। अम्व विश्राम गृह में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से हुई बैठक में बबलू बोले कि सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए वह खुद भी अधिकारियों के साथ नियमित अंतराल के बाद बैठकर फीडबैक लेते रहेंगे।सुदर्शन बबलू ने चिंतपूर्णी के सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत पर चिंता जाहिर की और खंड चिकित्सा अधिकारी को दिशा निर्देश दिए कि लाखों रुपए की बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन को हर हालत में चालू किया जाए। उन्होंने वहां रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति करने और अल्ट्रासाउंड मशीन को चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि क्षेत्र के लोग महंगे दामों पर बाजार से अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाएं। समस्त चिंतपूर्णी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। हर विकास कार्यों के लिए अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी ताकि क्षेत्र की जनता को मूलभूत सुविधाएं आसानी से मिल सकें। उन्होंने चिंतपूर्णी में चल रहे अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने की ताकीद की। इस बैठक में एसडीएम अम्व वसुधा सूद ,जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता संदीप चौधरी ,विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता खुशविंदर सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एचएल शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। -

मां बनना प्रकृति का सबसे बड़ा वरदान माना जाता है
सुरक्षित मातृत्व एवं बाल विकास को लेकर हुआ मंथन
बददी/सचिन बैंसल: बुधवार को गुल्लरवाला में हुमाना पिपुल टू पिपुल इंडिया संस्था के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम सुरक्षित मातृत्व एवं बाल स्वास्थ्य परियोजना में निजी चिकित्साकों का उनमुखीकरण प्रशिक्षण करवाया गया। संस्था के जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अविरल सक्सेना के द्वारा सभी निजी चिकित्साकों को गर्भवती महिलाओं की होने वाली जाँच के बारे में बताया। इस दौरान बताया गया कि महिलाओं कि किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए तथा किस समय कौन सी जांच करवानी चाहिए । इससे माता और बच्चे मे खतरे की संभावना कम हो जाती है । महिलाएं किसी भी समाज की मजबूत स्तंभ होती हैं। डॉ. अविरल सक्सेना ने कहा कि जब हम महिलाओं और बच्चों की समग्र देखभाल करेंगे तभी देश का सतत विकास संभव है। एक गर्भवती महिला के निधन से ना केवल बच्चों से माँ का आंचल छिन जाता है बल्कि पूरा का पूरा परिवार ही बिखर जाता है। मां बनना प्रकृति का सबसे बड़ा वरदान माना जाता है लेकिन अपने देश में आज भी यह कुछ महिलाओं के लिए मौत की सजा से कम नहीं है। भारत में हर साल जन्म देते समय तकरीबन 45000 महिलाएं प्रसव के दौरान अपनी जान गंवा देती हैं।देश में जन्म देते समय प्रति 100,000 महिलाओं में से 167 महिलाएं मौंत के मुंह में चली जाती हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक भारत में मातृ मृत्यु दर में तेजी से कमी आ रही है। अशिक्षा, जानकारी की कमी, समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, कुपोषण, कच्ची उम्र में विवाह, बिना तैयारी के गर्भधारण आदि कुछ कारणों की वजह से माँ बनने का खूबसूरत अहसास कई महिलाओं के लिए जानलेवा और जोखिम भरा साबित होता है। कई मामलों में माँ या नवजात शिशु या दोनो की ही मौत हो जाती है। ज्यादातर मातृ मृत्यु की वजह बच्चे को जन्म देते वक्त अत्यधिक रक्त स्राव के कारण होती है। डॉ. अविरल सक्सेना ने आगे बताया कि इसके अलावा इंफेक्शन, असुरक्षित गर्भपात या ब्लड प्रेशर भी अहम वजहें हैं। प्रसव के दौरान लगभग 30 प्रतिशत महिलाओं को आपात सहायता की आवश्यकता होती है। गर्भावस्था से जुड़ी दिक्कतों के बारे में सही जानकारी न होने तथा समय पर मेडिकल सुविधाओं के ना मिलने या फिर बिना डॉक्टर की मदद के प्रसव कराने के कारण भी मौतें हो जाती है। जच्चा और बच्चा की सेहत को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का अहम रोल होता है लेकिन इनकी कमी से कई महिलाएं प्रसव पूर्व न्यूनतम स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह जाती हैं। समस्त मातृ मौतों में से लगभग 10 प्रतिशत मौतें गर्भपात से संबंधित जटिलताओं के कारण होती हैं। महिला तथा बच्चे मे होने वाली समस्या के बारे मे पता लग जाता है। इस प्रशिक्षण के दौरान संस्था के कार्यकर्ता संदीप कुमार, कंचना, रक्षा आदि मौजूद रहे।
कैपशन-सुरक्षित मातृत्व एवं बाल विकास पर जानकारी देते एनजीओ के पदाधिकारी। -

बजरी माफियाओं के बीच हुआ गैंगवार, फायरिंग कर भागे बदमाश, देखें वीडियो
जोधपुरः शहर के माता के थान मंदिर के थाना क्षेत्र में बुधवार को बजरी खनन से जुड़े दो गुटों में भिड़त हो गई। इस दौराफ फायरिंग भी हुई। जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आरोपी वहां से भाग निकले। बताया गया कि यहां एक गुट वैध तौर पर खनन का काम करता है तो वहीं, दूसरा गुट बजरी माफिया बताया जा रहा है। इस बीच बुधवार को दोनों गुट आमने-सामने आ गए और एक ओर से फायरिंग कर दी गई। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जिसका फायदा उठा आरोपी वहां से भाग निकले। इसमें स्कॉर्पियो सवार बजरी माफिया ओमप्रकाश चौधरी घायल हो गया। इस वारदात का लाइव वीडियो सामने आया है।
बजरी माफियाओं के बीच हुआ गैंगवार
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस थाना क्षेत्र में आज सुबह माता के थान मंदिर के सामने बजरी माफियाओं के बीच गैंगवार हुआ। इस गैंगवार में बजरी माफिया ओम प्रकाश चौधरी की गाड़ी को पहले बोलेरो पिकअप से टक्कर मारी गई। उसके बाद बजरी के डंपर से गाड़ी को टक्कर मारी गई। इसके बाद नीचे उतरने पर ओमप्रकाश पर लाठी और पाइप से ताबड़तोड़ हमला किया गया। इस दौरान बजरी माफिया सागर विश्नोई और अन्य लोगों ने फायरिंग भी की। इससे आस-पास के लोगों में आतंक फैल गया। इतना ही नहीं वहां के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी। फायरिंग के दौरान एक गोली छोटे बच्चे के पास से निकली। हालाकिं इस फायरिंग की घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं हैं।

पुलिस प्रशासन पर उठ रहे सवाल
दिनदहाड़े हो रही गैंगवार और फायरिंग की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। जोधपुर में जिस तरह से आज बजरी माफियाओं के बीच गैंगवार हुआ। उससे पुलिस प्रशासन और उसकी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना से यहां के निवासियों में काफी गुस्सा है। इतना ही नहीं घटना से नाराज लोगों ने रास्ता रोककर हंगामा भी किया। इस दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। सब इंस्पेक्टर नवीन ने बताया कि दो गुटों में झड़प हुई। इस झड़प के दौरान गोली चलने की भी सूचना मिली है। पुलिस मौके पर पहुंची है और घायल को अस्पताल पहुंचाया गया है।
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पंजाबः किसानों ने किया ऐलान, कल से इतने जिलों की 18 सड़के होंगी टोल फ्री, इस दिन करेंगे बड़ा विरोध प्रदर्शन
अमृतसरः किसान मजदूर संघर्ष कमेटी आज विरोध तेज करते हुए एक महीने के लिए टोल प्लाजा बंद करने का ऐलान कर दिया है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश महासचिव सरवन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह मांगों को लेकर डीसी दफ्तरों के बाहर बैठे हैं और मांगों को लेकर अब तक सरकार ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कहा है कि पंजाब से नशा बंद करने के लिए लगभग 5 वर्ष का समय लगेगा।
इसके अलावा किसानों की कर्ज माफी को लेकर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी है, जिसके चलते अब किसानों ने 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक यानि एक महीने तक पंजाब के 10 जिलों के 18 टोल प्लाजा पर प्रदर्शन सड़के टोल फ्री की जाएंगी। उन्होंने कहा कि ये टोल प्लाजा केवल सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक बंद रहेंगे। इस दौरान अगर किसी टोल प्लाजा की ओर से टोल प्लाजा के कर्मचारियों का वेतन रोका गया तो वे उनका वेतन दिलवाने के लिए भी संघर्ष करेंगे।
वहीं इस मामले को लेकर किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जनरल सचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि वे पंजाब के अन्य किसानों से भी बात कर रहे हैं कि और टोल प्लाजा बंद किए जाएं। एक महीने बाद बाकी टोल प्लाजा भी बंद कर दिए जाएंगे। टोल प्लाजा बंद करने के बाद भी सरकार नहीं मानी तो किसान अपना संघर्ष और तेज करेंगे। बता दें कि किसानों द्वारा डीसी दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन करने का आज 19वां दिन है वह राज्य के अलग-अलग डीसी दफ्तरों में बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन कर रहे है।
एसकेएम के किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां के अनुसार मांगें पूरी नहीं होने पर 26 जनवरी को ऑल इंडिया में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन किस प्रकार का रहेगा, इस संबंध में 24 दिसंबर को मीटिंग में फैसला होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की मांगें पूरी करने पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है। जबकि भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार को 24 दिसंबर तक का समय दिया है। मांगें पूरी नहीं होने पर देश के विभिन्न राज्यों के किसान नेता 24 दिसंबर को दोबारा करनाल में बैठक करेंगे।
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SSP की नियुक्ति को लेकर राज्यपाल ने सीएम मान को दिया जवाब, देखें पत्र
चंडीगढ़ः पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पत्र का जवाब दिया है। दरअसल, सीएम मान ने पंजाब कैडर के एक आईपीएस अधिकारी को एसएसपी के पद से हटाकर वापिस पंजाब भेजने और हरियाणा कैडर की महिला आईपीएस अफसर को एसएसपी का अतिरिक्त कार्यभार देने को लेकर नाराजगी जताई थी और इस संबंध में राज्यपाल को पत्र लिखा था। पत्र के जवाब में पुरोहित ने कहा है कि पंजाब कैडर के चंडीगढ़ के एसएसपी कुलदीप चहल के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिली थीं, जिसके चलते उनको हटाया गया।

राज्यपाल ने पत्र में लिखा कि 28 नवंबर को ही पंजाब के मुख्य सचिव को एसएसपी पद के लिए तीन नामों का पैनल भेजने के लिए कहा गया था। पत्र लिखने से पहले आपने इस मामले से जुड़े तथ्यों पर गौर नहीं किया अगर आप गौर करते तो पत्र लिखने की जरूरत ही नहीं पड़ती। वो आगे कहते हैं कि हरियाणा कैडर की मनीषा यादव को फिलहाल एडिशनल चार्ज 1 या 2 हफ्ते के लिए दिया गया है। ये कोई स्थाई नियुक्ति नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि इससे पहले भी मैंने आपको एक आईपीएस अधिकारी के खिलाफ कारवाई करने के लिए पत्र लिखा था लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इससे पहले मुख्यमंत्री मान ने राज्यपाल को लिख हरियाणा कैडर की आईपीएस अधिकारी मनीषा चौधरी की नियुक्ति को गैर-संवैधानिक बताया था। उनका कहना था कि पंजाब सरकार को एसएसपी कुलदीप चहल को हटाने से पहले सूचित किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की और से चंडीगढ़ के एसएसपी की नियुक्ति के लिए 3 नामों का पैनल भेजा जाएगा। उनमें से किसी एक नाम पर मुहर लगेगी।
पंजाब सरकार को एसएसपी की नियुक्ति को लेकर नोटिस क्यों नहीं भेजा गया? एसएसपी कुलदीप चहल को समय से पहले क्यों हटाया गया? चंडीगढ़ में नियुक्त किए जाने वाले एसएसपी का कार्यकाल 3 साल का होता है जो अभी पूरा नहीं हुआ। इस मसले पर पंजाब की तमाम पार्टियां आम आदमी पार्टी सरकार को घेर रही हैं। उनका कहना है कि ऐसे पंजाब सरकार चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकार को कमजोर होने दे रही है और ये सब कुछ केंद्र सरकार के इशारे पर हो रहा है।
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23 वर्षीय युवक की हादसे में मौत
ऊना/सुशील पंडित : उपमंडल हरोली के औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल में एक युवक के गले में नुकीली लकड़ी चुभ गई जिस कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलावस्था में उसे हरोली अस्पताल पहुंचाया गया जहां से चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना रैफर कर दिया परंतु युवक की जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनील कुमार (23) टाहलीवाल इंडस्ट्रीयल एरिया के एक उद्योग में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि युवक ने शराब का सेवन किया हुआ था। जैसे ही उसने टाहलीवाल में एक पुरानी खंडहर दीवार से छलांग लगाई तो नुकीली लकड़ी उसके गले में लग गई। जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया जहां पर चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।