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अवैध लिंग जांच नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए हरियाणा लेगा उत्तर प्रदेश का सहयोग

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अवैध लिंग जांच नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए हरियाणा लेगा उत्तर प्रदेश का सहयोग

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने अवैध लिंग जांच के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अंतर्राज्यीय सहयोग को मजबूत करने की पहल की है। इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत उत्तर प्रदेश के साथ सहयोग की पहल की है।

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) श्री अमित कुमार घोष को लिखे पत्र में डॉ. मिश्रा ने जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के प्रति दोनों राज्यों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बालिका के अधिकारों और गरिमा के लिए खतरा पैदा करने वाली अवैध गतिविधियों को समाप्त करने के लिए समन्वित प्रवर्तन कार्रवाई और प्रशासनिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

हरियाणा की सतत और सक्रिय प्रवर्तन रणनीति का उल्लेख करते हुए डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य की पीसीपीएनडीटी टीमें अवैध लिंग जांच में संलिप्त तत्वों के खिलाफ लगातार डिकॉय ऑपरेशन और छापेमारी कर रही हैं। जनवरी 2024 से मार्च 2026 के बीच हरियाणा ने कुल 84 छापेमारी अभियान चलाए, जिनमें से 37 अभियान उत्तर प्रदेश में संचालित किए गए। यह राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की हरियाणा की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों के प्रशासन द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभागों के बीच संस्थागत स्तर पर बेहतर समन्वय से प्रवर्तन कार्यवाहियों की प्रभावशीलता को और अधिक बढ़ाया जा सकता है। उनके अनुसार, सफल छापेमारी, प्राथमिकी दर्ज कराने, आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चलाने तथा दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डॉ. मिश्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध किया कि हरियाणा से सटे जिलों के जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वहां पहुंचने वाली पीसीपीएनडीटी टीमों को तत्काल प्रशासनिक और पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने ऐसे अभियानों से जुड़े न्यायालयीन मामलों की निरंतर निगरानी और प्रभावी पैरवी की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके।

यह पहल अवैध लिंग जांच के प्रति हरियाणा सरकार की जीरो टोलरेंस नीति और बालिका संरक्षण के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि पड़ोसी राज्यों के बीच मजबूत समन्वय से अवैध नेटवर्क को अधिक प्रभावी ढंग से ध्वस्त किया जा सकेगा और जन्म के समय लिंगानुपात में और सुधार लाने में मदद मिलेगी।

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