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नांगल चौधरी में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब परियोजना को मिलेगी नई रफ्तार 

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नांगल चौधरी में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब परियोजना को मिलेगी नई रफ्तार 

चंडीगढ़ : हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब (आईएमएलएच) परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एचएसआईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक  सुशील सारवान, नारनौल के उपमंडल अधिकारी  अनिरुद्ध यादव सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में बताया गया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का क्रियान्वयन हरियाणा मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। परियोजना का विकास, संचालन और रखरखाव सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा।

आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने परियोजना स्थल पर अब तक हुए कार्यों और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का लगातार प्रयास है कि राज्य में आधुनिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि उद्योगों को बेहतर माहौल मिले, निवेश बढ़े और रोजगार के नए अवसर पैदा हों। उन्होंने कहा कि नांगल चौधरी का मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है।

उन्होंने परियोजना के बेहतर और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए हितधारकों और उद्योग विशेषज्ञों से सुझाव, विचार और फीडबैक लिए, ताकि इसे और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया। इनमें सीमेंस, केईसी इंटरनेशनल, दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड, डीआरए इन्फ्राकॉन तथा टाटा समूह सहित अन्य कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

बैठक में आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने सभी हितधारकों का उनके बहुमूल्य सुझावों और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बैठक से मिले सुझाव परियोजना की अंतिम कार्ययोजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना हरियाणा को लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ उत्तर भारत में व्यापार और माल परिवहन को भी नई गति देगी।

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