Home Government News>Haryana Govt Nayab Singh Saini का बड़ा ऐलान: किसानों को अब Whatsapp पर मिलेगा QR Code

Nayab Singh Saini का बड़ा ऐलान: किसानों को अब Whatsapp पर मिलेगा QR Code

0
Nayab Singh Saini का बड़ा ऐलान: किसानों को अब Whatsapp पर मिलेगा QR Code

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में अगले सप्ताह से सभी किसानों को व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित जे-फॉर्म भेजे जाएंगे, ताकि किसानों को ऋण सहित अन्य प्रकार की सुविधा लेने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को हरियाणा निवास चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले सीजन से किसान एप भी लॉन्च किया जाएगा, जिसमें किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई एवं उपज सत्यापन की स्थिति, गेट पास शेड्यूलिंग (अगली सरसों फसल से प्रारंभ), भूमि सत्यापन की स्थिति तथा सभी सूचनाएं ‘किसान ई-खरीद एप’ में उपलब्ध होंगी। जिससे खरीद कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी।

दौरान प्रदेश में अब तक हुई गेहूं खरीद का ब्यौरा देते हुए कहा कि रबी सीजन 2026-27 में प्रदेश की मंडियों में गेहूं की बंपर आवक हुई है। इसने पिछले चार साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकार ने खरीद प्रबंधों को लेकर पुख्ता इंतजाम किए, जिसके चलते प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों को समय पर भुगतान भी किया जा रहा है।

अब तक प्रदेश की मंडियों में 21 हजार 44 करोड़ रुपये मूल्य की 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 4 वर्षों में सर्वाधिक है। अकेले 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई। अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं। हर किसान की पहचान डिजिटल गेट पास के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है, जो लगभग 97 प्रतिशत है। प्रदेश का किसान तकनीक को तेजी से अपना रहा है और पारदर्शी व्यवस्था पर भरोसा जता रहा है। प्रदेश की मंडियों में 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, साथ ही प्रदेश की मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है।

18 अप्रैल से उठान प्रक्रिया में और तेजी आई है। प्रतिदिन साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन का उठान हो रहा है। पिछले वर्ष से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि रबी सत्र 2025-26 में जहां कुल 72 लाख 89 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। वहीं, इस वर्ष अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है। पूर्व की सरकारों के समय न डिजिटल व्यवस्था थी, न पारदर्शिता थी, न समय पर भुगतान होता था। किसानों को मंडियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था, कागजी टोकन बनते थे और भुगतान के लिए हफ्तों, कभी-कभी महीनों का इंतजार करना पड़ता था। वर्ष 2014 से अब तक फसल खरीद की प्रक्रिया में बड़ा सुधार हुआ है। इससे पहले, केवल गेहूं और धान की ही खरीद एम.एस.पी. पर होती थी। आज हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां सभी फसलों की एम.एस.पी. पर खरीद होती है।

मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर इस वर्ष 10 लाख 7 हजार 657 किसान पंजीकृत हैं। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ई-खरीद पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल गेट पास और एग्जिट पास की व्यवस्था लागू की है। इस सीजन में अब तक 13 लाख 47 हजार डिजिटल गेट पास जारी किए गए हैं। फसल खरीद सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने प्रदेश की सभी 416 मंडियों व 281 खरीद केन्द्रों की जियो फेंसिंग की है। इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि मंडी से बाहर किसी अज्ञात स्थान पर कोई भी फर्जी खरीद संभव नहीं है। इसके साथ-साथ सीसीटीवी से खरीद प्रक्रिया की निगरानी हो रही है। प्रदेश की मंडियों में 932 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।

सरकार ने आढ़ती की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनका कमीशन 33 रुपये 75 पैसे प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 55 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। इसके अलावा इस वर्ष बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसल को प्रभावित किया है लेकिन सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गुणवत्ता मानकों में राहत दी। पहले जहां चमक में कमी बिल्कुल स्वीकार नहीं थी, अब उसे 70 प्रतिशत तक स्वीकार किया गया है। टूटे और सिकुड़े दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी गई है। यह निर्णय खरीद शुरू होने की तारीख से लागू किया गया, ताकि किसी भी किसान को नुकसान न हो।

सरकार ने फसल खराबे पर गत 11 सालों में किसानों को मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 16 हजार 160 करोड़ रुपये की राशि दी है। इसी के साथ ही ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत लगभग 20 लाख 18 हजार किसानों को 22 किश्तों में 7 हजार 562 करोड़ रुपये की राशि किसानों के बैंक खातों में डाली जा चुकी है। इस अवसर पर विधायक निखिल मदान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, खाद्य आपूर्ति विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक वर्षा खांगवाल, मनीष लोहान, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय भी मौजूद थे।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here