मुख्यमंत्री ने अमर शहीद लाला जगत नारायण को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और मानव सेवा के लिए समर्पित किया। देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि लाला जगत नारायण जी की सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित की भावना की विरासत को आज ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसाइटी तथा लाला जगत नारायण निष्काम सेवा समिति आगे बढ़ा रही हैं।
346 महीनों से निरंतर सेवा का अनूठा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1997 में स्वर्गीय जगदीश बजाज द्वारा शुरू किया गया यह सेवा अभियान आज एक विशाल जनकल्याणकारी आंदोलन का रूप ले चुका है। लगातार 346 महीनों तक जरूरतमंद विधवा माताओं और बहनों तक सहायता पहुंचाना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आज जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित परिवारों के लिए रवाना किए गए 64वें राहत सामग्री ट्रक की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा अब तक 1 लाख 65 हजार से अधिक जरूरतमंद विधवा परिवारों को राशन वितरित किया जा चुका है। कोविड-19 महामारी जैसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी संस्था के स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का कार्य किया। इसके अतिरिक्त संस्था द्वारा 385 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल उपलब्ध करवाई गई हैं, 1 लाख 15 हजार से अधिक महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की गई हैं तथा 25 हजार से अधिक बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को नई दिशा देने का कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्था केवल सहायता वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली इसकी पहलें समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही हैं।