लोक निमार्ण मंत्री ने डोडरा क्वार क्षेत्र के लंबित सड़क पैकेजों एवं चरण-Ⅰ के शेष कार्यों के लिए विशेष छूट, अतिरिक्त वित्तीय सहयोग तथा तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए आग्रह किया, ताकि इस भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र को शीघ्र सर्व-मौसम सड़क सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश को पीएमजीएसवाई-Ⅳ के तहत लगभग 1,500 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 2,300 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार द्वारा पीएमजीएसवाई-Ⅳ के चरण Ⅱ में लगभग 1,200 किलोमीटर अतिरिक्त सड़कों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित किया गया है। इन परियोजनाओं के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किए जा रहे हैं।
लोक निर्माण मंत्री ने समस्त जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं भूमि-स्वामियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में गिफ्ट डीड उपलब्ध करवाकर विभाग का सहयोग करें ताकि सड़क निर्माण के लिए जरुरी भूमि समय पर उपलब्ध हो पाए और अधिकतम दुर्गम क्षेत्रों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता ही दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण की दिशा में एक सशक्त प्रतिबद्धता
लोक निमार्ण मंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य के समन्वित प्रयासों से हिमाचल में मजबूत, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क का विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यह पहल केवल सड़क निर्माण तक ही सीमित नहीं, बल्कि समान अवसरों, ग्रामीण समृद्धि और आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण की दिशा में एक सशक्त प्रतिबद्धता है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिमाचल प्रदेश की आवश्यकताओं के प्रति पूर्ण संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि डोडरा क्वार के लंबित पैकेजों, पीएमजीएसवाई-Ⅰ के अवशिष्ट कार्यों तथा आवश्यक वित्तीय अनुमोदनों के विषय को वित्त मंत्रालय सहित संबंधित स्तरों पर प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा और सकारात्मक समाधान की दिशा में शीघ्र प्रगति सुनिश्चित की जाएगी।