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मुख्यमंत्री Sukhu ने 2025-26 के लिए RIDF Budget की दी जानकारी

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मुख्यमंत्री Sukhu ने 2025-26 के लिए RIDF Budget की दी जानकारी
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए पहले दिन के दूसरे सत्र में सोलन, चम्बा, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति तथा किन्नौर जिले के विधायकों के साथ विचार-विमर्श किया। प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आरआईडीएफ के तहत 758.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। विभागों से कहा कि आरआईडीएफ के तहत विधायकों की ऐसी कोई भी डीपीआर जिसे नाबार्ड को स्वीकृति के लिए प्रेषित किया जा चुका है, यदि वह डीपीआर किसी अन्य मद से स्वीकृत हो चुकी है तो ऐसी स्थिति में सम्बन्धित विभाग उस डीपीआर का नाबार्ड से वापिस करने के लिए योजना विभाग को शीघ्र लिखें ताकि उस डीपीआर से सम्बन्धित रिकॉर्ड का शीघ्र मेल-मिलाप किया जा सके। वर्ष 2023 तथा 2025 में भारी बरसात और बादल फटने की घटनाओं से प्रदेश को जान-माल का भारी नुक्सान हुआ। प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से लोगों को राहत एवं पुनर्वास के लिए समुचित आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई। प्रदेश के लोगों के कल्याण के लिए सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और डाटा स्टोरेज प्राथमिक क्षेत्र तय किए हैं। लोगों को उनके घर के समीप गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए रोबोटिक सर्जरी, स्टेट कैंसर इंस्टीच्यूट, डीएसए, एडवांस टेस्टिंग लैबोरेटरी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट एफेरेसिस यूनिट सहित पैट स्कीन जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। रोबोटिक सर्जरी प्रथम चरण में चमियाणा अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में शुरू कर दी गई है। आने वाले समय में सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मरीजों को मिलना शुरू हो जाएगी। आईजीएमसी शिमला में दो महीने में तथा डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा में 6 महीने में पैट स्कैन मशीन उपलब्ध करवाई जाएगी। आगामी तीन महीने में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में थ्री टैस्ला एमआरआई मशीनें लगाई जाएंगी। स्थ्य में सुधार राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है और आने वाले दो वर्षों में 3000 करोड़ रुपये हाई-एंड टेक्नोलॉजी पर खर्च करने जा रहे हैं। सरकार द्वारा स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। 140 सीबीएसई स्कूल और चार राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने जा रहे हैं। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश की पेयजल योजनाओं में वाटर प्यूरीफीकेशन के लिए आधुनिक तकनीक ओजोनेशन टैक्नोलोजी को शुरू किया जाएगा। वर्तमान सरकार गुड गवर्नेंस पर जोर दे रही है और पिछले तीन वर्षों में 5.70 लाख म्यूटेशन के मामलों का निपटारा कर दिया गया हैै और 31 मार्च तक 80 प्रतिशत दुरुस्ती के मामलों का निपटारा कर दिया जाएगा।

सोलन जिला

अर्की

विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि आपदा के दौरान उनके क्षेत्र में सड़कों को बहुत नुकसान हुआ है तथा सड़कों के सुधार के लिए समुचित धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। केन्द्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को आरडीजी नहीं देना अन्याय है और प्रति वर्ष राज्य को 10 हजार रुपये का नुकसान होगा। राज्य को संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया है। इस परिस्थिति में भी विधायक प्राथमिकता की बैठकों के आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

नालागढ़

विधायक हरदीप सिंह बावा ने कहा कि हाल ही में उनके क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने 14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित के पुलों का शिलान्यास किया था, उनका काम लगभग 80 प्रतिशत पूरा कर दिया गया है। उनके क्षेत्र में 66 करोड़ की सड़कों पर काम जारी है और जल्द ही इनका काम पूरा किया जाएगा, जिससे लोगों को फायदा होगा। उन्होंने अपने क्षेत्र में 20 ट्यूबवेल लगाने और नंगल में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने की मांग की।

दून

विधायक राम कुमार ने अपने क्षेत्र में एसडीएम, बीडीओ ऑफिस सहित पांच बड़े कार्यालय देने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान उनके क्षेत्र में भी सड़कों को काफी नुकसान हुआ है, जिन्हें ठीक करने के लिए धन दिया जाए। आईएसबीटी बद्दी का काम जल्द शुरू करने का आग्रह किया। बद्दी में एसडीएम कार्यालय का भवन बनाने के लिए बजट मांगा।

कसौली

विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने पिछले वर्ष की सभी प्राथमिकताओं को स्वीकृति देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनके क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये के काम शुरू हो रहे हैं, जिससे लोगों को फायदा मिलेगा। क्षेत्र में सड़कों के नेटवर्क और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की।

चंबा जिला

चुराह

विधायक हंसराज ने अपने क्षेत्र में सरकारी कार्यालयों के भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने तीसा अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं प्रदान करने का आग्रह किया। चुराह विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और यहां पर्यटन को विकसित किया जाना चाहिए। इससे लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने चंबा में भी हेली टैक्सी सेवाएं शुरू करने की भी मांग की।

भरमौर

विधायक डॉ. जनक राज ने होली-उतराला सड़क के निर्माण का मुद्दा उठाया।

चंबा

विधायक नीरज नैय्यर ने कहा कि चंबा में मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 6.33 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। उन्होंने इस भवन का काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त धन की मांग की। क्षेत्र में पीने के पानी की योजनाओं के निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया। चंबा-चुवाड़ी सुरंग की डीपीआर बनाने के लिए चार करोड़ रुपये प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

डलहौजी

विधायक डी.एस. ठाकुर ने कहा कि आपदा के दौरान उनके क्षेत्र की सड़कों को काफी नुकसान हुआ है, जिनकी मुरम्मत के लिए धन उपलब्ध करवाया जाए। विभिन्न परियोजनाओं की एफसीए क्लीयरेंस जल्द करवाने का आग्रह किया। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने की भी मांग की।

बिलासपुर जिला

झंडूता

विधायक जीतराम कटवाल ने झंडूता विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई और पीने के पानी की योजनाओं के निर्माण का मुद्दा उठाया। अपने क्षेत्र के तीन पुलों की अप्रोच रोड के निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया।

बिलासपुर

विधायक त्रिलोक जम्वाल ने बिलासपुर में चल रहे सीवरेज निर्माण कार्य को करने के उपरांत सड़कों को पक्का करने की मांग की। उन्होंने गोविंद सागर और कोल डैम में पर्यटन गतिविधियां संचालित करने का भी आग्रह किया। किसानों की फसल को बेसहारा पशुओं से बचाने के लिए योजना लाने की मांग की।

श्री नैना देवी जी

विधायक रणधीर शर्मा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत 35 सड़कों की औपचारिकताएं जल्द पूरी करने का आग्रह किया। नवगांव-बाघा सड़क को सुदृढ़ करने की मांग की। नैना देवी सिविल अस्पताल भवन के निर्माण कार्य के लिए धन उपलब्ध करवाने की भी मांग की। श्री नैनादेवी जी में आईसीयू भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया।

लाहौल-स्पीति जिला

विधायक अनुराधा राणा ने लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र को हेली-टैक्सी सेवा से जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कुंजुम सुरंग के निर्माण का आग्रह किया। जनजातीय क्षेत्रों में होटलों की रजिस्ट्रेशन की शर्तों में ढील देने की मांग की, ताकि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। अपने क्षेत्र में पांच स्पेशलिस्ट डॉक्टर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। क्षेत्र की सड़कों को सुदृढ़ करने की मांग की। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार ने सभी का बैठक में स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया सहित प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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