चंडीगढ़/शिमला — ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि आईजीएमसी में 20 वर्ष पुरानी एमआरआई मशीन को बदलकर यह नई हाई-एंड तकनीक वाली मशीन स्थापित की गई है, जिसका उपयोग अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली में भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व्यवस्था परिवर्तन के उद्देश्य से स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक तकनीक उपलब्ध करवा रही है, जिससे लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, शिमला, हमीरपुर, नेरचौक और चमियाणा अस्पताल में भी एम्स की तर्ज पर हाई-एंड चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 3 टेस्ला एमआरआई मशीन के स्थापित होने से प्रदेश के लोगों को उन्नत जांच के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर स्वास्थ्य क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विशेषज्ञों से संवाद के दौरान आईजीएमसी के ऑर्थोपैडिक विभाग को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने की घोषणा की और यहां रोबोटिक ऑर्थोपैडिक व स्पाइन सर्जरी शुरू करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मेडिसिन, पेडियाट्रिक और श्वसन रोगों से संबंधित अत्याधुनिक आईसीयू स्थापित किए जाएंगे तथा चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए देश-विदेश के उन्नत संस्थानों में एक्सपोजर टूर भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने आईजीएमसी में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा कर उन्हें समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए।