Blog

  • जल महोत्सव से दे रहे जल संरक्षण का संदेश, पंचायतों में जागरूकता गतिविधियों पर ज़ोर : उपायुक्त

    जल महोत्सव से दे रहे जल संरक्षण का संदेश, पंचायतों में जागरूकता गतिविधियों पर ज़ोर : उपायुक्त

    ऊना/सुशील पंडित: उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जल महोत्सव के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रत्येक परिवार तक प्रतिदिन स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जमीनी निरीक्षण व्यवस्था, तकनीकी मॉनिटरिंग तथा जवाबदेही तंत्र को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। उपायुक्त जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश भी दिए।

    इस अवसर पर उन्होंने बताया कि जल शक्ति विभाग द्वारा जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अंतर्गत 8 से 22 मार्च 2026 तक जिले में जल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। ‘हर घर पानी-खुद निगरानी’ थीम के तहत जिले के पांचों विकास खंडों की चिन्हित पंचायतों में जल संरक्षण और जल प्रबंधन के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पखवाड़े भर चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण तथा जल प्रबंधन के प्रति सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जल की महत्ता, स्वच्छता तथा जल स्रोतों के संरक्षण व रखरखाव को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

    उपायुक्त ने बताया कि 8 मार्च को ‘नारी नीर शक्ति दिवस’ के साथ जल महोत्सव का शुभारंभ किया गया। 11 मार्च को राष्ट्रीय स्तर के मेगा इवेंट तथा 16 मार्च को नदी दिवस के रूप में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि 22 मार्च को बद्दी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ विश्व जल दिवस के अवसर पर इस अभियान का समापन होगा।

    उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान जिला ऊना के विभिन्न विकास खंडों की 37 ग्राम पंचायतों में गतिविधियां आयोजित की गई हैं। इनमें विकास खंड बंगाणा की पंचायत डोहगी, धंधला, सोहारी, टकोली, मुच्छाली, बल्ह, बड़ूही, पल्लवी और चौकी खास, वहीं विकास खंड अम्ब की पंचायत धंधड़ी, कटोहट कलां, कटोहड़ खुर्द, मुबारिकपुर, धुसाड़ा, चुरूड़ू, ठठल और नंदपुर, विकास खंड हरोली की पंचायत सिंगा, अपर बढेड़ा, सैंसोवाल, पोलियां बीत, हरोली और कांगड़ और विकास खंड गगरेट की पंचायत डंगोह खुर्द, रायपुर, घनारी, बबेहड़, कैलाशनगर, कुनेरन और अपर गौंदपुर बनेहड़ा तथा विकास खंड ऊना की पंचायत टक्का, कोटला खुर्द, नारी, मलूकपुर, सनोली, अजोली और टब्बा  में जागरूकता गतिविधियां की गईं। बैठक में जल शक्ति विभाग वृत्त ऊना के सभी अधिशासी अभियंता, चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह, उपनिदेशक उच्च एवं प्रारंभिक शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • युद्ध का भारत पर असरः पेट्रोल के बाद डीजल के दामों में हुई भारी बढ़ौतरी

    युद्ध का भारत पर असरः पेट्रोल के बाद डीजल के दामों में हुई भारी बढ़ौतरी

    नई दिल्लीः इजरायल-ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब भारत देश में दिखने लगा है। ईरान में जारी संघर्ष की वजह से दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छूने लगी है। वहीं ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करके इसकी शुरुआत कर दी है। प्रीमियम पेट्रोल ₹2.09 प्रति लीटर महंगा हुआ तो इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में 22.03 रुपये की बढ़ोतरी की गई।

    इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने बढ़ी हुई कीमतों के बारे में जानकारी देते हुए कहा, इंडस्ट्रियल डीजल के दाम अब 87.67 रुपये से बढ़कर 109.59 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रिसिटी प्रोडक्शन की कॉस्ट पर होगा। इंडस्ट्रियल डीजल ऑयल कंपनी नॉर्मल पंप पर नहीं सेल करती हैं। वो इसे फैक्ट्री या कारखानों में सप्लाई करती हैं। अब जब डीजल के दाम बढ़ें हैं तो इसका सीधा असर कंपनियों की लागत पर पड़ेगा। प्रॉफिट मार्जिन में कमी आने वाले समय में देखी जा सकती है।

    इंडस्ट्रियल डीजल आम पेट्रोल पंपों से नहीं बेचा जाता, बल्कि इसे मुख्य रूप से सीधे फैक्ट्रियों, कंस्ट्रक्शन साइटों, माइनिंग ऑपरेशन्स, बड़े जनरेटरों और पावर प्लांटों को सप्लाई किया जाता है। नतीजतन, कीमतों में बढ़ोतरी से मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी गतिविधियों की इनपुट लागत बढ़ने की उम्मीद है, साथ ही लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी बढ़ सकता है।

    बता दें कि इंडस्ट्रियल डीजल यह हाई स्पीड डीजल होता है। इंडस्ट्रियल डीजल एक बड़ी मात्रा में मिलने वाला, अक्सर कम रिफाइन किया हुआ डीजल ईंधन है, जो सड़क पर चलने वाले वाहनों के बजाय भारी मशीनों, जनरेटरों, खनन उपकरणों और औद्योगिक बॉयलरों के लिए बनाया गया है। इसे अक्सर खुदरा पंपों को छोड़कर, थोक में बेचा जाता है, और अक्सर इसे लाल रंग से रंगा जाता है ताकि यह पता चल सके कि यह इंडस्ट्रियल डीजल है।

     

  • स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करें : अतिरिक्त उपायुक्त

    स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करें : अतिरिक्त उपायुक्त

    सुशील पंडित: अतिरिक्त उपायुक्त, महेन्द्र पाल गुर्जर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

    उन्होंने यह निर्देश शुक्रवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के तहत प्रायोजित स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्यो पर भी चर्चा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

    उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत कार्यों के लक्ष्य को लगभग पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष बचे कार्यों को 31 मार्च, 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्रे वाटर मैनेजमेंट में जिला के ऊना ब्लॉक में 13 ग्राम पंचायतों 47,88, 700 रुपये, ठोस कचरा प्रबंधन के अंतर्गत ऊना ब्लॉक की 24 ग्राम पंचायतों के लिए 14 लाख 42 हजार रुपये, व्यक्तिगत घरेलू शौचालय के अंतर्गत विकास खण्ड अम्ब, बंगाणा, गगरेट, हरोली और ऊना में प्रत्येक विकास खण्ड में 240-240 शौचालय निर्मित करने का लक्ष्य निधारित किया गया जिसको पूर्ण करने पर 1.44 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वच्छता परिसर के अंतर्गत सभी विकास खण्डों में 150 कार्यों के लक्ष्य के मुकाबले 108 कार्यों पर 3.24 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।

    अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिला के ऊना विकास खण्ड की ग्राम पंचायत अजौली, अम्ब विकास खण्ड की पंचायत धधड़ी, हरोली की पंचायत पंडोगा और बंगाणा में मुच्छाली में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।
    उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, उनका लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश देते हुए आपसी सहयोग से कार्य करने को कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के माध्यम से ऊना जिला विकास के मामले में प्रदेश का अग्रणी जिला बने।

  • कुट्टू की पकौड़ी-कचौड़ी खाने के बाद 39 लोगों की बिगड़ी तबीयत बीमार, अस्पताल में भर्ती, देखें वीडियो

    कुट्टू की पकौड़ी-कचौड़ी खाने के बाद 39 लोगों की बिगड़ी तबीयत बीमार, अस्पताल में भर्ती, देखें वीडियो

    बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे से बनी पकौड़ी और कचौड़ी खाने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने से सभी लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां पता चला है कि फूड प्वाइजनिंग के कारण तबीयत बिगड़ी है। इस घटना में महिला, पुरुष और बच्चों समेत कुल 39 लोग बीमार हो गए।सभी मरीजों का इलाज जारी है और फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। व्यंजन खाने के बाद लोगों को उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई थी। उपवास रखने के बाद श्रद्धालुओं ने कुट्टू के आटे से बनी पकौड़ी और पूड़ी का सेवन किया।

    फलाहार के बाद लोगों को उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई। जिसके बाद शहर के अलग-अलग मोहल्लों में करीब 39 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। देखते ही देखते एक ही परिवार के कई-कई सदस्य बीमार होने लगे। फूड प्वाइजनिंग का असर शहर के मोहन नगर भूड़, स्याना रोड, हीरापुर, राधा नगर, ततारपुर, धमेड़ा अड्डा, मीरपुर ख्वाजपुर और सुशीला विहार में देखने को मिला।

    सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा के मुताबिक, बीमार पड़े लोगों में सतपाल पुत्र मामचंद (धमरा अड्डा), ममता, मोनिका, ओमवती (मीरपुर), सुभान, देवेश, काजल, मनीष कुमार (सुशील विहार), ज्योति, राणा, हार्दिक, मछला देवी (हीरापुर), रानी (सतला बीवी नगर), मनोरमा (हीरापुर), पवन (हीरापुर), गौरी (कृष्ण नगर), राजकुमार (धमरा अड्डा), अश्वनी कुमार (स्याना रोड), गौरव बिष्ट, निशांत सक्सेना, बीना देवी, सनी, श्वेता, अंशु, कैलाश (राधा नगर), विमलेश, ललित (तातारपुर), पिंकी, कविता (राधा नगर), ममता (दिसपुर), गज्जू, नीलू सिंह (स्याना रोड), सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह (मोहन नगर भूड़), दीया, तनु, जिया, पीयूष शामिल हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम सदर और सीओ सिटी समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम जिला अस्पताल पहुंची और मरीजों का हाल जाना। प्रशासन ने बताया कि सभी मरीजों को जनरल वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। एसडीएम सदर दिनेश चंद्र के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि कुट्टू का आटा कहां से खरीदा गया था, उसकी सप्लाई कहां से हुई और उसमें किसी प्रकार की मिलावट या खराबी तो नहीं थी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि व्रत के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें और केवल विश्वसनीय दुकानों से ही सामान लें। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

  • कुट्टू का आटा खाने से 10 परिवारों के 25 लोगों की बिगड़ी तबीयत

    कुट्टू का आटा खाने से 10 परिवारों के 25 लोगों की बिगड़ी तबीयत

    फरीदाबादः हरियाणा के फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी में कुट्टू का आटा खाने से 10 परिवारों के 25 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बीमार हुए सभी लोगों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। 25 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। मिली जानकारी के अनुसार सभी लोगों ने एक ही दुकान से आटा खरीदा था। कॉलोनी के निवासी पुलकित, माया, प्रीति, जॉनी, कपिल और मोहित सहित कई लोगों ने व्रत खोलने के लिए अपने घर के पास स्थित हरीश नाम के दुकानदार से कुट्टू का आटा खरीदा था।

    मामले की जानकारी मिलने पर लोगों से पूछताछ करने के लिए पुलिस भी अस्पताल पहुंची। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर गई। लोगों ने यह आटा अपने आसपास की दुकान से खरीदा था। लोगों ने बताया कि खाना खाने के बाद वह सो गए। रात को उनको चक्कर और उल्टी होने लगी। जिसके बाद स्वजन ने अस्पताल में उनको इलाज के लिए भर्ती कराया। इस बीच कुट्टू का आटा खाने से बीमार हुई सारन गांव निवासी सुषमा और उनकी बेटी रिया इलाज के लिए साई अस्पताल आए। उन्होंने बताया कि उन्हें और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को उल्टी, चक्कर और घबराहट की समस्या होने लगी जिसके बाद वे इलाज कराने अस्पताल गए।

    तान्या नर्सिंग होम के डॉ. सेवाराम रतन ने बताया कि रात करीब 12:30 बजे से ही अस्पताल में मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। 25 लोग उल्टी, दस्त और बुखार के लक्षण लेकर आए थे। सभी मरीजों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। कुछ मरीजों की हालत में सुधार है, जबकि जिनकी स्थिति ज्यादा गंभीर थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है। डॉक्टर के अनुसार भी, सभी मरीजों ने एक ही दुकान से आटा खरीदने की बात मानी है।

  • झंबर पंचायत में एक हजार खैर कटने की खबर निकली झूठी 

    झंबर पंचायत में एक हजार खैर कटने की खबर निकली झूठी 

    72 घंटे की जांच के बाद डीएफओ ऊना सुशील राणा ने किया खुलासा

    ऊना/सुशील पंडित: जिला ऊना की पंचायत झंबर में कथित तौर पर एक हजार खैर के पेड़ों के अवैध कटान की खबर को लेकर वन विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में मीडिया से बातचीत करते हुए डीएफओ ऊना सुशील राणा ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा 72 घंटे तक लगातार की गई विस्तृत जांच के बाद यह खबर पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक पाई गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गलत खबरें न केवल विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि आम लोगों में भी भ्रम की स्थिति पैदा करती हैं। डीएफओ सुशील राणा ने बताया कि जैसे ही यह खबर सामने आई, वन विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच टीम गठित की।

    टीम ने मौके पर जाकर जमीनी हकीकत का निरीक्षण किया, आस पास के क्षेत्रों की भी पड़ताल की और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई। जांच के दौरान कहीं भी एक हजार खैर के पेड़ों के अवैध कटान जैसी कोई घटना सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि मीडिया और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय से ही जंगलों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एक निजी दैनिक समाचार पत्र द्वारा बिना पुष्टि के इस तरह की भ्रामक खबर प्रकाशित करना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे सोशल मीडिया पर वन विभाग की अनावश्यक किरकिरी हुई।

    जिला ऊना के वन विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए डीएफओ सुशील राणा ने बताया कि पिछले 6 महीनों में विभाग ने अवैध कटान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 28 गाड़ियों को पकड़ा गया है, जिनका इस्तेमाल अवैध रूप से लकड़ी ढोने में किया जा रहा था। इसके अलावा 43 वन काटुओं के पर प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि विभाग अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे खैर के पेड़ हों या बालन (ईंधन) के लिए काटी जाने वाली लकड़ी, वन विभाग हर तरह के अवैध कटान के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।

    किसी भी व्यक्ति को जंगलों को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएफओ ने लोगों से भी अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध कटान की जानकारी मिलती है तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें, ताकि समाज में सही जानकारी पहुंचे और अनावश्यक भ्रम की स्थिति न बने।

  • मस्जिद में ईद के जश्न के दौरान PM का हुआ विरोध, Get Out of Here के लगे नारे, देखें वीडियो

    मस्जिद में ईद के जश्न के दौरान PM का हुआ विरोध, Get Out of Here के लगे नारे, देखें वीडियो

    सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का सिडनी की मशहूर लकेम्बा मस्जिद पहुंचे। इस दौरान वहां पर प्रधानमंत्री के भारी विरोध के साथ उन पर हूटिंग की गई। इस दौरे का मकसद ऑस्ट्रेलियाई मुस्लिमों के साथ जुड़ाव दिखाना था और वह यहां मुस्लिम समुदाय के साथ एकजुटता दिखाने और ईद की मुबारकबाद देने आए थे। लेकिन जब मस्जिद के एक नेता भाषण दे रहे थे, उसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने PM को घेर लिया। भीड़ ने उन्हें ‘नरसंहार का समर्थक’ बताते हुए ‘यहां से चले जाओ’ (Get out of here) के नारे लगाए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाते और गुस्से में चिल्लाते नजर आ रहे हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद एक शख्स ने चीखते हुए कहा, ‘वह यहां क्यों हैं? उन्हें यहां से बाहर निकालो। यह शर्म की बात है।’ लोगों की हूटिंग के बीच अल्बनीज भीड़ से बचते हुए तेजी से वहां से निकल गए। रिपोर्ट में बताया गया कि अल्बनीज पर चिल्लाने वाले एक शख्स को पुलिस ने वहां से हटा दिया था। बाद में उसे बिना किसी आरोप के छोड़ दिया गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब ऑस्ट्रेलिया के मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों में गाजा युद्ध को लेकर सरकार के रवैये पर गुस्सा है। वहीं, मस्जिद का संचालन करने वाली लेबनीज मुस्लिम एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री की मेजबानी के अपने फैसले का बचाव किया है।

    एसोसिएशन ने इस आलोचना को भी खारिज किया कि निमंत्रण सरकारी नीतियों के समर्थन का संकेत है। वहीं, अल्बनीज ने बाद में कहा कि इस घटना के बावजूद बेहद सकारात्मक कहा। उन्होंने संकेत दिया कि यह विरोध हाल ही में ‘हिज्ब उत-तहरीर’ जैसे संगठनों पर लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से हो सकता है। बता दें कि दिसंबर 2024 में सिडनी के ‘बॉन्डी बीच’ पर हुए नरसंहार के बाद सरकार ने कट्टरपंथी समूहों पर नकेल कसने के लिए नए कानून बनाए हैं।

    पिछले साल दिसंबर में बॉन्डी बीच पर एक यहूदी कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी हुई थी, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। जांच में सामने आया था कि हमलावर इस्लामिक स्टेट (IS) की विचारधारा से प्रभावित थे। इस घटना के बाद से ही ऑस्ट्रेलिया में यहूदी और मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव चरम पर है। मस्जिद का संचालन करने वाली ‘लेबनीज मुस्लिम एसोसिएशन’ ने PM को बुलाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सरकार से बातचीत करना जरूरी है, ताकि समुदाय की आवाज सीधे उन तक पहुंच सके।

  • Jalandhar News: वित्त मंत्री चीमा का ऐलान, 10 एकड़ जमीन पर गुरु रविदास महाराज जी की बाणी अध्ययन सेंटर का होगा निर्माण, देखें वीडियो

    Jalandhar News: वित्त मंत्री चीमा का ऐलान, 10 एकड़ जमीन पर गुरु रविदास महाराज जी की बाणी अध्ययन सेंटर का होगा निर्माण, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा आज डेरा श्री सचखंड बल्लां में नतमस्तक होने पहुंचे। इस दौरान वित्त मंत्री के साथ डिप्टी कमिशनर हिमांशु अग्रवाल, पवन टीनू सहित कई नेता डेरा बल्लां में नतमस्तक हुए। जिसके बाद उन्होंने संत प्रमुख निरंजन दास जी के साथ मुलाकात की। मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा 10 एकड़ जमीन खरीदी गई थी। उन्होंने कहा कि सचखंडा बल्लां के पास 2 गांव है, जिसमें फरीदपुर और नौं गजां गांव शामिल है।

    इन गांवों में सरकार की ओर से जमीन खरीदी गई थी, जहां गुरु रविदास महाराज जी के बाणी अध्ययन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान वहां से भारी संख्या में स्कालर पैदा होंगे। यहां पर 500 के करीब स्टूडेंट बाणी पर स्टडी करेंगे और अध्ययन करेंगे। गुरु साहिबाण की बाणी को दुनियां भर में लेकर जाएंगे और दुनियां भर में प्रचार किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि यहां पर पीएचडी तक की डिग्री की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द सीएम भगवंत मान की अगुवाई में इसकी शुरुआत की जाएगी और संत निरजन दास जी से नींव पत्थर रखवाया जाएगा।

    वहीं राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ रुपए बकाया राशि को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि सीएम मान द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया है। काफी लंबे समय से राजस्थान की ओर पैसे लंबित पड़े है। राजस्थान में भाजपा की सरकार है, ऐसे में विश्वास है कि केंद्र सरकार इसमें पंजाब सरकार की मदद करेंगी। वरिंदर गोयल मंत्री द्वारा बीते दिन कंडी के पास उद्घाटन किया गया। इससे 50 गांवों को पानी से राहत मिली है। लिफ्टिंग पंप के जरिए किसानों के खेतों में पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे आने वाले समय में किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

    बता दें कि पंजाब के दोआबा क्षेत्र में स्थित यह डेरा रविदासिया समुदाय का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। हाल ही में श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे थे। पंजाब में दलित आबादी 32% है, जो देश में सबसे अधिक है। इस राज्य में 45% से अधिक दलित दोआबा क्षेत्र में ही रहते हैं। राजनीतिक रूप से देखें तो दोआबा क्षेत्र से विधानसभा की कुल 117 में से 23 सीटें आती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डेरा बल्लां का प्रभाव इनमें से कम से कम 19 सीटों पर माना जाता है।

    “डेरों की सामाजिक भूमिका के कारण दलित समुदाय में उनका गहरा प्रभाव है और चुनावी राजनीति में इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” गौरतलब है कि डेरा बल्लां की भूमिका 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में साफ दिखी थी, जब आम आदमी पार्टी की लहर के बावजूद कांग्रेस दोआबा में मजबूती से टिकी रही। 23 में से आप और कांग्रेस ने 10-10 सीटें, जबकि शिरोमणि अकाली दल, बसपा और भाजपा को एक-एक सीट मिली थी। उससे 5 साल पहले यानी 2017 में कांग्रेस ने दोआबा में क्लीन स्वीप किया था।

  • कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने से ADM सहित 10 की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती, देखें वीडियो

    कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने से ADM सहित 10 की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती, देखें वीडियो

    बागपतः नवरात्र के पावन अवसर पर कुट्टू के आटे का सेवन मुसीबत का सबब बन रहा है। दरअसल, जिले के एडीएम न्यायिक शिब नारायण और उनके कुक सतीश सहित 10 लोगों की हालत कुट्टू का आटा खाने की पकौड़ी खाने के बाद बिगड़ गई। मिली जानकारी के अनुसार एडीएम शिवनारायण और उनके रसोइया को उल्टियां और चक्कर आने लगे। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, एडीएम के बीमार होने की सूचना के बाद खाद्य विभाग एक्टिव हो गया। शहर में कुट्‌टू का आटा बेचने वाली दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी और जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने सैंपल लिए और जांच के लिए भेजे।

    जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जिले के अलग-अलग हिस्सों में भी कुट्टू की पकौड़ी खाने से 10 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। कुट्टू के आटे की कचौरी खाने से एक ही परिवार के रेलवे कर्मचारी समेत 6 लोग सहित अन्य लोग बीमार हो गए। सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एडीएम न्यायिक शिब नारायण और उनके कुक सतीश ने रात में गोरीपुर गांव से पिसा हुआ कुट्टू का आटा मंगवाया था। इसी आटे से बना भोजन करने के बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी।

    पेट में तेज दर्द, उल्टी और अन्य गंभीर लक्षण दिखने लगे, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया है और उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है। जिला प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द पूरे मामले की तह तक जाएं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। खाद्य सुरक्षा विभाग को भी इस संबंध में सतर्क कर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि व्रत में इस्तेमाल होने वाले आटे की शुद्धता और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें।

  • Jalandhar News: डेरा बल्लां में नतमस्तक हुए वित्त मंत्री हरपाल चीमा, देखें वीडियो

    Jalandhar News: डेरा बल्लां में नतमस्तक हुए वित्त मंत्री हरपाल चीमा, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा आज डेरा श्री सचखंड बल्लां में नतमस्तक होने पहुंचे। इस दौरान वित्त मंत्री के साथ डिप्टी कमिशनर हिमांशु अग्रवाल, पवन टीनू सहित कई नेता डेरा बल्लां में नतमस्तक हुए। जिसके बाद उन्होंने संत प्रमुख निरंजन दास जी के साथ मुलाकात की। वित्त मंत्री के दौरे को लेकर डेरे के बाहर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए है। ऐसे में भारी पुलिस डेरे के बाहर तैनात की गई है। बता दें कि पंजाब के दोआबा क्षेत्र में स्थित यह डेरा रविदासिया समुदाय का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। हाल ही में श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे थे।

    पंजाब में दलित आबादी 32% है, जो देश में सबसे अधिक है। इस राज्य में 45% से अधिक दलित दोआबा क्षेत्र में ही रहते हैं। राजनीतिक रूप से देखें तो दोआबा क्षेत्र से विधानसभा की कुल 117 में से 23 सीटें आती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डेरा बल्लां का प्रभाव इनमें से कम से कम 19 सीटों पर माना जाता है।

    “डेरों की सामाजिक भूमिका के कारण दलित समुदाय में उनका गहरा प्रभाव है और चुनावी राजनीति में इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” गौरतलब है कि डेरा बल्लां की भूमिका 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में साफ दिखी थी, जब आम आदमी पार्टी की लहर के बावजूद कांग्रेस दोआबा में मजबूती से टिकी रही। 23 में से आप और कांग्रेस ने 10-10 सीटें, जबकि शिरोमणि अकाली दल, बसपा और भाजपा को एक-एक सीट मिली थी। उससे 5 साल पहले यानी 2017 में कांग्रेस ने दोआबा में क्लीन स्वीप किया था।