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Punjab News: पंजाब-फिनलैंड साझेदारी से शिक्षा में बड़ा बदलाव, अब रटने की बजाय इंटरएक्टिव और आनंददायक सीखने पर जोर

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Punjab News: पंजाब-फिनलैंड साझेदारी से शिक्षा में बड़ा बदलाव, अब रटने की बजाय इंटरएक्टिव और आनंददायक सीखने पर जोर

चंडीगढ़, 23 अप्रैल 2026: पंजाब में स्कूल शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार और फिनलैंड की University of Turku के बीच हुई साझेदारी अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगी है। इस पहल के तहत कक्षाओं में पढ़ाने का तरीका तेजी से बदल रहा है और छात्रों की भागीदारी में स्पष्ट सुधार देखने को मिल रहा है।

यह कार्यक्रम पंजाब की व्यापक ‘सिख्या क्रांति’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक रटने वाली शिक्षा प्रणाली से हटकर बच्चों को समझ आधारित, आनंददायक और सहभागी शिक्षा प्रदान करना है। सरकार का लक्ष्य है कि वैश्विक स्तर की शिक्षा पद्धतियों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार अपनाकर राज्य के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।

रटने से हटकर आनंददायक और सहभागी शिक्षा की ओर बदलाव

इस साझेदारी के तहत स्कूलों में पढ़ाई के तरीकों में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब पारंपरिक रटने की प्रणाली को धीरे-धीरे खत्म कर इंटरएक्टिव, खेल-आधारित और बच्चों की भागीदारी बढ़ाने वाले तरीकों को अपनाया जा रहा है।

CM भगवंत मान फिनलैंड में आधुनिक शिक्षा प्रणाली का अध्ययन करते हुए
CM भगवंत मान फिनलैंड में आधुनिक शिक्षा प्रणाली का अध्ययन करते हुए

फिनलैंड के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कुकुलो-मोइकोइनेन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया, जहां उन्होंने आधुनिक शिक्षा पद्धतियों का गहराई से अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि यह पहल पहले ही सकारात्मक परिणाम देने लगी है और अंतरराष्ट्रीय अनुभव को पंजाब के स्कूलों में सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है।

यह कार्यक्रम राज्य के शिक्षा विभाग के तहत स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान देना है, जिसमें खेल-आधारित शिक्षा, रचनात्मक सोच और समावेशी वातावरण को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शिक्षकों को इस तरह प्रशिक्षित किया जा रहा है कि वे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें सोचने, सवाल पूछने और सक्रिय रूप से सीखने के लिए प्रेरित करें। इससे छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे सीखने की प्रक्रिया में अधिक रुचि दिखाएंगे।

शिक्षकों का प्रशिक्षण और वैश्विक ज्ञान का स्थानीय स्तर पर उपयोग

इस पूरी पहल की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा शिक्षकों का प्रशिक्षण है। सरकार ने एक संरचित प्रशिक्षण मॉडल अपनाया है, जिसके तहत मई 2026 तक लगभग 300 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

इन प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन न केवल चंडीगढ़ में किया गया है, बल्कि फिनलैंड के तुर्कू और राउमा जैसे शहरों में भी किया गया है। यहां शिक्षकों को कार्यशालाओं, मेंटरशिप और स्कूल विजिट्स के जरिए आधुनिक शिक्षण तकनीकों से परिचित कराया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षकों को रिसर्च आधारित शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है, लेकिन इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि ये तरीके पंजाब के सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों के अनुरूप हों। उन्होंने कहा कि किसी विदेशी मॉडल को सीधे लागू करने के बजाय उसे स्थानीय जरूरतों के हिसाब से ढालना ही इस पहल की सबसे बड़ी खासियत है।

शिक्षकों से मिली प्रतिक्रिया के अनुसार अब वे नई शिक्षण तकनीकों को अपनाने में अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं और छात्रों की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से समझा पा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप कक्षाओं में छात्रों की भागीदारी बढ़ी है और सीखने का माहौल अधिक सकारात्मक और समावेशी हुआ है।

पूरे पंजाब में विस्तार की तैयारी और शिक्षा सुधार का नया मॉडल

सरकार इस कार्यक्रम को पूरे राज्य में लागू करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। इसके लिए “ट्रेन-द-ट्रेनर” मॉडल अपनाया जा रहा है, जिसके तहत प्रशिक्षित शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा और वे आगे अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।

इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्लेंडेड लर्निंग सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं, ताकि शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण और सहायता मिलती रहे। इससे शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिनलैंड दौरे के दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ तुर्कू और टीचर ट्रेनिंग स्कूल का भी दौरा किया और भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि यह पहल पंजाब के शिक्षा सुधार कार्यक्रम का एक मजबूत आधार बनेगी और आने वाले समय में इसी तरह के और भी प्रयास किए जाएंगे, ताकि राज्य के छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य एक ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करना है, जो न केवल छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करे, बल्कि उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी सक्षम बनाए।

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