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  • बड़ा भंगाल की सभी पात्र महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये: मुख्यमंत्री, देखें वीडियो

    बड़ा भंगाल की सभी पात्र महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये: मुख्यमंत्री, देखें वीडियो

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू आज जिला कांगड़ा के अति दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ संवाद किया और उनकी समस्याओं को जाना। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री होंगे, जो यहां रात्रि प्रवास करेंगे।ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने लोगों से संवाद के दौरान 6 बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने बड़ा भंगाल की सभी पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1,500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की। इस दुर्गम क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर सेट लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बड़ा भंगाल के स्कूली बच्चों को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए इंसेंटिव दिया जाएगा। इस क्षेत्र के नजदीकी स्कूलों को सरकार नोडल स्कूल बनाएगी ताकि बीड़ इत्यादि क्षेत्रों में जाकर यहां के बच्चे स्कूली शिक्षा ग्रहण कर सकें।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बड़ा भंगाल को इको टूरिज्म के तौर पर विकसित करने के निर्देश दिए तथा शीघ्र ही विस्तृत कार्य योजना बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती से उगाए गए राजमाह पर सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करेगी। सुक्खू ने कृषि विभाग के अधिकारियों को बड़ा भंगाल के लोगों को प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ने व इसके लिए सभी सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश भी दिए। इस क्षेत्र के भेड़ पालकों के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रेदश सरकार भेड़ पालकों से मीट की उचित मूल्य पर खरीद करेगी।

    मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनका जीवन सुगम बनाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने क्षेत्र का दौरा कर आपदा के समय हुए नुकसान का जायजा भी लिया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे स्थानीय लोगों के अनुभवों को करीब से जाना। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 के बाद प्रदेश के किसी भी मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल का दौरा नहीं किया है। इस अवसर पर विधायक किशोरी लाल भी उपस्थित थे।

     

     

  • सुबह की सैर बनी आखिरी सफर, तेज रफ्तार वाहन ने 3 दोस्तों को कुचला

    सुबह की सैर बनी आखिरी सफर, तेज रफ्तार वाहन ने 3 दोस्तों को कुचला

    छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है। रविवार सुबह रोज की तरह सैर पर निकले तीन दोस्तों को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    भारतमाला सड़क पर हुआ हादसा
    यह दुर्घटना बालोद थाना क्षेत्र के डोंगरी-कोरबी गांव से गुजरने वाली भारतमाला सड़क पर हुई। बताया जा रहा है कि सुबह के समय तीनों दोस्त सड़क किनारे टहल रहे थे। तभी तेज गति से आए एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया।

    तीनों मृतक थे करीबी दोस्त
    हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान दलहरण दास वैष्णव (62 वर्ष), केदार बरेट (52 वर्ष) और संतु यादव (70 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों डोंगरी-कोरबी गांव के रहने वाले थे और आपस में गहरी दोस्ती रखते थे।

    जानकारी के अनुसार, दलहरण दास वैष्णव सहकारी समिति में शाखा प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वहीं केदार बरेट और संतु यादव खेती-बाड़ी का काम करते थे। तीनों रोज सुबह एक साथ सैर करने निकलते थे।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों दूर जाकर गिरे
    प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, वाहन की रफ्तार काफी अधिक थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों अलग-अलग स्थानों पर जा गिरे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।

    आरोपी वाहन चालक की तलाश में पुलिस
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

    तेज रफ्तार बन रही मौत की वजह
    देशभर में ओवरस्पीडिंग के कारण सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। कई चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है।

    नियमों का पालन जरूरी
    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वाहन चालक गति सीमा का पालन करें और सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से लें तो ऐसे हादसों में काफी कमी लाई जा सकती है। पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोग नियम तोड़ने से बाज नहीं आते। ऐसे लापरवाह चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

     

     

  • Punjab News: गुरुद्वारा सिंह शहीदां में हुआ हंगामा, DSP हरसिमरत सिंह का आया बयान, देखें वीडियो

    Punjab News: गुरुद्वारा सिंह शहीदां में हुआ हंगामा, DSP हरसिमरत सिंह का आया बयान, देखें वीडियो

    मोहालीः सोहाना स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा सिंह शहीदां में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एक युवक ने निहंग सिख पर हमला करने की कोशिश की। घटना के बाद गुरुद्वारा परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।

    जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के कर्णप्रयाग विवाद मामले में जमानत पर रिहा होकर लौटे निहंग सिखों के स्वागत के लिए गुरुद्वारे में विशेष समारोह आयोजित किया गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में संगत और समर्थक मौजूद थे।

    सम्मान समारोह के बीच युवक ने की हाथापाई की कोशिश
    समारोह के दौरान जयकारों के बीच निहंग सिंहों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया जा रहा था। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक युवक अचानक आगे आया और बाबा जसदीप सिंह के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई करने की कोशिश करने लगा।

    निहंगों ने तुरंत आरोपी को दबोचा
    घटना होते ही वहां मौजूद निहंग सिख और समर्थक सतर्क हो गए। उन्होंने तुरंत युवक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान गुरुद्वारा परिसर में काफी हंगामा देखने को मिला।

    बाबा जसदीप सिंह पूरी तरह सुरक्षित
    राहत की बात यह रही कि इस घटना में बाबा जसदीप सिंह को कोई चोट नहीं लगी। वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। समय रहते मौजूद लोगों ने स्थिति को संभाल लिया, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

    डीएसपी का आया बयान
    घटना बारे जानकारी देते हुए DSP सिटी 2 मोहाली हरसिमरत सिंह चेतरा ने बताया कि एक न्यूज चैनलों के माध्यम से हमें पता चला है कि सोहाना स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदां कुछ व्यक्ति के बीच झड़प होने का मामला सामने आया है। जिसके तुरंत बाद पुलिस पार्टी मौके पर पहुंची। जहां, मौके पर स्थिति बिल्कुल सामन्या है। डीएसपी ने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

     

     

     

  • हिमाचल के सबसे दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल में मसीहा बनकर पहुंचे CM Sukhu

    हिमाचल के सबसे दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल में मसीहा बनकर पहुंचे CM Sukhu

    शिमला: करीब 15 साल के एक लंबे अंतराल के बाद हिमाचल प्रदेश के मुखिया को अपने बीच पाकर सिर्फ कांगड़ा जिला ही नहीं बल्कि प्रदेश के सबसे दुर्गम और कठिन क्षेत्र बड़ा भंगाल के लोग खुशी से चहक उठे। खासकर उन युवाओं की खुशी का ठिकाना नहीं था जिन्होंने बचपन की दहलीज को अभी-अभी लांघा है और पहली बार किसी मुख्यमंत्री को देखने का सपना पूरा हुआ।

    लगभग डेढ़ दशक के बाद कोई मुख्यमंत्री न सिर्फ बड़ा भंगाल क्षेत्र के दौरे पर पहुंचा बल्कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूरी रात स्थानीय लोगों के साथ बिताकर एक नया कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया। यह पहली बार नहीं जब श्री सुक्खू ने दुर्गम क्षेत्र में पहंुचकर लोगों का दुःख-दर्द साझा किया है। ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की नई सोच के साथ वह लगातार ऐसे कठिन क्षेत्रों में रात्रि ठहराव करते आए हैं जहां आमतौर पर कोई नेता पहुंचने में रुचि नहीं दिखाता है। इससे पहले उन्होंने शिमला ज़िले के डोडरा-क्वार और कुपवी, कुल्लू ज़िले के बागा सराहन सहित जनजातीय जिलों लाहौल-स्पिति और किन्नौर के दूरस्थ गांवों का दौरा कर वहां के लोगों के बीच रात्रि प्रवास कर उनकी समस्याओं और परेशानियों का समाधान किया है। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बड़ा भंगाल के क्षेत्र के लोगों में उत्सवी माहौल है। स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है कि वर्ष 2011 के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल का दौरा कर उनकी सुध ली है। क्षेत्र में पहली बार किसी मुख्यमंत्री के रात्रि ठहराव से स्थानीय लोग बहुत उत्साहित हैं और उन्होंने विश्वास जताया है कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं और प्रशासन को दिए गए निर्देशों से बड़ा भंगाल क्षेत्र के विकास को नया आयाम मिलेगा।

    बड़ा भंगाल के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पूरी तरह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं में रंगे नजर आए। उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा ‘चोला-डोरा’ धारण कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया तथा स्थानीय लोगों के साथ पारंपरिक लोकनृत्य में भी सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने स्थानीय किसानों के खेतों का दौरा कर उनकी समस्याओं को नजदीक से समझा। उन्होंने किसानों से राजमाह की खेती, उत्पादन और विपणन से जुड़े मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की तथा भेड़पालकों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऊन का समर्थन मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है, जिससे भेड़पालकों और स्थानीय किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बड़ा भंगाल के लोग भी सरकार की इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने ‘राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना’ लागू की है। इसके तहत प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की का 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम तथा पांगी घाटी में उत्पादित जौ का समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। इसके अतिरिक्त, हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है, जबकि अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर स्थानीय विधायक किशोरी लाल, उपायुक्त हेमराज बैरवा तथा पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।

     

  • बड़ा भंगाल में मुख्यमंत्री बोले, राजनीति करने नहीं दुख-दर्द बांटने आया हूं

    बड़ा भंगाल में मुख्यमंत्री बोले, राजनीति करने नहीं दुख-दर्द बांटने आया हूं

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल का दौरा कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रशासनिक अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल तक सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए अधिकारियों को प्रत्येक किलोमीटर के लिए अलग-अलग निविदाएं आमंत्रित करने तथा कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए आवश्यक मशीनरी को हवाई मार्ग से पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने बड़ा भंगाल सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की।

    क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के संबंध में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विद्युत बोर्ड को गांव में उपयुक्त क्षमता के डीजल जनरेटर स्थापित करने तथा सभी घरों में विद्युत कनेक्शन और वायरिंग के लिए सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। सड़क सुविधा उपलब्ध होने तक वैकल्पिक बिजली व्यवस्था जारी रखने का आश्वासन देते हुए उन्होंने अप्पर बड़ा भंगाल और लोअर बड़ा भंगाल के लिए एक-एक डीजल जनरेटर सेट उपलब्ध करवाने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजना को पुनः संचालित करने तथा सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के प्रसिद्ध राजमाह की अलग ब्रांडिंग कर उसे विशेष पहचान और बेहतर बाजार मूल्य दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय कृषि एवं बागवानी को प्रोत्साहित करते हुए लोगों से अखरोट एवं चेस्टनट के पौधे लगाने का आह्वान किया। स्थानीय मीट उत्पादों को भी बेहतर मूल्य उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।

    मोबाइल नेटवर्क सुविधा के संबंध में ग्रामीणों द्वारा उठाई गई मांग पर मुख्यमंत्री ने निजी दूरसंचार कंपनियों से बातचीत कर शीघ्र मोबाइल सेवा आरंभ करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने वन भूमि का उपयुक्त क्षेत्र चिन्हित कर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए तथा बड़ा भंगाल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लाने, छात्रावास निर्माण पर विचार करने तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने और समाप्त होने के समय हेली-टैक्सी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही बच्चों को सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था करने का भी आश्वासन दिया।

    स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं हेतु प्रशिक्षित करने की बात कही, ताकि दुर्गम क्षेत्र में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राजनीति करने नहीं, बल्कि बड़ा भंगाल के लोगों का दुख-दर्द बांटने आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करनी होती तो वे अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में जाते, लेकिन उनकी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शिमला में बैठकर योजनाएं बनाई जा सकती हैं, लेकिन धरातल पर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए क्षेत्र का दौरा आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल को प्राकृतिक पंचायत घोषित करने, क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करने तथा राशन डिपो में खाद्यान्न कोटा बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बाढ़ से सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन वॉल निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने दो स्थानीय महिला मंडलों को दो-दो लाख रुपये तथा एक युवक मंडल को एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की घोषणा भी की।

     

  • हिमाचल में जल संरक्षण का नया मॉडल बन रहे हरोली के तालाब

    हिमाचल में जल संरक्षण का नया मॉडल बन रहे हरोली के तालाब

    ऊना सुशील पंडित : हिमाचल प्रदेश में पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में हरोली एक नई मिसाल बन रहा है। वर्षों से गाद जमने, बरसाती बहाव और बदलती परिस्थितियों के कारण अपनी उपयोगिता खो रहे तालाब अब आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के सहारे नया जीवन पा रहे हैं। 11.75 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत जल शक्ति विभाग पुबोवाल, दुलैहड़, गोंदपुर जयचंद समेत विभिन्न तालाबों का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्जीवन कर रहा है। इसका उद्देश्य वर्षा जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, जल गुणवत्ता में सुधार और भविष्य की जल जरूरतों के लिए टिकाऊ जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने के साथ ही तालाबों का सौंदर्यीकरण भी है।

    परियोजना के तहत तालाबों से गाद हटाने, तटबंध मजबूत करने तथा भूजल पुनर्भरण (जमीन के भीतर पानी का दोबारा संग्रह) की संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही जलग्रहण क्षेत्रों (जहां से वर्षा का पानी तालाब तक पहुंचता है) में सुधार किया जा रहा है। जहां आवश्यकता है, वहां निर्मित आर्द्रभूमि (पौधों और प्राकृतिक प्रक्रियाओं से पानी साफ करने वाली व्यवस्था), इन-सीटू ट्रीटमेंट सिस्टम (तालाब के भीतर ही पानी को साफ करने की तकनीक) तथा एरेशन सिस्टम (पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने वाली व्यवस्था) का उपयोग कर जल गुणवत्ता सुधारी जा रही है। वहीं कैस्केड संरचनाओं (बरसाती पानी के साथ आने वाली गाद और ठोस अपशिष्ट को रोकने वाली चरणबद्ध संरचनाएं) के माध्यम से तालाबों की प्राकृतिक क्षमता को भी बढ़ाया जा रहा है।

    हर तालाब के लिए अलग वैज्ञानिक योजना

    जल शक्ति विभाग ऊना के अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान के अनुसार इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी तालाबों के लिए एक जैसी योजना नहीं बनाई गई। प्रत्येक तालाब की भौगोलिक स्थिति, जलग्रहण क्षेत्र, जल स्रोत, प्रदूषण की स्थिति और स्थानीय आवश्यकताओं का अलग-अलग अध्ययन कर उसके अनुरूप तकनीकी समाधान तैयार किए गए हैं। यही वैज्ञानिक दृष्टिकोण इस परियोजना को अन्य योजनाओं से अलग बनाता है।

    58 लाख घन मीटर बढ़ेगी भूजल पुनर्भरण क्षमता

    जल शक्ति विभाग हरोली के अधिशासी अभियंता पुनीत शर्मा ने बताया कि पहले चरण में पुबोवाल, दुलैहड़ और गोंदपुर जयचंद सहित प्रमुख तालाबों में कार्य चल रहे हैं। पुबोवाल तालाब के पुनर्जीवन पर लगभग दो करोड़ रुपये तथा दुलैहड़ तालाब पर करीब 1.26 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जा रहे हैं। कई घटकों में 90 से 100 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। फरवरी 2025 में तैयार व्यवहार्यता रिपोर्ट के अनुसार परियोजना पूरी होने पर चयनित तालाबों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 58 लाख घन मीटर भूजल पुनर्भरण क्षमता विकसित होगी। इसके अलावा क्षेत्र में लगभग 0.90 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) अतिरिक्त जल उपलब्ध होने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार पुबोवाल तालाब की वार्षिक पुनर्भरण क्षमता लगभग 32 लाख घन मीटर तथा छह छोटे तालाबों की संयुक्त क्षमता करीब 26 लाख घन मीटर आंकी गई है।

    भविष्य की जल सुरक्षा की तैयारी

    अधिकारियों के अनुसार हरोली क्षेत्र में वर्षभर सीमित अवधि तक ही वर्षा होती है। ऐसे में वर्षा की प्रत्येक बूंद का संरक्षण इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। केंद्रीय भूजल बोर्ड के अनुसार वर्तमान में क्षेत्र 62 प्रतिशत भूजल दोहन के साथ ‘सेफ’ श्रेणी में है, लेकिन बढ़ती आबादी, जल की बढ़ती मांग और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए यह पहल भविष्य की जरूरतों के अनुरूप दीर्घकालिक तैयारी मानी जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ने का यह मॉडल भविष्य में हिमाचल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। जल संरक्षण के साथ-साथ इन तालाबों के पुनर्जीवन से पर्यावरण संरक्षण, जलीय जैव विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय स्तर पर ईको-टूरिज्म की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
    जल शक्ति विभाग हमीरपुर ज़ोन के मुख्य अभियंता रोहित दूबे का कहना है कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण आज की आवश्यकता होने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा का भी आधार है। इसी सोच के साथ हरोली में विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बीच संतुलन साधते हुए ऐसा मॉडल विकसित किया जा रहा है, जो वर्षा जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ मजबूती देगा। यह मॉडल भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी मार्गदर्शक बनेगा।

    एक नजर में

    •कुल परियोजना लागत : 11.75 करोड़ रुपये
    •अनुमानित वार्षिक भूजल पुनर्भरण क्षमता : 58 लाख घन मीटर
    •पुबोवाल तालाब की पुनर्भरण क्षमता : 32 लाख घन मीटर प्रतिवर्ष
    •छह छोटे तालाबों की संयुक्त क्षमता : 26 लाख घन मीटर प्रतिवर्ष
    •वर्तमान भूजल दोहन : 62 प्रतिशत (सेफ श्रेणी)

    क्या है खास

    •प्रत्येक तालाब के लिए अलग वैज्ञानिक एवं तकनीकी योजना
    •आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से जल गुणवत्ता में सुधार
    •ज़रूरत के अनुसार कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड, एरेशन सिस्टम और इन- सीटू ट्रीटमेंट जैसी तकनीकों का उपयोग
    •भूजल पुनर्भरण और जलग्रहण क्षेत्रों का वैज्ञानिक उपचार
    •वर्षा जल संरक्षण और भविष्य की जल सुरक्षा पर फोकस
    •जलीय जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
    •स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक सौंदर्य और ईको-टूरिज्म की संभावनाओं को बल

     

  • Punjab News: ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, Cm Mann ने सुल्तानविंड लिंक रोड ओवरब्रिज जनता को किया समर्पित, देखें वीडियो

    Punjab News: ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, Cm Mann ने सुल्तानविंड लिंक रोड ओवरब्रिज जनता को किया समर्पित, देखें वीडियो

    कहा- पंजाब शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है

    अमृतसरः मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अमृतसर में सुल्तानविंड लिंक रोड पर बने नए ओवरब्रिज का उद्घाटन किया और इसे जनता को समर्पित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस ओवरब्रिज के शुरू होने से लोगों को सुल्तानविंड लिंक रोड जंक्शन पर ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी और ट्रैफिक ज़्यादा सुचारू हो जाएगा।

    मीडिया से बात करते हुए सीएम मान ने कहा कि हर दिन लगभग डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दरबार साहिब, जलियांवाला बाग और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए पवित्र शहर अमृतसर आते हैं। इस वजह से शहर में ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है और सरकार इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। इस ओवरब्रिज की कुल अनुमानित लागत ₹34.20 करोड़ थी,  लेकिन सरकार ने इसे सिर्फ़ ₹22.68 करोड़ में पूरा करके लगभग ₹11.52 करोड़ बचाए हैं। उन्होंने कहा कि बचाई गई रकम का इस्तेमाल जन-कल्याण और अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 985 मीटर लंबा यह ओवरब्रिज आधुनिक और इको-फ्रेंडली तकनीक से तैयार किया गया है। बारिश के पानी की निकासी के लिए RCC ड्रेन बनाई गई है और रेनवाटर हार्वेस्टिंग कुएं की भी व्यवस्था की गई है, जिससे भूजल को रिचार्ज करने में मदद मिलेगी।

    भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार सिर्फ़ सड़कों और पुलों के निर्माण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा,  स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर काम कर रही है। पंजाब में 3100 खेल के मैदान और लगभग 3000 जिम बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, राज्य में 1000 आम आदमी क्लीनिक सफलतापूर्वक चल रहे हैं, जिनसे करोड़ों लोगों को मुफ़्त इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में नंबर वन बन गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का एकमात्र मकसद राज्य को विकास और तरक्की की राह पर आगे ले जाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस ओवरब्रिज के शुरू होने से अमृतसर के लोगों को रोज़ाना आने-जाने में बहुत आसानी होगी और शहर के ट्रैफ़िक मैनेजमेंट में भी काफ़ी सुधार आएगा।

     

     

  • Mann Ki Baat में PM मोदी ने देशवासियों से एकजुट रहने व अफवाहों से बचने की अपील की

    Mann Ki Baat में PM मोदी ने देशवासियों से एकजुट रहने व अफवाहों से बचने की अपील की

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चर्चित रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 135वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की है। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एरिया में उत्पन्न युद्ध जैसी स्थिति का उल्लेख करते हुए नागरिकों से संयम और उनकी अपील पर असर करने की बात कही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले भी देशवासियों से आग्रह किया था कि जहां तक संभव हो। कुछ समय के लिए सोना खरीदने से बचें। साथ ही उन्होंने विदेश यात्रा को टालने, कार पूलिंग को बढ़ावा देने और पेट्रोल-डीजल की बचत करने की सलाह दी थी। इसके अलावा उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के बजाय प्राकृतिक और कैमिकल मुक्त खेती को अपनाने तथा जैविक खाद के ज्यादा उपयोग का आग्रह भी किया था। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि देशवासियों ने उनकी अपील को न सिर्फ सुना बल्कि उस पर पॉजिटिव प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने बताया कि कई परिवारों ने फैसला लिया है कि वे अपने पारिवारिक आयोजनों में इस बार नया सोना नहीं खरीदेंगे और जरुरत होने पर पुराने सोने को रीसायकल करके इस्तेमाल करेंगे। Read in English: Mann Ki Baat: PM Modi Lauds Milestone Indigenous Defence Achievements and Calls for Responsible Consumption उन्होंने यह भी बताया है कि कई नागरिकों ने सोशल मीडिया के जरिए से शेयर किया है कि उन्होंने इस बार विदेश यात्राओं को टाल दिया है। इसके साथ ही कार पूलिंग को लेकर भी लोगों में जागरुकता बढ़ी है। अब कई लोग एक ही दिशा में जाने के लिए साझा वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। इससे न सिर्फ ईंधन की बचत हो रही है बल्कि यातायात और प्रदूषण में भी कमी देखने को मिल रही है।

    लोग बसों और मेट्रो सुविधाओं का ज्यादा इस्तेमाल करें

    प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग अब बसों और मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं जो एक पॉजिटिव बदलाव का संकेत है। उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक खेती और जैविक खाद की मांग में वृद्धि दर्ज की गई है। पीएम मोदी ने कहा कि – ‘मुझे इस बात की खुशी है कि इस ग्लोबल क्राइसिस का हम भारतीय मिलकर मुकाबला कर रहे हैं। मुझे विश्वास हैं जन भागीदारी की यही शक्ति हमें यह मजबूती देगी हमें सफल बनाएगी’।    
  • Punjab News : युवक को निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने के लगे आरोप, देखें वीडियो

    Punjab News : युवक को निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने के लगे आरोप, देखें वीडियो

    पठानकोट : जिले की सुजानपुर विधानसभा के गांव बड़ोई में एक युवक को बंधक बना निर्वस्त्र कर बुरी तरह से मारपीट करने वाला मामला सामने आया है। घटना की जानकारी देते हुए पीड़ित युवक और उसकी माता सुषमा देवी ने बताया कि वह एक सप्ताह के बाद युवक प्रभजीत मामा के घर से वापस आया था।  शाम को प्रभजीत रनिंग करने गया, लेकिन  देर तक घर नहीं लौटा। जिस कारण परिवार ने उसे फोन किया , तो  उसका फोन बंद था। पीड़ित  की माँ  युवकों को साथ लेकर ग्राउंड में गई और वहाँ पर कोई नहीं मिला। जिसके बाद दूसरे साथी को फोन लगाने पर पता चला कि वह  किसी लड़के के  जन्म दिन पर गए है। दूसरे दिन प्रभजीत ने इस घटना की जानकारी अपनी माता को दी। पीड़ित युवक और उसकी माता सुषमा देवी शिकायत दर्ज करवाने के लिय शाहपुर कंडी थाने में पहुंचे। वहीं इस संबंधी पुलिस अधिकारी धर्म पाल ने बताया कि उन्हें  शिकायत प्राप्त हुई है। प्रभजीत के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की है। युवक ने शिकायत के साथ अपना मेडिकल रिपोर्ट भी दर्ज  कार्रवाई है। इस मामले की जांच एएसआई हरबंस लाल को सौंपी गई है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
     
  • Punjab News :  सरकारी गोदाम में हुई डकैती , चौकीदार को बंधक बना 400 Ton गेहूँ की लूट, देखें वीडियो  

    Punjab News :  सरकारी गोदाम में हुई डकैती , चौकीदार को बंधक बना 400 Ton गेहूँ की लूट, देखें वीडियो  

    अमृतसर : अजनाला के मेहल बुखारी गाँव में स्थित पंग्रेन के सरकारी गोदाम में देर रात डकैती की  घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार अज्ञात लोगों ने गोदाम में तैनात चौकीदारों को बंधक बना लिया और लगभग 400 टन गेहूँ एक ट्रक में भरकर फरार हो गए। लुटेरों ने पहले वहाँ मौजूद अन्य ट्रकों से डीज़ल निकाला और लूट ट्रक में डाल कर फरार हो गए।  
    घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का जायजा लेने के बाद जाँच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और दोषियों की पहचान के लिए कई पहलुओं से जाँच कर रही है। ट्रक मालिक ने बताया कि ट्रक देर रात यहाँ खड़ा था और चौकीदारों के अनुसार, आधी रात के बाद लगभग 15 लुटेरे गोदाम में घुसकर उसे  बंधक बना गेहूँ की लगभग 400 बोरियाँ लेकर भाग गए। पीड़ित ने  पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की माँग की। पंग्रेन अधिकारी ने बताया कि लुटेरों ने चौकीदार को बंधक बना लिया और गेहूँ की लगभग 400 बोरियाँ लेकर भाग गए और ट्रक भी ले गए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों और पुलिस से शिकायत की गई  है। वहीं चौकीदार ने बताया कि अचानक गोदाम की बत्ती चली गई। जिसके बाद जब उसने रोशनी देखी, तो कोने में छिपे लोगों ने उसे बंधक बना लिया। जिसके बाद  उसे एक कमरे में ले गए, जहाँ लुटेरों के  अन्य साथी मौजूद थे। लुटेरों ने उसे शोर मचने पर जान से मरने की धमकियां भी दी थी। इस संबंध में जाँच अधिकारी गुरमीत सिंह ने बताया कि कल रात सरकारी गोदाम से गेहूँ चोरी होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने  मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जाँच की जा रही है।