- PSDM और BFUHS ने स्वास्थ्य क्षेत्र की मांगों को पूरा करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
- हर साल 200 युवाओं को स्वास्थ्य कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।
- फरीदकोट में हेल्थ स्किल डेवलपमेंट सेंटर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना।
- युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करने की पहल।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर
इस साझेदारी के तहत, हर साल 200 युवाओं को होम हेल्थ ऐड, ऑपरेटिंग थियेटर तकनीशियन, इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट और अन्य स्वास्थ्य कौशल पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जाएगा। फरीदकोट में हेल्थ स्किल डेवलपमेंट सेंटर में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र उन्नत तकनीकों और विशेषज्ञता के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे प्रशिक्षुओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलेंगे।स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
पंजाब के रोजगार सृजन और कौशल विकास मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा,“यह पहल न केवल युवाओं को कौशल संपन्न बनाएगी, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेगी। हमारा उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्वास्थ्य क्षेत्र की बढ़ती मांगों को पूरा करना है।”उन्होंने यह भी जोर दिया कि यह परियोजना युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमशीलता की दिशा में प्रेरित करेगी, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।
PSDM और BFUHS की भूमिकाएं
- PSDM:
- वित्तीय सहायता।
- कार्यक्रम के लिए मार्गदर्शन और संचालन।
- प्रशिक्षणार्थियों की पहचान और प्रेरणा।
- BFUHS:
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रबंधन।
- प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन और प्लेसमेंट सहायता।