- 36 लाख रुपये का घोटाला: दो सरकारी अधिकारियों ने मिलकर सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया।
- 4 वर्षों बाद गिरफ्तारी: आरोपी पिछले चार साल से गिरफ्तारी से बचते फिर रहे थे।
- पंजाब सरकार का सख्त रुख: राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।