प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के तुरंत बाद फैक्ट्री के अंदर से लगातार धमाकों की आवाजें आने लगीं। आग की ऊंची लपटें और घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। घटना में झुलसे 7 कर्मचारियों को सबसे पहले रेवाड़ी के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से दो कर्मचारियों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें गुरुग्राम रेफर कर दिया गया, जबकि चार का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक कर्मचारी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में केमिकल उत्पादों के साथ इंक और एल्युमिनियम फॉयल का निर्माण किया जाता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे के समय फैक्ट्री के चिलिंग प्लांट में रिपेयरिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक ब्लास्ट हुआ और देखते ही देखते आग पूरी फैक्ट्री में फैल गई। मिली जानकारी के अनुसार, जीएलएस कंपनी का कारोबार भारत समेत कई देशों में फैला हुआ है। कुछ महीने पहले इसी कंपनी में मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड भी हुई थी। डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई थी। कंपनी प्रबंधन की ओर से बताया गया कि हादसे के समय फैक्ट्री के अंदर करीब 25-30 कर्मचारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में चिलिंग प्लांट की रिपेयरिंग के दौरान ब्लास्ट होने की बात सामने आई है। फिलहाल आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है।