इस संबंध में थाना डबवा एसएचओ ने बताया कि सिलेंडर फटने की सूचना मिली थी। जिस पर मौके पर पहुंचकर छत के गिरे मलबे को हाइड्रा मशीन से हटवा कर तीनों शवों को बाहर निकाला गया। फिलहाल तीनों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार उनका हार्डवेयर का सामान बेचने का काम है। रात को सरजीत अपनी पत्नी बबीता और 14 साल के पोते कुणाल के साथ पहली मंजिल पर सो रहे थे। सिलेंडर में से गैस लीक हो रही थी। जिसके बारे में इनको जानकारी नहीं थी। आधी रात के बाद सिलेंडर के चारों ओर आग लग गई और ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट की वजह से रसोई की दीवार गिर गई। यह दीवार सरजीत के कमरे से सटी हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी है।