Home Haryana सिखों के 2 गुटों के बीच झड़प मामले में HSGMC के वाइस प्रेसिडेंट सहित 20 के खिलाफ FIR

सिखों के 2 गुटों के बीच झड़प मामले में HSGMC के वाइस प्रेसिडेंट सहित 20 के खिलाफ FIR

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सिखों के 2 गुटों के बीच झड़प मामले में HSGMC के वाइस प्रेसिडेंट सहित 20 के खिलाफ FIR

कुरूक्षेत्रः हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (एचएसजीएमसी) के सीनियर मीत प्रधान (वाइस प्रेसिडेंट) को थप्पड़ मारने और गाली गालौज करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। दरअसल, 10 दिन पहले शाहबाद के मीरी पीरी संस्थान में कथित तौर पर 2 पक्षों में विवाद हो गया था। इस मामले में की गई एफआईआर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष समेत 20 लोग शामिल हैं। पुलिस ने SGPC के सीनियर वाइस रघुजीत सिंह विर्क, बलदेव सिंह, हरदीप सिंह, प्रताप सिंह, सुखपाल सिंह, हरपिंदर सिंह, रवि इंदर, हरकेश सिंह, अमृतपाल सिंह, बलकार सिंह, गुरजीत सिंह, हरमन सिंह, पिंकी सिंह, हरिंदर सिंह, जरनैल सिंह, गुरजिंद्र सिंह, जसप्रीत सिंह, जस हुंडल, नवजीत कोहली और हरमा के खिलाफ केस दर्ज हुआ।

दरअसल, 20 मार्च को मीरी पीरी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च शाहाबाद में यह घटना हुई थी। इस घटना के बाद HSGMC के मीत प्रधान गुरबीर सिंह तलाकौर ने कुरुक्षेत्र SP को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग रखी थी। इस पर पुलिस ने BNS की धारा 115, 190, 191(2), 299 और 351(3) के तहत थाना शाहाबाद में केस दर्ज कर लिया। गुरबीर सिंह तलाकौर ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा कि वे 20 मार्च को अपने साथी नेताओं के साथ मीरी-पीरी अस्पताल में स्टाफ मेंबर के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मध्यस्थता करने के लिए गए थे।

यहां संस्थान के CEO के ऑफिस में शांतिपूर्वक बात चल रही थी। उन्होंने संस्थान को HSGMC के अधीन लाने की बात रखी थी। तभी, SGPC और संस्थान के 19 लोग तलवार और बंदूक लेकर आए थे। इन लोगों ने उन पर गन तानकर हमला किया और जान से मारने की कोशिश की। आरोपियों ने उनकी पगड़ी और दाढ़ी खींची। इस दौरान उनकी सोने की चेन भी छीन ली गई। बाद में उनको अस्पताल से बाहर धकेल दिया गया और दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी। 20 मार्च को संस्थान की सेवा संभाल को लेकर विवाद हो गया था। HSGMC के पूर्व प्रधान एवं नॉमिनेटिड मेंबर बलजीत सिंह दादूवाल ने संस्थान पर हरियाणा कमेटी का दावा किया था। उधर, SGPC के पदाधिकारियों ने हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर दिखाकर खुद सेवा संभालने की बात कही थी।

 

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