Home Haryana Laforestta Cafe- Bar & Restaurant को खाद्य सुरक्षा विभाग ने जारी किया नोटिस, हो सकता है लाइसेंस रद्द

Laforestta Cafe- Bar & Restaurant को खाद्य सुरक्षा विभाग ने जारी किया नोटिस, हो सकता है लाइसेंस रद्द

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गुरुग्रामः दिल्ली से सटे गुरुग्राम के ला फॉरेस्टा कैफे कम रेस्तरां में माउथ फ्रेशनर की जगह ड्राई आइस परोसा गया। ड्राई आइस की वजह से पांच लोगों गंभीर से बीमार हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना को वीडियो वायरल होने के बाद गुरुग्राम पुलिस के बाद अब जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी बड़ी कार्रवाई की है. रेस्तरां प्रबंधन को नोटिस थमा इस घटना के बाबद विस्तृत जारकारी मांगी है। गुरुग्राम जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने रेस्टोरेंट को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर डिटेल में जवाब मांगा है। विभागी अधिकारी ने रेस्तरां संचालक से पूछा है कि ताजा घटना को ध्यान में रखते हुए क्यों न रेस्टोरेंट का लाइसेंस रद्द या निलंबित कर दिया जाए।

इससे पहले गुरुगांव के रेस्तरां में माउथ फ्रेशनर की जाग ड्राई आइस परोसे जाने के मामले में थाना पुलिस ने रेस्तरां की वेट्रेस अमृतपाल कौर को 7 मार्च को गिरफ्तार किया था। काफी देर तक पूछताछ के बाद उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। बता दें कि गुरुग्राम के फॉरेस्टा कैफे कम रेस्तरां में माउथ फ्रेशनर की जाग ड्राई आइस परोसने की वजह से पांच लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। मानेसर के एसीपी सुरेंद्र श्योराण ने कहा, ‘पूछताछ के दौरान वेट्रेस ने खुलासा किया कि यह घटना गलती से हुई। पुलिस ने बताया कि कैफे के मैनेजर को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि कैफे का मालिक अभी भी फरार है।’

एसीपी सुरेंद्र श्योराण के मुताबिक रेस्तरां अभी तक दोबारा नहीं खोला गया है। भोजनालय में परोसी गई सूखी बर्फ खाने के बाद पांच लोगों को उल्टी हुई और मुंह से खून बहने लगा। उनमें से एक द्वारा दर्ज की गई शिकायत के अनुसार वे 3 मार्च की रात को ला फॉरेस्टा रेस्तरां में गए थे। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, में पांचों दोस्तों को कथित तौर पर खून की उल्टी करते हुए दिखाया गया है। पुलिस ने पहले कहा था कि 5 में से दो लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। सूखी बर्फ ठोस कार्बन डाइऑक्साइड होता है। यह एक विषैला शीतलन एजेंट है। इस मामले पर पिछले रविवार को खेड़की दौला पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 328 (जहर के माध्यम से चोट पहुंचाना) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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