Home Haryana 590 करोड़ रुपये IDFC Bank में हुए गबन मामले में वकील का आया बयान, देखें वीडियो

590 करोड़ रुपये IDFC Bank में हुए गबन मामले में वकील का आया बयान, देखें वीडियो

0
590 करोड़ रुपये IDFC Bank में हुए गबन मामले में वकील का आया बयान, देखें वीडियो

पंचकूला : हरियाणा सरकार के कई विभागों के 590 करोड़ रुपये आईडीएफसी बैंक में हुए गबन के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को आज जिला अदालत में पेश किया गया है।

एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा इस मामले में आरोपी ऋषभ ऋषि और अभय के लिए 14 दिन का रिमांड मांगा गया है। वहीं अन्य दो आरोपियों का 7 दिन का डिमांड मांगा गया था लेकिन इस मामले को लेकर कोर्ट ने सभी आरोपियों का 7 दिन का रिमांड दिया है।

अब 7 दिन के रिमांड के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम के द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। इस केस से जुड़े दस्तावेज, बैंक डिटेलर और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसकी पूछताछ की जाएगी और इस केस से जुड़े दस्तावेज, बैंक डिटेल और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

इसकी पूछताछ की जाएगी। एंटी करप्शन ब्यूरो हरियाणा के डीजी डॉक्टर ए.एस चावला ने भी आज एक पत्रकार वार्ता कर इसकी जानकारी दी थी। आईडीएफसी बैंक सेक्टर-32 जहां पर हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के 590 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की गई थी।

इस मामले में मास्टरमाइंड ऋषभ ऋषि और अभय से एंटी करप्शन ब्यूरो पूछताछ करेगी और 7 दिन के पुलिस रिमांड के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो के हाथ और क्या-क्या लगता है। यह देखने वाली बात होगी। 590 करोड़ रुपये के गबन मामले को लेकर आगामी जांच में किन-किन लोगों के नाम सामने आते हैं यह भी देखने वाली बात होगी।

मामले में बचाव पक्ष के वकील यवनित ढाकला ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से तीन आरोपियों की ओर से वह वकील हैं। उन्होंने बताया कि आईडीएफसी बैंक चंडीगढ़ में 590 करोड़ रुपये के गबन मामले को लेकर चार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है जहां पर कोर्ट ने सभी को 7 दिन का रिमांड दिया है।

उन्होंने यह भी बताया कि उनके क्लाइंट को गिरफ्तार करने से पहले कोई नोटिस या जानकारी नहीं दी गई और वहीं जहां पर उन्होंने 14 दिन का डिमांड मांगा था। उसे घटकर कोर्ट ने 7 दिन का कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार का कहना है कि जिन-जिन खातों में पैसा आया है। उन खातों का पैसा डायवर्ट किया गया है।

उनके फर्जी खाते खोले गए हैं। उन्होंने बताया कि अभिषेक सिंगला, अभय और स्वाति रिश्तेदार हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा दस्तावेज और रिकॉर्ड कलेक्ट करने का हवाला देखकर रिमांड मांगा गया था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, गिरफ्तार करने के पहले नोटिस दिए जाने चाहिए थे जो नहीं दिए गए।

नोटिस दिए जाने पर अपना पक्ष रख सकते थे। उन्होंने कहा कि हमने अपना पक्ष कोर्ट में रखा और कोर्ट ने 14 दिन की जगह 7 दिन का पुलिस रिमांड दिया है। 7 मार्च को दोबारा से कोर्ट में पेश किया जाएगा। एंटी करप्शन ब्यूरो ने किन-किन खातों में पैसा भेजा गया। उसकी जांच का हवाला देकर रिमांड मांगा गया है। सभी बैंक अकाउंट की डिटेल और दस्तावेज चेक किए जाएंगे।

 

 

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here