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  • संन्यास से पहले खत्म हुआ टीम इंडिया के 2 दिग्गजों का करियर! 

    संन्यास से पहले खत्म हुआ टीम इंडिया के 2 दिग्गजों का करियर! 

    नई दिल्लीः आईपीएल 2023 के लिए काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आज से महज 4 दिन बाद क्रिकेट का महाकुंभ यानि आईपीएल 2023 का पहला मैच खेला जाएगा। लेकिन इससे पहले बीसीसीआई ने टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों को बड़ा हिंट दिया है। अगर सीधे तौर पर कहें तो टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों का करियर खत्म हो सकता है। इस बात का संकेत बीसीसीआई ने दिया है। दरअसल बीसीसीआई ने कल देर शाम टीम इंडिया के लिए खेलने वाले प्लेयर्स का कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट जारी किया है। इस सूची में 26 खिलाड़ियों का नाम शामिल है। इस नए कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में कुछ खिलाड़ियों का प्रमोशन हुआ है, वहीं, कुछ प्लेयर्स डिमोट भी किए गए हैं। स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा अब ग्रेड A+ में शामिल हो गए हैं। ‘सर’ जडेजा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज में शानदार खेल दिखाया था और उनका पिछले साल भी जबरदस्त प्रदर्शन रहा था। इसके उलट केएल राहुल, शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ियों को इस बार झटका लगा है और वे डिमोट कर दिए गए हैं।

    कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे , ईशांत शर्मा को बाहर कर दिया गया है। दोनों को बाहर करके बीसीसीआई ने संकेत दे दिया है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी के दरवाजे उनके लिए बंद हो चुके हैं। 34 साल के ईशांत शर्मा ने अपना आखिरी मैच साल 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था, वहीं 34 वर्षीय अजिंक्य रहाणे साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद से टीम से बाहर हैं। भुवनेश्वर कुमार, हनुमा विहारी, दीपक चाहर और ऋद्धिमान साहा जैसे खिलाड़ियों को भी कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में जगह नहीं मिली है।

    ऋद्धिमान और हनुमा विहारी का तो समझ में आता है, लेकिन भुवनेश्वर और दीपक चाहर का लिस्ट से बाहर रहना चौंकाने वाला रहा। 33 साल के भुवनेश्वर ने पिछले साल वर्ल्ड कप में भी भाग लिया था, वहीं दीपक चाहर इंजरी के चलते काफी समय बाहर रहे हैं। भुवी को कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर करने का मतलब यह है कि बीसीसीआई अब युवा तेज गेंदबाजों को आजमना चाहता है। स्टार बल्लेबाज केएल राहुल को ग्रेड A से ग्रेड B में डिमोट करके बीसीसीआई ने भविष्य के संकेत दे दिए हैं। यदि केएल राहुल आने वाले समय में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं तो रहाणे, ईशांत और भुवी की तरह उनकी भी टीम के साथ-साथ सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से छुट्टी हो सकती है। केएल राहुल ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में संघर्ष करते दिखे थे, वहीं टी20 क्रिकेट में उनकी फॉर्म तो काफी गिर चुकी है।

    ग्रेड A+ में कप्तान रोहित शर्मा, पूर्व कप्तान विराट कोहली और इंजरी का सामना कर रहे तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने अपनी जगह बरकरार रखी है। बुमराह का ग्रेड A+ में बरकरार रहना हैरान करने वाला है क्योंकि वह काफी महीनों से क्रिकेटिंग एक्शन से दूर हैं और उनके आने वाले महीनों में भी मैदान पर लौटने की संभावना नहीं है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दीपक चाहर इंजरी के चलते कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर हुए हैं, ऐसे में बुमराह को किस आधार पर A+ में रखा गया है।

  • प्रेमिका संग शरीरिक संबंध बनाने दौरान हुआ कुछ ऐसा, लड़की की हुई मौत

    प्रेमिका संग शरीरिक संबंध बनाने दौरान हुआ कुछ ऐसा, लड़की की हुई मौत

    रामनगरः कर्नाटक के रामनगर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल संबंध बनाने के दौरान एक नाबालिग की मौत हो गई। बताया जा रहा हे कि नाबालिग की मौत अधिक रक्त स्त्राव के चलते हुई है। फिलहाल सूचना मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव पीएम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी और मृृतक लड़की के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था।

    घटना वाले दिन आरोपी लड़की को सुनसान जगह ले गया और शारिरिक संबंध बनाने का झांसा दिया था। संबंध बनाने के दौरान पीड़िता को अत्धित रक्तस्त्राव हुआ, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में कगलीपुरा पुलिस अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार, पॉक्सो और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के लिए मामला दर्ज किया है।

    पीड़िता और आरोपी दोनों कगलीपुरा के आस-पास के गांव के रहने वाले हैं। बताया जाता है कि दोनों को साथ में पढ़ाई के दौरान प्यार हो गया था। पीड़िता छात्रा थी, जबकि आरोपी कॉलेज ड्रॉपआउट है। पुलिस अधिकारी ने बताया, “आरोपी ने उसकी हत्या नहीं की है। आरोपी को जब मालूम हुआ कि लड़की की मौत हो गई है, आरोपी ने अपने दोस्तों से मदद मांगी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बेंगलुरु-मैसूरु रोड स्थित एक अस्पताल में भेज दिया गया है। हम मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।”

  • खालिस्तान समर्थक अमृतपाल की रिहाई की उठी मांग, दीवारों पर लिखे स्लोगन

    खालिस्तान समर्थक अमृतपाल की रिहाई की उठी मांग, दीवारों पर लिखे स्लोगन

    चंड़ीगढ़ः अमृतपाल की गिरफ्तारी को लेकर जगह-जगह पर छापेमारी की जा रही है। लेकिन अभी भी अमृतपाल सिंह पुलिस की गिरफ्त से दूर है। वहीं अमृतपाल सिंह की रिहाई को लेकर मांग उठनी शुरू हो गई है। देश-विदेश में खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल के हक में आवाज उठा रहे हैं। इसी बीच चंडीगढ़ में सेक्टर 33/45 की डिवाइडिंग रोड पर दीवार पर ‘फ्री अमृतपाल’ के स्लोगन लिखे गए हैं। चंडीगढ़ युवा दल के प्रेसिडेंट विनायक बंगिया ने ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस भी ऐसे शरारती तत्वों की पहचान में जुट गई है।

    बता दें कि चंडीगढ़ में G20 मीटिंग व मौजूदा हालातों को लेकर सुरक्षा के लिहाज से चंडीगढ़ पुलिस की संवेदनशील जगहों पर सर्च जारी है। इसके बावजूद शहर में इस प्रकार अमृतपाल सिंह के समर्थन में स्लोगन लिखा गया है। इससे पहले हाल ही में पिछले महीने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के दिन सेक्टर 9 न्यू सेक्रेट्रिएट की बिल्डिंग के बोर्ड पर खालिस्तान समर्थन में नारे लिखे गए थे। यहां पर इंग्लिश और हिंदी में चंडीगढ़ सेक्रेट्रिएट और चंडीगढ़ सचिवालय पर कालिख पोत दी गई।

  • पंजाबः फिरोजपुर की केंद्रीय जेल एक बार फिर आई सुर्ख़ियों में, देखें वीडियो 

    पंजाबः फिरोजपुर की केंद्रीय जेल एक बार फिर आई सुर्ख़ियों में, देखें वीडियो 

    फिरोजपुरः  फिरोजपुर की केंद्रीय जेल से एक मामला समाने आया है जहां पर किसी दवाई की ओवरडोज के कारण हवालाती का स्वास्थ खराब होेने के कारण उस हवालाती को अस्पताल में लाया गया। फिरोजपुर केंद्रीय जेल में एक हवालाती जेल के अंदर ही कीसी दवाई की ओवरडोज के कारण हालात खराब होने के कारण इस हवालाती को फरीदकोट के मैडिकल अस्पताल में रैफर किया गया। वहीं हवालाती अमरजीत सिंह से बात की गई तो उसकी हालात ठीक न थी। उसने बताया की वह 2021 से जेल में बंद है। 

    डाक्टर कारज ने बताया की केंद्रीय जेल से अमरजीत को लाया गया है जिसकी हालत ठीक नहीं है किसी दवाई या किसी चीज की ओवरडोज हुई है इसे फरीदकोट को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।

  • जालंधरः अस्पताल से हवालाती हुआ फरार, मचा हड़कंप

    जालंधरः अस्पताल से हवालाती हुआ फरार, मचा हड़कंप

    जालंधर, वरुण/हर्ष: सिविल अस्पताल से बड़ी ख़बर सामने आई है। जहां थाना 6 की पुलिस 5 आरोपियों का मेडिकल करवाने आई थी। इस दौरान एक आरोपी वहां से भाग गया। इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि उक्त फरार आरोपी लूट के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस सिविल अस्पताल में उसका मेडिकल करवाने के लिए लाई थी और इस दौरान आरोपी अस्पताल के एक्स-रे रूम से फरार हो गया। आरोपी की पहचान सोनू निवासी बस्ती शेख के रूप में हुई है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोनू को लूट के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा चार और अपराधी भी पकड़े हुए थे। सभी को पुलिस मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल में लेकर गई थी। वहीं लूट का आरोपी सोनू पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो गया। सोनू जिसे पुलिस ने स्नैचिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया था पेशेवर अपराधी है। सोनू के खिलाफ चोरी, नशा तस्करी से लेकर छीनाझपटी के कई मामले दर्ज हैं। सिविल अस्पताल के एक्स-रे विभाग में जिस वक्त सोनू फरार हुआ उस वक्त वहां पर भीड़ ज्यादा थी। सोनू ने भीड़ का फायदा उठाया और फरार हो गया। पुलिस ने सोनू को पकड़ने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

  • एक अप्रैल से बदल जाएगा इनकम टैक्स भरने का तरीका

    एक अप्रैल से बदल जाएगा इनकम टैक्स भरने का तरीका

    नई दिल्ली: अगर आप हरसाल आईटीआर फाइल करते हैं तो आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक है। आपको एक अप्रैल से इनकम टैक्स भरने के तरीकों में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं क्योंकि एक अप्रैल से इनकम टैक्स के इन 9 बड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इनकम टैक्स स्लैब में आयकर छूट की सीमा में भी बदलाव हो सकते हैं। नई आयकर व्यवस्था डिफॉल्ट के रूप में कार्य करेगी। कुछ टैक्स पेयर्स अभी भी ओल्ड टैक्स रिजीम का विकल्प करने में भी सक्षम होंगे।

    इन बातों का रखें विशेष ध्यान

    • सरकार बजट 2020-21 में एक वैकल्पिक आयकर व्यवस्था लाई थी, जिसके तहत व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) पर कम दरों पर टैक्स लगाया जाना था, यदि वे विशेष छूट और कटौती का लाभ नहीं उठाते थे, जैसे कि मकान किराया भत्ता (एचआरए), होम लोन पर ब्याज, धारा 80C, 80D और 80CCD के तहत किए गए निवेश. इसके तहत 2.5 लाख रुपये तक की कुल आय टैक्स फ्री थी।
    • अब कर छूट की सीमा को 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 7 लाख रुपए कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि जिस व्यक्ति की आय 7 लाख रुपए से कम है, उसे छूट का दावा करने के लिए कुछ भी निवेश करने की आवश्यकता नहीं है और पूरी इनकम टैक्स फ्री रहेगा। चाहे कितना भी निवेश किया गया हो।
    • ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत कर्मचारियों को प्रदान की जाने वाली 50000 रुपए की मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पेंशनरों के लिए, वित्त मंत्री ने स्टैंडर्ड डिडक्शन के लाभ को नई कर व्यवस्था में विस्तारित करने की घोषणा की है। 15.5 लाख रुपए या उससे अधिक आय वाले प्रत्येक वेतनभोगी व्यक्ति को 52,500 रुपए का लाभ होगा।
    • गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टी नकदीकरण एक निश्चित सीमा तक छूट प्राप्त है. यह सीमा 2002 से 3 लाख रुपए थी और अब इसे बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया गया है।
    • 1 अप्रैल से डेट म्यूचुअल फंड में निवेश पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स के तौर पर टैक्स लगेगा. इस कदम से निवेशकों को लॉग टर्म टैक्स छूट से वंचित होना पड़ेगा, जिसने इस तरह के निवेश को लोकप्रिय बना दिया था।
    • 1 अप्रैल के बाद मार्केट लिंक्ड डिबेंचर (एमएलडी) में निवेश शॉर्ट टर्म कैपिटल एसेट होगी। इससे पहले के निवेश की ग्रैंडफादरिंग खत्म हो जाएगी और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री पर इसका थोड़ा नकारात्मक असर होगा।
    • 5 लाख रुपए के वार्षिक प्रीमियम से अधिक जीवन बीमा प्रीमियम से आय नए वित्तीय वर्ष से यानी 1 अप्रैल 2023 से टैक्स के दायरे में होगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2023 पेश करते हुए यह भी घोषणा की कि यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान) पर नया आयकर नियम लागू नहीं होगा।
    • सीनियर सिटीजंस बचत योजना के लिए अधिकतम जमा सीमा 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए कर दी जाएगी। मासिक आय योजना के लिए अधिकतम जमा सीमा एकल खातों के लिए 4.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 9 लाख रुपए और संयुक्त खातों के लिए 7.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी जाएगी।
    • बजट 2023 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा थी कि अगर फिजिकल गोल्ड को इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रसीद (ईजीआर) में बदला जाता है और इसके विपरीत कोई कैपिटल छूट टैक्स योग्य नहीं होगी. यह नियम 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी होगा।

    नई हैं टैक्स दरें

    • 0-3 लाख – शून्य
    • 3-6 लाख – 5%
    • 6-9 लाख- 10%
    • 9-12 लाख – 15%
    • 12-15 लाख – 20%
    • 15 लाख से ऊपर- 30%
  • पंजाबः हमलावारों ने तेजधार हथियार से युवक पर किया हमला, कटा अंगूठा

    पंजाबः हमलावारों ने तेजधार हथियार से युवक पर किया हमला, कटा अंगूठा

    पटियालाः सब डिविजन पातड़ा के अधीन आते खानेवाला बस स्टैंड पर कुछ लोगों ने एक युवक तेजधार हथियार से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान युवक का अंगूठा कट गया। हमले में घायल गुरविंदर सिंह निवासी गांव कल्लरभैनी को पहले पातड़ा के सेहत केंद्र अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे पटियाला के राजिंदरा अस्पताल भेज दिया गया। चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर के चलते पीजीआई रेफर कर दिया।

    पीड़ित गुरविंदर सिंह के पिता कर्मा गिर ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका बेटा अपने दोस्त सन्नी के साथ बाइक से गांव खानेवाला बस स्टैंड के पास से गुजर रहा था। जहां बिना नंबर प्लेट वाली कार से आए आरोपियों ने गुरविंदर को घेर लिया। इसी बीच कुछ और बाइक पर सवार आरोपी भी आ गए और इन लोगों ने तेजधार हथियार से गुरविंदर पर हमला कर दिया। इसी दौरान आरोपियों ने गुरविंदर को पकड़ने के बाद आरोपी ने तेजधार हथियार से उसका अंगूठा काट दिया। इतना ही नहीं आरोपी जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया।

    कर्मा गिर ने बताया कि कुछ दिन पहले गांव के युवकों के बीच झगड़ा हुआ था। उक्त हमलावरों के विरोधी गुट के एक युवक के साथ उसका पुत्र गुरविंदर भी था, हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। उसके बयान के मुताबिक बेटे ने बताया कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं और उस पर हमला कर सकते हैं। उसने अपने बेटे को हिदायत दी थी कि वह किसी से झगड़ा न करे। लेकिन हमलावारों ने बेटे को अकेला देख उस पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने गुरविंदर के बयान पर आरोपी अमनदीप सिंह निवासी कल्लरभैनी, प्रेम सिंह निवासी देवगढ़, अंग्रेज सिंह निवासी गांव हरियाउ खुर्द पतन और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उधर, थानाध्यक्ष पातड़ा हरमनप्रीत सिंह चीमा ने कहा कि वह मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं और जल्द ही कथित दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • पंजाबः परिवहन विभाग ने दिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के आदेश, ना मानने पर होगी कार्रवाई

    पंजाबः परिवहन विभाग ने दिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के आदेश, ना मानने पर होगी कार्रवाई

    मोहालीः पंजाब सरकार और परिवहन विभाग पिछले कई सालों से वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सरकार द्वारा लोगों को कई अवसर भी दिए जा चुके हैं। अब स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पंजाब की ओर से फाइनल नोटिस जारी कर 30 जून तक आखिरी तारीख दी गई है। इसके बाद राज्य सरकार के ट्रैफिक विभाग व ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा चालान मुहिम शुरू की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा लोगों को इस बारे में जागरूक भी किया जा रहा है। नोटिस में एसटीसी ने कहा है कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 50 के अनुसार सभी श्रेणी के वाहनों (दोपहिया, तिपहिया, लाइन मोटर वाहन, यात्री कार, भारी वाणिज्यिक वाहन, ट्रैक्टर आदि) के लिए एचएसआरपी फिट करवाना जरूरी है।

    जानकारी के अनुसार एचएसआरपी फिटमेंट के लिए लंबित पंजीकृत वाहनों की सूची वेबसाइट www.punjabtransport.org पर उपलब्ध है। विभाग द्वारा अंतिम समय तक दिए गए आदेश की पालना नहीं करने की स्थिति में ऐसे सभी वाहनों को वेब एप्लीकेशन में चालान और ब्लैक लिस्ट कर दिया जायेगा। इसके अलावा बिना HSRP वाले अन्य वाहन जो उपरोक्त सूची में नहीं दिए गए है, उनके लिए चालान अभियान चलाया जायेगा। जानकारी के अनुसार हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट न लगवाने पर मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 177 के तहत अपराध माना जाएगा। जिसके तहत पहली बार 2 हजार रुपये और उसके बाद 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

  • पंजाबः SHO पर लगा 10 हजार जुर्माना, जानें मामला

    पंजाबः SHO पर लगा 10 हजार जुर्माना, जानें मामला

    लुधियाना: सूचना के अधिकार कानून तहत जानकारी मुहैया न कराने पर पंजाब राज्य सूचना आयोग ने लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट में शिमलापुरी थाना प्रभारी पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माने की रकम को उसके वेतन से काटने संबंधी पुलिस कमिश्नर लुधियाना को लिखित में आर्डर जारी किए गए हैं। इसके साथ ही थाना प्रभारी को 27 मार्च के दिन आयोग के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया है। जनकपुरी निवासी शिकायतकर्ता दविंदर शर्मा बिट्टा ने बताया कि ढाई साल पहले उन्होंने एक व्यक्ति के खिलाफ उन्हें ब्लैकमेल करने के आरोप में थाना शिमला पुरी पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी। मगर पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। उसी बीच पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल द्वारा शुरू की गई मुहिम नो यूअर केस के तहत उन्हें थाना शिमलापुरी में आयोजित शिविर में बुलाया गया।

    बुलाने से पहले उन्हें बताया गया कि आपके केस का निपटारा कर दिया जाएगा। दविंदर शर्मा का आरोप है कि वह समय पर थाने पहुंच गया। मगर वहां पहुंच कर उन्हें पता चला कि पुलिस ने उनकी शिकायत गवां दी है। आरोप यह भी है कि उन्हें एक घंटे तक बैठा कर इंतजार करवाया गया। जब दविंदर ने उसका विरोध किया तो इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार और थाने के मुंशी ने उनके साथ बदसलूकी की। दविंदर शर्मा ने बताया कि 31 दिसंबर 2021 को उन्होंने अपनी शिकायत पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी मांगने के लिए आरटीआई के तहत एक आवेदन दायर किया था, लेकिन एसएचओ ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। जिसके बाद 7 जून 2022 को वो पंजाब राज्य सूचना आयोग पहुंचे और मामले में अपील दायर की। 

    आयोग के तलब करने पर भी जानकारी नहीं दी गई तो आयोग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी के खिलाफ उक्त आर्डर जारी किए। उसी बीच दविंदर शर्मा को पता चला कि पुलिस ने अपने डेली डायरी रजिस्टर में कुछ फर्जी एंट्रियां डाल दी थीं। जिसके अनुसार बार-बार बुलाने पर भी दविंदर शर्मा थाने में पेश नहीं हुए। मगर उन्हें थाने बुलाने के लिए जारी किए गए समन पेश करने में पुलिस विफल रही। दविंदर शर्मा ने कहा कि उन्होंने उसी थाने में एसएचओ और मुंशी द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने उस शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं की।

  • बड़ा खुलासा! दीप सिद्धू ने मौत से पहले ब्लॉक किया था अमृतपाल का नंबर, जाने मामला

    बड़ा खुलासा! दीप सिद्धू ने मौत से पहले ब्लॉक किया था अमृतपाल का नंबर, जाने मामला

    चंडीगढ़ः पूरे देश में पुलिस खालिस्तानी समर्थक संगठन वारिस पंजाब दे के मुखिया अमृतपाल सिंह की खोज में जुटी हुई है। हालांकि अमृतपाल अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर है। इल पूरे मामले में हाल ही में एक बड़ी जानकारी सामने निकलकर आ रही है। मशहूर पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू के भाई मनदीप ने सबसे पहले वारिस पंजाब दे संगठन का रजिस्ट्रेशन करवाया था। लेकिन जब पुलिस ने दीप सिद्धू के घरवालों से बातचीत की तो उन्होंने अमृतपाल सिंह को इस संगठन के उत्तराधिकारी के रूप में पहचानने से साफ इनकार कर दिया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक अमृतपाल सिंह एक अन्य संगठन ‘वारिस पंज-आब दे’ बनाने जा रहा था, जो कि असली ‘वारिस पंजाब दे’ से मिलता जुलता था। अमृतपाल का मकसद इसके पीछे एक्टर दीप सिद्धू की पॉपुलेरिटी क इस्तेमाल करने का था। यह कदम अमृतपाल ने तब उठाया था जब कि वह असली वारिस पंजाब दे संगठन का कंट्रोल नहीं ले पाया था। यह बात कट्टरपंथी उपदेशक के खिलाफ हुई पुलिस की कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों से बता चला है। बता दें कि दीप सिद्धू का फरवरी 2022 में एक कार एक्सिडेंट में मौत हो गई थी। इससे पहले उसने अमृतपाल का नंबर अपने फोन में ब्लॉक कर रखा था।