Home Health Health Tips: बारिश के मौसम में बढ़ जाता है आई फ्लू का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के आसान तरीके

Health Tips: बारिश के मौसम में बढ़ जाता है आई फ्लू का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के आसान तरीके

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Health Tips: बारिश के मौसम में बढ़ जाता है आई फ्लू का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के आसान तरीके
Health Tips: बारिश का मौसम जहां लोगों को गर्मी से राहत और सुकून देता है, वहीं इस मौसम में कई तरह की बीमारियों और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। इन्हीं में से एक है कंजंक्टिवाइटिस (आई फ्लू)। हर साल मानसून के दौरान इसके मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलती है। अस्पतालों और क्लीनिकों में इस मौसम में आंखों के लाल होने, पानी आने, जलन और खुजली जैसी समस्याओं से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ी हुई नमी, वायरस और बैक्टीरिया का तेजी से फैलना तथा गंदगी के संपर्क में आने से यह संक्रमण अधिक फैलता है। क्या होता है कंजंक्टिवाइटिस कंजंक्टिवाइटिस, जिसे आम भाषा में आई फ्लू कहा जाता है, आंख की उस पतली झिल्ली में होने वाली सूजन है जो आंख के सफेद हिस्से और पलकों के अंदरूनी भाग को ढकती है। यह संक्रमण मुख्य रूप से तीन कारणों से हो सकता है
  • वायरल संक्रमण
  • बैक्टीरियल संक्रमण
  • एलर्जी
इस बीमारी में आंखें लाल हो जाती हैं, पानी आने लगता है और कई बार आंखों में चिपचिपा पदार्थ भी जमा होने लगता है। बच्चों में ज्यादा तेजी से फैलता है संक्रमण बच्चों में आई फ्लू का खतरा अधिक रहता है क्योंकि वे बार-बार अपनी आंखों को छूते या मलते हैं। स्कूलों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर यह संक्रमण एक बच्चे से दूसरे बच्चे में आसानी से फैल सकता है। आई फ्लू के प्रमुख लक्षण
  • आंखों का लाल होना
  • आंखों से लगातार पानी आना
  • खुजली और जलन होना
  • आंखों में चुभन महसूस होना
  • पलकों में सूजन आना
  • आंखों से चिपचिपा पदार्थ निकलना
  • तेज रोशनी से परेशानी होना
  • आंखों में भारीपन महसूस होना
ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। मानसून में क्यों बढ़ता है आई फ्लू बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इसके अलावा कई अन्य कारण भी संक्रमण को बढ़ावा देते हैं।
  1. बढ़ी हुई नमी
नमी वाले वातावरण में सूक्ष्म जीव अधिक समय तक जीवित रहते हैं और तेजी से फैलते हैं।
  1. गंदे पानी का संपर्क
बारिश का पानी, धूल और प्रदूषण आंखों में जाकर संक्रमण और जलन पैदा कर सकते हैं।
  1. भीड़भाड़ वाले स्थान
स्कूल, ऑफिस, बाजार और सार्वजनिक परिवहन जैसी जगहों पर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बीमारी तेजी से फैल सकती है।
  1. संक्रमित वस्तुओं का उपयोग
तौलिया, रूमाल, तकिया या आंखों से जुड़ी अन्य वस्तुएं साझा करने से भी संक्रमण फैल सकता है। आई फ्लू से बचाव के आसान उपाय विशेषज्ञों के अनुसार कुछ सावधानियां अपनाकर इस संक्रमण से काफी हद तक बचा जा सकता है। हाथों की सफाई रखें दिनभर में हम कई बार अनजाने में अपने चेहरे और आंखों को छूते हैं। ऐसे में हाथों पर मौजूद बैक्टीरिया और वायरस आंखों तक पहुंच सकते हैं। इसलिए साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोना बेहद जरूरी है। आंखों को बार-बार न छुएं बिना वजह आंखों को छूने या रगड़ने से बचें। ऐसा करने से संक्रमण एक आंख से दूसरी आंख में फैल सकता है और समस्या बढ़ सकती है। व्यक्तिगत सामान साझा न करें तौलिया, रूमाल, तकिया, आई मेकअप और चश्मा जैसी चीजें किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें। साफ पानी से आंखों की सफाई करें अगर आंखों में जलन या धूल चली जाए तो साफ और ठंडे पानी से आंखों को धो लें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी रखें संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब जाने से बचें और आंखों को साफ रखें। कब डॉक्टर से संपर्क करें यदि आंखों की लालिमा लगातार बढ़ रही हो, तेज दर्द हो, धुंधला दिखाई दे रहा हो या आंखों से ज्यादा चिपचिपा पदार्थ निकल रहा हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए।  

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