घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीमें मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार सड़क को पूरी तरह बहाल होने में कम से कम दो से 3 घंटे का समय लग सकता है। हालांकि पहाड़ी की स्थिति और मौसम को देखते हुए इसमें और समय भी लग सकता है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि लोग जोखिम उठाकर मलबे के पास न जाएं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में लगातार हो रही बारिश और पहाड़ों में बढ़ी नमी के कारण इस क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी की जाए और स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया, “जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। फिलहाल चैलचौक–पंडोह मार्ग को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है और सड़क सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा।” उपायुक्त ने यात्रियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है।पहाड़ों से गि*रा मलबा, बाल-बाल बची यात्रियों से भरी बस, मचा ह ड़कं*प, pic.twitter.com/zvEN44lg9J
— Encounter India (@Encounter_India) January 24, 2026