वर्तमान में प्रेम आश्रम में 91 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से 25 बच्चे हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से प्रायोजित हैं। आश्रम ने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए लगातार प्रयासरत है और प्रशासन भी इस दिशा में अपनी पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे संस्थानों को हरसंभव सहायता दी जाएगी, ताकि दिव्यांग बच्चों का भविष्य उज्जवल और सुरक्षित किया जा सके। इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी अनीता शर्मा, प्रेम आश्रम की प्रबंधक और अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।