फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां आग बुझाने के लिए तुरंत पहुंचीं, लेकिन वे इसे काबू नहीं कर पाए। इसके बाद एयरफोर्स ने जंगल के मुश्किल हिस्सों में लगी आग बुझाने के लिए अपने ‘एमआई-17’ और ‘चिनूक’ हेलीकॉप्टर लगाए. आग बुझाने के लिए चंडीगढ़ की सुखना लेक से भी पानी लाया गया। अधिकारियों ने बताया कि आखिरी खबर मिलने तक आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी थीं। एक और घटना में शिमला के पास रझाना गांव में भी जंगल में आग लगने की खबर है। फॉरेस्ट और फायर डिपार्टमेंट की टीम आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंच गई है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में तापमान बढ़ने की वजह से ही जंगल में आग लगी है। शिमला के रझाना क्षेत्र में भी मंगलवार को जंगल में लगी भीषण आग ने इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तारा देवी क्षेत्र से फैलती हुई आग करीब 12 बजे रझाना तक पहुंच गई, जहां तेज हवाओं के चलते लपटें रिहायशी इलाकों के बेहद करीब पहुंचने लगीं। स्थिति गंभीर होती देख स्थानीय लोगों ने खुद ही मोर्चा संभाला और घरों तक पहुंचने से पहले रोका. महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग तक आग बुझाने के प्रयास में लगे रहे। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द राहत और दमकल सहायता पहुंचाने की मांग की है, ताकि आग को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। शिमला के रही है रामपुर के ननखड़ी के पुनन गांव के सामने भी जंगल में आग लगी है और दो दिनों से बेकाबू आग की वजह से हर तरफ धुआं और दहशत फैली हुई है। उधर, हमीरपुर जिले के चबूतरा के जंगलों में 6 दिन से भीषण आग लगी है औऱ यहां पर भारी तबाही हुई है। आग की चपेट में आकर सैकड़ों स्लीपर और हरे-भरे पेड़ जल गए हैं और करोड़ों की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। दमकल विभाग ने आग बुझाने की कोशिशें की हैं, लेकिन नाकाम रही हैं।