दूसरे हादसे में गाड़ी पूरी तरह से डैमेज हो गई। दोनों घटनाओं को देखकर हर किसी के रौंगटे खड़े हो रहे है। लगातार हो रही लैंडस्लाइड से आने वाले समय में पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो सकता है। बता दें कि मणिकर्ण घाटी में पर्यटन कारोबार की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन बार-बार हो रहे लैंडस्लाइड के चलते यहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैलानियों की परेशानी भी बढ़ गई है। जिससे पर्यटन कारोबार के बुरी तरह से प्रभावित होने के आसार नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि मणिकर्ण-बरशैणी सड़क मार्ग से ही विदेशी सैलानियों की पसंद खीर गंगा, मानतलाई ट्रैकिंग रूट, तोष, कालका, पुलगा आदि स्थल आते हैं, लेकिन सड़क बंद होने के चलते सैलानी अब यहां आने से भी डर रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया था कि वह पार्वती नदी पर एक वैली ब्रिज बनाएं, ताकि अगर पहाड़ी से लैंडस्लाइड के कारण सड़क बंद होती है तो लोग इस ब्रिज के जरिए मणिकर्ण की ओर जा सकें। मगर इस ओर प्रशासन ने अभी कोई ध्यान नहीं दिया है। पूर्व जिला परिषद सदस्य रेखा गुलेरिया ने बताया, “पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन की समस्या को लेकर सरकार, प्रशासन और विभाग से कई बार आग्रह कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जब तक पहाड़ी दरकने से रुक नहीं जाती है, तब तक यहां एक वैली ब्रिज बनाया जाना चाहिए। जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।”View this post on Instagram