Blog

  • फरीदाबाद में नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल रैकेट का पर्दाफाश, मैनेजर गिरफ्तार

    फरीदाबाद में नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल रैकेट का पर्दाफाश, मैनेजर गिरफ्तार

    चंडीगढ़: हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने फरीदाबाद में फार्मास्युटिकल-ग्रेड के नकली रसायनों के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने कहा है कि जब्त की गई खेप यदि तय सीमा से अधिक दूषित पाई जाती है, तो यह जानलेवा साबित हो सकती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बुधवार को बताया कि ‘प्रोपिलीन ग्लाइकोल’ (Propylene Glycol) का उपयोग कफ सिरप और अन्य कई दवाओं के निर्माण में बड़े पैमाने पर एक ‘एक्सिपिएंट’ (घटक) के रूप में किया जाता है, जिसके कारण मरीजों की सुरक्षा के लिए इसकी गुणवत्ता और शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है।

    डॉ. मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के मार्गदर्शन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. मनोज कुमार और राज्य औषधि नियंत्रक रिपन मेहता के नेतृत्व में नकली व मिलावटी दवाओं के निर्माण, वितरण और बिक्री के खिलाफ विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) नीति के तहत की गई है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि विभाग की जानकारी के अनुसार, भारत में किसी स्थापित निर्माता के ब्रांड नाम का उपयोग करके फार्मास्युटिकल-ग्रेड प्रोपिलीन ग्लाइकोल की कथित रूप से री-पैकेजिंग (पुनः पैकिंग) और जालसाजी का यह पहला मामला है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रोपिलीन ग्लाइकोल में डाईएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) या एथिलीन ग्लाइकोल (EG) की मिलावट हाल के महीनों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई मौतों से जुड़ी रही है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद में नामी ‘मनाली’ ब्रांड नाम के तहत नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल बेचे जाने की एक ख़ास शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, फरीदाबाद की एफ़डीएअधिकारियों की टीम ने सेक्टर-69, IMT, फरीदाबाद स्थित ‘मेसर्स कोकना एशिया इंग्रेडिएंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ (M/s Kokana Asia Ingredients Private Limited) के परिसर पर छापेमारी की।

    अधिकारियों ने बताया कि जांच में री-पैकेजिंग के एक कथित गड़बड़ी का खुलासा हुआ, जिसमें इंडस्ट्रियल-ग्रेड (औद्योगिक श्रेणी) के प्रोपिलीन ग्लाइकोल को ‘मेसर्स मनाली पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड’ के लेबल और मार्किंग वाले ड्रमों में भरकर, नामी निर्माता के असली उत्पाद के रूप में बेचा जा रहा था। छापेमारी दल ने फॉर्म-16 के तहत प्रोपिलीन ग्लाइकोल के 42 ड्रम, चीन निर्मित इंडस्ट्रियल-ग्रेड प्रोपिलीन ग्लाइकोल के खाली ड्रम, एक ट्रांसफर पंप, मनाली पेट्रोकेमिकल्स के नाम वाले सीलिंग कवर और सीलिंग वायर जब्त किए हैं, जबकि प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए फॉर्म-17 के तहत एक नमूना (सैंपल) लिया गया है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 24,83,250 रुपये है।

    डॉ. मिश्रा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि नमूने को यह जांचने के लिए भेजा गया है कि कहीं इसमें तय सीमा से अधिक डाईएथिलीन ग्लाइकोल या एथिलीन ग्लाइकोल की अशुद्धियां तो नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की मिलावट से गंभीर विषाक्तता पैदा हो सकती है, जिसमें किडनी का अचानक खराब होना (एक्यूट किडनी इंजरी) और तंत्रिका तंत्र संबंधी (न्यूरोलॉजिकल) जटिलताएं शामिल हैं, जो विशेष रूप से बच्चों और अन्य संवेदनशील मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।

    नकली और मिलावटी दवाओं के निर्माण एवं बिक्री के प्रथम दृष्टया सबूतों का हवाला देते हुए अधिकारियों ने पुष्टि की कि फर्म के मैनेजर को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम अदालत में पेश किया गया है।

  • शिक्षा और बिजली विभागों को कर्मचारियों की मांगों के समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए: हरपाल सिंह चीमा

    शिक्षा और बिजली विभागों को कर्मचारियों की मांगों के समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए: हरपाल सिंह चीमा

    चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री तथा कर्मचारियों के मुद्दों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट उप-कमेटी के चेयरमैन हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां शिक्षा विभाग की सात तथा बिजली विभाग की दो यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने शिक्षा और बिजली विभागों को व्यापक निर्देश जारी करते हुए कहा कि अधिकारियों की गठित समिति के माध्यम से सेवा संबंधी मामलों तथा वित्त कमेटी के माध्यम से वित्तीय मुद्दों की समीक्षा में तेजी लाई जाए, ताकि जल्द से जल्द ठोस और क्रियान्वयन योग्य प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा सकें।

    शिक्षा क्षेत्र की यूनियनों के साथ हुई बैठकों में, जिनमें शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी शामिल हुए, 3704 अध्यापक यूनियन की मांगों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 9 जुलाई को गठित उच्च स्तरीय समिति—जिसमें वित्त विभाग, कार्मिक विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारी तथा यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हैं—को अपनी औपचारिक सिफारिशें शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

    ईटीटी टैट पास टीचर्स एसोसिएशन द्वारा उठाई गई वित्तीय चिंताओं पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वित्त तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यूनियन नेताओं के साथ तुरंत संयुक्त बैठक करें, ताकि सभी जायज शिकायतों के समाधान के लिए उपयुक्त प्रस्ताव तैयार किए जा सकें।

    शिक्षा कर्मियों के साथ संवाद को और मजबूत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने यूनाइटेड फिजिकल एजुकेशन यूनियन तथा पुनर्बहाल कच्चे अध्यापक यूनियन के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और स्कूल शिक्षा विभाग को उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए प्रशासनिक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    आर्ट एंड क्राफ्ट अध्यापकों के 250 पदों पर भर्ती संबंधी चिंताओं पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब सरकार इसका प्रभावी समाधान निकालने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।” उन्होंने यूनियन नेतृत्व से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट मांगपत्र सौंपने की अपील भी की, ताकि शीघ्र, निष्पक्ष और निर्णायक समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

    इसके बाद पावरकॉम और ट्रांसको के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की समन्वय समिति के साथ हुई बैठक में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे विभागीय अनुबंधों के तहत लाने की सरकार की चल रही पहल से आपकी अधिकांश समस्याएं स्वतः ही हल हो जाएंगी।”

    पावरकॉम आउटसोर्स स्पॉट बिलिंग मीटर रीडर यूनियन के साथ बैठक करते हुए वित्त मंत्री ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के अधिकारियों को उनकी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने तथा आवश्यक आधिकारिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।

    इन व्यापक बैठकों में विभिन्न कैडरों का प्रतिनिधित्व करने वाले यूनियन प्रतिनिधिमंडलों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 3704 अध्यापक यूनियन की ओर से हरजिंदर सिंह, राजेश्वर राय, जगजीवनजोत सिंह और राजन सैनी शामिल हुए। ईटीटी टेट पास टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल में कमल ठाकुर, सोहन सिंह, गुरप्रीत सिंह, गौरव कांत और गुरमुख सिंह शामिल थे। लखवीर सिंह और मनदीप सिंह ने यूनाइटेड फिजिकल एजुकेशन यूनियन का प्रतिनिधित्व किया, जबकि विकास साहनी, लखविंदर कौर, अमनदीप कौर, गुरप्रीत सिंह और जसविंदर कौर ने पुनर्बहाल कच्चे अध्यापक यूनियन की ओर से अपने मुद्दे रखे।

    आर्ट एंड क्राफ्ट वर्ग का प्रतिनिधित्व रोजगार ड्राइंग मास्टर संघर्ष कमेटी से संदीप सिंह, बी.एड. पीएसटेट-2 पास आर्ट एंड क्राफ्ट बेरोजगार अध्यापक यूनियन से रणजीत सिंह, आर्ट एंड क्राफ्ट टेट पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन से हरजिंदर सिंह तथा बेरोजगार पीएस टैट पास आर्ट एंड क्राफ्ट संघर्ष यूनियन से राकेश कुमार ने किया।

    बिजली क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडलों में पीएसपीसीएल और पीएसटीसीएल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी की ओर से बलिहार सिंह, गुरविंदर सिंह, जगरूप सिंह, हरजीत सिंह और गुरप्रीत सिंह शामिल हुए, जबकि लखविंदर सिंह तथा गुरविंदर सिंह काहलों ने पावरकॉम आउटसोर्स स्पॉट बिलिंग मीटर रीडर यूनियन का प्रतिनिधित्व किया।

     

  • मेरी रसोई राशन किटों के वितरण का आंकड़ा 33 लाख से पार

    मेरी रसोई राशन किटों के वितरण का आंकड़ा 33 लाख से पार

    लुधियाना 3.86 लाख से अधिक राशन किटों के वितरण के साथ पहले स्थान पर, अमृतसर 2.66 लाख किटों के वितरण के साथ दूसरे और पटियाला 2.37 लाख के आंकड़े के साथ तीसरे स्थान पर रहा

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार द्वारा राज्य के पिछड़े वर्गों के परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अपनी राशन किट वितरण अभियान ‘मेरी रसोई’ में तेजी लाई गई है, जिसके तहत लगभग 33.86 लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक तिमाही अर्थात 3 महीने बाद पंजाब भर में कुल 40.48 लाख पात्र परिवारों को राशन किट प्रदान करना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के नेतृत्व में इस पहल के तहत राशन किटों का वितरण मिशन मोड पर किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को एक राशन किट मिलेगी, जिसे एक परिवार की खाद्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। इस किट में मासिक खपत के लिए दो किलोग्राम दाल, दो किलोग्राम चीनी, एक किलोग्राम नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल शामिल है। ये राशन किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पात्र लाभार्थियों को पहले से ही वितरित की जा रही गेहूं के अतिरिक्त प्रदान की जा रही हैं। ये राशन किट मार्कफेड द्वारा तैयार की जाती हैं, जबकि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा राज्य भर में वितरण नेटवर्क की निगरानी की जाती है। अब तक वितरित की गई 33.86 लाख राशन किटों में से, लुधियाना 386692 किटों के वितरण के साथ अग्रणी रहा, जबकि अमृतसर 266112 किटों के वितरण के साथ दूसरे स्थान पर, पटियाला 237320 किटों के वितरण के साथ तीसरे स्थान पर, गुरदासपुर 209040 किटों के वितरण के साथ चौथे स्थान पर, जालंधर 195614 किटों के वितरण के साथ पांचवें स्थान पर और बठिंडा 194449 किटों के वितरण के साथ छठे स्थान पर है। इसी प्रकार फाजिल्का में 165364 राशन किटों का वितरण किया गया, संगरूर में 166102 राशन किटें, होशियारपुर में 184140, तरन तारन में 161253, श्री मुक्तसर साहिब में 142995, फिरोजपुर में 129673, मोगा में 123321, मानसा में 100371, कपूरथला में 90616, फतेहगढ़ साहिब में 81867, फरीदकोट में 82808, साहिबजादा अजीत सिंह नगर में 91991, पठानकोट में 89596, रूपनगर में 91469, बरनाला में 68592, मालेरकोटला में 55400 और शहीद भगत सिंह नगर में 71614 राशन किटें वितरित की गई हैं। इन राशन किटों के वितरण का उद्देश्य मुख्य अनाज को आवश्यक प्रोटीन, खाना पकाने के तेल एवं मसालों में शामिल करना है, जिससे योजना के अंतर्गत आने वाले परिवारों के लिए बेहतर पौष्टिक आहार सुनिश्चित किया जा सकेगा। वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, दोहरी एंट्री को रोकने एवं सुचारू डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए कड़ी नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग एवं स्थानीय अधिकारियों द्वारा इस योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए समन्वय के साथ काम किया जा रहा है। यह योजना प्रत्येक पात्र परिवार के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मौजूदा एनएफएसए गेहूं वितरण में इन राशन किटों को शामिल करके, भूखमरी एवं पोषण दोनों मुद्दों का समाधान किया जा रहा है।  
  • करूणामूलक नीति के तहत नियुक्त जेओए (आई.टी.) प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट की

    करूणामूलक नीति के तहत नियुक्त जेओए (आई.टी.) प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट की

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज यहां करूणामूलक रोजगार नीति के तहत निदेशालय भर्ती, हिमाचल प्रदेश में नियुक्त जेओए (आई.टी) के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की और उन्हें नियुक्ति प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उन्हें सम्बन्धित कार्यालय में तैनाती शीघ्र प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बारे में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

  • प्रदेश में तीन वर्षों में खनिजों से प्राप्त राजस्व में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरीः मुख्यमंत्री

    प्रदेश में तीन वर्षों में खनिजों से प्राप्त राजस्व में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरीः मुख्यमंत्री

    खनिजों के दोहन के दौरान पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करें

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रदेश में खनिजों के दोहन से प्राप्त राजस्व में लगभग 70 प्रतिशत की बढ़ौतरी दर्ज की गई है। आज यहां उद्योग विभाग के तहत खनन विंग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में मुख्य खनिज और लघु खनिजों से 200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ जोकि वर्ष 2025-26 में बढ़कर 340 करोड़ रुपये हो गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती राज्य पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड द्वारा हिमाचल से परिवहन होने वाले लघु खनिजों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया, जिससे प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से खनिजों के बाहर भेजने की मात्रा में कमी होने के कारण राजस्व प्राप्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने विभाग को इस मामले को पड़ोसी राज्यों से विधिपूर्वक उठाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से केन्द्र सरकार ने चूना पत्थर की रॉयल्टी की दरें संशोधित नहीं की हैं, इससे राज्य की राजस्व प्राप्ति पर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अपना वाजिब हक प्राप्त करने के लिए इस मामले को प्रमुखता से उठायेगा। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रदेश में खनिजों का दोहन वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलने चाहिए तथा प्राकृतिक संसाधनों का दोहन निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुरूप ही किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन गतिविधियों के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों, नालों, वनों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे और पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। खनन केवल चिन्हित क्षेत्रों में ही किया जाए तथा संबंधित एजेंसियां नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि सभी गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हों।

    हिमाचल प्रदेश की नाजुक पारिस्थितिकी और प्राकृतिक धरोहर का संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने खनन कार्यों से जुड़े सभी हितधारकों से पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने तथा सतत एवं जिम्मेदार खनन को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खनिजों के दोहन से संबंधित सभी गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाए, ताकि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, सचिव पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व जलवायु परिवर्तन डॉ. सुशील कुमार सिंगला, निदेशक उद्योग विवेक भाटिया, संयुक्त सदस्य सचिव हिमकोस्ट डॉ. सुरेश चन्द अत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • Punjab News: पेट्रोल बम हमले में पुलिस का एक्शन, 3 आरोपी गिरफ्तार

    Punjab News: पेट्रोल बम हमले में पुलिस का एक्शन, 3 आरोपी गिरफ्तार

    पटियालाः जिले के अबचल नगर में घर के बाहर पेट्रोल बम धमाके को लेकर पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित 3 दोषियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई 2026 की मध्य रात्रि को बाइक सवार युवकों ने अबचल नगर निवासी परमिंदर सिंह उर्फ रूबल के घर में आग लगाने के इरादे से पेट्रोल बम फेंका था। इस दौरान आरोपियों ने बीयर की बोतल में पेट्रोल भरकर और कपड़े की बत्ती लगाकर इसे मुख्य गेट पर फेंका था।

    जिससे तेज धमाका हुआ और आग की लपटें उठीं। इस मामले में थाना अनाज मंडी में केस दर्ज किया गया था। जांच के लिए टीमें बनाई गईं जिन्होंने खुफिया जानकारी और तकनीकी विश्लेषण से आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी हरविंदर सिंह उर्फ जोनी, हरसजीत सिंह उर्फ हर्ष और परमेसर उदे प्रताप सिंह उर्फ उदे शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह वारदात रंजिश के चलते अंजाम दी गई थी। पुलिस ने आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद की है। पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड है। उनके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश और लूट के मामले दर्ज हैं।

  • Punjab News: 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों क्लर्क गिरफ्तार

    Punjab News: 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों क्लर्क गिरफ्तार

    होशियारपुरः पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान, ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा कार्यालय, हाजीपुर, जिला होशियारपुर में तैनात क्लर्क गगन को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए आज यहां स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गांव सुल्तानपुर जिला मलेरकोटला के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

    उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने अपनी पत्नी, जो गांव सहौरा, ब्लॉक हाजीपुर, जिला होशियारपुर के सरकारी एलिमेंट्री स्कूल में एक ईटीटी अध्यापिका है, के लिए चाइल्ड केयर लीव संबंधी बीपीईओ कार्यालय हाजीपुर में संपर्क किया था। बीपीईओ कार्यालय में, वह आरोपी क्लर्क से मिला, जिसने बाद में शिकायतकर्ता से फोन कॉल के माध्यम से संपर्क किया और उसकी पत्नी की चाइल्ड केयर लीव मंजूर करवाने के बदले 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने संबंधी बातचीत रिकॉर्ड कर ली।

    शिकायतकर्ता गैर-कानूनी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने विजिलेंस ब्यूरो रेंज जालंधर से संपर्क किया। उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी क्लर्क को दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया और उसके कब्जे से रिश्वत के पैसे बरामद किए। इस संबंध में, आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो के थाना जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और इस मामले की अगली जांच जारी है।

  • Punjab News: 23 वर्षीय नौजवान का बेरहमी से कत्ल, परिवार ने पुलिस पर लगाए आरोप

    Punjab News: 23 वर्षीय नौजवान का बेरहमी से कत्ल, परिवार ने पुलिस पर लगाए आरोप

    मुक्तसर: जिले के गांव मिड्डूखेड़ा में पुरानी रंजिश के चलते 23 वर्षीय युवक संदीप सिंह उर्फ बबलू की लोहे की रॉड और डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है। परिवार के मुताबिक, संदीप सिंह को गांव की नहर के पास अकेला घेरा हुआ था। आरोप है कि जगदीश राम, अजय कुमार, पवन और 5 अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने लोहे की रॉड और डंडों से उस पर बेरहमी से हमला किया। मृतक संदीप के भाई जगदीप सिंह ने बताया कि जब वह भागकर नहर के पास पहुंचे तो हमलावर उसे डंडे से पीट रहे थे। जिसके बाद वह उसे उठाकर अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल में आज उसकी मौत हो गई।

    परिवार का आरोप है कि घटना को लेकर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। परिवार ने कहा कि जब तक हमें इंसाफ नहीं मिलता, हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। संदीप के दूसरे भाई लवप्रीत सिंह का कहना है कि हमलावर उसे पिछले कई दिनों से धमकियां दे रहे थे। मेरे भाई पर 24 घंटे नजर रखी जा रही थी। इन लोगों ने उसे नहर पर घेरकर मार दिया। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय हमारे ऊपर दबाव बना रही है। मृतक की मां बलविंदर कौर और परिवार की महिलाओं ने आरोप लगाया कि हमलावरों को सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े स्थानीय नेताओं की सुरक्षा मिली हुई थी। इस राजनीतिक रंजिश के कारण पुलिस गिरफ्तारी से बच रही है। वह सरेआम धमकी देता था कि वह बबलू को पीट-पीटकर मार देगा। हम इंसाफ चाहते हैं।

    जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, हम लाश का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। घटना के बाद गांव में भारी तनाव है और पीड़ित परिवार के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए हैं। परिवार ने पोस्टमार्टम के बाद भी लाश लेने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। परिवार ने पोस्टमार्टम के बाद भी लाश लेने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

     

  • संत रविदास का संदेश समाज को जोड़ने और समानता स्थापित करने का सबसे बड़ा आधार

    संत रविदास का संदेश समाज को जोड़ने और समानता स्थापित करने का सबसे बड़ा आधार

    चंडीगढ़: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बुधवार को पानीपत में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी भारतीय संत परंपरा के महान संत, समाज सुधारक, कवि तथा निर्गुण भक्ति आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। उन्होंने ऐसे समय में समाज को प्रेम, समानता, भाईचारे, सेवा और मानवता का संदेश दिया, जब जाति-पांति, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव अपने चरम पर था। संत रविदास ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज को नई दिशा दी और उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे।

    उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास की पवित्र कलश यात्रा वाराणसी से प्रारंभ हुई है और देश के संगठन के तौर पर 27 जिलों से होकर गुजर रही है। यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि संत रविदास जी के विचारों, सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक राष्ट्रीय अभियान है। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि यात्रा जहां-जहां पहुंच रही है, वहां समाज के सभी वर्गों द्वारा इसका भव्य स्वागत किया जा रहा है।

    30 जुलाई को यह पवित्र कलश यात्रा गुरुग्राम के सरहौल बॉर्डर पर पहुंचेगी, जहां प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, संत समाज तथा विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा इसका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके उपरांत कलश को गुरुग्राम स्थित श्री शीतला माता मंदिर में स्थापित किया जाएगा, जहां श्रद्धालु दर्शन एवं पूजन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी आस्था को सम्मान देने के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को भी मजबूत करेगी।

    हरियाणा सरकार संतों एवं महापुरुषों की विरासत को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में कुरुक्षेत्र के उमरी में लगभग 5 एकड़ भूमि पर 124 करोड़ रुपए की लागत से गुरु रविदास धाम का निर्माण कराया जा रहा है। यह धाम आने वाली पीढिय़ों के लिए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक प्रेरणा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां संत रविदास जी के जीवन, उनके दर्शन और सामाजिक संदेश को व्यापक रूप से संरक्षित एवं प्रसारित किया जाएगा। कृष्ण लाल पंवार ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के प्रेम, समानता, भाईचारे, सेवा, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को अपने जीवन में अपनाएं।

    संत रविदास का जन्म लगभग 15वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी के निकट सीर गोवर्धनपुर में हुआ माना जाता है। उनके पिता का नाम संतोक दास (रघु) तथा माता का नाम करमा देवी था। उन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि मनुष्य की महानता उसके विचारों, कर्मों और सेवा भावना से तय होती है। मंत्री ने कहा कि संत रविदास जी की वाणी में प्रेम, करुणा, समानता और मानव कल्याण की भावना स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग केवल सच्चे कर्म, विनम्रता और निष्काम भक्ति है। उन्होंने लोगों को बाहरी आडंबर छोडक़र सत्य, सेवा और सदाचार का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी।

    पंवार ने कहा कि 20 फरवरी को संत रविदास जी की जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे, जो आगे तक जारी रहेंगे। संत रविदास ने बेगमपुरा नामक एक आदर्श समाज की परिकल्पना की थी। बेगमपुरा का अर्थ है ऐसा नगर, जहां कोई दुख, भय, अन्याय, भेदभाव, कर या शोषण न हो। वहां सभी लोग समान अधिकारों के साथ सम्मान पूर्वक और सुख पूर्वक जीवन व्यतीत करें। आज भी सामाजिक न्याय और समानता की चर्चा होती है तो संत रविदास जी की बेगमपुरा की परिकल्पना सबसे बड़ी प्रेरणा के रूप में सामने आती है। पत्रकार वार्ता के दौरान मंत्री ने संत रविदास के प्रसिद्ध वचनों का भी उल्लेख किया। मन चंगा तो कठौती में गंगा आज भी लोगों को यह संदेश देता है कि यदि मन पवित्र है तो ईश्वर की प्राप्ति कहीं भी संभव है।

  • तहसीलदार विक्रम सिंगला का कोर्ट से मिला इतने दिनों का पुलिस रिमांड, देखें वीडियो

    तहसीलदार विक्रम सिंगला का कोर्ट से मिला इतने दिनों का पुलिस रिमांड, देखें वीडियो

    पंचकूलाः पलर्स ग्रुप जुड़ी प्रतिबंधित जमीन की रजिस्ट्री के मामले में हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा राई पुरानी के पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगल को एक बार फिर गिरफ्तार किया है कार्रवाई के बाद उन्हें पंचकूला के सेक्टर 6 नागरिक अस्पताल में मेडिकल करवाने के बाद कोर्ट में पेश किया गया जहां पर कोर्ट ने आरोपी विक्रम सिंगल का दो दिन का पुलिस रिमांड दिया है
     
    View this post on Instagram
     

    A post shared by Encounter News (@encounter.news)

    जांच में सामने आया है कि पर्ल्स ग्रुप (PACL) से संबंधित जिन संपत्तियों को निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित लोढ़ा और सेन समितियों द्वारा अटैच किया गया था, उन पर बिक्री और हस्तांतरण पर पहले से रोक दर्ज थी। रायपुररानी तहसील के राजस्व रिकॉर्ड में वर्ष 2016 और 2019 में इस संबंध में स्पष्ट प्रतिबंध दर्ज होने के बावजूद कथित रूप से जमीन की रजिस्ट्रियां और अन्य राजस्व प्रक्रियाएं पूरी की गईं। एसीबी का आरोप है कि प्रतिबंधित भूमि के रिकॉर्ड में बदलाव कर जमीन के लेन-देन को अंजाम दिया गया, जिससे मामले में आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार की आशंका बनी। इस प्रकरण में पहले भी कई एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और जांच अभी जारी। कोर्ट में पेश करने के बाद पूर्व तहसीलदार को 2 दिन के रिमांड पर दिया गया है और दो दिन के रिमांड के दौरान पूर्व तहसीलदार से एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा पूछताछ की जाएगी।