Bank Loan चुकाने के लिए 17 % ब्याज पर लिए थे 4 Crore, फाईनैंसरों ने बना दिया 14 करोड़
जालंधर (ens) : मॉडल टाऊन में स्थित करोड़ों रुपयों की विवादित प्रॉपर्टी का विवाद दिन प्रतिदिन गर्माता जा रहा है। इस मामले में आज दोपहर पंजाब प्रैस क्लब में राजन सिद्दू द्वारा फाईनैंसर विनोद अरोड़ा तथा डा. जश्निव कपूर के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मॉडल टाउन में उनका प्लाट नंबर 714 का बैंक लोन चुकाने के लिए 2022 में 17 प्रतिशत ब्याज पर सवा तीन करोड़ रुपये दोनों से लिए थे और जो पैसा लिया उससे प्लाट में बिल्डिंग बनानी शुरु कर दी थी।
अब बिल्डिंग को तीन साल हो चुके हैं और बिल्डिंग की कीमत दोगुनी हो चुकी है। इसी लालच में बिल्डिंग पर कब्जा करने की नीयत से मेरे ऊपर दबाव बनाया जा रहा है। जिसमें बीती 27 अगस्त को जब मैं बिल्डिंग में गया तो कुछ लोगों ने मेरे ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। मगर इस मामले में अभी तक पुलिस ने कोई कारवाई नहीं की है।
राजन सिद्दू ने कहा कि जब लोन की रकम ली थी तो उसके एवज में गारंटी के लिए फाईनैंसर अरोड़ा तथा डा. कपूर ने विश्वास से एक रजिस्ट्री करवाई थी जिसे रकम वापिस मिलने पर कैंसल करना था। इसी के चलते मेरे कजन ने मेरी फाईनैंशल मदद की और सारी रकम लौटाने के लिए टेबल टाक की मगर उस दौरान उन्होंंने मुझे नए मामले में उलझा दिया और रकम लेने से इंकार कर दिया।
अब वही 4 करोड़ के ब्याज डाल कर 14 करोड़ रुपये बना दिया है, जोकि सीधेतौर पर मेरे साथ ब्लैकमेलिंग की जा रही है कि मैं दबाव में आकर अपनी जमीन इन्हे दे दूं। राजन सिद्दू ने यह भी आरोप लगाया कि डा. कपूर तथा फाईनैंसर अरोड़ा बहुत शातिर हैं और ये दोनों इसी तरह लोगों को अपने जाल में फंसा कर उनकी प्रॉपर्टी पर कब्जा करते हैं। एक अन्य पीड़ित ने कहा कि वह जल्द ही इसका खुलासा करेगा।
इस मामले में फाईनैंसर अरोड़ा से उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया गया। मगर उन्होंने कहा कि वह कहीं व्यस्त हैं कल अपना पक्ष रखेंगे और डा. कपूर ओप्रेशन करने में व्यस्त थे। जिस कारण उनका पक्ष भी नहीं मिल पाया। दोनों के पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।




जय राम ठाकुर ने कहा कि इस आपदा में सरकार अपने काम से ज्यादा राजनीति कर रही है और मुख्यमंत्री का सारा ध्यान आपदा प्रभावितों को राहत देने की बजाय केंद्र सरकार को कोसने में लगा हुआ है। आपदा की मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी निभाने की वजह सोशल मीडिया में क्या चल रहा है इसकी बात कर रहे हैं। इस आपदा में बहुत नुकसान हुआ है और लोगों को जल्दी से जल्दी राहत पहुंचाने के लिए सरकार को अपने प्रयासों को और तेज करना होगा। 2023 की आपदा हमने कोई सबक नहीं लिया। पिछली आपदा के बाद यदि हमने प्रभावी कदम उठाए होते और बहुत सारे चिन्हित स्थानों पर काम किया होता तो आपदा के नुकसान को कुछ कम किया जा सकता था। दो साल से जहां कट लगे हैं वहीं लगे पड़े हैं, जहां मलबा पड़ा हुआ है वहीं पड़ा है। 2 साल से सरकार ने बहुत सारी जगह की कोई सुध ही नहीं ली।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार यह बताएं कि आपदा में उसने क्या किया? आपदा से निपटने की पहली जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। हर काम के लिए केंद्र सरकार को कोसना कहां तक सही है? राज्य सरकार द्वारा जो भी कहा जा रहा है, केंद्र द्वारा तत्काल वह सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मणि महेश यात्रा में भी लोगों को निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर जी जान से जुटे है। केंद्र सरकार ने पिछली बार भी प्रदेश की पूरी मददकी। 05 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक सहायता प्रदेश को की गई। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सभी सांसदों के साथ मैं भी केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर हिमाचल की ज्यादा से ज्यादा सहायता करने और बार-बार आ रही आपदा के अध्ययन की गुजारिश की है। सरकार बताएं क्या 2023 में केंद्र सरकार द्वारा दी गई धनराशि आपदा प्रभावितों और आपदा से निपटने के इंतजामों के ऊपर ही खर्च की गई है? यह राजनीति का नहीं आपदा से निपटने और आपदा प्रभावितों को ज्यादा से ज्यादा और जल्दी से जल्दी मदद करने का समय है।इस मौके पर उनके साथ भाजपा के नेता महेश्वर सिंह, मंत्री गोबिंद ठाकुर, बंजारा विधायक सुरेंद्र शौरी, बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी, कुल्लू भाजपा प्रत्याशी नरोत्तम ठाकुर समेत अन्य स्थानीय नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।






