वीर शहीदों को अर्पित किए श्रद्धासुमन, शहीद परिवारों को किया सम्मानित
ऊना,सुशील पंडित: कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रेस क्लब हरोली द्वारा टाहलीवाल स्थित प्रेस क्लब भवन में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों के अदम्य साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हीरेमठ ने की। इस अवसर पर कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों के परिजनों को शॉल, हिमाचली टोपी, पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान घायल हुए ब्यास देव को भी सम्मानपूर्वक आमंत्रित कर उनका अभिनंदन किया गया।
इस दौरान अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ ने कारगिल के वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों का त्याग सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों का धैर्य, साहस और त्याग भी उतना ही गौरवपूर्ण एवं सम्माननीय है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
साथ ही, पुलिस अधीक्षक ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को लगभग 100 पौधों का वितरण किया गया तथा सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया गया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि हिमोत्कर्ष के प्रदेश अध्यक्ष जतिंद्र कंवर ने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने और शहीदों के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

टाहलीवाल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस देश के वीर सैनिकों के शौर्य, साहस और समर्पण को नमन करने का पावन अवसर है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग का दायित्व है कि वह शहीद परिवारों के सम्मान और सहयोग के लिए सदैव आगे आए तथा नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करे।
इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शहीदों की गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ उनमें देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करते हैं। समारोह के दौरान क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया तथा पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम में शहीद जोगिंदर सिंह (हरोली), शहीद परमवीर सिंह (बीटन), शहीद संजीव कुमार (दुलेहड़), शहीद हरमेश सिंह (बीड़दवाल), शहीद बुट्टा राम (बीटन) तथा शहीद कुलिंद्र सिंह (बीटन) के परिजनों ने अपनी गरिमामयी उपस्थित ।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष निरंजना राणा, प्रेस क्लब हरोली के मुख्य संरक्षक दिनेश गौतम, अध्यक्ष नारायण प्रभाकर, महासचिव नवीन महेश, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्वनी प्रभाकर, उपाध्यक्ष नितिश शर्मा, वरिष्ठ सदस्य राजीव राणा, कार्यालय सचिव सुलिंदर चौपड़ा, प्रेस सचिव पंकज चौपड़ा, कार्यकारी सदस्य विकास कोंडल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, पत्रकार एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।





मिंजर जैसे मेले हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने के साथ-साथ एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज से नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे के विरूद्ध हमें मिलकर अपने युवाओं की रक्षा करनी होगी और नशामुक्त हिमाचल का निर्माण करना होगा। उन्होंने इस दिशा में चंबा पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।
राज्यपाल ने चंबा की विश्वप्रसिद्ध पारंपरिक हस्तकलाओं, जिनमें चंबा रूमाल, चंबा चप्पल और चंबा थाल शामिल हैं, का उल्लेख करते हुए उन शिल्पकारों की प्रशंसा की जो जिले की समृद्ध कलात्मक विरासत को संरक्षित रखने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इससे पूर्व, कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने चंबा के कारगिल शहीदों आशीष थापा, खेम राज और ओम प्रकाश को पुष्पांजलि अर्पित की तथा उपस्थित जनसमूह को राष्ट्र के वीर सैनिकों के आदर्शों और बलिदान को सदैव स्मरण रखने एवं उनका सम्मान करने की शपथ दिलाई।
उन्होंने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों तथा वीरता पुरस्कार प्राप्त सैन्य कर्मियों के परिजनों को भी सम्मानित किया। इनमें सेवानिवृत्त कर्नल रवि वैद्य, विद्या देवी, मुशरबू देवी, सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर अशोक कुमार, हवलदार मिलाप सिंह, हेम राज, हवलदार सुशील कुमार, हवलदार करण सिंह, अश्वनी कुमार तथा हवलदार धर्मपाल शामिल थे। राज्यपाल ने मिंजर ध्वज फहराकर मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर अजीत भट्ट एवं उनकी मंडली ने पारंपरिक कुंजड़ी-मल्हार की प्रस्तुति दी। यह मंडली पिछले 32 वर्षों से इस विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन कर रही है।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, विधायक नीरज नैयर एवं डी.एस. ठाकुर, एपीएमसी अध्यक्ष ललित ठाकुर, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, नगर परिषद चंबा की अध्यक्षा भुवनेश्वरी गुलाटी, जिला परिषद के उपाध्यक्ष लियाकत अली, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव यशवंत खन्ना, अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।




