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  • श्रीहरि ओम योगा सोसाईटी ने वीर सावरकर जयन्ती पर किया किशेष योग शिविर का आयोजन

    श्रीहरि ओम योगा सोसाईटी ने वीर सावरकर जयन्ती पर किया किशेष योग शिविर का आयोजन

    बददी / सचिन बैंसल : बद्दी की योग में अग्रणी सामाजिक संस्था श्रीहरि ओम योगा सोसाईटी ने वीरसावरकर जयन्ती के उपलक्ष्य पर विशेष योग शिविर का आयोजन किया । जिसमें किशोर योगा एकेडमी के संचालक किशोर ठाकुर ने विश्व योग दिवस प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया । उन्होंने कहा कि यह अभ्यासक्रम आठ वर्ष से लेकर अस्सी वर्ष तक की आयु को ध्यान में रखकर डिजाईन किया गया है । जिसे सभी बडी ही आसानी से कर सकते हैं और अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाकर जीवन भर सुखी और स्वास्थ जीवन यापन कर सकते हैं । उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त जीवन शैली में हर व्यक्ति तनाव और स्ट्रेस से ग्रसित है जिसके कारण युवा अवस्था में ही लोगों को आर्ट स्ट्रोक हो रहे हैं और कई बार तो स्टेज पर डांस करते हुए अथवा ट्रेड मिल पर व्यायाम करते हुए हार्ट अटैक के कारण मृत्यु हो रही है । इसलिए साधारण योगासन और प्राणायाम से इन सभी प्रकार की लाईफ स्टाईल बिमारियों से बच सकते हैं । उन्होंने कहा कि इस वर्ष 21 जून को पूरे विश्व में नौवां अर्न्तराष्ट्रीय योग दिवस बडी धूम धाम के साथ मनाया जा रहा है जिसमें बीबीएम क्षे़त्रा हर घर तक हमें योग के प्रकाश को पहुंचाना है ।

    योग सत्रा के उपरान्त आये हुए सभी स्वास्थ्य साधकों ने सर्व प्रथम वीरसावरकर की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए तथा उन्हें श्रद्वांजलि दी। श्रीहरि ओम योगा सोसाईटी के महामन्त्राी कुलवीर सिंह आर्य ने वीर सावरकर की जयन्ती के अवसर पर कि वीर सावरकर ने ही राष्ट्रध्वज तिरंगे के बीच में धर्मचक्र लगाने का सर्वप्रथम सुझाव दिया था, जिसे राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद ने मान्य किया । उन्होंने कहा कि वह एक ऐसे क्रांतिकारी नेता थे जिन्होंने राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का चिंतन किया, वे एक ऐसे प्रथम राजनीतिक बंदी थे, जिन्हें विदेशी (फ्रांस) भूमि पर बंदी बनाने के कारण हेग के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामला पहुंचा और बंदी जीवन समाप्त होते ही उन्होंने अस्पृश्यता आदि कुरीतियों के विरुद्व आंदोलन शुरू किया ।

    श्रीहरि ओम योगा सोसाईटी के अध्यक्ष डा़ श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि वीर सावरकर पहले ऐसे भारतीय विद्यार्थी थे, जिन्होंने इंग्लैंड के राजा के प्रति वफादारी की शपथ लेने से मना कर दिया था, वे पहले ऐसे भारतीय राजनीतिज्ञ थे जिन्होंने सर्वप्रथम विदेशी वस्त्रों की होली जलाई । और ऐसे पहले स्नातक थे, जिनकी स्नातक की उपाधि को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण अंग्रेज सरकार ने उनकी डिग््री को वापस ले लिया । उन्होंने कहा कि ऐसे वीर पुरूष और स्वतन्त्राता सेनानीयों की जीवन गाथायें हमें आने वाली पीढियों को अवश्य पढनी चाहिए जिससे उनके अंदर आजादी की सही किमत सदैव जिन्दा रहे । इस अवसर पर योगा सोसाईटी कार्यकर्ताओं सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों के इलावा सैकडों गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।

  • बद्दी विश्वविद्यालय में नये सत्रा 2023-24 के प्रोस्पेक्ट का अनावरण

    बद्दी विश्वविद्यालय में नये सत्रा 2023-24 के प्रोस्पेक्ट का अनावरण

    यूनिर्वसीटी डीन डा. रवनीश मिश्रा और परीक्षा नियंत्राक डा. गीना शर्मा विशेष तौर पर रहे उपस्थित

    बददी / सचिन बैंसल : रवीवार को बद्दी विश्वविद्यालय में नये सैक्षणिक सत्रा 2023-24 के प्रोस्पैक्ट का अनावरण सेमीनार हॉल में किया गया । जिसमें डीन डा. रवनीश मिश्रा, परीक्षा नियंत्राक डा. गीना शर्मा, फेकल्टी अलका शर्मा, अनुपमा, अनिता, भूपिन्द्र, देवेन्द्र चौधरी सहित आस पास की आधा दर्जन पंचायतो के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए । आये हुए सभी अतिथियों को बद्दी विश्वविद्यालय की ओर से सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया । 

    कार्यक्रम के दौरान डा. रवनीश मिश्रा ने 2023-24 सत्रा की जानकारी देते हुए कहा कि हमारी यूनिवर्सीटी हिमाचल की पहली नीजि संस्थाओं में से एक है और पिछले 20 वर्षों से लगातार नये आयाम स्थापित कर रही है । उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रा के दूर दराज इलाके में पढ रहे विद्यार्थीयों को उच्च शिक्षा प्रदान करना है । हमारा लक्ष्य उनके सपनों को पूरा करना है । उन्होंने कहा कि हमारा छात्रा ही हमारा किंग है । यहां पर सरकार द्वारा प्रायोजित सभी प्रकार की स्कालरशिप छात्रों को प्रदान की जाती है इसके इलावा बी.टेक इलैक्ट्रीकल स्ट्रीम के विद्यार्थीयों को विशेष तौर पर एक वर्ष की स्टडी के उपरान्त ही बददी की विभिन्न कम्पनियों में हर महीने 15 दिन का व्यावहारिक ज्ञान के साथ साथ ट्रेनिंग भी उपलब्ध करवाई जाती है । जिसके बदले में उन्हें अच्छा स्टाईफंड तो मिलता ही है साथ में डिग्री पूरी करने के प्श्चात् तीन वर्ष का अच्छा खासा अनुभव भी हासिल होता जाता है जोकि अनके कैरियर में मील का पत्थर साबित होता है । उन्होंने कहा कि हिमाचल में ड्रग पार्क और डिवाईस पार्क आने से अगले चार-पंाच वर्षों में नौकरियां  का पिटारा खुलने वाला है उसी के मद्देनजर यहां पर अनेक प्रकार के कोर्स संचालित किए  जा रहे हैं । इस दौरान द्वितिय व तृतीय वर्ष के छात्रों ने भी अपने अनुभव सांझा किए ।

    स्थानीय प्रचायत प्रतिनिधि के सवाल पुछने पर कि क्या यहां की पंचायत के निवासियों के बच्चों को फीस में कोई विशेष प्रकार की छुट का प्रावधान किया गसा है, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि किसी भी बच्चे की अनुशंसा करते हैं तो प्रशासन की ओर से विशेष छुट दी जा सकती है बशर्ते बच्चों में अपने विषय के प्रति गहरी लग्न और पढ़ने की गम्भीरता हो ।

  • 56 पात्र विधवा महिलाओं को 1.26 लाख रुपए का निशुल्क राशन वितरित 

    56 पात्र विधवा महिलाओं को 1.26 लाख रुपए का निशुल्क राशन वितरित 

    राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने द्वीप प्रजवल्लित कर कार्यक्रम की शुरुआत

    ऊना/ सुशील पंडित : हिमोत्कर्ष अमोदनी राशन वितरण प्रकल्प के तहत बेसहारा महिलाओं को स्थानीय बचत भवन में राशन वितरण किया गया। कार्यक्रम में 56 पात्र विधवा महिलाओं को 1.26 लाख रुपए का निशुल्क राशन वितरित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत की। जबकि एसडीएम ऊना विश्व मोहन चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने द्वीप प्रजवल्लित करके कार्यक्रम की शुरुआत हुई। राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने कहा कि हिमोत्कर्ष परिषद समाज सेवा के विभिन्न प्रकल्पों को चला रही है। उन्होंने दान की महत्ता बताते हुए लोगों को दान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि दान करने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतरों के पाप कट जाते है। मनुष्य को अपने साम्मथ्र्य के अनुसार दान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने अन्न दान को सर्वोत्तम दान बताया। उन्होंने कहा कि अगर मनुष्य किसी भूखे को रोटी,प्यासे को पानी तथा नंगे को कपड़े दान करता है तो उसे घर बैठे ही 68 तीर्थो की यात्रा का फल मिलता है। 
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम ऊना विश्व मोहन चौहान ने हिमोत्कर्ष के सेवा कार्यो की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विधवा महिलाओं के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है। वहीं जिला प्रशासन ऊना ने भी चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से विधवा महिलाओं के कल्याण के लिए योजनाएं शुरू की है। उन्होंने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के साथ जुडऩे का भी आहवान किया। 
    हिमोत्कर्ष प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र कंवर ने कहा कि राशन वितरण कार्यक्रम के तहत इस वर्ष 56 मेहनतकश विधवाओं का चयन किया गया था। जिन्हें एक वर्ष के लिए परिषद द्वारा हर माह 750 रुपए का राशन दिया जाना है। इसी प्रकल्प के तहत रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में अप्रैल, मई व जून माह के राशन के रुप में प्रत्येक महिला को 2250 रुपए का राशन प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि हिमोत्कर्ष परिषद का यह प्रकल्प 11वें वर्ष में ंप्रवेश कर रहा है। इससे पहले परिषद ने पिछले दस सालों में 575 महिलाओं को करीब 40 लाख रुपए का राशन वितरित किया है। जितेंद्र कंवर ने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। महिलाओं का शिक्षित व आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है। जितेंद्र कंवर ने कहा कि ये प्रकल्प संस्था के दानी सज्जनों के सहयोग से चल रहा है। जिसके लिए दानवीर सज्जनों का संस्था आभार जताती है। कार्यक्रम का मंच संचालन करते हुए कर्णपाल सिंह मनकोटिया ने हिमोत्कर्ष संस्था के अन्य सामाजिक कार्यो के बारे में भी जानकारी दी। 

    इन्होंने दिया सहयोग

    राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज, पूर्व विधायक ओपी रत्न,रविंद्रनाथ डोगरा, ओंकारचंद शर्मा, जितेंद्र कंवर,रमा कंवर, डा.जगदीश्वर कंवर, दीपशिखा कौशल, अवतार सिंह सैणी, राजेंद्र शर्मा, पूजा कपिला, मनोज कुमार, मनोज कंवर, कल्याण चंद, शिव शशि कंवर, अक्षय कौशल, विजय कुमार आंगरा, विजय लखनपाल, शशि शर्मा, कुलदीप सिंह दयाल, यशपाल सिंह ठाकुर, प्राण शर्मा ट्रस्ट, कर्णपाल सिंह मनकोटिया, रविंद्र मेहता, रेणू मेहता, शेषपाल सिंह, जयगोपाल शर्मा, नरेंद्रजीत सिंह राणा, रामनारायण, बाल किशन शर्मा, डा. जागृति दत्ता, बीके धीमान, कृष्णपाल सूद, कमला देवी, ज्योति लुंबा, रजनीश लुंबा,रोशनलाल शर्मा ट्रस्ट,प्रवीण बाला, एचएन सेठी, सुरेंद्र कपिला, रेखा जसवाल, दर्शन सिंह, इंद्रजीत सिंह, महिंद्र वर्मा, अजय शर्मा,मेघा ओहरी,मीनाक्षी सिंह,संदीप महाजन, मीना शर्मा, गायत्री शर्मा, सुरेश शर्मा, सतीश शर्मा, सविता कौशल, सुरेश शर्मा, सोमनाथ कौशल, अवतार सैणी, राजपाल रत्न, संजीव कौल, शकुतंला देवी, दीपम सैणी, अमित अरोड़ा, राजकंवल सिंह,कर्नल तरसेम सिंह जसवाल,डा.इंदु शर्मा, डा. शिवपाल कंवर, कृष्णपाल शर्मा, सतीश लटठ व अन्य दानी सज्जनों ने संस्था को अमोदनी प्रकल्प में आर्थिक सहयोग किया है।
    कार्यक्रम में हिमोत्कर्ष महासचिव डा.रविंद्र सूद,ठाकुर यशपाल सिंह,नरेश सैणी,जिलाध्यक्ष कर्णपाल मनकोटिया, डा. शिवपाल कंवर,  डा. जगदीश्वर कंवर, शिव शशि कंवर,सुरेश शर्मा,पूजा कपिला,मंजू मनकोटिया, केपी सूद,डा.सतीश शर्मा,अशोक ऐरी,रमा कंवर, अजय ठाकुर,वीके धीमान, एमएम गर्ग, मुनिंद्र अरोड़ा, मनमीत सिंह,निशांत चौधरी,मीना ठाकुर,रंजू देवी,राज कुमार पठानिया,रविंद्र डोगरा,विजय साहनी, रजनीश लूंबा, रजनीश डोगरा, सरदार ज्ञान सिंह, ईशान ऐरी, सतीश, रंजीत, सुधीर चौधरी, अशोक कुमार, राजन पुरी, दीपक, सिम्मी चौधरी,सुरेश कुमार शर्मा,राघव शर्मा, नरेंद्रजीत राणा, सहित अन्य लोग उपस्थित थे। 
  • राजपुर जस्वां में कुल देवी मां के दरबार में लगा संगतो का मेला 

    राजपुर जस्वां में कुल देवी मां के दरबार में लगा संगतो का मेला 

    ऊना/सुशील पंडित : ऊना के तहत अम्व क्षेत्र में  पड़ती जसवाल गोत्र कुल देवी माता व नाग देवता मंदिर राजपुर जस्वां मे  दो दिवसीय   धार्मिक समागम का आयोजन आज सम्पन्न हो गया । इस मौके पर  देहरिया जसवाल परिवार कमेटी के प्रतिनिधियों मस्तान सिंह , तरसेम जसवाल, रमेश जस्वाल व जरनेल सिंह, संजीव कुमार, कमल जसवाल, यश जसवाल, संजय जसवाल, नीलम सिंह समेत अन्य मेंबर उपस्थित रहे।  धार्मिक समागम में   कुल देवी का श्रृंगार किया गया  व माता का जागरण करवाया गया। झंडे की रस्म के बाद विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।  इस धर्मिक समागम में कुल देवी के भक्त हिमाचल पंजाब हरियाणा से पहुंचे और मां का आशीर्वाद लिया। डोल बाजे की थाप पर श्रद्धालु खूब नाचे।

  • दुलैहड भागवत कथा में श्री राधा कृष्ण  की झांकी 

    दुलैहड भागवत कथा में श्री राधा कृष्ण  की झांकी 

    भजनो पर खूब झूमे श्रद्धालु

     ऊना/ सुशील पंडित : दुलेहड़ के शिव मंदिर में श्रीमद् भागवत ज्ञान कथा के दौरान   श्री राधा  कृष्ण  की मनमोहक झांकी निकाली गईं। भागवत कथा ब्यास देवी कृष्ण प्रिया दासी  ने राधे राधे जपो करो … मेरी लगी श्याम संग प्रीत  .. मै  नचना शाम दे नाल अज मेनू नच लेन दे. धुन पर भक्त जम कर झूमे। भागवत कथा में   श्री राधा कृष्ण का मिलन ,उनका प्रेम का विस्तार से चित्रण किया गया ।  कहा कि पाप आंखों के रास्ते मन में पहुंचता है और मन के बाद मनुष्य कि बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा अच्छी चीजें व अच्छे साहित्य धार्मिक ग्रंथ पढ़ना चाहिए, ताकि हमारा मन व बुद्धि स्वच्छ रहे। प्रेम भगवान को पा लेने का जरिया मात्र है। श्री राधा कृष्ण की झांकी को  लेकर कथा स्थल पर पहुंचे तो पंडाल जय कारों से गुंजायमान हो उठा। श्रोता व भक्त गण झांकी को देखने व बधाई देने के लिए उमड़ पड़े। इस अवसर पर मंदिर कमेटी की ओर से श्रोताओं व भक्तों को   बधाई दी गईं । पंडित किशोरी लाल ने बताया कि कथा के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया ।

  • OYO में चार दोस्तों ने लड़के से किया कुकर्म, छत से कूदकर बचाई जान…

    OYO में चार दोस्तों ने लड़के से किया कुकर्म, छत से कूदकर बचाई जान…

    फरीदाबादः हरियाणा के फरीदाबाद में हैवानियत भरी एक घटना सामने आई है। दरअसल OYO गेस्ट हाउस में एक 23 साल के युवक को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर चार लोगों ने उसके साथ कुकर्म किया। बताया जा रहा है कि पीड़ित को बंधक बनाकर 4 लोगों ने उससे सामूहिक कुकर्म किया। 

    पीड़ित युवक के मुताबिक उसने OYO की पहली मंजिल से छलांग लगाकर जान बचाई और इसकी शिकायत पुलिस को दी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय पुलिस ने उल्टा उसे ही धमकाया। बाद में मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में केस दर्ज किया।

    पीड़ित ने बताया कि जिन लोगों ने उसके साथ ये शर्मनाक हरकत की है वो उसके दोस्त के साथ आए थे। पीड़ित का आरोप है कि शाम को उसके दोस्त राकेश शहरावत ने फोन कर उसे ओयो में मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद बाद जब वह ओयो होटल में पहुंचा तो उसे कोल्ड ड्रिंक में कोई नशीला पदार्थ पिला दिया गया, जिसके बाद उसे बेहोशी आ गई। आरोप है कि इसके बाद दोस्त राकेश सहरावत ने उसके साथ कुकर्म किया।

    इतना ही नहीं राकेश सहरावत ने अपने तीन अन्य दोस्तों को भी OYO रूम में बुला लिया और बारी-बारी से सभी ने उसके साथ कुकर्म किया। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने OYO से जाने की कोशिश की तो उन्होंने उसे बंधक बना लिया और मारपीट कर पांच हजार रुपए भी लूट लिए। जैसे तैसे मौका देख कर उसने ओयो की पहली मंजिल से छलांग लगा दी और पुलिस को घटना की जानकारी दी।

  • दोस्ती की अनूठी मिसाल: दोस्त की जलती चिता में कूदा युवक

    दोस्ती की अनूठी मिसाल: दोस्त की जलती चिता में कूदा युवक

    नई दिल्लीः दोस्ती में मर मिटने का बातें तों बहुत लोग करते हैं लेकिन सच में कोई मरते दम तक दोस्ती निभाएगा ऐसा कम ही देखने को मिलता है। दोस्ती की एक एसी ही मिसाल उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से सामने आया है। यहां पर कैंसर से युवक की मौत हुई तो यह सदमा उसके दोस्त को बर्दाश्त नहीं हुआ। वह भी अपने दोस्त की जलती चिता में कूद गया और लेट गया। इससे उसकी मौत हो गई और इस तरह 30 वर्ष पुरानी दोस्ती का अंत हो गया।

    जानकारी के मुताबिक मामला नगला खंगर थाना क्षेत्र के मढैया नादिया और गढिया पंचवटी गांव का है। यहां के रहने वाले अशोक और गौरव में गहरी दोस्ती थी। उनकी यह दोस्ती 30 वर्षों से चली आ रही थी। दोनों दोस्त विभिन्न कार्यक्रमों में साथ में काम करने जाते थे। 

    शनिवार को अशोक जिंदगी की जंग हार गया और उसकी मौत हो गई। यह खबर जैसे ही गौरव को मिलने के बाद वह बिल्कुल शांत हो गया और दोस्त को अंतिम बार देखने पहुंचा। वहां वह चिता के पास ही गुमशुम सा बैठा था। चिता जलने लगी तो धीरे-धीरे करके लोग लौटने लगे। लेकिन गौरव वहीं चिता के पास शांत बैठा था। अचानक वह उठा और चिता में छलांग लगा दी। वह जलती चिता में जिंदा ही लेट गया। लोगों ने देखा तो अफरातफरी मच गई। लोग उसे लेकर तत्काल अस्पताल के लिए भागे। लेकिन, अस्पताल पहुंचने से पहले ही गौरव ने दम तोड़ दिया।

  • पंजाब : दो पक्षों की झड़प में युवक की उतरी पगड़ी, मामला दर्ज, देखें वीडियो 

    पंजाब : दो पक्षों की झड़प में युवक की उतरी पगड़ी, मामला दर्ज, देखें वीडियो 

    अमृतसर: रणजीत एवेन्यू में गुंडागर्दी का नंगा नाच देखने को मिला। जहां सरेआम दो पक्षों ने पहले तो वहां पर हुल्लड़ बाजी की, फिर उसके बाद एक-दूसरे को पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। इस दौरान एक युवक की पगड़ी भी उतर गई। इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। वहीं पुलिस ने उक्त अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • पंजाब : गुरुद्वारा साहिब में दो पक्षों में हुई झड़प 

    पंजाब : गुरुद्वारा साहिब में दो पक्षों में हुई झड़प 

    अमृतसर : जिले के डेरा बाबा नानक स्थित गांव खुर्द से बड़ी खबर सामने आई है। जहां गुरुद्वारा साहिब में सुखमणि साहिब का जाप करते समय पास ही महंतों द्वारा हमला कर दिया गया। महंतों द्वारा संगतों के साथ मारपीट की गई। इस मामले पर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसके चलते भाई अमरीक सिंह अजनाला ने कहा कि कल डेरा बाबा नानक थाने के आगे धरना लगाया जाएगा।

  • कपूरथला : अंग्रेजों की 115 साल पुरानी निशानी ट्वाय ट्रेन को बदलेगी RCF, देखें वीडियो

    कपूरथला : अंग्रेजों की 115 साल पुरानी निशानी ट्वाय ट्रेन को बदलेगी RCF, देखें वीडियो

    कपूरथला: ब्रिटिश शासन की ‘समर कैपिटल’ शिमला की हसीन वादियों में दौड़ने वाली 115 साल पुरानी ट्वाय ट्रेन की निशानी रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) बदलने जा रही है। अंग्रेजों हकूमत के शासनकाल में 1908 में लाहौर पाकिस्तान में डिजाइन वाली ट्वाय ट्रेन ही कालका-शिमला ट्रैक के बीच दौड़ती आ रही है। अब आरसीएफ ने इसे बदलने (रिप्लेस) करने के लिए चार नए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कोच बना लिए हैं, जिन्हें सोमवार की शाम को आरसीएफ प्रबंधन की ओर से ट्रायल के लिए रवाना किया जा रहा है। ट्रायल के सफल परीक्षण के बाद बहुत जल्द नए स्विजरलैंड की ट्रेन को मात देते सेमी विस्टाडोम(पैनारोमिक) कोच शिमला के मनमोहक नजारों की छटा बिखेरती दौड़ेंगे। 

    कालका-शिमला रेलवे को 2008 में यूनेस्को की ओर से वर्ल्ड हेरिटेज साइट में ‘माउंटेन रेलवे ऑफ इंडिया’ के तौर पर सूचीबद्ध किया, लेकिन अब तक कालका-शिमला ट्रैक के बीच 115 साल पुरानी डिजाइन वाली ट्वाय ट्रेन दौड़ती आ रही थी। भारतीय रेल की ओर से आरसीएफ कपूरथला को अपनी आधुनिकीकरण की प्रतिष्ठित परियोजना सौंपी गई, लेकिन पाकिस्तान की लाहौर में डिजाइन की गई ट्वाय ट्रेन के लिए आरसीएफ के पास डिब्बों के विकास, जांच-परीक्षण के लिए नैरोगेज ट्रैक के मॉडलिंग हेतु कोई भी डाटा उपलब्ध नहीं था। फिर भी आरसीएफ ने अपनी उच्च कुशलता का बाखूबी इस्तेमाल करते हुए न केवल इसके डिजाइन के शैल जिग्स, लिफ्टिंग टैकल, स्टैटिक टेस्ट जिग्स, नैरोगेज लाइन, लोडिंग गेज सरीखे इंफ्रास्ट्रक्चर का इन-हाउस (आरसीएफ) निर्माण किया, बल्कि अब चार कोच तैयार करके ट्रायल के लिए कालका-शिमला रेलवे को सौंपने की तैयारी मुकम्मल कर ली है। इन कोच में एयर कंडीशनिंग सिस्टम, बिजली सप्लाई, पैंट्री, बायो-वैक्यूम टॉयलेट, लाइटिंग व फ्लोरिंग आदि के नए डिजाइन में कई महत्वपूर्ण काम किए गए है, जिससे यात्री इसमें बैठकर शिमला की हसीन वादियों का लुत्फ उठा सकें। कोच में पावर विंडो की सुविधा दी गई और पैनारोमिक कोच में छत पर लगे शीशे को यात्री अपनी सुविधा अनुरूप धूप से बचाव के लिए ब्लर भी कर सकेंगे। सबसे अहम बात यह है कि इन कोच में एसी डिब्बे भी शुमार रहेंगे, जबकि पहले से दौड़ रही ट्वाय ट्रेन में यह सुविधा नहीं है। 

    आरसीएफ 30 अत्याधुनिक नैरोगेज पैनारोमिक कोच का करेगा निर्माण

    आरसीएफ कालका-शिमला ट्रैक के लिए कुल 30 अत्याधुनिक नैरोगेज पैरानोमि कोच का निर्माण करेगा। इनमें 12 सीटों वाले 06 फर्स्ट श्रेणी एसी चेयर कार, 24 सीटों वाले 06 एसी चेयर कार, 30 सीटों वाले 13 नॉन एसी चेयर कार और 05 पावर-कम-लगेज वैन का निर्माण करेगा। 

    सीसीटीवी और सुरक्षा मानकों से लैस होंगे कोच

    यह डिब्बे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इनमें अपग्रेडेड बोगियों और बेहतर ब्रेक सिस्टम के साथ हल्के वजन शैल का शामिल है। इनमें पैनारेमिक वाइडव्यू विंडो, सीसीटीवी व फायर अलार्म जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं होंगी। शोर व वाइब्रेशन प्रूफिंग से लैस खूबसूरत इंटीरियर, एंटी अल्ट्रा वायलेट कोटेड विंडेा ग्लास, उच्च श्रेणी के कोच में पावर विंडो और डोर, हीटिंग-कूलिंग पैकेज एसी, लीनियर कंसील्ड पंखे, लीनियर एलईडी लाइट्स, फि्लप बैंक के साथ मॉड्यूलर सीटिंग रेल माउंटेड सीटें, एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए लग्जरी सीटों के साथ रेस्टोरेंट सीटिंग, ऑन बोर्ड मिनी पैंट्री, लगेज बिन, इंटर कार गैंगवे (वेस्टिबुल) आदि सुविधाएं सफर को बेहद खास बनाएंगी। हर रैक (ट्रेन) में छह यात्री कोच और एक पावर-कम-लगेज कोच वैन सहित सात कोच शामिल होंगे। आरसीएफ के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) जितेश कुमार ने बताया कि कोच शैल का ट्रायल परीक्षण पास होने के बाद चार एसी एग्जीक्यूटिव चेयर कार, एसी चेयर कार, नॉन एसी चेयर कार व पावर-कम-लगेज कोच ट्रायल के लिए तैयार हैं, जिन्हें सोमवार को रवाना किया जाएगा।