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  • तरलोचन सिंह को डॉ. रतन सिंह जग्गी स्मृति पुरस्कार से किया जाएगा सम्मानित

    तरलोचन सिंह को डॉ. रतन सिंह जग्गी स्मृति पुरस्कार से किया जाएगा सम्मानित

    अल्पसंख्यकों, धर्म, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पित व्यक्तित्व हैं तरलोचन सिंह

    चंडीगढ़: पंजाब कला परिषद, चंडीगढ़ द्वारा पद्मश्री डॉ. रतन सिंह जग्गी मेमोरियल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित समारोह में प्रथम डॉ. रतन सिंह जग्गी स्मृति सम्मान से पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सरदार तरलोचन सिंह को सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान के अंतर्गत ₹51 हजार की नकद राशि, शॉल तथा स्मृति चिह्न भेंट किया जाएगा। सेक्टर-16 स्थित पंजाब कला भवन में 27 जुलाई को सायं 5:30 बजे डॉ. रतन सिंह जग्गी स्मृति पुरस्कार एवं डॉ. रतन सिंह जग्गी ओपन एयर थिएटर के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया जाएगा। पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष स. कुलतार सिंह संधवां इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। स. तरलोचन सिंह अल्पसंख्यकों, धर्म, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पित ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता, निष्पक्ष प्रशासन और मानवता की सेवा के माध्यम से भारत के सार्वजनिक जीवन में विशिष्ट स्थान बनाया है। देश के विभाजन की पीड़ा बचपन में झेलने के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने शिक्षा, सेवा और सामाजिक समर्पण को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाया। अर्थशास्त्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने लोक सेवा का मार्ग चुना और अपने लंबे प्रशासनिक तथा सार्वजनिक जीवन में प्रत्येक जिम्मेदारी का ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन किया। सरदार तरलोचन सिंह ने पंजाब सरकार के सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग सहित अनेक महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर भारत के राष्ट्रपति सचिवालय तक विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और बाद में अध्यक्ष के रूप में उन्होंने अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा, धार्मिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं और उच्च सदन में जनहित से जुड़े अनेक मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से उठाया। यद्यपि वे हरियाणा से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे, फिर भी अपने छह वर्षीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने विश्वभर में बसे सिखों और पंजाबियों के हितों की बुलंद आवाज उठाई। अल्पसंख्यकों के अधिकारों, पंजाबी भाषा, सिख विरासत, राष्ट्रीय एकता तथा सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों पर उन्होंने निरंतर सक्रिय भूमिका निभाई। स तरलोचन सिंह भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष भी रहे, जहां उन्होंने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए खेलों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल के सदस्य के रूप में सेवाएं दीं तथा देश में आयोजित एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के सफल आयोजन में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी विशिष्ट सार्वजनिक सेवाओं और योगदान को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2021 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया।  
  • क्रैशर को जमीन देने के विवाद में मारपीट का मामला

    क्रैशर को जमीन देने के विवाद में मारपीट का मामला

    ऊना,सुशील पंडित:  पुलिस थाना टाहलीवाल में कैलाश चंद्र राणा की शिकायत पर कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नंगल खुर्द में खेत जाते समय आरोपियों ने रास्ता रोककर गाली-गलौज की और क्रैशर को जमीन देने की बात को लेकर मारपीट कर उसे घायल कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

     

  • बोह क्षेत्र के बेघर परिवारों को गृह निर्माण और अन्य सामान के लिए मिलेगी आर्थिक सहायता: मुख्यमंत्री

    बोह क्षेत्र के बेघर परिवारों को गृह निर्माण और अन्य सामान के लिए मिलेगी आर्थिक सहायता: मुख्यमंत्री

    प्रभावित परिवारों को गृह निर्माण के लिए सरकारी भूमि भी करवाई जाएगी उपलब्ध

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बोह पहुंचकर आपदा प्रभावित परिवारों का जाना हाल

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के बोह में बादल फटने की घटना से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बोह में स्थापित राहत शिविर का निरीक्षण किया तथा वहां ठहराए गए प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों के घर इस आपदा में पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें मकान निर्माण के लिए 7.50 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, कपड़े, बर्तन एवं अन्य आवश्यक घरेलू सामान की खरीद के लिए एक लाख की सहायता भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावित परिवारों के पास रहने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, उन्हें सरकार आवश्यकतानुसार सरकारी भूमि भी उपलब्ध करवाएगी। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जिन परिवारों की गाय या भैंस आपदा में मर गई है, उन्हें 55 हजार प्रति पशु तथा जिनकी बकरियां मरी हैं, उन्हें 15 हजार प्रति बकरी की सहायता राशि दी जाएगी। जिन घरों में बाढ़ या आपदा के पानी से नुकसान हुआ है, उन्हें एक लाख की राहत प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार, क्षतिग्रस्त दुकानों के लिए नुकसान के आधार पर 50 हजार से एक लाख तक की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें 5 हजार प्रति कनाल के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। जिन परिवारों को अस्थायी रूप से किराए के मकान में रहना पड़ेगा, उन्हें 5 हजार प्रतिमाह किराया सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों को छह माह का राशन भी निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिडकमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023-24 की आपदा के दौरान प्रदेश में 23 हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए थे और लगभग 500 बहुमूल्य जीवन गवांए थे। प्रदेश सरकार ने 75 हजार से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया था, जिसकी सराहना नीति आयोग और विश्व बैंक ने भी की थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं और आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना तथा उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार को स्वयं को अकेला महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं हिमाचल प्रदेश के लिए लगातार गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार केवल राहत कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत से आपदा-रोधी आधारभूत ढांचे के विकास का निर्णय लिया गया है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करते हुए जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार ने आपदा राहत नियमों में संशोधन करते हुए प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली सहायता राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इसके अतिरिक्त संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष आपदा राहत कोष का भी गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करते हुए 25 परिवारों को 25-25 हजार रुपये तथा 16 अन्य परिवारों को 10-10 हजार रुपये की अंतरिम सहायता राशि जारी की गई है। अब तक 13 राजस्व प्रमाण-पत्र तैयार किए जा चुके हैं तथा प्रभावित परिवारों कोे बोनाफाइड प्रमाण-पत्र जारी किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के पुनःनिर्माण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में लगे जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारतीय सेना, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा स्थानीय लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से राहत कार्यों को गति मिली है। इस अपादा में घुड़घुं, भंगार और सपेड़ा गांवों के कुल 25 परिवार प्रभावित हुए हैं। इनमें घुड़घुं गांव के 11 मकानों में रह रहे 18 परिवारों के 52 सदस्य, भंगार गांव के एक मकान में रह रहे 3 परिवारों के 16 सदस्य तथा सपेड़ा गांव के 4 मकानों में रह रहे 4 परिवारों के 16 सदस्य प्रभावित हुए हैं। सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सपेड़ा गांव के 13 मकानों को डेंजर जोन घोषित किया गया है। इस अवसर पर शाहपुर के विधायक एवं उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर, वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज कुमार, स्थानीय पंचायत प्रधान नीलम कुमारी, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
  • चिंतपूर्णी मंदिर के सुगम पासों में संदिग्ध डिजिटल लेन-देन की जांच शुरू

    चिंतपूर्णी मंदिर के सुगम पासों में संदिग्ध डिजिटल लेन-देन की जांच शुरू

    ऊना,सुशील पंडित:  पुलिस थाना चिंतपूर्णी में मंदिर अधिकारी संजीव कुमार की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में 19 जून 2026 के लगभग 80 सुगम पास लेन-देन संदिग्ध पाए गए। जांच में एक ही ट्रांजैक्शन आईडी और मोबाइल नंबर के साथ कई क्यूआर भुगतान दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

     

  • नंगल खुर्द में रास्ते के विवाद को लेकर मारपीट

    नंगल खुर्द में रास्ते के विवाद को लेकर मारपीट

    ऊना,सुशील पंडित: पुलिस थाना टाहलीवाल में हरोली थाना से प्राप्त जीरो एफआईआर के आधार पर पंचायत प्रधान जसवंत सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार नंगल खुर्द में रास्ते के विवाद के दौरान कई लोगों ने दीपू और राजेश कुमार के साथ मारपीट की। पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • शहीद स्मारक पर वीर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

    शहीद स्मारक पर वीर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

    कारगिल विजय दिवस पर ऊना में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित

    ऊना,सुशील पंडित:  कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर जिला स्तरीय कार्यक्रम एमसी ऊना के शहीद स्मारक में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अतिरिक्त उपायुक्त इशांत जसवाल ने शहीद स्मारक पर कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

    इस दौरान सहायक आयुक्त विनय मोदी, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार, जिला सैनिक कल्याण विभाग के उपनिदेशक (रि.) कर्नल एस.के. कालिया, (रि.) कर्नल डी.पी. वशिष्ठ, (रि.) कर्नल उदय डडवाल,(रि.) कर्नल योगेश समनोल (सेना मेडल), पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष (रि.) कैप्टन शक्ति चंद, राईफल मैन स्वर्गीय रोशन लाल की पत्नी श्रीमती नीलम सहित पूर्व सैनिकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ वीर शहीदों को सलामी देने तथा दो मिनट का मौन रखकर किया गया।

    इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त इशांत जसवाल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत नहीं, बल्कि हमारे सैनिकों के साहस, देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक है। आज हम सभी देशवासी इस बात के लिए कृतज्ञ हैं कि हमारा देश सुरक्षित, अखंड और मजबूत है, जिसमें हमारे वीर शहीदों का महत्वपूर्ण योगदान है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वर्ष 1999 का कारगिल युद्ध भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक है। इस युद्ध में भारतीय सेना ने कठिन परिस्थितियों में दुश्मन को पराजित कर सभी चौकियों पर पुनः कब्जा किया। इसी ऐतिहासिक विजय की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को देशभर में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।

    अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में हिमाचल प्रदेश के 52 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। इनमें जिला ऊना के वीर सपूत कैप्टन अमोल कालिया और राइफलमैन मनोहर लाल भी शामिल थे। देश उनके साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को सदैव सम्मान के साथ याद रखेगा।

    उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में असाधारण वीरता के लिए चार सैनिकों को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया, जिनमें हिमाचल प्रदेश के दो वीर—शहीद कैप्टन विक्रम बतरा (मरणोपरांत) और सूबेदार मेजर (तत्कालीन राइफलमैन) संजय कुमार—शामिल हैं। इन दोनों वीरों की बहादुरी और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी तथा प्रदेश को उन पर गर्व है। उनका त्याग और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा है।

    उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीदों के परिजनों के साथ हमेशा खड़ा है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र की सेवा करने तथा देश के विकास में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

     

     

  • केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने करनाल में सुनी प्रधानमंत्री के मन की बात

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने करनाल में सुनी प्रधानमंत्री के मन की बात

    चंडीगढ़: केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को करनाल स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 136 वें संस्करण का श्रवण किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रेरक संबोधन में कारगिल विजय के अमर वीरों के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान एवं राष्ट्र निष्ठा को नमन करते हुए देशवासियों को राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने का प्रेरक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का शौर्य और बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और सेवा को विकसित भारत की सशक्त आधारशिला बताते हुए प्रत्येक नागरिक से राष्ट्र निर्माण के अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री के विचार समाज में सकारात्मक परिवर्तन, जनसेवा और राष्ट्र हित के प्रति नागरिकों की भागीदारी को और अधिक सुदृढ़ करने वाले हैं। इस अवसर पर विधायक जगमोहन आनंद, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर, सांसद प्रतिनिधि कवींद्र राणा, मेयर रेनू बाला गुप्ता, स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र भी मौजूद रहे।

    आम जनता की समस्याओं की सुनवाई, किया समाधान

    केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को करनाल के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में क्षेत्रवासियों से मुलाकात कर उनसे बातचीत की तथा आम जनता की समस्याओं का समाधान किया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सभी कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों के विचार, सुझाव और जनहित से जुड़े विषयों को गंभीरता एवं आत्मीयता के साथ सुना तथा उनके शीघ्र एवं प्रभावी समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनसंवाद हमारी लोकतांत्रिक परंपरा की सबसे बड़ी शक्ति है। जनता और कार्यकर्ताओं का विश्वास ही हमें निरंतर जनसेवा, विकास और सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।  
  • ‘मन की बात’ के जरिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दिए ये संदेश

    ‘मन की बात’ के जरिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दिए ये संदेश

    प्रदेशभर में मंत्रियों, सांसदों एवं विधायकों ने नागरिकों के साथ सुना कार्यक्रम

    चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण का रविवार को देश में व प्रदेश में सभी जिलों में उत्साहपूर्वक सुना गया। इस अवसर पर मंत्री, सांसदों, विधायकों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न स्थानों पर नागरिकों के साथ कार्यक्रम सुना। प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम आज देश के करोड़ों नागरिकों के लिए प्रेरणा, जन-जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुका है। यह कार्यक्रम केवल संवाद का मंच नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी अभियान बन गया है। प्रधानमंत्री प्रत्येक माह समाज के गुमनाम नायकों, नवाचारों और जन आंदोलनों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ देशवासियों को राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले कारगिल विजय दिवस के बारे बात की। कारगिल विजय दिवस हमारे लिए बहुत बड़ा दिवस है क्योंकि पाकिस्तान छुपकर हिंदुस्तान पर हमला करने की कोशिश की थी। तब भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान के पांव उखाड़ दिए थे और यहां तक कि पाकिस्तानी अपने सिपाहियों के शवों को भी वही छोड़कर भाग गए थे और उन्हें अपना मानने से इंकार कर दिया था। उन मृतक सैनिकों का संस्कार भी भारतीय सैनिकों द्वारा किया गया था। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम आज देश के करोड़ों नागरिकों के लिए प्रेरणा, जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन चुका है। यह कार्यक्रम केवल विचारों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावी अभियान है। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री समाज के उन गुमनाम नायकों, नवाचारों और जन आंदोलनों को राष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं, जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं बल्कि देशवासियों को प्रेरित करने वाला जन-आंदोलन है, जिसमें प्रधानमंत्री हर महीने देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों की प्रेरणादायक कहानियों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तिकरण, नवाचार, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने तथा राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक करते रहे हैं। इन संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।  
  • 28 जुलाई को पंचकूला जिला के उपभोक्ताओं की बिजली सम्बन्धी शिकायतों की होगी सुनवाई

    28 जुलाई को पंचकूला जिला के उपभोक्ताओं की बिजली सम्बन्धी शिकायतों की होगी सुनवाई

    चंडीगढ़: उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम सर्कल फोरम पंचकूला के उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के चेयरमैन एवं सदस्य मंच की कार्यवाही दिनांक 28 जुलाई (मंगलवार) को सुबह 11.30 बजे से अधीक्षण अभियंता, पंचकूला के कार्यालय, एससीओ नंबर – 96, पहली मंजिल, सेक्टर-5, पंचकूला में की जाएगी। इस दौरान केवल पंचकूला जिला के उपभोक्ताओं से सम्बंधित शिकायतों की सुनवाई की जाएगी। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली की आपूर्ति उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मंच के सदस्य, पंचकूला जिले के उपभोक्ताओं की सभी प्रकार की समस्याओं की सुनवाई करेंगे जिनमें मुख्यतः बिलिंग, वोल्टेज, मीटरिंग से सम्बंधित शिकायतें, कनैक्शन काटने और जोड़ने बिजली आपूर्ति में बाधाएं, कार्यकुशलता, सुरक्षा, विश्वसनीयता में कमी और हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के आदेशों की अवहेलना आदि शामिल हैं। बहरहाल, मंच द्वारा बिजली अधिनियम की धारा 126 तथा धारा 135 से 139 के अन्तर्गत बिजली चोरी और बिजली के अनधिकृत उपयोग के मामलों में दंड तथा जुर्माना और धारा 161 के अन्तर्गत जांच एवं दुर्घटनाओं से सम्बंधित मामलों की सुनवाई नहीं की जाएगी।

     

  • अंत्योदय का संकल्प, अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना: मनोहर लाल

    अंत्योदय का संकल्प, अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना: मनोहर लाल

    मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0 के तहत एक दिवसीय अन्त्योदय मेला आयोजित

    चंडीगढ़: केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0 का उद्देश्य अंत्योदय परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना तथा उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना है। इस योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को स्वरोजगार, कौशल विकास, वित्तीय सहायता एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोडक़र उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ-साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि उनमें स्वावलंबन की भावना को बढ़ावा मिले और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल रविवार को करनाल में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0 प्रथम चरण के तहत आयोजित एक दिवसीय अन्त्योदय मेले में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने उपरांत बोल रहे थे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से मेले में उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी भी प्राप्त की। मेले में बड़ी संख्या में आए नागरिकों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं सुझावों को सुना।

    पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी, मौके पर आवेदन करने की सुविधा तथा पात्रता अनुसार लाभ उपलब्ध कराने की प्रभावी व्यवस्था की गई है। हरियाणा सरकार का यह प्रयास केवल योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जब सरकारी सेवाएं स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचती हैं, तभी सुशासन का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होता है।