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  • Punjab News: AAP सरकार का 44,900 किमी का अब तक का सबसे बड़ा रोड डेवलपमेंट मिशन लॉन्च

    Punjab News: AAP सरकार का 44,900 किमी का अब तक का सबसे बड़ा रोड डेवलपमेंट मिशन लॉन्च

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि राज्य सरकार 16,209 करोड़ रुपये की कुल लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण के लक्ष्य के साथ पंजाब के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य शुरू करने जा रही है।

    जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अगले वर्ष के अंत तक पंजाब के सभी गांवों, कस्बों और शहरों में कुल 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन सड़कों के निर्माण में विश्व-स्तरीय मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन हो, और इसके लिए निर्माण के साथ पाँच वर्षों की रख-रखाव की अनिवार्य शर्त भी जोड़ी जाएगी।  इस कदम से राज्य में परिवहन सुचारू होगा और ग्रामीण अवसंरचना को नई गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही 4,092 करोड़ रुपये की लागत से 19,373 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण करा चुकी है। इस वर्ष बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में सड़कों को भारी नुकसान हुआ था, परन्तु सरकार ने कठिन परिश्रम से इस परियोजना को पूरा किया और ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया।  इन परियोजनाओं में भी पाँच वर्ष की रख-रखाव शर्त जोड़ी गई है, जो एक मिसाल है। इसके साथ-साथ सड़कों पर उचित दिशा-सूचक तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी सुनिश्चित की जाएँगी।  सभी ओर से यह मांग थी कि सड़क निर्माण में उच्च गुणवत्ता मानकों को बरकरार रखा जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी के तहत पंजाब सरकार ने पीएमबी, पीडब्ल्यूडी, शहरी स्थानीय निकायों सहित कई एजेंसियों और जनप्रतिनिधियों को इस राज्यव्यापी अभियान से जोड़ा है। राज्य सरकार ने पंजाब की सभी सड़कों का विस्तृत सर्वेक्षण कराकर उनकी मरम्मत और उन्नयन की जरूरी सूची तैयार की है। अब लक्ष्य है कि अगले वर्ष के अंत तक 16,209 करोड़ की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित है।

    मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि कोई भी ठेकेदार या कर्मचारी घटिया काम में लिप्त पाया गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अभी तक केंद्र से आर डी एफ का एक भी रुपया नहीं मिला है और पंजाब सरकार यह पूरा निर्माण अपने संसाधनों से कर रही है।

    पंजाब में 44,900 किमी. सड़क विकास का यह अभूतपूर्व अभियान मान सरकार की प्रतिबद्धता और जनता के प्रति सच्ची सेवा का प्रमाण है। यह पहल हर घर में सुविधाएँ, हर दिल में विश्वास और हर दिशा में विकास का उजाला फैलाएगी। अब प्रदेश की पहचान मजबूत राहों, मजबूत इरादों और उज्जवल भविष्य से होगी।

    यह सिर्फ सड़कों का निर्माण नहीं, बल्कि लोगों के सपनों को जोड़ने वाली एक नई शुरुआत है। मान सरकार की दूरदर्शी सोच और मेहनत ने पंजाब में विकास की एक नई मिसाल कायम की है। अब हर गाँव और हर शहर तरक्की की उस राह पर आगे बढ़ रहा है, जहाँ उम्मीदें भी चमकेंगी और ज़िंदगी भी मुस्कुराएगी।

  • Punjab News : पुलिस थाने के पास फैक्ट्री में लगी भीषण आग, एक की मौत, देखें वीडियो

    Punjab News : पुलिस थाने के पास फैक्ट्री में लगी भीषण आग, एक की मौत, देखें वीडियो

    लुधियाना : शिमलापुरी इलाके में थाने के पास स्थित फैक्ट्री में भीषण आग लग गई देखते ही देखते आग ने भयाकर रूप धारण कर लिया। इस घटना को लेकर लोगों में अफरा तफरी मच गई। घटना की सूचना लोगों द्वारा दमकल विभाग और पुलिस को दी गई। हादसा इतना भीषण था कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा लोगों को फैक्ट्री से दूर किया गया। वहीं दमकल विभाग द्वारा आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है।

    मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि लेबर कालोनी में 4 मंजिला अजीत साईकिल पार्ट्स फैक्ट्री में 6.45 बजे आग लगी है। इस घटना में फैक्ट्री के फॉरमैन रजत की आग में झुलसने से मौत हो गई।

    दमकल विभाग को तुरंत दी गई सूचना
    तेज़ धमाके के बाद आसपास के लोगों ने बिना देर किए फायर ब्रिगेड को कॉल किया। आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों को भी सुरक्षा के लिए घरों से बाहर आ जाने को कहा गया, ताकि किसी और नुकसान से बचा जा सके।

    सिविल डिफेंस वॉलंटियर ने बचाई जान
    सिविल डिफेंस वॉलंटियर रोहित ने बताया कि वे फायर ब्रिगेड की गाड़ी के पीछे-पीछे मौके पर पहुंचे थे। वहां पहुंचकर देखा कि फैक्ट्री के अंदर आग लगी हुई थी और लोग बाहर निकल चुके थे। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल पड़ा था, जिसे उन्होंने निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया।

    60 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई
    एसीपी ने जानकारी दी कि अजीत साइकिल फैक्ट्री एक चार मंज़िला बिल्डिंग है। हादसे में रजत (60 साल) नाम के व्यक्ति की मौत हो गई। उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा जा रहा है।

    आग लगने के कारणों की जांच जारी
    हालांकि हादसे की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। पुलिस और फायर विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि बॉयलर में आग कैसे लगी और आखिर धमाका किस कारण हुआ।

  • भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा मंडल ऊना व बसदेहड़ा का गठन 

    भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा मंडल ऊना व बसदेहड़ा का गठन 

    ऊना/सुशील पंडित:  भारतीय जनता पार्टी विधानसभा क्षेत्र ऊना के ओबीसी मोर्चा मंडल ऊना व बसदेहड़ा का गठन कर विभिन्न भाजपा कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन द्वारा जारी सूची के अनुसार भाजपा ओबीसी मोर्चा मंडल ऊना के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लालसिंगी के पवन सैनी को सौंपी गई है तो उपाध्यक्ष पद पर अप्पर अरनियाला के सुनील दत्त, देहलां के सहदेव चौधरी, भड़ौलियां के कपिल देव व कुठार खुर्द के मोहन लाल को नियुक्त किया गया है। महामंत्री पद के लिए रामपुर के हरीश कुमार व सुनेहरा के जोगिंद्र पाल को चुना गया है। इसके साथ कोषाध्यक्ष पद के लिए अबादा वराना के शाम लाल और सचिव पद के लिए लोअर अरनियाला के पंकज सैनी, रक्कड़ के नरेश कुमार, बहडाला के रुपिंद्र कुमार, जनकौर के दलविंद्र सैनी को नियुक्त किया गया है।

    इसके अलावा ओबीसी मोर्चा मंडल बसदेहड़ा के अध्यक्ष पद पर नंगड़ा के रोशन लाल को नियुक्त किया गया है तो उपाध्यक्ष पद पर रायेपुर सहोड़ा के सुच्चा राम, अजोली के भूमन सिंह, मलूकपुर के भूमन सिंह, नंगड़ा के सुरिंद्र सिंह व फतेवाल से बलवीर चौधरी को चुना गया है। महामंत्री पद के लिए चढ़तगढ़ के रोशन लाल व जखेड़ा के कुलविंद्र सिंह का चयन किया गया है। सचिव पद की जिम्मेदारी पेखूबेला के विक्रम, सनोली के बचित्र सिंह, मजारा के सुरिंद्र सिंह व उदयपुर के रामपाल को दी गई है। इसके अलावा बसदेहड़ा मोर्चा के सदस्यों में रविंद्र कुमार, तिलक राज, सतीश कुमार, मुकेश कुमार, पुनीत चंद, डिंपल साहिल, राज कुमार राजू, गुरनाम सिंह, दलाबर सिंह, राज कुमार सेठी, सुरिंद्र सिंह, सुखविंद्र सिंह व रामपाल को चुना गया है। इन सभी पदाधिकारियों व सदस्यों ने संगठन में जिम्मेदारी देने के लिए सदर विधायक सतपाल सिंह सत्ती व जिला भाजपा अध्यक्ष शाम मिन्हास का धन्यवाद किया है।

  • Punjab News: स्कूल बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली में जोरदार भिड़ंत, कई बच्चे घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: स्कूल बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली में जोरदार भिड़ंत, कई बच्चे घायल, देखें वीडियो

    मोहाली। सेक्टर 57 में एक स्कूली बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच जोरदार टक्कर हो गया है। बताया जा रहा है कि इस हादसे में सात से आठ बच्चे घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया है। स्कूल बस सेक्टर 68 से बिलौंगी की तरफ जा रही थी, तभी उसकी टक्कर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से हो गई। जिससे ये हादसा हो गया। घायलों को इलाज के लिये सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां बच्चों का इलाज चल रहा है वहीं, बस ड्राइवर की हालत गंभीर होने पर उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।

    सड़क हादसे क्यों होते हैं

    लापरवाही से ड्राइविंग: इसमें गलत तरीके से लेन बदलना, ट्रैफिक नियमों का पालन न करना, और अन्य चालकों को खतरे में डालना शामिल है।

    तेज़ गति से ड्राइविंग: गति सीमा का उल्लंघन करने से प्रतिक्रिया समय कम हो जाता है और दुर्घटना की स्थिति में जोखिम बढ़ जाता है।

    नशे में ड्राइविंग: शराब या नशीली दवाओं के प्रभाव में गाड़ी चलाना, एकाग्रता और प्रतिक्रिया समय को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

    थकान: पर्याप्त आराम के बिना लंबे समय तक गाड़ी चलाने से एकाग्रता और प्रतिक्रिया समय कम हो सकता है।

    ध्यान भटकना: गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना, रेडियो सुनना या यात्रियों से बात करना ध्यान भटका सकता है।

    हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना: यह चोट की गंभीरता को बहुत बढ़ा देता है, खासकर सिर की चोटों को।

    सड़क और मौसम से जुड़े कारण

    खराब सड़क की स्थिति: गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़कें, अवैध स्पीड ब्रेकर, और खराब रोशनी दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे सकते हैं।

    खराब मौसम: घना कोहरा, भारी बारिश, बर्फबारी और तूफान ड्राइविंग की स्थिति को खतरनाक बना सकते हैं।

    वाहन से जुड़े कारण

    यांत्रिक खराबी: ब्रेक फेल होना, टायर फटना या अन्य यांत्रिक समस्याएँ दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।

    खराब रखरखाव: समय पर वाहन की सर्विसिंग न कराने से समस्याएँ पैदा हो सकती हैं।

    असुरक्षित सड़क के किनारे: सड़क के किनारे गलत तरीके से खड़े वाहन भी हादसों का कारण बनते हैं।

  • अब रट्टा मारने से काम नहीं चलेगा! मान सरकार ने बदल दिया एग्ज़ाम पैटर्न, 12वीं में उद्यमिता को भी मिली मंजूरी

    अब रट्टा मारने से काम नहीं चलेगा! मान सरकार ने बदल दिया एग्ज़ाम पैटर्न, 12वीं में उद्यमिता को भी मिली मंजूरी

    चंडीगढ़: पंजाब के लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए, भगवंत मान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने अपनी दशकों पुरानी प्रश्न पत्र प्रणाली में व्यापक परिवर्तन लागू किए हैं। इन परिवर्तनों का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा को केवल रटंत विद्या तक सीमित न रखकर, छात्रों की गहन समझ, आलोचनात्मक सोच, विश्लेषण क्षमता और वास्तविक जीवन के कौशल का मूल्यांकन करना है।

    मान सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि शिक्षा का उद्देश्य मात्र डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए पूरी तरह से तैयार करना है। इसी उद्देश्य के साथ, PSEB के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह के नेतृत्व में 120 से अधिक शिक्षाविदों और विषय-विशेषज्ञों की एक तीन-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस पहल के तहत, रटने के रुझान को कम करके क्षमता-आधारित शिक्षण (Competency-Based Learning) को बढ़ाया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि अब विद्यार्थी केवल तथ्यों को याद करने के बजाय सोचने, समझने, विश्लेषण करने और समस्याओं को रचनात्मक ढंग से हल करने में सक्षम बनेंगे।

    बोर्ड ने संशोधित ब्लूम टैक्सोनॉमी (Revised Bloom Taxonomy) के अनुसार प्रश्न पत्रों का एक नया, आधुनिक फॉर्मेट जारी किया है। यह नया ढाँचा यह सुनिश्चित करेगा कि प्रश्न केवल जानकारी याद करने पर केंद्रित न हों, बल्कि छात्रों की गहन समझ, आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता की जाँच करें। अब सभी प्रश्न पत्र स्पष्ट ‘ब्लूप्रिंट’ और ‘आइटम मैट्रिक्स’ के आधार पर तैयार किए जाएंगे, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी। वास्तविक जीवन से जुड़ाव बढ़ाने के लिए, विज्ञान, गणित, सामाजिक शिक्षा और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों में असली जीवन के उदाहरणों पर आधारित प्रश्न शामिल किए जाएँगे, जिससे छात्र कक्षा में सीखे गए ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग सीख सकें।

    शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य के युवाओं को स्व-रोजगार की ओर प्रेरित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए, PSEB ने 12वीं कक्षा के लिए उद्यमिता (Entrepreneurship) पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया है। यह कोर्स विद्यार्थियों को नौकरी खोजने वालों की जगह नौकरियाँ सृजित करने वाला (Job Creators) बनने के लिए प्रोत्साहित करेगा।यह व्यापक सुधार पंजाब के लगभग 13,000 सरकारी और निजी स्कूलों के लाखों छात्रों के लिए एक उज्जवल भविष्य की नींव रखेगा। भगवंत मान सरकार पंजाब की शिक्षा प्रणाली में एक ऐसा परिवर्तन ला रही है, जिससे बच्चे केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि सक्षम और कुशल नागरिक बनेंगे।इन कदमों के साथ, पंजाब सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह राज्य के हर बच्चे को वैश्विक स्तर की शिक्षा, आधुनिक कौशल और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • पराली समाधान में पंजाब सबसे आगे, केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया देश का बेस्ट मॉडल

    पराली समाधान में पंजाब सबसे आगे, केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया देश का बेस्ट मॉडल

    चंडीगढ़: मोगा के रनसिह कला गांव का नाम अब पूरे देश में गूंज रहा है, और इसका श्रेय पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नीतियों को जाता है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांव का दौरा करने के बाद खुलकर कहा कि पंजाब ने पराली प्रबंधन में जो मिसाल कायम की है, वह पूरे देश के लिए अनुकरणीय है। यह मान्यता इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भगवंत मान सरकार ने पराली जैसी चुनौती को न केवल नियंत्रित किया, बल्कि इसे पंजाब मॉडल के रूप में देश के सामने रखा।

    रनसिह कला गांव पिछले छह वर्षों से एक भी पराली जलाने की घटना से मुक्त है—यह उपलब्धि दिखाती है कि पंजाब सरकार की नीतियां जमीन पर कितनी प्रभावी हैं। मान सरकार ने किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों, मशीनरी, प्रोत्साहन और प्रशिक्षण के माध्यम से सक्षम बनाकर पराली समाधान को व्यवहारिक और सफल बनाया। चौहान द्वारा दिए गए सार्वजनिक समर्थन ने इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर और मज़बूत कर दिया है।

    केंद्रीय मंत्री ने गांव में ‘मक्की दी रोटी’ और ‘सरसों दा साग’ का स्वाद लेते हुए पंजाब की जनता के प्यार और भगवंत मान सरकार की ग्रामीण नीतियों की प्रशंसा की। उनका यह कदम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह स्वीकारोक्ति थी कि पंजाब पर्यावरण-अनुकूल खेती की दिशा में देश का नेतृत्व कर रहा है। चौहान ने कहा कि पंजाब आकर उन्हें महसूस हुआ कि पराली प्रबंधन का वास्तविक और सफल मॉडल यहीं तैयार हुआ है।

    रनसिह कला केवल पराली न जलाने के कारण विशेष नहीं है। यहां पंजाब सरकार द्वारा प्रेरित कई विकासात्मक अभियानों ने गांव को एक आदर्श ग्राम बना दिया है। किसानों को पराली न जलाने पर नकद प्रोत्साहन, फलदार पौधे लगाने के लिए इनाम योजना, गांव की लाइब्रेरी में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा, प्लास्टिक-फ्री गांव अभियान, रेन हार्वेस्टिंग और नशामुक्ति कार्यक्रम—ये सभी पहलें दिखाती हैं कि भगवंत मान सरकार गांवों को केवल कृषि नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से भी मजबूत बना रही है।

    पंजाब सरकार के प्रयासों का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह है कि इस वर्ष पराली जलाई गई घटनाओं में 83% की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। यह वही राज्य था जिसे पराली मुद्दे पर लगातार निशाना बनाया जाता था, लेकिन आज यह राज्य केंद्र सरकार के मंत्री द्वारा प्रशंसित एक सफल मॉडल बन चुका है। यह उपलब्धि पंजाब सरकार के दृढ़ नेतृत्व और किसानों की सक्रिय भागीदारी का संयुक्त परिणाम है।

    कई किसानों के मन में यह प्रश्न रहता है कि यदि पराली न जलाई जाए, तो गेहूं की बुवाई कैसे होगी। रनसिह कला का उदाहरण इस शंका का सीधा जवाब है। यहां मिट्टी की उर्वरता बढ़ी है, रासायनिक उर्वरक 30% तक कम हुए हैं और खेतों में पर्यावरणीय संतुलन बेहतर हुआ है। यह मॉडल दिखाता है कि भगवंत मान सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए समाधान न केवल पर्यावरण सुरक्षित रखते हैं, बल्कि खेती को अधिक उत्पादक और आर्थिक रूप से लाभदायक भी बनाते हैं।

    अब पंजाब का यह मॉडल स्थानीय सीमा पार कर राष्ट्रीय पहचान बना चुका है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने इसे पूरे देश में अपनाने की अपील करते हुए स्पष्ट कहा कि वे इस सफलता को सभी राज्यों तक ले जाना चाहते हैं। यह पंजाब सरकार के लिए एक बड़ा सम्मान है और इस बात का प्रमाण भी कि भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य कृषि नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में देश को नई राह दिखा रहा है।

  • Himachal News: जिला ऊना में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा प्रक्रिया तेज, कमेटी गठित

    Himachal News: जिला ऊना में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा प्रक्रिया तेज, कमेटी गठित

    ऊना/सुशील पंडित: जिला ऊना में सार्वजनिक सुरक्षा, शांति एवं कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक समीक्षा प्रक्रिया को और अधिक गति प्रदान की है।यह पूरी प्रक्रिया प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में शस्त्र लाइसेंसों को लेकर जारी निर्देशों में निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संपन्न की जाएगी।

    जिला मजिस्ट्रेट ऊना जतिन लाल ने बताया कि जिले के प्रत्येक उप-मंडल में एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें उप-मंडल मजिस्ट्रेट, पुलिस उपाधीक्षकध्संबंधित एसएचओ, तहसीलदार और वन विभाग के रेंज अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सभी लाइसेंस धारकों के लिए हथियार एवं गोला-बारूद जमा करवाने की अंतिम तिथि पहले 26 नवंबर निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 28 नवंबर कर दिया गया था, ताकि सभी लाइसेंसधारकों को सुविधा मिल सके।

    उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक ऊना को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 17 (बी, सी एवं डी) के अनुरूप सभी संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट समय पर उप-मंडल स्तरीय समितियों तक पहुंचाई जाए। समिति को आदेश जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर लाइसेंसों के निलंबन, रद्दीकरण या निरस्तीकरण से संबंधित अपनी संस्तुतियां जिला कार्यालय को भेजनी होंगी।

    उपायुक्त ने बताया कि कुछ लाइसेंस धारकों द्वारा विशेष परिस्थितियों में हथियार जमा करवाने में छूट के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने उप-मंडल स्तर की समितियां फसल सुरक्षा और आत्मरक्षा के आधार पर जारी लाइसेंसों की प्राथमिकता से समीक्षा करने। समीक्षा के दौरान लाइसेंसधारक की प्रतिष्ठा, व्यवहार, लंबित भूमि विवाद, आपराधिक मुकदमों में संलिप्तता और सार्वजनिक शांति भंग की घटनाओं को विशेष रूप से परखने। जिन मामलों में झगड़े, भूमि विवाद, लड़ाई या आपराधिक अभियोजन की पुष्टि होती है, ऐसे प्रकरण आगे की कार्रवाई हेतु जिला कार्यालय को भेजने तथा जिन लाइसेंसधारकों के विरुद्ध कोई नकारात्मक रिकॉर्ड नहीं पाया जाता, उनके हथियार नियमानुसार वापस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उपायुक्त ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया जिले में शांति व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक दूरदर्शी और सकारात्मक कदम है। उन्होंने सभी लाइसेंस धारकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि समीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं न्यायसंगत तरीके से उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है।

  • Punjab News : रिश्तों की आड़ में रंगदारी मांगने वाले गैंग का पर्दाफाश, देखें वीडियो

    Punjab News : रिश्तों की आड़ में रंगदारी मांगने वाले गैंग का पर्दाफाश, देखें वीडियो

    मकान मालिक से 50 लाख रुपये मांगने वाले गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार

    अमृतसर। पुलिस ने रिश्तों की आड़ में चल रहे रंगदारी सिंडिकेट का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मकान मालिक से 50 लाख रुपये मांगने वाले गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। वेरका थाने में दर्ज FIR के तहत कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों हरजिंदर सिंह उर्फ ​​जिंदू और जसलीन कौर को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि दुबई SIM के जरिए धमकियां दी जा रही थीं, जबकि भारत में बैठी जसलीन कौर WhatsApp के जरिए बातचीत कर रही थी। खुलासे के बाद जसप्रीत सिंह उर्फ ​​बाबा और उसकी चचेरी बहन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। हैरानी की बात यह है कि मुख्य साजिशकर्ता शिकायतकर्ता की भाभी ही निकली, जिसने पूरा जाल बुना था।

    रिश्तों की आड़ में चल रहा था गैंग
    अमृतसर पुलिस ने रिश्तों की आड़ में चल रहे एक बड़े रंगदारी गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गैंग एक मकान मालिक से 50 लाख रुपये रंगदारी वसूलने की प्लानिंग कर रहा था। मामले में वेरका थाने में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस जांच के दौरान पहले दो आरोपियों हरजिंदर सिंह उर्फ ​​जिंदू और जसलीन कौर को गिरफ्तार किया गया। पता चला कि धमकी भरे कॉल के लिए हरजिंदर का दुबई का SIM इस्तेमाल हो रहा था, जबकि इंडिया में बैठी जसलीन उसी नंबर पर WhatsApp चलाती थी, ताकि गैंग टच में रहे। आगे की जांच में पता चला कि शिकायत करने वाले का रिश्तेदार जसप्रीत सिंह उर्फ ​​बाबा भी इस साजिश में शामिल था। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी चचेरी बहन को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

    DCP का आया बयान
    घटना बारे DCP लॉ एंड ऑर्डर आलम विजय सिंह ने मीडिया को बताया कि इस गैंग का प्लान विशाल नाम के एक युवक ने तैयार किया था जो अभी दुबई में रहता है। वहीं हरजिंदर और जसप्रीत के बीच मेन कॉन्टैक्ट था। सबसे हैरानी की बात यह थी कि मेन साजिश करने वाली शिकायत करने वाली की भाभी संदीप कौर थी। उसे पूरी जानकारी थी कि शिकायत करने वाले के परिवार ने हाल ही में ज़मीन बेची है और पैसे घर में हैं। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर रंगदारी का प्लान बनाया। पुलिस ने गैंग के मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और अगले लिंक ढूंढने के लिए जांच तेज कर दी है और विदेश में बैठे आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।

  • आरएसएस की राष्ट्रवादी विचारधारा पर जगत सिंह नेगी की भ्रामक व शर्मनाक टिप्पणी — गौरव कुमार

    आरएसएस की राष्ट्रवादी विचारधारा पर जगत सिंह नेगी की भ्रामक व शर्मनाक टिप्पणी — गौरव कुमार

    ऊना/सुशील पंडित: स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार ने आरएसएस की राष्ट्रवादी, सांस्कृतिक और समाजसेवी विचारधारा पर की गई जगत सिंह नेगी की विवादित, भ्रामक और शर्मनाक टिप्पणी पर गहरा रोष व्यक्त किया है।

    गौरव कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) देश की सबसे पुरानी, अनुशासित और राष्ट्रहित के लिए समर्पित संस्था है, जिसकी विचारधारा राष्ट्रवाद, संस्कृतिजन्य जीवन मूल्यों, सामाजिक समरसता और कर्तव्यनिष्ठ सेवा पर आधारित है। ऐसे संगठन पर बिना तथ्य और बिना आधार के राजनीति से प्रेरित आरोप लगाना न केवल अज्ञानता का प्रमाण है, बल्कि समाज में जानबूझकर भ्रम और तनाव फैलाने की कोशिश भी है।

    उन्होंने कहा कि आरएसएस ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है, प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य,समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारा स्थापित करने के प्रयास,युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार, भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण इन सभी क्षेत्रों में आरएसएस की भूमिका अनुकरणीय और अतुलनीय रही है।

    ऐसी संस्था पर गलत, अपमानजनक और आधारहीन टिप्पणी करना उसकी राष्ट्रवादी विचारधारा पर सीधा प्रहार है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।अध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जगत सिंह नेगी को अपने शब्दों की मर्यादा रखनी चाहिए, परंतु जिस स्तर की टिप्पणी उन्होंने की है, वह अत्यंत निंदनीय, असंवेदनशील और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होती है।

    स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी ने जगत सिंह नेगी के बयान का कड़े शब्दों में विरोध जताते हुए यह मांग की है कि वे तत्काल अपनी भ्रामक टिप्पणी पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दें और माफी माँगें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना और समाज को विभाजित करने वाली बयानबाज़ी दोबारा न हो। ट्रस्ट ने इस बयान को राष्ट्रवादी संगठनों के सम्मान और पूरे समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कदम बताया है।

     

     

  • स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर भारत की अग्रदूत, देश की वास्तविक ताकत: सीएम सैनी

    स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर भारत की अग्रदूत, देश की वास्तविक ताकत: सीएम सैनी

    चण्डीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश की बहनों ने अपनी मेहनत और हुनर से देशभर में नाम कमाया है। यही आत्मनिर्भर भारत की पहचान है हर घर में हुनर और हर हाथ को काम है। आज हरियाणा के हजारों स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर भारत के सबसे मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को पंचकूला में स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में महिलाओं को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर भारत के अग्रदूत हैं। आत्मनिर्भर भारत का असली चेहरा हैं। जब किसी गांव की महिला सिलाई मशीन लेकर या कोई युवा बेटी डेयरी या हस्तशिल्प का कार्य शुरू करती है, तो वह सिर्फ अपने परिवार की आजीविका नहीं बनाती, वह समाज का भविष्य गढ़ती है।

    जैविक खेती व डिजिटल सेवाओं से लेकर छोटे उद्योगों तक में भागीदारी बखूबी निभा रही स्वयं सहायता समूह

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक 65 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया है। इनमें लाखों महिला सदस्य अपनी मेहनत से समाज में सम्मान और पहचान बना रही हैं। सहायता समूहों को बैंक ऋण, प्रशिक्षण, विपणन और ब्रांडिंग की पूरी सुविधा दी है, ताकि वे केवल उत्पादन ही नहीं, बिक्री में भी आत्मनिर्भर बन सकें। प्रदेश की महिलाएं पापड़, अचार, हस्तशिल्प व डेयरी उत्पादों में अपने कौशल का कमाल दिखा रही हैं। साथ ही जैविक खेती और डिजिटल सेवाओं से लेकर छोटे उद्योगों तक में अपनी भागीदारी बखूबी निभा रही हैं। हमारी बहनें अब डिजिटल पेमेंट, ई-कॉमर्स, और ऑनलाइन मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।

    प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों के काम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की प्रशंसा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के काम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रशंसा की है। उन्होंने 28 जुलाई, 2024 को मन की बात कार्यक्रम में रोहतक जिले के हथकरघा उद्योग का जिक्र किया है। उस उद्योग में लगी बहनों की मेहनत और कौशल की तारीफ की । उसमें हमारे रोहतक जिले की 250 से अधिक महिलाएं ब्लॉक प्रिटिंग एवं रंगाई का काम करती हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ट्रेनिंग हासिल की है। जिला गुरुग्राम में शंकर की ढाणी गांव में शंकर स्वयं सहायता समूह में 250 बहनें अपना रोजगार चला रही हैं। वे 150 से अधिक घरों से दूध लेकर डेयरी चला रही हैं, मिठाई की दुकान चला रही हैं और मोटे अनाज के लड्डू, खिचड़ी व अन्य उत्पाद भी बनाकर बेचती हैं। इसी प्रकार, गुरुग्राम के गांव चांदू निवासी पूजा शर्मा को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-2022 के अवसर पर देश के राष्ट्रपति द्वारा ‘नारी शक्ति‘ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

    उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए पदमा स्कीम के तहत वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट को कर रहे प्रोत्साहित

    उन्होंने कहा कि बहनें पशुपालन, बागवानी, मछली पालन, ब्यूटी पार्लर, किराना की दुकानों, कैंटीन आदि के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दे रही हैं। हर क्षेत्र में किसी न किसी उत्पाद की अपनी ही खासियत होती है। हम ऐसे ही उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पदमा स्कीम के तहत वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इस पहल में स्वयं सहायता समूहों की बहनों का अनुभव और कौशल बड़ा काम आएगा।

    सूक्ष्म उद्योगों में निवेश की ऊपरी सीमा को बढ़ाया गया

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि सूक्ष्म उद्योग में निवेश की ऊपरी सीमा 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है। इसी प्रकार, लघु औद्योगिक इकाइयों में निवेश की ऊपरी सीमा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये तथा मध्यम इकाई में 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से आग्रह किया कि इस तरह के उद्योग लगाकर भी स्वदेशी को बढ़ावा दें और देश-प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में और अधिक योगदान करें।

    स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार चलाने के लिए दिए कई प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार चलाने के लिए कई प्रोत्साहन दिए हैं। इन्हें रिवोलविंग फण्ड और सामुदायिक निवेश निधि के रूप में सरल ऋण के तौर पर वित्तीय सहायता दी है । अब तक लगभग 548 करोड़ रुपये की विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। सरकार ने सामुदायिक निवेश निधि की राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपये कर दी है। रिवोलविंग फण्ड की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये की है। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ऋण लेने पर स्टाम्प शुल्क से छूट भी दी गई है।

    सहायता समूहों ने आर्थिक मजबूती के साथ आत्मविश्वास, नेतृत्व और उद्यमिता को दी नई दिशा

    उन्होंने कहा कि सहायता समूहों ने न केवल आर्थिक मजबूती दी है बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व और उद्यमिता को नई दिशा दी है। गांव-गांव में महिलाओं के प्रति बदलती सोच, घर-घर में बढ़ता सम्मान और समाज में उभरती नई ऊर्जा, यह सब स्व-सहायता समूहों के योगदान का ही परिणाम है। विकसित हरियाणा-विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में समूहों की भूमिका का महत्व बहुत ज्यादा है। आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण में आप जितना ज्यादा और जितना सक्रिय योगदान देंगी, हम अपने लक्ष्य को उतना ही जल्दी प्राप्त कर पाएंगे।

    हमारी सरकार निरंतर महिलाओं को सशक्त बनाने का कर रही है काम

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने का निरंतर काम कर रही है। हमारे सरकार ने जो कहा है उसको धरातल पर उतारने का काम किया है। सरकार ने पहले ही बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 5 हजार करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया। इस योजना में लगातार पंजीकरण हो रहा है जिसकी हमने पहली किस्त भी जारी कर दी है। जिसकी दूसरी किस्त भी जल्द जारी की जाएगी। जिन परिवारों की आय 1 लाख 80 हजार से कम है उन बहनों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली, विधायक शक्ति रानी शर्मा सहित काफी संख्या में स्वयं सहायता समूह उपस्थित रहे।