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  • कांग्रेस सरकार के 3 साल: व्यवस्था पतन, कर्ज और जनहित की अनदेखी के तीन वर्ष : डॉ. राजीव बिंदल

    कांग्रेस सरकार के 3 साल: व्यवस्था पतन, कर्ज और जनहित की अनदेखी के तीन वर्ष : डॉ. राजीव बिंदल

    4 दिसंबर को धर्मशाला में विशाल भाजपा प्रदर्शन, झूठी गारंटियों का होगा पर्दाफाश

    ऊना/सुशील पंडित: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने ऊना में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार के 3 वर्ष 11 दिसंबर को पूर्ण हो रहे हैं और मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिली है कि कांग्रेस पार्टी इस अवसर पर मंडी में जश्न मनाने की तैयारी कर रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि वास्तव में यह तीन साल “जश्न” के नहीं, बल्कि व्यवस्था पतन के तीन साल हैं। इन तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश की संपूर्ण व्यवस्थाएं तार-तार हो चुकी हैं।

    उन्होंने कहा कि यह कानून व्यवस्था के पतन के तीन साल हैं, जहां आए दिन लूट, चोरी, फिरौती, डकैती और गोलीकांड की घटनाएं आम हो गई हैं। ऊना के लोग इसके प्रत्यक्ष गवाह हैं, लेकिन यह समस्या केवल ऊना तक सीमित नहीं रही, बल्कि चंबा से सिरमौर और कांगड़ा से किन्नौर तक गोलीकांड और अपराध की घटनाएं आम बात बन गई हैं। यह सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है।

    डॉ. बिंदल ने कहा कि यह भारी कर्ज के तीन साल हैं। प्रदेश सरकार ने भारीभरकम कर्ज तो लिया, लेकिन उस कर्ज को जनता के हित में लगाने में पूरी तरह असफल रही। यह सरकार बेरोजगारों के साथ किए गए भद्दे मजाक के तीन साल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि नौकरियां देने के वादे तो किए गए, लेकिन डेढ़ लाख से अधिक सरकारी पदों को समाप्त कर दिया गया। यह बेरोजगार युवाओं के साथ घोर अन्याय है।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह शिक्षा व्यवस्था के पतन के तीन साल हैं। आए दिन नए फरमान जारी किए जा रहे हैं। पहली से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम लागू कर दिया गया, जबकि शिक्षकों को इसकी न तो समुचित ट्रेनिंग दी गई और न ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए। बच्चे पांचवीं कक्षा में पहुंच जाते हैं और उन्हें बिना तैयारी के ऊँचे स्तर की अंग्रेजी पढ़ाई जाती है। हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं, जिसके कारण कुछ स्कूलों को सीबीएसई में बदल दिया गया और करीब 2000 स्कूल बंद कर दिए गए। अध्यापक व्यवस्था को भी पूरी तरह से छिन्न-भिन्न कर दिया गया है।

    उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य सेवाओं के पतन के तीन साल भी हैं। गरीब व्यक्ति पहले हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजनाओं के माध्यम से इलाज करवा रहा था, लेकिन आज वह इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। हिमकेयर बंद, आयुष्मान बंद, अस्पतालों में दवाइयों की कमी और अव्यवस्थाएं चरम पर हैं। यह सरकार स्वास्थ्य सेवाएं देने में पूरी तरह विफल सिद्ध हुई है।

    डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि यह भाई-भतीजावाद, मित्रों की सरकार और माफिया राज के तीन साल भी हैं। शासन-प्रशासन में पारदर्शिता समाप्त हो गई है और मित्रवाद हावी हो गया है। उन्होंने कहा कि मंडी, जहां आज भी हजारों लोग आपदा के जख्म झेल रहे हैं, अपने घरों की जगह स्कूलों, धर्मशालाओं और रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं, वहीं कांग्रेस सरकार वहां जश्न मनाने की तैयारी कर रही है। यह जश्न नहीं, बल्कि बर्बादी का उत्सव है।

    डॉ. बिंदल ने स्पष्ट किया कि इसी व्यवस्था पतन और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी 4 दिसंबर को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में एक विशाल प्रदर्शन करने जा रही है। इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को उसकी विफलताओं का आईना दिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वही सरकार है जो झूठी गारंटियों के दम पर सत्ता में आई थी। 28 लाख बहनों को ₹1500 रुपये प्रतिमाह देने की गारंटी, 58 साल की उम्र तक पक्की नौकरी देने की बातें, पहली ही कैबिनेट में फैसले लेने के वादे – सब आज हवा-हवाई साबित हो चुके हैं। मित्र, रोगी मित्र, वन मित्र जैसे नामों पर युवाओं के साथ हजारों रुपये मानदेय में अन्याय किया गया है।

    डॉ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार भाजपा पर गुटबाजी का आरोप लगाते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए तीन साल से भाजपा का नाम जप रही है। मुख्यमंत्री से आग्रह है कि यदि उन्हें वास्तव में लगता है कि भाजपा गुटों में बंटी है, तो वे कल ही चुनाव करा लें, जनता स्वयं बता देगी कि कांग्रेस कहां खड़ी है और भाजपा कहां।

    उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह आपदा प्रबंधन, समय पर वेतन और पेंशन भुगतान, कानून-व्यवस्था की मजबूती, नशा कारोबार पर रोक और जनसुरक्षा को सुनिश्चित करे, लेकिन कांग्रेस सरकार इन सभी जिम्मेदारियों से भाग रही है। हिमाचल की जनता आज इस सरकार से पूरी तरह त्रस्त है। डॉ. बिंदल ने कहा कि ना भूतों ऐसी सरकार देखी गई और ना भविष्य में ऐसी सरकार देखने को मिलेगी। अंत में डॉ. बिंदल ने प्रदेश की जनता से 4 दिसंबर के विशाल प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।

  • वित्त मंत्री सीतारमण ने सेस लगाने वाले 2 बिल किए पेश, सिगरेट समेत तंबाकू प्रोडक्ट्स होंगे महंगे !

    वित्त मंत्री सीतारमण ने सेस लगाने वाले 2 बिल किए पेश, सिगरेट समेत तंबाकू प्रोडक्ट्स होंगे महंगे !

    नई दिल्लीः संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हो गई है। कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी गई। जिसके बाद संसद के शीतकालीन सत्र की हंगामेदार शुरुआत हुई है। एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष हंगामा कर रहा है। इस सत्र में सरकार का फोकस 14 अहम विधेयकों को पास कराने पर है, जिनमें दिवाला कानून, बीमा कानून, सिक्योरिटीज मार्केट, कॉर्पोरेट कानून, राष्ट्रीय राजमार्ग, उच्च शिक्षा आयोग, एटॉमिक एनर्जी, जीएसटी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बिल शामिल हैं। शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा। 19 दिनों में संसद की 15 बैठकें होनी हैं। यह 18वीं लोकसभा का छठा सत्र है। इस दौरान कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा, ‘शीतकालीन सत्र में सबसे बड़ा वोट का मुद्दा है, जिस तरीके से वोटों की हेरा फेरी करके सरकार बनाई जाती है, उसपर लगातार चर्चा जारी रहेगी। उसपर चुनाव आयोग जवाबदेह नहीं है, जवाब उन्हें (सरकार) देना हैं लेकिन वो जवाब हमसे मांग रहे हैं, यह दुख की बात है।’

    ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੋ:

    https://encounternewspaper.com/top-news/finance-minister-introduces-two-important-bills-on-the-first-day-of-the-winter-session-proposes-to-implement-new-cess-on-tobacco-products/

    वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 2 अहम बिल पेश किया। दोनों बिल उन उत्पादों पर नई कर व्यवस्था से जुड़े हैं, जिन पर अभी जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस लगता है- जैसे सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला। इसके जरिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क एक्ट, 1944 में संशोधन कर सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर क्षतिपूर्ति सेस खत्म होने के बाद एक्साइज ड्यूटी के जरिए राजस्व संग्रह जारी रखा जाएगा। इसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 नाम दिया गया है। वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025 भी पेश किया। नया सेस उन उत्पादों पर लगेगा जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा जोखिम माना जाता है। पान मसाला जैसे उत्पादों पर यह सेस लगाया जाएगा।

    तंबाकू और पान मसाला जैसी हानिकारक उत्पादों पर अभी 28% जीएसटी लगता है। क्षतिपूर्ति सेस खत्म होने के बाद, तंबाकू और संबंधित उत्पादों की बिक्री पर 40% GST और उत्पाद शुल्क लगेगा, जबकि पान मसाला पर 40% GST और स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस भी लगेगा। केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन बिल में सिगार/चुरूट/सिगरेट पर 5,000 रुपए से लेकर 1,000 स्टिक पर 11,000 रुपए तक उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, इसमें कच्चा तंबाकू पर 60-70% और निकोटीन और सूंघने वाले उत्पादों पर 100% टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। अभी सिगरेट पर कीमत के अनुसार 5% क्षतिपूर्ति सेस और 1,000 स्टिक पर 2,076-3,668 रुपए का सेस लगता है।

    बता दें कि सरकार के इस विधेयक का उद्देश्य “जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर समाप्त होने के बाद, टैक्स को संरक्षित करने के लिए सरकार को तंबाकू और तंबाकू उत्पादों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क की दर बढ़ाने के लिए राजकोषीय गुंजाइश प्रदान करना है।” स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025, पान मसाला जैसी विशिष्ट वस्तुओं के उत्पादन पर उपकर लगाने का प्रावधान करता है। तंबाकू और पान मसाला जैसी हानिकारक वस्तुओं पर वर्तमान में 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है, साथ ही विभिन्न दरों पर क्षतिपूर्ति उपकर भी लगता है। केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन विधेयक, 2025 और स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 यह सुनिश्चित करेंगे कि क्षतिपूर्ति उपकर समाप्त होने के बाद भी तंबाकू और पान मसाला जैसी हानिकारक वस्तुओं पर कर की दर समान बनी रहे। हालांकि, सिगरेट समेत अन्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ेगा इस पर फिलहाल कोई स्पष्टता नहीं है।

     

     

     

  • Jalandhar News: DSP Bharat Masih ने संभाला चार्ज, दी चेतावनी, देखें वीडियो

    Jalandhar News: DSP Bharat Masih ने संभाला चार्ज, दी चेतावनी, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: सब-डिवीजन फिल्लौर के डीएसपी भरत मसीह ने चार्ज संभाला लिया है। भरत मसीह ने बताया कि वह पहले भी इस चौंकी के इंचार्ज रह चुके है। लोगों के सहयोग से उन्हें दोबारा इस इलाके में सेवा करने का मौका मिला है। लोगों के समर्थन से उस समय हमारी टीम ने क्राइम पर पूरी तरह नकेल डालकर रखी थी। अब भी लोगों से उम्मीद है कि वह हमारा और टीम का पूरा सहयोग करेंगे।

    उन्होंने कहा कि जो पंजाब सरकार की युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम चलाई जा रही है। उस पर काम करेंगे और लोगों के सहयोग से नशे के कारोबार पर नकेल डाली जाएगी। कानून का राज रहेगा कोई गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी। इलाके में जो भी नशे के स्पॉट इलाके है। उन्हें चैकआउट करेंगे और निरंतर नजर रखी जाएगी। जो लोग नशे कर रहे है उन्हें नशा छुड़ाओं केंद्र में भेजकर नशे की दल-दल से बाहर निकालने का काम किया जाएगा।

  • Punjab News: Hotel Paris Hilton में पुलिस की दबिश, विदेशी लड़कियां सहित 10 काबू

    Punjab News: Hotel Paris Hilton में पुलिस की दबिश, विदेशी लड़कियां सहित 10 काबू

    बठिंडाः शहर के प्रसिद्ध होटल पैरस हिल्टन में पुलिस ने दबिश दी। जहां पुलिस ने विदेशी लड़कियों सहित 10 को काबू किया है। दरअसल, पुलिस ने ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारकर अश्लील गतिविधियों का भंडाफोड़ किया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक होटल में विदेशी लड़कियों की मौजूदगी में पार्टी की जा रही थी। इस दौरान होटल में पुलिस के पहुंचते ही सन्नाटा छा गया।

    मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी नरेन्द्र सिंह ने बताया कि उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि होटल में संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए छापा मारा गया। जांच के दौरान पुलिस ने होटल से 10 लोगों को काबू किया गया है, जबकि कुछ विदेशी लड़कियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई के बाद घर भेज दिया गया। पुलिस ने होटल मालिक पंकज, उसके पार्टनर और एक अन्य व्यक्ति समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    बताया जा रहा है कि होटल में विदेशी लड़कियों के साथ सेक्स रैकेट चलाए जाने का भी शक है, जिसकी पुष्टि के लिए आगे की जांच जारी है। एसपी सिटी नरेन्द्र सिंह ने कहा, “हमने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आगे की कार्रवाई तीव्र गति से चल रही है।”

     

     

     

     

  • केंद्र की नीति पर सवाल: क्यों पंजाब पीछे, जबकि दूसरे राज्यों को मिल रहा तुरंत पैसा?

    केंद्र की नीति पर सवाल: क्यों पंजाब पीछे, जबकि दूसरे राज्यों को मिल रहा तुरंत पैसा?

    चंडीगढ़: 2025 के भयानक बाढ़ ने पंजाब को तबाह कर दिया था। लाखों एकड़ फसल डूब गई, सैकड़ों गांव पानी में समा गए, हजारों परिवार बेघर हो गए। उस मुश्किल घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पंजाब आए थे। हवाई सर्वे किया, कैमरों के सामने बड़े-बड़े वादे किए और ऐलान किया कि केंद्र सरकार पंजाब को बाढ़ राहत के लिए 1600 करोड़ रुपये की विशेष सहायता देगी। पंजाब के लोगों ने राहत की सांस ली थी कि अब कम से कम केंद्र सरकार तो साथ खड़ी है।

    लेकिन आज कई महीने बीत जाने के बाद भी उस 1600 करोड़ में से एक रुपया भी पंजाब के खाते में नहीं आया। न एक पैसा। न केंद्र ने कोई आधिकारिक पत्र भेजा, न कोई किस्त जारी की। प्रधानमंत्री का वह भव्य ऐलान सिर्फ़ कैमरों और हेडलाइनों तक सीमित रह गया। पंजाब की जनता आज भी उसी बाढ़ के घाव चाट रही है और केंद्र सरकार मुँह फेरे बैठी है।

    पंजाब सरकार ने बार-बार केंद्र को पत्र लिखे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को चिट्ठियां लिखीं, मीटिंग मांगी, रिमाइंडर भेजे। हर बार जवाब मिला – “विचार किया जा रहा है”, “प्रक्रिया चल रही है”। लेकिन प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हुई। सैकड़ों मौतें हुईं, अरबों का नुकसान हुआ, फिर भी केंद्र सरकार की नींद नहीं टूटी।

    दूसरी तरफ जब बिहार, असम या गुजरात में बाढ़ आती है तो केंद्र सरकार तुरंत पैकेज घोषित करती है, तुरंत पैसे ट्रांसफर कर देती है। वहाँ के मुख्यमंत्री अगर भाजपा के हैं तो राशि दोगुनी-तिगुनी हो जाती है। लेकिन पंजाब? पंजाब तो आम आदमी पार्टी की सरकार है, इसलिए यहाँ भेदभाव, उपेक्षा और सज़ा। भाजपा को लगता है कि पंजाब को सबक सिखाना है, भले इसके लिए लाखों किसान और मज़दूर भुखमरी की कगार पर पहुँच जाएँ।

    केंद्र के मंत्री कभी 411 करोड़, कभी 480 करोड़, कभी 800 करोड़ दिए जाने का दावा करते हैं, लेकिन पंजाब के खजाने में एक भी रुपया नहीं आया। ये झूठी प्रेस रिलीज़ सिर्फ़ जनता को गुमराह करने के लिए हैं। सच तो आरटीआई और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है – 1600 करोड़ का एक पैसा भी नहीं आया। यह सिर्फ़ धोखा नहीं, पंजाब के साथ विश्वासघात है।

    पंजाब ने हमेशा देश को अनाज दिया, देश की सीमाओं की रक्षा की, सबसे ज़्यादा सैनिक दिए। लेकिन जब पंजाब मुसीबत में है तो केंद्र सरकार उसकी पीठ पर छुरा घोंप रही है। यह राजनीतिक बदला है, क्षेत्रीय भेदभाव है, संवैधानिक अधिकारों का हनन है।

    पंजाब की जनता यह सब देख रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव दूर नहीं। जिस दिन पंजाब जवाब देगा, उस दिन दिल्ली की सत्ता के गलियारे कांप उठेंगे क्योंकि पंजाब माफ़ नहीं करता, पंजाब याद रखता है।

  • Divider पर चढ़ी बारातियों से भरी बस, छत्त पर बैठे दुल्हन के चाचा की मौत

    Divider पर चढ़ी बारातियों से भरी बस, छत्त पर बैठे दुल्हन के चाचा की मौत

    बिहारः बारातियों से भरी एक बस डिवाइडर पर जा चढ़ी। हादसे में बस की छत पर बैठे दुल्हन के चाचा की मौत हो गई। घटना दीपनगर थाना क्षेत्र के बख्तियारपुर-रजौली NH-20 स्थित कंचनपुर गांव के पास की है। टक्कर लगते ही दुल्हन का चाचा हवा में उछलकर 50 फीट दूर जा गिरे। हादसे में 32 से ज्यादा बाराती घायल हुए।

    घायलों ने बताया कि टक्कर के बाद लोग बस की खिड़की से सामान लेकर बाहर कूदे। सीटें एक दूसरे के ऊपर आ गईं। बस की स्पीड 80 से ज्यादा थी। ड्राइवर एक हाथ से गाड़ी चला रहा था और दूसरे हाथ से मोबाइल पर बात कर रहा था।

    मृतक की पहचान नवादा जिला के काशीचक थाना क्षेत्र के भैरो विगहा के रहने वाले सिदेश्वर प्रसाद के तौर पर हुई है। भैरो विगहा से शादी समारोह में शामिल होने के लिए बिहार शरीफ के सोहसराय आए थे। शादी के बाद वापस लौट रहे थे। फिलहाल मौके पर दीपनगर थानाध्यक्ष राजमणि कुमार पुलिस टीम के साथ पहुंचे और घायलों को इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। छानबीन की जा रही है।

  • Punjab News: 7 अत्याधुनिक पिस्तौलों सहित 2 आरोपी गिरफ्तार

    Punjab News: 7 अत्याधुनिक पिस्तौलों सहित 2 आरोपी गिरफ्तार

    अमृतसरः क्राइम की वारदातों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस द्वारा पाक की और से घटनाओं को अंजाम देने की कोशिशों को लगातार नाकाम किया जा रहा है। वहीं कमिश्नरेट पुलिस ने खुफिया इनपुट के आधार पर पाकिस्तान समर्थित हथियार तस्करी मॉड्यूल को नाकाम किया है। इस मामले में 2 ऑपरेटिव को पुलिस ने गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 7 अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद की गई हैं। मामले की जानकारी देते हुए डीजीपी गौरव यादव कहा कि पाकिस्तान आधारित नेटवर्क के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

    ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੋ:

    https://encounternewspaper.com/punjab/amritsar/amritsar-police-foils-major-conspiracy-arms-smuggling-gang-linked-to-pakistani-handler-exposed/

    डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी सीधे पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देशों पर काम कर रहे थे। यह हैंडलर वाट्सऐप के जरिए उन्हें ड्रोन डिलीवरी के पिकअप पॉइंट भेजता था। रात के अंधेरे में ड्रोन सीमापार से हथियार गिराते थे और आरोपी उन्हें उठाकर आगे मॉड्यूल तक पहुंचाते थे। जांच में पता चला है कि यह मॉड्यूल लंबे समय से सक्रिय था और पंजाब में हथियारों की लगातार सप्लाई चेन बनाए रखने के लिए काम कर रहा था।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों को हैंडलर की ओर से हर कदम पर एन्क्रिप्टेड चैट के जरिए आदेश मिलते थे। पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क पंजाब में किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहा था। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पकड़े गए दोनों ऑपरेटिव्स से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस सीमा पार से हो रही ड्रोन तस्करी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रही है। पंजाब पुलिस ने साफ कहा है कि राज्य की शांति और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी पाकिस्तान-समर्थित मॉड्यूल को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।

     

  • शादी के बंधन में बंधी Samantha Ruth Prabhu, लॉन्ग टाइम Boyfriend संग लिए सात फेरे

    शादी के बंधन में बंधी Samantha Ruth Prabhu, लॉन्ग टाइम Boyfriend संग लिए सात फेरे

    मनोरंजन: साउथ एक्ट्रेस समांथा रुथ के फैंस के लिए एक गुड न्यूज सामने आई है। एक्ट्रेस ने समांथा लॉन्ग टाइम ब्वॉयफ्रेंड राज निदिमोरु के साथ दूसरी शादी कर ली है। पहले एक्ट्रेस की शादी को लेकर कोई कंफर्मेशन नहीं थी परंतु अब उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालकर इस बात की पुष्टि कर दी है।

    लाल रंग की साड़ी में दिखी समांथा

    समांथा ने अपने खास दिन के लिए लाल रंग की साड़ी पहनी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर की है। इन तस्वीरों में वह लाल रंग की साड़ी में नजर आ रही हैं। तस्वीर में कपल एक-दूसरे को सगाई की अंगूठी पहनाते हुए दिख रहे हैं। समांथा और राज की केंडिड तस्वीरों पर फैंस काफी प्यार लुटा रहे हैं।

    भेरवी मंदिर में हुई दोनों की शादी

    समांथा और राज ने आज सुबह शादी कर ली है। शादी ईशा योगा सेंटर के भेरवी मंदिर में हुई है। इस शादी में सिर्फ 30 मेहमान ही शामिल हुए। समांथा ने शादी के लिए लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी। शादी बहुत ही निजी और गोपनीय रखी गई थी। एक्ट्रेस ने अपनी शादी को ज्यादा हाइलाइट ही नहीं किया। बिना किसी शोर शराबे के अपने नए हमसफर के साथ उन्होंने शादी रचा ली है। इसमें दोनों परिवार के करीबी ही शामिल हुए थे।

    दोनों की है दूसरी शादी

    बीती रात से ही दोनों की शादी को लेकर खबरें आ रही थी। राज और समांथा दोनों की ही ये दूसरी शादी है। राज की एक्स पत्नी श्यामली दे ने अपनी इंस्टाग्राम में एक स्टोरी भी पोस्ट की थी। इस स्टोरी में उन्होंने लिखा था कि – ‘डेस्परेट लोग डेस्परेट करने वाले काम करते हैं’। इस पोस्ट के बाद से समांथा और राज की शादी की खबरें चर्चा में आ गई थी। 2022 में राज और श्यामली का तलाक हो गया था।
     
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    वहीं समांथा ने भी पहली शादी नागा चैतन्य के साथ की थी। उनकी ये शादी भी चल नहीं पाई थी। 2021 में दोनों ने तलाक ले लिया था। इसके बाद से दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में मूवऑन कर गए थे। नागा चैतन्य ने भी दूसरी शादी कर ली है। उनकी शादी ग्रैंड सेरेमनी के तौर पर हुई थी।  
  • Punjab News: ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनाव का बिगुल बजा, नामांकन प्रक्रिया शुरू, देखें वीडियो

    Punjab News: ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनाव का बिगुल बजा, नामांकन प्रक्रिया शुरू, देखें वीडियो

    अमृतसरः पंजाब में ब्लॉक समितियों और जिला परिषद चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। आज से नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है, जो 4 दिसंबर तक जारी रहेगी। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार 5 दिसंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 6 दिसंबर को उम्मीदवार चाहें तो अपने नामांकन वापिस ले सकेंगे।

    अजनाला क्षेत्र में चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी व SDM अजनाला रविंदर सिंह अरोड़ा ने बताया कि पहले दिन अभी तक कोई नामांकन दाखिल नहीं हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराए जाएंगे।
    SDM अरोड़ा ने क्षेत्र के मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील भी की।

  • Jalandhar News: लापता 328 पावन स्वरूपों को लेकर जगजीत सिंह डल्लेवाल का आया बड़ा बयान, देखें Live

    जालंधर, ENS: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पब्लिकेशन विभाग के रिकॉर्ड से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता 328 पावन स्वरूपों को लेकर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान शिरोमणि कमेटी द्वारा कार्रवाई ना किए जाने को लेकर डल्लेवाल ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जो लोग इंसाफ की मांग कर रहे थे, उनके साथ प्रशासन से मारपीट करवाई गई और उन पर पर्चे दर्ज किए गए।

    उन्होंने कहा कि 24 अक्टूबर 2020 की यह घटना है। वहीं लापता 328 पावन स्वरूपों को लेकर कहा कि यह घटना 2015 की है। वहीं अन्य नेता ने कहा कि अकाली दल नेता द्वारा किसानों के धरने को लेकर डल्लेवाल के अनशन के दौरान कहा था कि अगर वह जींदा वापिस लौटे तो वह लापता स्वरूपों को लेकर मुद्दे को उठाएंगे। उन्होंने इस मामले को लेकर डीजीपी से मांग की है इस मामले को लेकर निष्पक्ष जांच की जाए।