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  • महज 34 रुपये में मिल रहा ये Mini Usb Lamp !

    महज 34 रुपये में मिल रहा ये Mini Usb Lamp !

    घरों में आप में आमतौर पर महंगे नाइट लैंप जरूर देखे होंगे लेकिन इनका आकार इतना ज्यादा बड़ा होता है कि हर जगह इन्हें नहीं रखा जा सकता है। जैसा कि हमने आपको बताया कि इनकी कीमत काफी ज्यादा होती है ऐसे में लोग कई बार इन्हें खरीद भी नहीं पाते हैं। अगर आपका बजट भी नहीं बन पा रहा है और आप अपने घर के हर कमरे में एक नाइट लैंप लगाना चाहते हैं तो आज हम आपके लिए किफायती ऑप्शन लेकर आए हैं जिओ अमेज़न पर काफी ट्रेंडिंग बना हुआ है। यह प्रोडक्ट इतना दमदार है कि ग्राहक से धड़ल्ले से खरीद रहे हैं और इसकी कीमत ₹100 से कम है ऐसे में कोई भी से आसानी से खरीद सकता है।

    कौन सा है ये नाइट लैंप

    जिस नाइट लैंप की हम बात कर रहे हैं वह असल में यूएसबी लाइट है जिसे आप पावर बैंक से लगाकर या फिर यूएसबी पोर्ट से लगाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। इनका आकार इतना छोटा रहता है कि यह आपकी पॉकेट में भी फिट हो जाती है। अमेजन पर ये लाइट DIGILIO USB Lights by Night Plug-in Mini LED Bulb Portable Compact Night Light के नाम से उपलब्ध है और आप इन्हीं आसानी से खरीद सकते हैं। ये लाइट जबरदस्त हैं लेकिन सबसे खास है इनकी कीमत। बता दें कि ये लाइट महज 34 रुपये में उपलब्ध हैं ऐसे में कोई भी इन्हें खरीद सकता है।

    क्या है खासियत 

    ये लाइट वॉटरप्रूफ है और ग्राहक इसे अगर रफली भी इस्तेमाल करते हैं तो ये लम्बे समय तक खराब नहीं होती हैं, इनका आकार काफी छोटा होता, ऐसे में आपको इन्हें इस्तेमाल करने के लिए ज्यादा स्पेस नहीं चाहिए होता है। लाइट ना होने के बावजूद भी आप इस लैम्प लाइट को पावरबैंक की बदौलत आसानी से चलाया जा सकता है। 

  • दून का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन में दर्ज

    दून का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन में दर्ज

    पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी को मिला अचीवमेंट अवॉर्ड

    बद्दी (सचिन बैंसल)। लोकप्रिय नेता स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह का पहले ही निस्वार्थ सेवाएं देने और हिमाचल प्रदेश को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन में नाम दर्ज हुआ था, आज भी उनका नाम पूरे हिमाचल में गूंजता है । वीरभद्र सिंह पहले ऐसे  हिमाचल के नेता थे जो 6 बार बतौर मुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, उनकी अच्छी कारगुजारी को देखते हुए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन में जहां उनका नाम दर्ज है वहीं पर लॉर्ड ऑफ पार्लियामेंट यूके में उनको याद किया जाता है। इसी तरह दून के  पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन द्वारा  1600 किलोमीटर डोर टू डोर कंपेन व निस्वार्थ सेवाएं देने के लिए इस संस्था ने अचीवमेंट अवॉर्ड देकर सम्मानित किया है। यह अवार्ड उन्हें  वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन के हिमाचल चैप्टर के प्रेसिडेंट   एवं क्यूरटेक ग्रुप के एमडी सुमित सिंगला ने दिया है। दून के लिए जहां  यह अवार्ड मिलना बहुत गर्व की बात है वहीं  राम कुमार चौधरी हिमाचल में दूसरे ऐसे  नेता  है।

    जिनका हमेशा ही समाज सेवा करना मुख्य उद्देश्य रहा है। कोरोना काल में पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी  दो बार ग्रसित हुए परंतु उनका जनता के साथ  इतना प्यार था कि उनसे  जनता के लिए जो भी मदद बन पाती थी ज्यादा से ज्यादा सहयोग कर उनकी ओर से हर क्षेत्र में निस्वार्थ सेवा कार्य किया गया। रामकुमार चौधरी ने कहा कि कभी भी किसी पद पर बैठकर उसका दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में उनका मुख्य लक्ष्य यह है कि दून के साथ साथ पूरे हिमाचल की निस्वार्थ सेवा करूं। कहा कि आज मुझे उपलब्धि मिलने पर खुशी है कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन की ओर से मेरी सेवाओं के कारण मुझे अवॉर्ड मिला है, जिसके कारण  मैं और ज्यादा प्रोत्साहित होकर कार्य कर खरा उतरने का प्रयास करूंगा व जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का निदान करूंगा। उन्होंने वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन के हिमाचल प्रेसिडेंट सुमित सिंगला का  अचीवमेंट अवॉर्ड दिए जाने के लिए आभार जताया है। चौधरी ने कहा कि जैसे ही मुझे अवॉर्ड  मिला  दून के लोगों का उन्हें बधाइयां देने के लिए तांता लगा हुआ है । राम कुमार चौधरी ने कहा कि आने वाले समय में अपने पिता स्वर्गीय लज्जाराम चौधरी के नक्शे कदम पर चलना मेरा मुख्य उद्देश्य है आज भी मुझे ऐसा लगता है कि वह मेरे साथ तो हैं ही अपितु  दून  की जनता के कण-कण में विद्यमान है। इस अवसर पर दून कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवम् इंटक नेता संजीव कुडलस व अन्य उपस्थित रहे।

  • हिमोत्कर्ष परिषद का 49वां वार्षिक समारोह फरवरी 2023 में होगा आयोजित

    हिमोत्कर्ष परिषद का 49वां वार्षिक समारोह फरवरी 2023 में होगा आयोजित

    ऊना/सुशील पंडित: हिमोत्कर्ष साहित्य संस्कृति एवं जनकल्याण परिषद की सामान्य सभा की बैठक परिषद के प्रदेशाध्यक्ष जतिंद्र कंवर की अध्यक्षता में रविवार को ऊना मुख्यालय पर संपन्न हुई। बैठक में हिमोत्कर्ष परिषद का 49वां वार्षिक समारोह फरवरी 2023 में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। 
    बैठक को संबोधित करते हुए परिषद के प्रदेशाध्यक्ष जतिंद्र कंवर ने कहा कि हिमोत्कर्ष परिषद का 49वां वार्षिक समारोह फरवरी 2023 में आयोजित किया जाएगा। इसमें उत्तरी भारत की पांच विभूतियों को राष्ट्रीय एकात्मकता पुरस्कारों से तथा हिमाचल प्रदेश की तीन विभूतियों को हिमाचलश्री पुरस्कारों से नवाजा जाएगा।

    वार्षिक समारोह में जिला ऊना के दसवीं कक्षा के विभिन्न स्कूलों के टॉपर्स को भी छात्रवृति, मैडल व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा ऊना जिला की 10 नर्सिंग की मेधावी छात्राओं को भी नकद स्कॉलरशिप प्रदान किए जाएंगे। वार्षिक समारोह की तैयारियों को लेकर विभिन्न समितियों का भी गठन किया गया। उन्होंने कहा कि 27 नवंबर रविवार को ऊना के होटल सुविधा पैलेस में सुबह 11 बजे अमोदनी विधवा राशन वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें जिला भर से चयनित 64 विधवाओं को तीन-तीन माह के राशन के रुप में 2250 रुपए मूल्य प्रत्येक का राशन प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमोत्कर्ष परिषद समाजसेवा के विभिन्न प्रकल्पों को लगातार चला रही है। परिषद के नियमित सेवा प्रकल्पों में ऊना मुख्यालय पर रोटरी गली में चल रहा हिमोत्कर्ष महिला प्रशिक्षण संस्थान छात्राओं को व्यावसायिक शिक्षा प्रदान कर रहा है। यहां पर छात्राओं को कटिंग टेलरिंग व ड्रैस मेकिंग के अलावा फैशन डिजाईनिंग व कम्पयूटर एप्लीकेशन के हॉबी कोर्सिज करवाए जा रहे है।

    इस संस्थान में बच्चों को कौशल विकास भत्ते का लाभ भी दिया जाता है। इसके अलावा परिषद की एंबुलेंस सेवा भी ऊना जिला के लोगों को लाभान्वित कर रही है। हर माह 25 से 30 रोगी हिमोत्कर्ष एंबुलेंस सेवा से लाभान्वित हो रहे है। हिमोत्कर्ष परिषद के अन्य नियमित प्रकल्पों में विधवा महिलाओं को राशन वितरण तथा मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृतियां प्रदान करना शामिल है। जबकि परिषद द्वारा निशुल्क चिकित्सा शिविरों का भी आयोजन किया जाता है। वहीं जरुरतमंद रोगियों को भी आर्थिक मदद प्रदान कर उपचार में सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिषद इस वर्ष 10 ऐसे गंभीर रोगों से पीडि़त रोगियों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक मदद प्रदान करेगी, जोकि आर्थिक तौर पर कमजोर हो।

    उन्होंने परिषद के सभी सदस्यों को सेवा के नियमिति प्रकल्पों में अपना योगदान पूर्ववत जारी रखने का भी आहवान किया। बैठक में परिषद के सहाहकार एचआर वशिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूर्ण लाल शर्मा, प्रदेश महासचिव डा. रविंद्र सूद, ठाकुर यशपाल सिंह, नरेश सैनी, उपाध्यक्ष प्रो. बीके शर्मा, जिला ऊना के अध्यक्ष करणपाल मनकोटिया, नैरचौक मंडी शाखा के अध्यक्ष योगिंद्र वालिया, सीता राम वर्मा, हिमोत्कर्ष कार्यकारिणी सदस्य कृष्णपाल शर्मा, अशोक ऐरी, कर्नल डीपी वशिष्ट, डा. जागृति दत्ता, रविंद्र डोगरा, शेषपाल सिंह ठाकुर, रमा कंवर, मुनिंद्र अरोड़ा, बलदेव डोगरा, रविंद्र मैहता व अन्य सदस्य उपस्थित थे।

  • मतदाताओं को दर्द देकर गया 2022 का चुनाव!

    मतदाताओं को दर्द देकर गया 2022 का चुनाव!

    मतदाताओं ने दून-नालागढ़ विधानसभा में हुई बद-इंतजामियों पर नालागढ़ प्रशासन को जमकर घेरा

    बद्दी (सचिन बैंसल)। दून विधानसभा क्षेत्र में चुनाव तो शांतिपूर्वक संपन्न हो गया लेकिन इस दौरान मतदाताओं को जो दर्द मिले वो उसको लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे। दून विधानसभा के मैदानी इलाके में जिला प्रशासन व चुनाव आयोग ने चुनाव से पूर्व वो अभ्यास नहीं किया जो उसको करना चाहिए था जो कि पूर्व के चुनावों का अनुभव था। 2017 के विस चुनावों के साथ साथ 2019 के लोकसभा चुनावों में आई दिक्कतों पर अवलोकन करने का एक भी बार उपमंडल  के अधिकारियों ने जरुरी नहीं समझा। अधिकारी दिल्ली व शिमला से आए हुए आयोग के स्लोगनों को शेयर करते हुए उसका प्रचार प्रसार करते रहे लेकिन हकीकत में लोकतंत्र के इस पर्व को अम्लीजामा कैसे पहनाया जाए उस पर वर्क ही नहीं किया। कारण यह हुआ कि लोग सुबह 8 बजे से लेकर रात को 10 बजे तक वोटिंग मे उलझे रहे। दून विस के मलपुर बूथ में लोगों ने नाश्ता-दोपहर का भोजन व रात का भोजन इधर उधर से मंगवाकर वहीं किया। नालागढ़ के डोली बारियां बूथ में यही हुआ। बिना वजह व बिना कारण से इतने बडे बडे बूथ बना दिए गए जिसका कोई औचित्य नहीं था। 1400 के लगभग संख्या के बूथों में एक मशीन ने भुगतान होना मुश्किल है यह सब जानते हैं तो अधिकारी दफतरों में बैठकर क्या आकलन करते रहे। कहीं बैठने को जगह नहीं था कहीं गंदगी बहुत थी तो कहीं पीने का पानी तक नहीं था तो कहीं बाथरुम साफ नहीं थे। महिलाओं व बुजुर्गों के साथ साथ विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए मानो यह लोकतंत्र का त्यौहार कोई दर्द लेकर आया हो लेकिन फिर भी देवतुल्य जनता मौके पर रात दस बजे तक डटी रही। इस संदर्भ में बहुत सी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रशासन को बद इंतजामियों पर जमकर घेरा–

    इस बार  वोटर को इतनी परेशानी हुई है इतनी कभी भी नहीं हुई है। यदि आगे को पोलिंग बूथ कि संख्या नहीं बढ़ाई तो आगे से कोई भी वोट डालने नहीं जाएगा। सबसे ज्यादा दु:ख तो तब हुआ कि बहुत सारे वोटर वोट देने के लिए चंडीगढ़ और पंचकूला से आऐ और बेचारे 3 घण्टे तक लाइनों मे खडे रहे। जो लोग यहॉ 20 सालों से रह रहे थे उनके अपने मकान भी है पुरानी वाली लिस्ट में से हटा दिए गए ।  बिना मकान नंबर और बिना पक्के पक्के पू्रफ वाले लोगों के नाम लिस्ट मे डाले गए। पूरे मनमाने तरीके से काम किया गया है। जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है जबकि फेज़ 3 के लोगो ने नालागढ़ प्रशासन से मिलकर बहुत पहले फेज़ 3 और बंसती बाग वाले वोटर  के लिए अलग बूथ बनाने का प्रस्ताव दिया था उसको कैंसिल कर दिया। जिसके कारण लोगो को भारी परेशानी का सामना कल करना पड़ा। नालागढ़ प्रशासन के समस्त कृत्य वोटरों को तंग करने वाले थे।

    –कुलवीर सिंह आर्य, अध्यक्ष आर्य समाज बददी–

    लगभग सभी बूथों पर ऐसा हाल ही था। हमारे बूथ पर 1200 से अधिक वोट थे और बहुत धीमी गति से वोटिंग हो रही थी। मैने तो देखा कि कुछ लोग जो कि शारीरिक रुप से अक्षम थे उनको वोट डालने के लिए बहुत मशक्कत करनी पडी। मरीजों व बुजुर्गों को बहुत परेशानी हुई। चुनाव आयोग हर बूथ जिसमें 600 से ज्यादा वोट है में दो मशीनें स्थापित करे।

    –भगत राम-सेवानिवृत अध्यापक झाडमाजरी–

    मंधाला गांव की करीब 1160 वोटो के लिए सिर्फ एक बूथ है और लोग भेड बकरियों की तरह दो दो घंटे से खडे अपनी बारी का ईंतजार कर रहे हैं । सीनियर सिटीजन के लिए कोई प्राथमिकता नहीं दी जा रही जो चुनाव आयोग की हिदायतों का खुल्लमखुला उलंघन है । पोलिंग स्टाफ बेहद धीमी गति से काम कर रहा था । कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं था । लोग बिना वोट डाले वापिस मुड रहे थे । मतदान कम होने की पूरी संभावना है । जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है वर्ना चुनाव में ऐसा तकनीकी कुप्रबंधन कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाता । मैने भी अनगिनत चुनावों में बतौर सैक्टर मजिस्ट्रेट अतयंत संवेदनशील इलाकों में भूमिका निभाई है लेकिन हैरान हूं ऐसी कुव्यवस्था और घोर लापरवाही के लिए तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक चार्जशीट हो चुके होते।

    -हरबंस लाल मैहता-सेवानिवृत अधिकारी-मंधाला-

    बददी पोलिंग बूथ पर भी वे यही हाल था….! घंटों  बीमार और  बूढ़े वा मेहलाएं कतारों में खड़े रहे। मात्र एक मशीन वार्ड 1 व 2 के लिए लगाई गई थी। केंद्रीय पुलिस बल के जवानों का व्यवहार भी एग्रेसिव वा असभ्य था। कम से कम महिलाओं और ब सीनियर सिटीजन के लिए अलग से पंक्ति होनी चाहिए थी। हर बूथ में कम से कम 2 ईवीएम होनी चाहिए। मैने भी लगभग 15 साल अपनी फोर्स को डिप्लॉय कर ऑल ओवर इंडिया विभिन राज्यों मैं चुनाव में सिक्यूरिट व्यवस्था को निभाया है। ऑफ केंद्रीय बल का अधिकारी होने के नाते कर्तव्य का निर्वाह किया है। डिस्ट्रिक्ट लेवल पर तथा केंद्रीय चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ मीटिंग्स में शामिल हो कर सुचारु व जन सुविधाओं व जन सम्मान को ध्यान में रखते हुए चुनाव को अंजाम तक पहुंचाया है।  मगर ऐसी अव्यवस्था मैने कहीं भी नहीं देखी। ये सब डिवीजन लेवल पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों की घोर असफलता है। केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों और राज्य पुलिस कर्मीयों को भी आम जनता की भावनाओं और उनके सम्मान का पूरा ध्यान रखने भी विनम्रता के साथ पेश आने का हिदायत देना जरूरी है। यह कर्मी सेवक हैं मालिक नहीं, इस बात पुलिस बल के सदस्यों को ध्यान में रखना चाहिए। हिमाचल के लोग तो वैसे भी अन्य राज्यों की तुलना में बहुत ही सभ्य और सुसंस्कृत वा शांति प्रिय होते हैं।

    –अमर चंद ठाकुर-सेवानिवृत पुलिस अफसर  भारत सरकार–

  • मंदिर का गेट तोड़ मूर्ति के सामने जा खड़ी हुई कार, देखें वीडियो

    मंदिर का गेट तोड़ मूर्ति के सामने जा खड़ी हुई कार, देखें वीडियो

    प्रतापगढ़ः राजस्थान के प्रतापगढ़ में शनिवार को एक अनियंत्रित कार प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में चैनल को तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। कार सीधा भगवान की मूर्ति के सामने जाकर रुक गई। हालांकि इस दौरान कोई हताहत नहीं हुआ और कार में सवार दोनों व्यक्ति भी सुरक्षित रहे।

    ये पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। मंदिर मौजूद श्रद्धालु इसे चमत्कार बता रहे हैं। खाटू श्याम मंदिर मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकेश भावसार ने बताया कि कृषि उपज मंडी के पीछे स्थित प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में सुबह श्रद्धालु पूजा अर्चना कर रहे थे।

    वहां पर एक श्रद्धालु अपनी कार लेकर आया हुआ था। दर्शनों के बाद जब वह और उसका साथी वापस लौट रहे थे तो कार स्टार्ट करने के दौरान गलती से उसने अपना नियंत्रण खो दिया और कार मंदिर का चैनल गेट तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। गनीमत रही भगवान की मूर्ति के सामने कार जाकर रुक गई।

    इस घटना के दौरान मंदिर में कुछ श्रद्धालु भी मौजूद थे हालांकि सभी बाल-बाल बच गए। कार सवार व्यक्तियों को भी कोई चोट नहीं आई। भावसार ने बताया कि जिस रफ्तार से कार मंदिर में घुसी और भगवान के सामने आकर रुक गई यह किसी चमत्कार से कम नहीं है हालांकि कार में मामूली नुकसान हुआ है, बाद में श्रद्धालुओं ने मिलकर कार को वापस बाहर निकलवाया।

  • बस स्टैंड पर पनबस और पंजाब रोडवेज की स्ट्राइक के कारण यात्री हुए परेशान, लगी लंबी कतारें, देखें वीडियो

    बस स्टैंड पर पनबस और पंजाब रोडवेज की स्ट्राइक के कारण यात्री हुए परेशान, लगी लंबी कतारें, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः बटाला डिपो के कंडक्टर की कथित नाजायज रिपोर्ट करने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। वहीं बस स्टैंड सेक्टर 43 में पंजाब रोडवेज और पनबस के कर्मचारियों ने हड़ताल की हुई है। इसी के चलते आज रविवार को स्टूडेंट्स चंडीगढ़ में पेपर देने के लिए आए थे, लेकिन अब घर जाने के लिए बस स्टैंड सेक्टर 43 में स्टूडेंट्स के साथ कई यात्री बस स्टैंड पर मौजूद है लेकिन पनबस और पंजाब रोडवेज की हड़ताल के चलते कोई बस ना होने केे चलते यात्रियों को काफी मशक्त करनी पड़ रही है।

    वीडियो में आप देख सकते है कि बस स्टैंड पूरा भरा पड़ा है लेकिन कोई कोई सरकारी बस वहां पर स्ट्राइक चलते मौजूद नहीं है। बता दें कि पंजाब रोडवेज और पनबस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन द्वारा अपने साथी कंडक्टर की नजायज रिपोर्ट के चलते बसों का चक्का जाम किया हुआ है।

  • पंजाबः सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में इंसाफ के लिए पिता ने शुरू की नई मुहिम

    पंजाबः सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में इंसाफ के लिए पिता ने शुरू की नई मुहिम

    मानसा: पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला मर्डर में इंसाफ के लिए मूसेवाला के परिवार ने एक नई मुहिम शुरू की है। मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने इंसाफ के लिए सिग्नेचर कैंपेन मुहिम शुरू की है। गांव मूसा में घर के अंदर एक रजिस्ट रखा गया है। सिद्धू मूसेवाला के फैंस इस मुहिम में हिस्सा ले रहे हैं।

    रजिस्टर पर मूसेवाला के फैंस अपने हस्ताक्षर कर रहे हैं और अपने विचार लिख रहे हैं। गौरतलब है कि सिद्ध मूसेवाला के पिता ने अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए यह हस्ताक्षर मुहिम शुरू की हैं। पिता बलकौर सिंह ने कहा कि वह यह रजिस्टर जिस पर मूसेवाला के फैंस ने हस्ताक्षर किए हैं उसे कोर्ट में पेश करेंगे और कहेंगे कि सिद्धू मूसेवाला केवल उनका ही नहीं हैं जिन्होंने इस रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए हैं उनका भी है। 

  • पंजाबः छप्पड़ के नजदीक से 22 वर्षीय नर्स का शव बरामद, मचा हड़कंप

    पंजाबः छप्पड़ के नजदीक से 22 वर्षीय नर्स का शव बरामद, मचा हड़कंप

    मोहाली: जिले के गांव सोहाना से बड़ी ख़बर सामने आई है। गांव सोहाना में छप्पड़ के नजदीक एक महिला का शव बरामद होने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक छप्पड़ के नजदीक से बरामद हुआ शव एक निजी अस्पताल में काम करने वाली नर्स का है। वहीं महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है।

    मृतक की पहचान अबोहर निवासी 22 वर्षीय नसीब के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने अज्ञात पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • पूर्व फौजी ने पहले महिला को फिर खुद को मारी गोली

    पूर्व फौजी ने पहले महिला को फिर खुद को मारी गोली

    रोहतकः हरियाणा के रोहतक स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में रविवार सुबह पूर्व फौजी ने एक महिला को गोली मार दी। जिसके कारण महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसके बाद पूर्व फौजी ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली लगने के बाद महिला ने खुद पुलिस को फोन किया। सूचना पाकर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।

    घटनास्थल से रिवाल्वर भी बरामद हुआ है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पूर्व फौजी ने ऐसा क्यों किया। दोनों के परिवार वालों से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि मामले की तय तक पहुंचा जा सके। पूर्व फौजी पिछले करीब 10 साल से फ्रेंड्स कॉलोनी में रहता था।

    दोनों झज्जर के रहने वाले

    मृतक की पहचान फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी पूर्व फौजी करीब 55 वर्षीय कुलदीप व घायल महिला की पहचान फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी करीब 40 वर्षीय नरेश के रूप में हुई है। दोनों ही मूल रूप से झज्जर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

    गोली लगने के बाद महिला ने किया फोन

    पुलिस के अनुसार घटना रविवार सुबह की है। फोन ने गोली लगने के बाद खुद लड़खड़ाते हुए पुलिस को फोन कर कहा कि उसके घर में फायरिंग हो गई है। सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंची तो वहां खून से लथपथ पूर्व फौजी कुलदीप व महिला नरेश मिले। कुलदीप की मौत हो चुकी थी। जिसके बाद पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर अस्पताल में भिजवा दिया। वहीं, घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    आईएमटी थाना प्रभारी कैलाश चंद ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। कुलदीप की मौत हो चुकी है और महिला नरेश का उपचार चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि घटना के कारणों का पता लग पाए।

  • चुनाव का टिकट न मिलने पर टावर पर चढ़ा आप नेता, रखी ये शर्तें, देखें वीडियो

    चुनाव का टिकट न मिलने पर टावर पर चढ़ा आप नेता, रखी ये शर्तें, देखें वीडियो

    नई दिल्ली: नगर निगम का टिकट न मिलने से नाराज निवर्तमान मनोनीत निगम पार्षद हसीब उल हसन शास्त्री पार्क इलाके में टावर पर चढ़ गए हैं। उनका कहना है कि आम आदमी पार्टी ने उनसे सभी जरूरी ओरिजनल दस्तावेज जमा करवाया, लेकिन दिल्ली नगर निगम चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया। उनका कहना है कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का सभी को हक है। वह चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता उनका ओरिजिनल दस्तावेज नहीं दे रहे हैं। हसीबुल हसन ने कहा कि वह सालों से पार्टी के लिए काम कर रहे थे।

    चुनाव की तैयारियों में लगे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इसी का विरोध जताते हुए वह टावर पर चढ़े हैं। जब तक उनके दस्तावेज नहीं मिलेंगे, वह टावर से नहीं उतरेंगे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन वहां पहुंच गया और हसीब उल हसन को मनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच हसीबुल हसन के समर्थक भी वहां पर पहुंच रहे हैं और आम आदमी पार्टी और उनके वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ नारेबाजी भी की जा रही है। टिकट नहीं मिलने से नाराज हसीब उल हसन के समर्थन में स्थानीय बीजेपी नेता भी पहुंच रहे हैं।

    मौके पर पहुंचे पूर्व स्थानीय निगम पार्षद व बीजेपी नेता रमेश गुप्ता ने कहा कि हबीब उल हसन गांधी नगर मार्केट के कारोबारी भी हैं, उनके साथ गांधी नगर मार्केट का हर एक कारोबारी जुड़ा है। आम आदमी पार्टी उनके साथ गलत कर रही है। उनके दस्तावेजों को वापस करना चाहिए। अगर वह चुनाव लड़ना चाहते हैं तो आम आदमी पार्टी उन्हें चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकती है।

    बता दें कि इसके पहले भी हसीब उल हसन शास्त्री पार्क में गंदे नाले की सफाई को लेकर नाले में कूद गए थे और उसकी सफाई करने लगे थे। उस समय भी इन्होंने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। नाले में कुदने के बाद इनके समर्थकों ने इन्हें दूध से नहला कर साफ किया था। दिल्ली नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सभी प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद से आम आदमी पार्टी के कई नेता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।