उन्होंने कहा कि रात के समय सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन की गहन जांच सुनिश्चित की जाए। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि यह नियमित निगरानी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर नाकों का निरीक्षण करते रहते हैं और इसी क्रम में उन्होंने स्वयं भी शहर के विभिन्न नाकों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि रात के समय शहर में करीब 250 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न नाकों पर तैनात रहते हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना और अपराधों पर नियंत्रण बनाए रखना है।
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Jalandhar News: कानून व्यवस्था को लेकर नाकों पर पहुंचे Police Commissioner, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, देखें वीडियो
जालंधरः शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने देर रात विभिन्न पुलिस नाकों का औचक निरीक्षण किया। पुलिस कमिश्नर के अचानक नाकों पर पहुंचने से पुलिस विभाग में हलचल मच गई। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी, सतर्कता तथा वाहनों की जांच व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर ने नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी मुस्तैदी और सख्ती के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। -

Lift में फंसने से हलवाई की मौत, धड़ से अलग हुई गर्दन
हिसारः हिसार के व्यस्त कॉमर्शियल इलाके राजगुरु मार्केट से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। जहां एक कल्पना स्वीट्स में एक लिफ्ट की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि मृतक की गर्दन धड़ से अलग हो गई। मृतक की पहचान जसबीर खुम्बा खेड़ा के रूप में हुई है। पुलिस को मामले की सूचना पर मौके पर पहुंच गई।
जानकारी के अनुसार जसबीर हलवाई का काम करता था और वह रात को दुकान में ही सो गया था। वहीं मृतक के पिता ने इस हादसे को हत्या बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटे की किसी ने हत्या की है।
सुबह करीब 6 बजे जसबीर को ऊपर जाने के लिए कहा गया। वह सामान ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली लिफ्ट (गुड्स लिफ्ट) के जरिए ऊपर जाने लगा। जैसे ही लिफ्ट दूसरे फ्लोर पर पहुंची, अचानक वह हादसे का शिकार हो गया। लिफ्ट के मैकेनिज्म में फंसने के कारण उसकी गर्दन कटकर धड़ से अलग हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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Punjab News: Poultry Farm में हंगामा, आरोपियों ने दुकान में की तोड़फोड़, देखें वीडियो
अमृतसरः सुल्तानविंड रोड के पास मंडेरवाला बाजार में स्थित विर्क पोल्ट्री फार्म में मांस के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद के बाद हंगामा हो गया। इस मामले में पीड़ित दुकानदार ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग उसकी दुकान पर आए, उसके साथ गाली-गलौज की और उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित मंजीत सिंह ने बताया कि कुछ लोग उसे बेचने के लिए मरे जानवर का मांस लाए थे, लेकिन उसने ऐसा सामान खरीदने और बेचने से इनकार कर दिया। इससे नाराज होकर, उस व्यक्ति ने पहले तो बहस की और बाद में अपने अन्य साथियों के साथ दुकान पर आ धमका। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने दुकान में तोड़-फोड़ की, उसकी पिटाई की और उसके परिवार के सदस्यों को भी गंभीर धमकियां दीं।
मंजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की मांग की है, साथ ही कहा है कि उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा खतरे में है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 112 पर मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शिकायत के आधार पर दोनों पक्षों को थाने ले जाया जा रहा है और मामले को SHO के संज्ञान में लाकर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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स्विस लाउंज फायरिंग मामले में जालंधर से आरोपी सुमित उर्फ लल्ला गिरफ्तार
पंचकूलाः संगठित अपराध और रंगदारी से जुड़े अपराधों पर लगातार कड़ा प्रहार कर रही पंचकूला पुलिस को स्विस लाउंज फायरिंग मामले में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 ने इस मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर जांच को नई दिशा दी है। आरोपी को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूरे षड्यंत्र, आर्थिक सहायता, फरार आरोपियों और वारदात से जुड़े अन्य नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।
3-4 जून, 2026 की मध्यरात्रि सेक्टर-5 स्थित स्विस लाउंज की पार्किंग में अज्ञात हमलावरों ने रतन चंद और उसके साथ मौजूद ललित पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। हमले में रतन चंद को पीठ और बाजू में तथा ललित को कंधे पर गोली लगी थी। घटना के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से सात खाली खोखे, दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। शिकायतकर्ता नरेंद्र लुबाना ने अपने बयान में बताया था कि उसके भाई रतन चंद को रंगदारी की धमकियां मिल रही थीं तथा उसी सिलसिले में यह जानलेवा हमला कराया गया।
मामले की गंभीरता को देखते पुलिस कमिश्नर के आदेश पर में विशेष जांच दल का गठन किया गया। जांच के दौरान पहले आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी तथा दूसरे आरोपी जसविंदर सिंह उर्फ गोरा को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने थे।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार इसी कड़ी में लगातार कार्रवाई करते क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 की टीम ने इंचार्ज पीएसआई विजय की अगुवाई में 10 जुलाई को जालंधर से तीसरे आरोपी सुमित कुमार उर्फ लल्ला को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मुख्य हमलावरों को वारदात को अंजाम देने के लिए नकदी और मोबाइल फोन उपलब्ध कराए थे, जिससे पूरी साजिश को अंजाम देने में मदद मिली। आरोपी से पूछताछ के बाद उसे 11 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 14 जुलाई 2026 तक चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से गैंग के अन्य सदस्यों, फरार आरोपियों, आर्थिक लेन-देन, हथियारों की उपलब्धता, मोबाइल फोन की व्यवस्था तथा पूरे आपराधिक नेटवर्क के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध, गैंगस्टर गतिविधियों, रंगदारी और जानलेवा हमलों में शामिल किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न राज्यों में लगातार दबिश दी जा रही है।
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आज का राशिफल, 12 जुलाई 2026
चंडीगढ़ः आज चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में मंगल के साथ रहकर लक्ष्मी योग बना रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह योग धन लाभ, निवेश, कारोबार और पारिवारिक सुख के लिए शुभ माना जाता है। आज मेष और कर्क समेत कई राशियों को आर्थिक मामलों में अच्छे संकेत मिल सकते हैं। कुछ जातकों को करियर, व्यापार, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। वहीं कुछ लोगों को निर्णय लेते समय धैर्य, संयम और समझदारी से काम लेने की आवश्यकता होगी।
मेष राशि: धनार्जन होगा, कुटुंबों में वृद्धि होगी। निवेश करने के लिए बड़ा उपयुक्त समय रहेगा। लेखकों के लिए, कवियों के लिए, ट्रेडिंग के लिए बहुत अच्छा समय रहेगा। प्रेम-संतान का साथ होगा, व्यापार अच्छा रहेगा। बजरंगबली को प्रणाम करना शुभ होगा।
वृषभ राशि: सौम्यता के प्रतीक बने रहेंगे, लेकिन इस सौम्यता में ऊर्जा भी बहुत होगी। शुभता रहेगी, आकर्षण के केंद्र बने रहेंगे। जरूरत के हिसाब से वस्तुएं जीवन में होंगी। प्रेम-संतान का भरपूर सहयोग मिलेगा, व्यापार भी अच्छा है और निवेश आराम से करें।
मिथुन राशि: थोड़ी खर्च की अधिकता मन को परेशान करेगी। कर्ज की स्थिति ला सकती है। निवेश अभी रुक जाइए। प्रेम-संतान भी मध्यम है, व्यापार आपका सही चलता रहेगा। लाल वस्तु का दान, मसूर की दाल इत्यादि दान करना शुभ होगा। बात करते हैं कर्क राशि की।
कर्क राशि: कर्क राशि की स्थिति अच्छी है, आय के नए मार्ग बनेंगे। यात्रा का योग बनेगा, रुका हुआ धन वापस मिलेगा। आय की स्थिति मजबूत होगी, शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। प्रेम-संतान बहुत अच्छा रहेगा, नए प्रेम में जाने के लिए भी और पुराना प्रेम परवान चढ़ रहा है।
सिंह राशि: स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम संतान में थोड़ी सी मध्यम स्थिति बनी रहेगी। व्यापारिक स्थिति आपकी अति उत्तम है। राजनीतिक लाभ मिलेगा। उच्च अधिकारियों का आशीर्वाद मिलेगा। कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगा। उत्तम समय है निवेश भी कर सकते हैं।
कन्या राशि: भाग्य साथ देगा। यात्रा का संयोग बनेगा। धर्म-कर्म में हिस्सा लेंगे। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। प्रेम संतान की स्थिति बहुत अच्छी है। व्यापार बहुत अच्छा है। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ होगा।
तुला राशि: थोड़ा सा मध्यम समय है। चोट-चपेट लग सकता है, किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। थोड़ा बच के पार करें। प्रेम संतान मध्यम है। व्यापार आपका अच्छा है। नीली वस्तु पास रखना शुभ होगा।
वृश्चिक राशि: जीवनसाथी का साथ मिलेगा। प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात होगी। विवाह, शादी तय हो सकता है। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार बहुत अच्छा दिख रहा है। पीली वस्तु पास रखना या पीला वस्त्र धारण करना शुभ होगा।
धनु राशि: स्वास्थ्य प्रभावित दिख रहा है। प्रेम संतान भी प्रभावित है। अभी नए प्रेम की शुरुआत ना करें। पुराने में भी टूटन की स्थिति है बच के पार करें। व्यापारिक स्थिति अच्छी है, सरकारी तंत्र से लाभ होगा। और निवेश करना आपके लिए उचित होगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग रहेगा।
मकर राशि: भावनाओं में बहके कोई निर्णय मत लीजिएगा। लिखने-पढ़ने में समय व्यतीत करें। लेखकों के लिए, कवियों के लिए बड़ा अच्छा समय रहेगा। प्रेम संतान थोड़ा मध्यम, व्यापार आपका अच्छा है, निवेश के लिए उपयुक्त समय है। काली जी को प्रणाम करना शुभ होगा।
कुंभ राशि: भौतिक सुख-संपदा में वृद्धि होगी। घर में उत्सव होगा। भूमि, भवन, वाहन की खरीदारी में निवेश करना अत्यधिक शुभ होगा। प्रेम संतान की स्थिति बहुत अच्छी होगी, व्यापार भी आपका अच्छा है। गणेश जी को प्रणाम करना शुभ होगा।
मीन राशि: व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। अपनों का साथ होगा। कुछ भी अगर आपने नया सोच रखा है व्यवसायिक, तो उसको कार्य रूप दें, शुभ समय आ चुका है। प्रेम संतान की स्थिति पहले से बेहतर है, व्यापार अत्यधिक अच्छा है, शिवजी का जलाभिषेक करना शुभ होगा।
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भगवंत मान सरकार ने जमीनी स्तर पर ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान को और मजबूत किया
चंडीगढ़ : नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाते हुए भगवंत मान सरकार ने ‘गांवों का हाल’ एक्शन प्लान का क्रियान्वयन शुरू कर दिया है। यह एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना है, जिसका उद्देश्य जनस्तर पर भागीदारी बढ़ाना तथा नशों के विरुद्ध लड़ाई में लोगों को अधिक सक्रिय रूप से शामिल करना है। इस एक्शन प्लान को जून माह में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक ‘गांवों का हाल, सीएम के साथ’ के दौरान अंतिम रूप दिया गया था। यह योजना विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, नियमित निगरानी तथा पूरे राज्य में निरंतर जनभागीदारी सुनिश्चित करती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य नशों के विरुद्ध संघर्ष में गांव स्तर पर लोगों की सहभागिता बढ़ाना है। एक्शन प्लान में जिला एवं राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकें, प्रत्येक गांव के लिए विशेष नशा विरोधी रणनीति तथा पूरे पंजाब में इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र शामिल किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया का प्रमुख आधार ‘नशा मुक्ति मोर्चा’ है, जिसका गठन 15 अप्रैल 2025 को किया गया था। इसके साथ ही पांच रणनीतिक क्षेत्रों में व्यापक नशा विरोधी जनजागरूकता अभियान भी प्रारंभ किया गया।
प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग तथा स्थानीय समुदाय के बीच ब्लॉक कोऑर्डिनेटर महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। वे जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ नशा पीड़ितों के पुनर्वास में सहयोग, सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने तथा रोकथाम संबंधी गतिविधियों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पूरे पंजाब में जिला स्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, ग्राम रक्षा समिति के सदस्य तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भाग ले रहे हैं। इन बैठकों का उद्देश्य अभियान की जमीनी स्थिति का आकलन करना, स्थानीय चुनौतियों की पहचान करना तथा नशा विरोधी अभियान से जुड़े सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है।
वर्तमान समय में पंजाब में 1,708 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर कार्यरत हैं, जो 1.25 लाख से अधिक ग्राम रक्षा समिति सदस्यों के साथ मिलकर जनजागरूकता फैलाने, उपचार एवं पुनर्वास को प्रोत्साहित करने तथा नशाखोरी एवं नशा तस्करी के विरुद्ध सामुदायिक सतर्कता बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। इन समीक्षा बैठकों के माध्यम से अभियान के अंतिम स्तर तक प्रभावी क्रियान्वयन को और अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों की भूमिका को सशक्त करने के साथ-साथ श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों को अपनाने और साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा तथा अभियान में आम लोगों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बैठकों के माध्यम से परिवारों को नशा पीड़ित सदस्यों का समय पर उपचार कराने के लिए प्रेरित करने तथा आम जनता को नशा तस्करों के विरुद्ध सतर्क रहने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
जिला-वार समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत 6 जुलाई को तरनतारन, अमृतसर (शहरी) और अमृतसर (ग्रामीण) से हुई। इसके बाद 7 जुलाई को गुरदासपुर और पठानकोट में बैठकें आयोजित की गईं। इसके पश्चात होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, एस.बी.एस. नगर, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर तथा पटियाला (शहरी) में भी बैठकें सम्पन्न हो चुकी हैं। जनसंपर्क अभियान के अगले चरण में 11 जुलाई को संगरूर, पटियाला (ग्रामीण) तथा मालेरकोटला; 12 जुलाई को बरनाला, बठिंडा तथा मानसा; 13 जुलाई को श्री मुक्तसर साहिब, फिरोजपुर तथा फाजिल्का; 14 जुलाई को फरीदकोट, मोगा तथा लुधियाना (शहरी); तथा 15 जुलाई को लुधियाना (ग्रामीण-1), लुधियाना (ग्रामीण-2) एवं फतेहगढ़ साहिब में बैठकें आयोजित की जाएंगी।
इस अभियान का उद्देश्य नशा तस्करों के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्रवाई के साथ-साथ नशों के विरुद्ध जन आंदोलन में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों के जमीनी स्तर के नेटवर्क को और अधिक मजबूत करते हुए गांव स्तरीय संस्थाओं, युवाओं तथा शैक्षणिक संस्थानों को सक्रिय बनाकर सरकार का लक्ष्य नशों की समस्या के विरुद्ध दीर्घकालिक सामाजिक जागरूकता, सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा पंजाब को नशामुक्त राज्य बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाना है।
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40 कनिष्ठ अभियंताओं को जल शक्ति विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) के पद पर मिली पदोन्नति
शिमला : जल शक्ति विभाग द्वारा 40 कनिष्ठ अभियंताओं को सहायक अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नत किया गया है। विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि 08 जुलाई, 2026 को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में पात्र कनिष्ठ अभियंताओं को सहायक अभियंता (सिविल) के स्वीकृत रिक्त पदों पर पदोन्नत करने की अनुशंसा की गई थी। उन्होंने बताया कि इनमें डिप्लोमा धारक श्रेणी से 22 तथा स्नातक/एएमआईई श्रेणी से 18 कनिष्ठ अभियंताओं के नाम शामिल हैं। श्रेणीवार अनुशंसित पदोन्नतियों में सामान्य वर्ग के 21, अन्य पिछड़ा वर्ग के 6, अनुसूचित जाति के 9 तथा अनुसूचित जनजाति के 4 अधिकारी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, 12 कनिष्ठ अभियंताओं को एसडीओ के पदों पर पदोन्नत किया गया है। यह पदोन्नतियां निकट भविष्य में रिक्त होने वाले एसडीओ के पदों के विरुद्ध की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन पदोन्नतियों से विभाग की प्रशासनिक एवं तकनीकी कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही विभिन्न परियोजनाओं एवं विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तकनीकी पदों पर अनुभवी अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक सुदृढ़ बनेगी।
उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग प्रदेश में पेयजल आपूर्ति, सिंचाई एवं जल संसाधनों के विकास, संचालन और रख-रखाव का कार्य करता है। विभाग प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुचारू सेवाएं उपलब्ध करवाने मे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह पदोन्नतियां उच्च न्यायालय में दाखिल विभिन्न याचिकाओं पर न्यायालय के अंतिम निर्णय के आधार पर प्रभावी होंगी। उन्होंने कहा कि इन पदोन्नतियों के माध्यम से विभाग अपनी संस्थागत क्षमता को और मजबूत करने तथा प्रदेश के लोगों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को और सशक्त करेगा।
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1,279 नई सरकारी बसों के शामिल होने से पंजाब सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में भारत का नंबर-1 राज्य बनेगा
चंडीगढ़ : पंजाब के वित्त एवं परिवहन मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि पंजाब 1,279 नई सरकारी बसों को शामिल कर अपने सार्वजनिक परिवहन बेड़े का व्यापक विस्तार करेगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में राज्य देश का नंबर-1 राज्य बनने की दिशा में अग्रसर होगा। इस विस्तार के साथ राज्य में सरकारी बसों की संख्या 2,267 से बढ़कर 3,546 हो जाएगी, जो 56 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि होगी तथा पिछले दो दशकों में सबसे बड़ा विस्तार माना जाएगा। बेड़े के विस्तार के साथ-साथ भगवंत मान सरकार यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा तथा अंतिम छोर (लास्ट माइल) तक बेहतर संपर्क सुनिश्चित करने के लिए डैशकैम, आंतरिक सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली तथा यूपीआई क्यूआर कोड आधारित इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को भी लागू करेगी।
पंजाब भवन में आयोजित एक प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब पिछले दो दशकों से भी अधिक समय के दौरान अपने सरकारी बस बेड़े का सबसे बड़ा विस्तार कर रहा है। 1,279 नई बसों के शामिल होने के बाद हमारी सरकारी बसों की कुल संख्या 2,267 से बढ़कर 3,546 हो जाएगी, जिससे पंजाब सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बन जाएगा।” सरकारी बसों की प्रत्यक्ष खरीद के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार पहले ही 696 साधारण बसों की खरीद का आदेश जारी कर चुकी है। इनमें से 387 बसें पनबस तथा 309 बसें पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) में शामिल की जाएंगी। इनमें से लगभग 300 बसों के नवंबर 2026 तक सड़क पर उतरने की संभावना है, जबकि शेष बसों को दिसंबर 2026 के अंत तक चरणबद्ध ढंग से शामिल किया जाएगा।”
उन्होंने आगे बताया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पीआरटीसी हेतु 100 मिडी बसें पहले ही खरीदी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा, “ये बसें सितंबर 2026 तक सेवा में आ जाएंगी, जिससे प्रत्यक्ष रूप से खरीदी गई बसों की कुल संख्या 796 हो जाएगी।” वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि विस्तारित बस बेड़े की तैनाती वैज्ञानिक योजना के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा, “राज्यभर में कम बस सुविधा वाले मार्गों की पहचान करने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए कि बसों की तैनाती वहीं हो, जहां लोगों को उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है, उपग्रह आधारित यात्रा पैटर्न सर्वेक्षण शुरू किए जा रहे हैं। यह साक्ष्य-आधारित व्यवस्था वर्तमान संपर्क अंतराल (कनेक्टिविटी गैप) को दूर करने में सहायक सिद्ध होगी।”
एक बड़े तकनीकी उन्नयन की घोषणा करते हुए परिवहन मंत्री ने कहा, “नई बसें पूर्ण निगरानी सुनिश्चित करने तथा यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए डैशकैम, आंतरिक सीसीटीवी कैमरों तथा अत्याधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग प्रणालियों से सुसज्जित होंगी।” महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के प्रति भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “वर्तमान में सरकारी बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों में लगभग 54 प्रतिशत महिलाएं हैं। सभी नई बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने से उनकी सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उन्हें सुरक्षित एवं भरोसेमंद यात्रा का वातावरण उपलब्ध होगा।”
परिवहन मंत्री ने यह भी घोषणा की कि परिवहन विभाग परिचालकों (कंडक्टरों) को ऐसी अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनें उपलब्ध करा रहा है, जिनके माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई भुगतान स्वीकार किया जा सकेगा। उन्होंने कहा, “इस आधुनिक प्रणाली को डिजिटल भुगतान के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, जिससे टिकटिंग व्यवस्था अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और दक्ष बनेगी।”
इस विस्तार के संरचनात्मक प्रभाव की व्याख्या करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “वर्तमान में पंजाब में प्रति एक लाख आबादी पर लगभग सात सरकारी बसें उपलब्ध हैं। इस विस्तार के बाद यह अनुपात बढ़कर प्रति एक लाख आबादी पर लगभग 12 बसें हो जाएगा, जिससे पंजाब राज्य परिवहन उपक्रमों के राष्ट्रीय औसत से कहीं आगे निकल जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “सरकारी बसों की बढ़ी हुई संख्या से पनबस तथा पीआरटीसी को अधिक मांग वाले मार्गों पर बसों के फेरे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। साथ ही, उन गांवों और कस्बों तक भी सरकारी बस सेवा का विस्तार किया जाएगा, जहां वर्तमान में कोई नियमित सरकारी बस सुविधा उपलब्ध नहीं है।”प्रेस सम्मेलन के समापन पर वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “यह सुदृढ़ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क राज्य के प्रत्येक नागरिक को किफायती, विश्वसनीय, सुरक्षित तथा सुलभ परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पंजाब सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
भगवंत मान सरकार द्वारा पंजाब के सार्वजनिक परिवहन का बड़ा विस्तार -

‘मुख्य मंत्री माँवां धीआं सत्कार योजना’ के तहत 66 लाख महिलाओं ने करवाई रजिस्ट्रेशन
चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने ‘मुख्य मंत्री माँवां धीआं सत्कार योजना’ के तहत अब तक ₹1,147 करोड़ की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से राज्य की लगभग 33 लाख महिलाओं के बैंक ख़ातों में सीधे जमा किए हैं।अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की पात्र महिलाओं को तीन मासिक किस्तों के रूप में ₹1,500 प्रति माह के हिसाब से कुल ₹4,500 की राशि प्रदान की गई, जबकि अन्य सभी वर्गों की पात्र महिलाओं को तीन मासिक किस्तों के रूप में ₹1,000 प्रति माह के हिसाब से कुल ₹3,000 की राशि दी गई।
यह राशि उन पात्र लाभार्थियों को जारी की गई है, जिनकी रजिस्ट्रेशन 25 जून, 2026 तक हो चुकी थी। ‘मुख्य मंत्री माँवां धीआं सत्कार योजना’ के तहत पूरे पंजाब में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया लगातार जारी है और अब तक 66 लाख से अधिक महिलाओं ने अपनी रजिस्ट्रेशन करवा ली है।जो महिलाएँ अब रजिस्ट्रेशन करवा रही हैं, उन्हें अगली किस्त में राशि मिल जाएगी। पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पहली किस्त का सफ़ल वितरण साबित करता है कि पंजाब सरकार प्रत्येक पात्र महिला तक वित्तीय सहायता सीधे और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचाने के अपने संकल्प पर दृढ़ है। उन्होंने कहा, ‘मुख्य मंत्री माँवां धीआं सत्कार योजना’ महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सहायता मिले। कोई भी पात्र महिला इस योजना से वंचित नहीं रहेगी।”
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह योजना महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता उपलब्ध करवा रही है और इससे उनकी वर्तमान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जो महिलाएँ पहले से ही विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन या वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हें वे सभी लाभ पहले की तरह मिलते रहेंगे। ‘मुख्य मंत्री माँवां धीआं सत्कार योजना’ उनके लिए सामाजिक सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत के रूप में कार्य करेगी। पूरे पंजाब में पहली किस्त प्राप्त करने वाली महिलाओं ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया। कई महिलाओं ने कहा कि यह पहली बार है जब उनके अपने बैंक ख़ाते में सीधे धनराशि जमा हुई है। गुरदासपुर ज़िले के मुस्ताबा जट्टा गाँव की निवासी कुलदीप कौर ने कहा कि पहली किस्त प्राप्त करना उनके जीवन के सबसे भावुक पलों में से एक था। ₹4,500 उनके ख़ाते में आने के बाद उन्होंने पहली बार आर्थिक स्वतंत्रता का अनुभव किया।उन्होंने कहा, “मैं बहुत ख़ुश हूँ कि मेरी अपनी कमाई मेरे अपने बैंक ख़ाते में आई है। अज्ज तों पहलाँ मैं आपने हत्थ विच कमाई देखी ही नहीं सी। जब मेरे मोबाइल पर तीन किस्तों के आने का संदेश आया तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैं पंजाब सरकार और हमारे मुख्यमंत्री को दिल से धन्यवाद देती हूँ कि उन्होंने हमें आत्मसम्मान का यह एहसास करवाया।”
कुलदीप कौर ने कहा कि यह राशि आर्थिक सहायता से कहीं बढ़कर है।उन्होंने कहा, “पहले लोग बेटों को बेटियों से अधिक महत्त्व देते थे, लेकिन अब यह सोच धीरे-धीरे बदल रही है। जिन परिवारों में बेटियाँ हैं, वे अब अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं क्योंकि महिलाओं के पास अपनी आर्थिक सहायता है। मैं ताँ आपने हसबैंड लयी मानयोग हो गई।” घुम्मणकलां गाँव की एक अन्य लाभार्थी हरमीत कौर ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी गाँव में आयोजित जागरूकता शिविर के दौरान मिली।उन्होंने कहा, “मैं इस पैसे से अपने लिए सूट ख़रीदूँगी और कुछ राशि घर के ख़र्च में लगाऊँगी। मैं बहुत ख़ुश हूँ। मैं वी हुन कमा रही हाँ (मैं भी अब कमा रही हूँ)”
हरमीत कौर ने कहा कि यह योजना समाज को एक महत्त्वपूर्ण संदेश भी देती है।उन्होंने कहा, “बेटी बोझ नहीं, बल्कि परिवार का गौरव होती है। यह राशि बेटियों की शिक्षा और उनके सशक्तीकरण में मदद करेगी। जब हम किसी बेटी को शिक्षित और सशक्त बनाते हैं, तो पूरे परिवार और समाज का भविष्य उज्ज्वल बनता है। हुन मैं सयानी हो गई।”
संगरूर ज़िले के धूरी की रहने वाली एक विधवा किरण ने कहा कि यह आर्थिक सहायता उनके जीवन के कठिन दौर में बहुत बड़ा सहारा साबित होगी।उन्होंने कहा, “मेरे लयी ताँ एह बहुत वड्डी रक़म है। मैं विधवा हां और बेहद गरीब हां। मेरे घर कमान वाला कोई नहीं है। मैं मुख्यमंत्री मान जी दी बहुत धनवादी हां।”( मेरे लिए यह बहुत बड़ी राशि है। मैं विधवा हूँ और बहुत गरीब हूँ। मेरे परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। यह सहायता मेरे लिए बहुत बड़ी मदद साबित होगी। मैं मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करती हूँ।)
इसी प्रकार गुरदासपुर ज़िले के एक गाँव की दिहाड़ी मज़दूर रीता ने कहा कि इस आर्थिक सहायता से उनके परिवार की कई चिंताएँ कम हो गई हैं। उन्होंने कहा, “मुझे इस योजना की जानकारी आँगनवाड़ी केंद्र से मिली और वहीं की मदद से मैंने आवेदन भरा। मैं और मेरे पति दोनों दिहाड़ी मजदूर हैं। यह राशि हमारे लिए बहुत बड़ी मदद है। अब मैं इस पैसे का उपयोग अपनी आवश्यकताओं पर कर सकूँगी।”
अपने मोबाइल पर भुगतान की पुष्टि वाला एसएमएस देखते हुए उनकी आँखों में ख़ुशी के आँसू आ गए। मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा, “मोबाइल की ‘टूँ-टूँ’ ने हमारी ज़िंदगी बदल दी।”(मेरे मोबाइल की नोटिफ़िकेशन टोन ने हमारी ज़िंदगी बदल दी।)
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पंजाब पुलिस के महिला हेल्प डेस्कों ने पुलिस थानों को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और सुलभ बनाया
चंडीगढ़ : महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखते हुए पंजाब पुलिस द्वारा स्थापित महिला हेल्प डेस्कों को पूरे राज्य में व्यापक जनसमर्थन मिला है। इन हेल्प डेस्कों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों से संबंधित कुल 2,31,677 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। राज्य पुलिस ने सभी 424 पुलिस थानों, जिनमें 39 विशेष प्रयोजन पुलिस थाने भी शामिल हैं, में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। पंजाब ग्रिवेंस डिस्पोजल (पीजीडी) पोर्टल के माध्यम से 1 जनवरी 2023 से 30 जून 2026 तक महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से संबंधित 1,33,152 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 99,692 शिकायतों (74.8 प्रतिशत) का निपटारा पंजाब पुलिस महिला मित्रों द्वारा किया गया।
हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यभर में महिला मित्र पहल और महिला हेल्प डेस्कों के तहत कार्यरत महिला पुलिस कर्मियों के लिए 93 इलेक्ट्रिक स्कूटरों को मंजूरी दी है। इन इलेक्ट्रिक स्कूटरों को हाल ही में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य महिला पुलिस कर्मियों को राज्य के हर क्षेत्र तक पहुंचने तथा महिलाओं और बच्चों की शिकायतों का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान करने में सक्षम बनाना है।
इस अवसर पर डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “इस पहल ने महिलाओं तक पुलिस सेवाओं की पहुंच में उल्लेखनीय सुधार किया है, जेंडर-संवेदनशील पुलिसिंग को सुनिश्चित किया है, लोगों के विश्वास को मजबूत किया है तथा समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में समय पर हस्तक्षेप संभव बनाया है। महिला हेल्प डेस्कों ने पुलिस थानों को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और सुलभ स्थानों में परिवर्तित कर दिया है। 424 पुलिस थानों में कुल 848 पंजाब पुलिस महिला मित्र तैनात की गई हैं, जो पंजाब पुलिस के प्रति बढ़ते जनविश्वास का प्रमाण हैं। पंजाब पुलिस ने राज्य के प्रत्येक पुलिस थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित कर महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक और समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया है।”
महिला हेल्प डेस्क की शुरुआत से पहले महिलाओं और बच्चों से संबंधित शिकायतों का निपटारा मुख्य रूप से पुरुष पुलिस कर्मियों द्वारा किया जाता था। शिकायत दर्ज कराने के लिए अधिक सहज, संवेदनशील और पीड़ित-केंद्रित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस ने वर्ष 2021 में पंजाब पुलिस महिला मित्र (पीपीएमएम) परियोजना शुरू की।
इस पहल के तहत महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए 848 पंजाब पुलिस महिला मित्र विशेष रूप से तैनात की गई हैं।
इसके अतिरिक्त, पंजाब पुलिस वर्तमान में राज्य में 10 महिला पुलिस थाने तथा 15 महिला सहायता केंद्र संचालित कर रही है, जो महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित मामलों में विशेष सहायता प्रदान करते हैं। ये केंद्र महिलाओं को सुरक्षित और गोपनीय वातावरण उपलब्ध कराते हैं, जहां वे बिना किसी झिझक के अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं और सहायता प्राप्त कर सकती हैं। प्रशिक्षित महिला पुलिस कर्मियों द्वारा संचालित ये केंद्र शिकायतों की संवेदनशील सुनवाई, परामर्श, कानूनी मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहायता सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने आगे कहा, “समर्पित महिला अधिकारियों की उपलब्धता से पीड़ित महिलाओं का पुलिस तक पहुंचने का विश्वास बढ़ा है, जिससे लैंगिक आधार पर होने वाले अपराधों की रिपोर्टिंग में वृद्धि हुई है तथा पीड़ितों को बेहतर सहायता मिल रही है।”
पंजाब पुलिस ने न केवल प्रत्येक पुलिस थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं, बल्कि उनकी उपयोगिता और प्रभाव का आकलन करने के लिए गैर-सरकारी संस्थाओं जे-पाल और हारटेक फाउंडेशन के सहयोग से एक मूल्यांकन प्रक्रिया भी शुरू की है।
समुदाय एवं महिला मामलों के एसडीजी गुरप्रीत दियो ने कहा, “इन हेल्प डेस्कों ने पुलिस और आम नागरिकों के बीच की दूरी कम करने में मदद की है तथा पीड़ितों में यह विश्वास पैदा किया है कि उन्हें प्रशिक्षित और संवेदनशील महिला पुलिस अधिकारियों से उचित सहायता मिलेगी।”