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  • कपूरथला गुरुद्वारा साहिब में निहंगों गुटों में झड़प का मामला, एक गिरफ्तार

    कपूरथला गुरुद्वारा साहिब में निहंगों गुटों में झड़प का मामला, एक गिरफ्तार

    कपूरथला : जिले के स्थानीय श्री गुरुद्वारा साहिब बाविया में दो दिन पहले निहंगों में झड़प का मामला सामने आया था। इस झड़प की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी। जिसमें दो पक्षों में तलवारे भी चली थी। जिसके बाद थाना सिटी की पुलिस ने निहंगों के 2 गुटों में हुई झड़प के मामले में गंभीर रूप से निहंग घायल हो गया था। पुलिस ने निहंग की शिकायत पर घायल निहंग के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं 10 लोगों को इस केस में नामजद किया है। थाना सिटी की पुलिस ने कृपाण से वार कर दूसरे निहंग को गंभीर घायल करने वाले आरोपी निहंग को छापामारी के दौरान गिरफ्तार कर लिया है, जिसे अदालत ने 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

    गिन्नी बावा के बयानों पर थाना सिटी की पुलिस खुशविन्दर सिंह, परमजीत सिंह, बब्बू वालिया, कुलवंत सिंह बाजवा, रविन्दर जीत सिंह सूरी, सिमरनजीत सिंह, जसप्रीत सिंह, जागीर सिंह, उज्जल सिंह तथा सुरिन्दर सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी निहंग सिमरनजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जिसको पुलिस ने अदालत में पेश किया। गिरफ्तार आरोपी को अदालत ने 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपी निहंग सिमरनजीत सिंह के बयानों पर गंभीर घायल निहंग गिन्नी बावा के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया। फिलहाल थाना सिटी की पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    बता दें कि दो दिन पहले अमृतसर मार्ग पर स्थित गुरुद्वारा साहिब बाविया में 2 निहंग गिन्नी बावा तथा सिमरनजीत सिंह के बीच तकरार हो गई थी। जिस दौरान सिमरनजीत सिंह द्वारा तलवार से किए गए हमले में गिन्नी बावा को गंभीर चोटे आई थीं, जिसको लेकर गंभीर रुप से घायल होने पर सिविल अस्पताल के डाक्टरों ने इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अमृतसर रैफर कर दिया था। 

  • पंजाबः अकाली दल के दफ्तर लाया गया पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल का पार्थिव शरीर, देखें Live

    पंजाबः अकाली दल के दफ्तर लाया गया पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल का पार्थिव शरीर, देखें Live

    चंडीगढ़ः पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पार्थिव शरीर को ले जाने वाली एंबुलेंस के चंडीगढ़ में पार्टी कार्यालय पहुंचने पर पुष्पवर्षा की गई। पूर्व सीएम का बादल का पार्थिव शरीर अस्पताल से शिरोमणि अकाली दल पार्टी कार्यालय ले जाया जा रहा है। प्रकाश सिंह बादल को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 12 बजे चंडीगढ़ पहुंच रहे है। प्रकाश सिंह बादल के पार्थिव शरीर को पार्टी के झंडे से लपेटे गया है। पार्टी कार्यालय में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है। वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हैं। हर कोई अपने नेता के अंतिम दर्शन करना चाहता है। लोग पुष्पवर्षा कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का अंतिम संस्कार 27 अप्रैल वीरवार को उनके पैतृक गांव बादल में दोपहर एक बजे होगा।

    प्रकाश सिंह बादल के अतिंम दर्शन के लिए हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, पंजाब की पूर्व CM राजिंदर कौर भट्‌ठल, हरियाणा के पूर्व CM ओमप्रकाश चौटाला, पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह की सांसद पत्नी परनीत कौर के अलावा अकाली नेता पहुंचे और उनके समर्थक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। दोपहर बाद चंडीगढ़ से बठिंडा के लिए उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। बठिंडा-बादल रोड पर किन्नुओं के बाग में 2 एकड़ में जगह खाली की जा रही है। गांव के श्मशान घाट में जगह कम होने के कारण उनका अंतिम संस्कार खेत में किया जाएगा। बादल के निधन पर केंद्र सरकार ने दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया है, जिसमें दो दिन पूरे देश में लगा ध्वज आधा झुका दिया जाएगा। वहीं सभी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। पंजाब में कल गुरुवार को सरकारी छुट्‌टी की घोषणा कर दी गई है।

  • पंजाबः 17 साल के शूटिंग प्लेयर की गोली लगने से मौत

    पंजाबः 17 साल के शूटिंग प्लेयर की गोली लगने से मौत

    लुधियानाः जिले के ननकाना साहिब पब्लिक स्कूल में 12वीं के छात्र व शूटिंग खिलाड़ी की गोली लगने से मौत हो गई है। गोली नाबालिग के सिर के आर-पार हो गई, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसा उस समय हुआ, जब वह 32 बोर की पिस्तौल को साफ कर रहा था। मृतक की पहचान 17 वर्षीय इष्प्रीत के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इष्प्रीत पढ़ाई के साथ-साथ एक बेहतरीन खिलाड़ी भी था। 2 बहनों का इकलौता भाई था। एक बहन विदेश में पढ़ती है तो दूसरी उनके साथ ही रहती है।

    गोली चलने की आवाज सुन परिवार दौड़ा आया और खून से लथपथ शव देख शोर मचाया। इलाके के लोग इकट्ठा होने के बाद पुलिस को सूचित किया गया। अभी हाल ही में इष्प्रीत ने चंडीगढ़ में हुई एक शूटिंग मुकाबले में गोल्ड मेडल जीता था, जिससे परिवार में जश्न का माहौल था। पुलिस के मुताबिक, मामले में फिलहाल 174 की कार्रवाई की जा रही है। मृतक खिलाड़ी का अंतिम संस्कार उसके पिता अनूप सिंह के कनाडा से वापस आने के बाद किया जाएगा। वहीं उनके आने पर ही जांच पड़ताल करके आगामी कार्रवाई की जाएगी।

  • पंजाब : पार्टी कार्यालय में ले जाया जा रहा प्रकाश सिंह बादल का पार्थिव शरीर

    पंजाब : पार्टी कार्यालय में ले जाया जा रहा प्रकाश सिंह बादल का पार्थिव शरीर

    प्रकाश सिंह बादल के अंतिम दर्शन करने पहुंचेंगे पीएम मोदी

    चंडीगढ़ : फोर्टिस अस्पताल से पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के शव को एंबुलेंस से चंडीगढ़ स्थित शिरोमणि अकाली दल के कार्यालय ले जाया जा रहा है। यहां पर अंतिम दर्शन को पार्थिव शरीर को रखा जाएगा।

    पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का अंतिम संस्कार 27 अप्रैल वीरवार को उनके पैतृक गांव बादल में दोपहर एक बजे होगा। इससे पहले 26 अप्रैल को उनके पार्थिव शरीर को आम लोगों के दर्शन के लिए सुबह 10 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर 28 स्थित शिरोमणि अकाली दल के कार्यालय में रखा जाएगा।

    शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल को अंतिम श्रद्धांजलि देने दोपहर 12 बजे पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ पहुंचेंगे। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकाश सिंह बादल के निधन पर शोक व्यक्त किया था।

    पंजाब सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निधन पर 27 अप्रैल को छुट्टी का एलान किया है। इस दौरान सभी दफ्तर और विधिक संस्थान बंद रहेंगे। बता दें कि 27 अप्रैल को पैतृक गांव में प्रकाश सिंह बादल का अंतिम संस्कार होगा।

  • आज का राशिफल, 26 अप्रैल 2023

    आज का राशिफल, 26 अप्रैल 2023

    मेष: शेयर मार्केट, म्युचुअल फंड से मनोनुकूल लाभ होगा। बेरोजगारी के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। कोई बड़ी समस्या का हल सहज ही होगा। समय अनुकूल है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।

    वृष: विवाद को बढ़ावा न दें। फालतू खर्च होगा। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। परिवार के किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर खर्च होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में नि‍श्चितता रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जल्दबाजी न करें।

    मिथुन: यात्रा लाभदायक रहेगी। रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। आय में वृद्धि होगी। लाभ में वृद्धि होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। व्यापार ठीक चलेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। समय की अनुकूलता का लाभ लें। विरोधी सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। पारिवारिक चिंता रहेगी। जो‍खिम न लें।

    कर्क: किसी बड़े काम को करने की तीव्र इच्छा जागृत होगी। आर्थिक उन्नति की योजना बनेगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। नए उपक्रम प्रारंभ हो सकते हैं। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। जल्दबाजी से काम बिगड़ सकते हैं। थकान व कमजोरी रहेगी।

    सिंह: धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। दुष्टजनों से सावधान रहें। प्रमाद न करें।

    कन्या: विवाद को बढ़ावा न दें। चोट व दुर्घटना के प्रति सावधानी आवश्यक है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। बनते कामों में विघ्न आ सकते हैं। चिंता तथा तनाव रहेंगे। बेकार बातों की तरफ ध्यान न दें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय होगी। फालतू खर्च होगा।

    तुला: कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। शत्रु पस्त होंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। मानसिक बेचैनी रहेगी। सभी तरफ से सफलता प्राप्त होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। ऐश्वर्य के साधनों पर अधिक व्यय होगा।

    वृश्चिक: किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। समय की अनुकूलता का लाभ लें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। जोखिम न उठाएं। प्रसन्नता रहेगी।

    धनु: कानूनी अड़चन सामने आएगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बेचैनी रहेगी। व्यर्थ दौड़धूप रहेगी। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद प्राप्त होगा। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। रोजगार मिलेगा। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे।

    मकर: कोई बड़ी बाधा उठ खड़ी हो सकती है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें, गुम हो सकती है। विवाद के बढ़ावा न दें। बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य रखें। किसी व्यक्ति विशेष से कहासुनी हो सकती है। मेहनत अधिक होगी। लाभ के अवसर टलेंगे। मानसिक बेचैनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा।

    कुंभ: लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मेहनत का फल मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। ऐश्वर्य के साधनों पर खर्च होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। भाग्य का साथ रहेगा। प्रमाद न करें।

    मीन: भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। बुद्धि का प्रयोग करेंग। कार्य में सफलता मिलेगी। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। लाभ में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। समय सुखपूर्वक व्यतीत होगा।
  • पंजाब : 2 दिन बंद रहेंगे स्कूल, कॉलेज

    पंजाब : 2 दिन बंद रहेंगे स्कूल, कॉलेज

    चंडीगढ़ : पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निधन के चलते राज्य में 27 तारीख यानि वीरवार को भी सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। इससे पहले 26 तारीख यानी आज स्कूल और कॉलेज बंद करने का ऐलान किया था। लेकिन सुबह ही सरकार द्वारा स्कूल खोलने के आदेश प्रबंधकों को मिले। प्रशासन के इसी कशमकश में कई स्कूल बंद रहे। हालांकि सरकारी स्कूलों को दोबारा सुबह स्कूल खोलने के निर्देश मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने पेरेंट्स को स्कूल खुले रहने के मैसेज भेजने शुरू कर दिए।

    लेकिन अब 2 दिन स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे। हालांकि कल सरकारी दफ्तर भी बंद रहेंगे। लेकिन आज सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे। जारी पत्र के अनुसार पंजाब सरकार ने बादल के सम्मान में वीरवार को एक दिन के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। इस दौरान सभी सरकारी, बोर्ड और निगम कार्यालय, स्कूल एवं उच्च शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे।

  • पंजाब : आज सभी स्कूल और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद

    पंजाब : आज सभी स्कूल और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद

    चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल के निधन के चलते राज्य में कल सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। पंजाब सरकार ने बादल के सम्मान में बुधवार को एक दिन के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। इस दौरान सभी सरकारी, बोर्ड और निगम कार्यालय, स्कूल एवं उच्च शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। 

  • केंद्र ने परकाश सिंह बादल के निधन पर 2 दिन के राष्ट्रीय शोक का किया ऐलान

    केंद्र ने परकाश सिंह बादल के निधन पर 2 दिन के राष्ट्रीय शोक का किया ऐलान

    नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक परकाश सिंह बादल के निधन के बाद दो दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल के निधन पर पंजाब ने 26 अप्रैल (बुधवार) को राजकीय अवकाश घोषित किया है।

    वहीं पंजाब सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल के निधन के चलते राज्य में कल सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। पंजाब सरकार ने बादल के सम्मान में बुधवार को एक दिन के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। इस दौरान सभी सरकारी, बोर्ड और निगम कार्यालय, स्कूल एवं उच्च शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। 

    मिली जानकारी के मुताबिक परकाश सिंह बादल की कल चंडीगढ़ से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। बताया जा रहा है कि कल सुबह 10:00 से 12:00 तक परकाश सिंह बादल का मृत शरीर पार्टी ऑफिस चंडीगढ़ के सेक्टर 28 में लाया जाएगा। जहां पर लोग उनके दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद अंतिम यात्रा चंडीगढ़ से शुरू होकर गांव बादल तक जाएगी, जिसमें रास्ते में राजपुरा, उसके बाद पटियाला, उसके बाद संगरूर, फिर बरनाला, रामपुरा फूल, बठिंडा होते हुए बादल गांव पहुंचेंगे परकाश सिंह बादल का अंतिम संस्कार 27 अप्रैल दोपहर 1 बजे गांव बादल में होगा।

    बता दें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख परकाश सिंह बादल (95) का मंगलवार को निधन हो गया। वह मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक परकाश सिंह बादल के निधन के बाद केंद्र सरकार ने दो दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। परकाश सिंह बादल ने एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली। वयोवृद्ध नेता 95 साल के थे। पिछले कई दिनों से बादल मोहली, पंजाब के निजी अस्पताल में भर्ती थे। परकाश सिंह बादल पांच बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे।

    बादल को मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में करीब एक सप्ताह पहले सांस लेने में परेशानी होने की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि बादल ने रात करीब आठ बजे अंतिम सांस ली। उन्होंने बताया कि बादल अस्पताल की अति गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती थे। कुछ दिन पहले तबीयत खराब होने के चलते परकाश सिंह बादल को फोर्टिस अस्पताल में दाखिल करवाया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। 95 वर्षीय बादल को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद एक सप्ताह पहले मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बादल पिछले साल जनवरी में कोरोना संक्रमित हो गए थे तब उन्हें लुधियाना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

  • पंजाब से बड़ी खबर: परकाश सिंह बादल का हुआ निधन

    पंजाब से बड़ी खबर: परकाश सिंह बादल का हुआ निधन

    चंडीगढ़ : पूर्व सीएम और अकाली दल के दिग्गज नेता को लेकर  दुखभरी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पू्र्व मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल का देहांत हो गया है। परकाश सिंह बादल, जोकि कुछ दिनों से अस्पताल में इलाजाधीन थे, की मौत की खबर सुनते ही पंजाब के साथ-साथ पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है या यूं कहें कि पंजाब की सियासत को एक बड़ा झटका लगा है।

    बता दें कि अभी कुछ दिन पहले तबीयत खराब होने के चलते प्रकाश सिंह बादल को फोर्टिस अस्पताल में दाखिल करवाया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। जहां चिकित्सक उनके स्वास्थ्य की करीबी निगरानी कर रहे थे। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता को सांस लेने में परेशानी होने की शिकायत के बाद एक हफ्ते पहले मोहाली में फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

    हालांकि, अस्पताल के सूत्रों ने कहा था कि बादल (95) के स्वास्थ्य में हल्का सुधार हुआ था। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि अगले कुछ दिनों तक शिअद के वरिष्ठ नेता के स्वास्थ्य में क्रमिक सुधार होना जारी रहता तो उन्हें एक निजी वार्ड में भेजा जा सकता था। पिछले हफ्ते, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बादल के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। पंजाब के 5 बार मुख्यमंत्री रह चुके बादल को ‘गैस्ट्राइटिस’ और सांस लेने में परेशानी होने के चलते पिछले साल जून में भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

    कोविड बाद की स्वास्थ्य जांच के लिए फरवरी 2022 में उन्हें मोहाली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। बादल पिछले साल जनवरी में कोरोना वायरस से संक्रमित हो गये थे और उन्हें लुधियाना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने डीसी के माध्यम से केंद्रीय महिला समाज कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी को भेजा ज्ञापन

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने डीसी के माध्यम से केंद्रीय महिला समाज कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी को भेजा ज्ञापन

    ऊना/सुशील पंडित : आजादी की 75वीं वर्षगांठ को ‘अमृतकाल: रूप में मना रहे हैं। ऐसे में हमारे आधे बच्चे कुपोषित हैं और देश को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए निःस्वार्थ भाव से सेवा करने वाली आंगनवाडी कार्यकर्ता व सहायिकाएं घर-घर तक सेवाएं पहुंचा रही है। लेकिन 1975 के बाद से अभी तक हमें श्रमिकों के रूप में मान्यता भी नहीं दी गई है। यह बात मंगलवार को सीटू के जिला प्रधान सुरेंद्र कुमार, सचिव कामरेड़ गुरनाम सिंह, जिला आंगनबाड़ी अध्यक्ष नरेश कुमारी, ब्लाक प्रधान शैलजा सैणी, सचिव अनुराधा, कमलेश व शारदा की अगुवाई में उपायुक्त राघव शर्मा के माध्यम से केंद्रीय महिला समाज कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी को भेजे ज्ञापन में कही हैं।

    उन्होंने कहा कि श्रमिकों/कर्मचारियों के रूप में न्यूनतम वेतन या किसी अन्य वैधानिक हकदारी का भुगतान नहीं किया जा रहा। कई सालों तक समर्पित सेवा के बाद, हमें बिना किसी सेवानिवृत्ति लाभ या पेंशन के – सेवानिवृति के नाम पर जबरन सेवा से बाहर कर दिया जाता है। उन्होंंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को ग्रेच्युटी की पात्रता के मुद्दे पर ऐतिहासिक निर्णय सुनाए जाने का एक वर्ष पूरा हो रहा है। हालांकि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अपने इस ऐतिहासिक फैसले में कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को श्रमिकों के रूप में माना जाना चाहिए और वे ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम 1972 के तहत ग्रेच्युटी के हकदार हैं।

    न्यायालय ने कहा था कि मानदेय के नाम उन्हें भुगतान किए जा रहे पारिश्रमिक को ‘मजदूरी’ के रूप में माना जाना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य और केंद्र सरकारों को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बेहतर सेवा शर्ते प्रदान करने के लिए तौर-तरीके खोजने का भी निर्देश दिया है। पिछले एक साल से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस आदेश की पूरी तरह से अनदेखी की हैं, जिसका सीधा असर हमारे देश की करीब 26 लाख महिला कर्मियों के जीवन पर पड़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश का हवाला दे रहा है और सहायिकाओं को वर्तमान स्थिति में सरकारी कर्मचारी नहीं माना जा रहा।