Home Himachal ध्यूंसर वन से दो कुख्यात खैर तस्कर दबोचे

ध्यूंसर वन से दो कुख्यात खैर तस्कर दबोचे

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ध्यूंसर वन से दो कुख्यात खैर तस्कर दबोचे
जंगल जलाने के बाद भी नहीं रुक रहे वनकाटू

ऊना-सुशील पंडित : रामगढ़ धार को लगभग खाली कर चुके वनकाटू जंगलों के जलने के बाद भी रुके नहीं हैं। शनिवार रात को ध्यूंसर जंगल में लगभग एक दर्जन वनकाटुओं के होने की खबर मिलने के बाद स्थानीय लोगों और वन विभाग के तलमेहड़ा बीओ विकास कौशल, वनरक्षक बृजेश राणा, तरसेम सिंह, कमलजीत सिंह घेराबंदी करते हुए जंगल में दाखिल हुए। आरे की आवाज की दिशा में बढ़ते हुए उन्होंने पेड़ काट रहे वन काटुओं को रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कटान द्वापर युग के तीर्थ स्थल श्री सदाशिव मंदिर धौम्येश्वर महादेव के बिलकुल निकट ही किया जा रहा था। मौके पर छापा मारने वाली टीम ने मौके से खैर के 40 मोच्छे बरामद किए। कुछ मोच्छे एचपी-54-ए-9522 नंबर वाले ट्राले में भरे जा चुके थे तो कुछ को अभी लोड किया जाना बाकी था। मौके पर रज्जाक और अजय नाम के वनकाटुओं को रंगे हाथों पकड़ लिया गया है। साथ ही खैर तस्करों की दो मोटरसाइकिल भी जब्त कर लिए गए हैं।

हैरानी की बात यह है कि पिछले लगभग एक दशक से रामगढ़ धार का जंगल खाली होता जा रहा है। हर साल करोड़ों रूपए की वन संपदा को लूटने के बाद वनकाटू जंगलों को आग के हवाले कर देते हैं। इस साल भी हजारों पेड़ों का अवैध कटान हुआ और बाद में अपना गुनाह छिपाने के लिए वनकाटुओं ने जंगल को आग के हवाले कर दिया। इस साल ऊना में अवैध खटान के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट चुके हैं। लगभग प्रत्येक कोने से अवैध कटान और बाद में आग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हिमाचल की शिवालिक पहाड़ियां पूरी तरह से भस्म हो चुकी हैं। लगभग सारा जंगल जलकर राख हो चुका है। अब वनकाटू बचे हुए पेड़ों के पीछे पड़े हुए हैं। ध्यूंसर वन का यदि दौरा किया जाए तो जगह जगह खैर के पेड़ों को उखाड़ने के सबूत मिल जाएंगे।

शनिवार की रात और रविवार की सुबह पकड़े गए वनकाटुओं के विरुद्ध बंगाणा थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 379 व वन अधिनियम की धारा 41,42 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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