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Punjab: कैरों को पार्टी से निकालने के बाद अकाली दल में अंदरूनी कलह हुई शुरू

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Punjab: कैरों को पार्टी से निकालने के बाद अकाली दल में अंदरूनी कलह हुई शुरू

बीबी जगीर कौर और सुखदेव ढींढसा का आया बड़ा बयान

अमृतसरः लोकसभा चुनावों से पहले शिरोमणि अकाली दल ने दो दिन पहले आदेश प्रताप सिंह कैरों को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। जिसके बाद अकाली दल में अंदरूनी कलह शुरू हो गई है। दरअसल, आदेश प्रताप सिंह कैरों के हक में पार्टी सरपरस्त सुखदेव सिंह ढींढसा और बीबी जगीर कौर ने आवाज उठाई है। दोनों नेताओं ने कैरों को निकालने के फैसले को गलत करार दे दिया है। आदेश प्रताप सिंह कैरों सिर्फ पार्टी सीनियर लीडर नहीं, पंजाब प्रांत के तीसरे मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों के परिवार से हैं। इतना ही नहीं, आदेश प्रताप सिंह बादल परिवार के जमाई और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल के जीजा हैं। कैरों परिवार की मात्र तरनतारन के पट्‌टी में नहीं, पूरे राज्य में पहचान है।

अकाली दल ने ये कार्रवाई खडूर साहिब हलके के प्रत्याशी विरसा सिंह वल्टोहा की शिकायत के बाद की। आरोप लगाए गए कि कैरों ने अकाली दल व वल्टोहा के हक में वोट ना डालने का दबाव वर्करों पर बनाया। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल ने फैसला लेते हुए आदेश प्रताप सिंह को पार्टी से निकालने का फैसला कर दिया। पार्टी सरपरस्त सुखदेव सिंह ढींढसा ने सुखबीर बादल के इस फैसले को गलत करार दे दिया है। सुखदेव ढींढसा ने कहा कि चुनाव सिर पर हैं। गलत समय पर ये फैसला लिया गया है। वहीं, मलूका परिवार की बहू भाजपा की प्रत्याशी हैं। उनके सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक इंटरव्यू पर भी सवाल खड़ा किया है, जिसमें सिकंदर सिंह मलूका प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते नजर आ रहे हैं। वहीं, मलूका ने इन चुनावों में पार्टी के पक्ष में चुनाव प्रचार से भी किनारा कर रखा है।

वहीं, सीनियर अकाली लीडर बीबी जगीर कौर ने भी सुखबीर बादल के इस फैसले को गलत करार दिया है। बीबी जगीर कौर ने कहा कि आदेश प्रताप कैरों के मतभेद पार्टी प्रत्याशी विरसा सिंह वल्टोहा से हो सकते हैं, लेकिन वे पार्टी के पक्ष में हैं। जब 2019 में वे अकाली दल की प्रत्याशी बनी थी, कैरों परिवार ने उनका पूरा सहयोग दिया था। घर पर बुला कर वोट काटने वाली बात पर कुछ गलतफहमी हो सकती है। लेकिन चुनावों के बीच में इस तरह का फैसला लेना सही नहीं है। आदेश प्रताप सिंह, कैरों परिवार के बेटे हैं। आदेश प्रताप के दादा प्रताप सिंह कैरों को पंजाब प्रांत का तीसरा मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला था। इतना ही नहीं, प्रकाश सिंह बादल ने अपनी बेटी परनीत कौर की शादी आदेश प्रताप सिंह कैरों से की थी। कैरों ने पंजाब विधानसभा में 1997 से 2017 तक 20 वर्षों तक पट्टी का प्रतिनिधित्व किया। प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली अकाली-भाजपा सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया था। पट्टी खेमकरण के निकट है जिसका प्रतिनिधित्व विरसा सिंह वल्टोहा ने 2007 से 2017 तक किया था।

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