समय रहते किए गए इस सफल रेस्क्यू अभियान की स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने सराहना की है। दरअसल, प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के दौरान किसी कारणवश दोनों न्यूगल खड्ड के बीच ऐसे स्थान पर पहुंच गए, जहां से बाहर निकलना उनके लिए संभव नहीं रहा। स्थिति बिगड़ती देख तत्काल प्रशासन और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पालमपुर फायर ब्रिगेड की टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने पहले हालात का आकलन किया और फिर पूरी सावधानी, अनुभव और सूझबूझ के साथ राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद फायर कर्मियों ने दोनों पर्यटकों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू अभियान सफल रहने से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। यदि राहत टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंचती तो मानसून के दौरान बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण स्थिति गंभीर हो सकती थी। प्रशासन ने घटना के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि मानसून के दौरान नदी-नालों, खड्डों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचें। बारिश के मौसम में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे जान का खतरा पैदा हो सकता है। प्रशासन ने सभी से सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी है।