वकीलों ने यहां से गुजर रही हरेक गाड़ी को रोका और परमिट चेक किया। इस दौरान ठियोग के विधायक एवं हाईकोर्ट के एडवोकेट कुलदीप राठौर की गाड़ी को भी रोका गया। उन्होंने युवा वकीलों के बातचीत के लहजे पर आपत्ति जताई। हालांकि, उनकी गाड़ी को छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान एसडीएम ओशीन शर्मा और डीआईजी रैंक के अधिकारी की गाड़ी का भी चालान काटा गया है। दरअसल, शिमला में कई सील्ड रोड हैं और यहां से गाड़ी को ले जाने के लिए परमिट लेना पड़ता है और सरकार ने सील्ड रोड की परमिट लेने की फीस में भारी इजाफा किया है और इसी विरोध में शिमला में वकीलों ने प्रदर्शन किया। वकील मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत की मांग तक कर रहे थे और सचिवालय के बाहर एकजुट हुए और चक्का जाम कर दिया। वहीं, वकीलों को मनाने पहुंची एसडीएम ओशीन शर्मा पत्रकार पर भड़क गई हैं और वीडियो बनाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने गुस्सा करते हुए पत्रकार से कहा कि वह मुझे कवर ना करें और कुछ और कवर करें। एडवोकेट शीतल व्यास ने कहा कि “सब्जियां, कुत्ते, मंत्री-अफसरों की बीवियां और रिश्तेदारों को सरकारी गाड़ियां ढो रही रही हैं और सीएम को फ़िज़ूलख़र्ची नज़र नहीं आ रही है। वकीलों ने ओक ओवर से सचिवालय तक रोष रैली निकाली और सचिवालय परिसर के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी समस्याएं लंबे समय से अनसुनी की जा रही हैं और अब वे मुख्यमंत्री से सीधे जवाब चाहते हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान लोगों और वकीलों के बीच भी बहसबाजी हुई। इस दौरान एक महिला वकीलों से भिड़ गई और कहा कि रोड जाम करने की वजह से उनके बच्चे फंस गए हैं और सड़क को खोला जाए।View this post on Instagram