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अंब औद्योगिक क्षेत्र में रैंप और औद्योगिक तकनीकों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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अंब औद्योगिक क्षेत्र में रैंप और औद्योगिक तकनीकों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

ऊना/ सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश के अंब (ऊना) औद्योगिक क्षेत्र में रैंप  (रेसिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉरमेंस) पहल के अंतर्गत उद्योग 4.0 एवं आधुनिक डिजिटल तकनीकों पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय उद्यमियों एवं एमएसएमई प्रतिनिधियों, टेक्नोलॉजी पार्टनर्स एवं उद्योग विशेषज्ञों सहित लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डीआईसी ऊना की महाप्रबंधक कमला देवी एवं अध्यक्ष गौतम ने की। इस अवसर पर रैंप डीटी प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर मीनाक्षी ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहीं।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माइक्रो, स्मॉल एवं मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को उद्योग 4.0 तकनीकों को अपनाने के लिए जागरूक करना था, ताकि वे अपनी उत्पादकता, कार्यकुशलता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि कर सकें।

डिजिटल तकनीकों से उद्योगों को मिलने वाले लाभों की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान सेल के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट इलेयराजा सावरी मारियाराज ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, ईआरपी  और सीआरएम सिस्टम जैसी डिजिटल तकनीकें एमएसएमई को सुव्यवस्थित बनाने, गुणवत्ता में सुधार करने, लागत कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

ओपन मार्केट एक्सेस के लिए एमएसएमई पोर्टल की जानकारी

कार्यक्रम में एमएसएमई को रैंप अवेयरनेस कैंपेन के तहत https://team.msmemart.com/msme-registration-eligibility पोर्टल के माध्यम से ओपन मार्केट एक्सेस प्राप्त करने हेतु पंजीकरण की जानकारी भी साझा की गई।

इस अवसर पर मीनाक्षी ठाकुर ने ऊधमियों से आह्वान किया कि वे स्मार्ट तकनीकों को अपनाकर भविष्य के लिए स्वयं को मजबूत बनाएं, सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ उठाएं और सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए रैंप  जैसी पहलों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय द्वारा समर्थित रैंप  पहल का उद्देश्य एमएसएमई इकोसिस्टम को सशक्त बनाना, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन को बढ़ावा देना तथा उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इसके अलावा सत्र के दौरान रैंप  के अंतर्गत उपलब्ध स्कीम्स, टूलकिट और सपोर्ट पैकेजिंग पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

 

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