ऊना/सुशील पंडित: ग्राम पंचायत चडतगढ़ में समेकित बाल विकास परियोजना ऊना द्वारा पर्यवेक्षक वृत्त फतेहपुर नानकी देवी की अध्यक्षता में पोषण पखवाडा और जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान नानकी देवी ने बताया कि पोषण पखवाड़ा 2026 का विषय “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना” है।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक बचपन, विशेष रूप से पहले 1,000 दिन, बच्चों के मस्तिष्क, शारीरिक विकास और समग्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, मस्तिष्क का 85 प्रतिशत से अधिक विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है, इसलिए इस अवधि में उचित पोषण, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा बेहद आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत मातृ एवं शिशु पोषण को बढ़ावा देना, शिशुओं के लिए स्तनपान और पूरक आहार की जानकारी देना, 0-3 वर्ष के बच्चों के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन, 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षा तथा बच्चों के बेहतर विकास के लिए स्क्रीन टाइम कम करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। शिविर में उपस्थित लोगों को गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और नवजात शिशुओं के नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर टीकाकरण और संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
उन्होंने आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेने की सलाह दी तथा कुपोषित बच्चों के लिए विशेष देखभाल और विशेषज्ञों से परामर्श लेने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, सभी को स्वस्थ जीवन के लिए योग के महत्व से भी अवगत कराया गया।
उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही ऐसे कार्यक्रम सफल हो सकते हैं और स्वस्थ व सशक्त समाज का निर्माण संभव है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत चडतगढ़ की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्थानीय महिलाएं एवं अन्य लाभार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।