Home Himachal>Una भक्ति और उमंग: गोविंद सागर में गूंजे मां शारदे के जयकारे, प्रवासियों ने दी भावभीनी विदाई

भक्ति और उमंग: गोविंद सागर में गूंजे मां शारदे के जयकारे, प्रवासियों ने दी भावभीनी विदाई

0
भक्ति और उमंग: गोविंद सागर में गूंजे मां शारदे के जयकारे, प्रवासियों ने दी भावभीनी विदाई

​ ऊना/सुशील पंडित: “सात समंदर पार नहीं, पर अपनी माटी से दूर भी अटूट है परंपराओं का नाता।” इस उक्ति को रविवार को लठियाणी में प्रवासियों ने सच कर दिखाया। अपनी कर्मभूमि में रहकर जन्मभूमि की संस्कृति को कैसे जीवंत रखा जाता है, इसका अनुपम उदाहरण रविवार को गोविंद सागर झील के तट पर देखने को मिला, जहां प्रवासी समुदाय द्वारा मां सरस्वती की मूर्ति का विसर्जन पूरी श्रद्धा और धूमधाम के साथ किया गया।

​​विसर्जन यात्रा के दौरान मैहरे से लेकर लठियाणी रोड तक का नजारा किसी ‘लघु भारत’ जैसा प्रतीत हो रहा था। डीजे की धुनों और भंगड़े की थाप पर थिरकते बच्चों, महिलाओं और युवाओं के उत्साह ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। विसर्जन यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जोश यह बता रहा था कि वे भले ही अपने गृह प्रदेश से दूर हों, लेकिन उनके संस्कार और धार्मिक आस्था की जड़ें आज भी उतनी ही गहरी हैं।

​गोविंद सागर में अटूट आस्था का संगम ​यात्रा के समापन पर गोविंद सागर झील के घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां शारदे की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस मौके पर प्रवासियों ने कहा कि उनकी संस्कृति ही उनकी पहचान है और वे अपनी आने वाली पीढ़ी को इन परंपराओं से जोड़े रखना चाहते हैं।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here