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  • Jalandhar News : लूटपाट की वारदात में शामिल तीन आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Jalandhar News : लूटपाट की वारदात में शामिल तीन आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    धारदार हथियार-बाइक व मोबाइल फोन बरामद

    जालंधरः पुलिस टीम ने एक लूट की घटना संबंधी त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 5 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। जिनकी की पहचान पवनप्रीत उर्फ बग्गा, पुत्र जसवंत सिंह, निवासी लतीफपुरा डेरिया, सोनिया कल्याण उर्फ निक्की, पत्नी मनीष, निवासी गांव मलको तरार, थाना लाबरा सहित एक नाबालिग लड़का के रूप में हुई है।

    ये हुई बरामदगी
    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोटरसाइकिल PB24-A-9015 (Platina, नीला रंग), एक Realme मोबाइल फोन, लोहे की कुल्हाड़ी, लोहे की दरांती बरामद किया है। आगे की जांच जारी है।

    यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर के दिशा-निर्देशों के तहत इंस्पेक्टर संजीव कुमार की निगरानी में चौकी जालंधर हाइट्स के इंचार्ज सुरजीत सिंह (2446/जालंधर) ने अपनी टीम के साथ यह कार्रवाई की।

    ये था पूरा मामला
    31 मार्च 2026 की रात को सतपाल (पुत्र स्वर्गीय राम आसरा, निवासी गांव उस्मानपुर) अपनी मोटरसाइकिल (नंबर PB24-A-9015, Platina, नीला रंग) पर घर लौट रहे थे। जब वे खम्बरा से आते हुए Richmond Residency के पास पहुंचे, तो एक लड़की ने उनसे लिफ्ट मांगी। लड़की के साथ दो अन्य युवक भी मौजूद थे। तीनों के पास धारदार हथियार थे। आरोपियों ने सतपाल पर हमला कर मारपीट की और उनकी मोटरसाइकिल तथा Realme मोबाइल फोन लूटकर मौके से फरार हो गए। इस संबंध में थाना सदर जालंधर में 1 अप्रैल 2026 को केस नंबर 96 दर्ज किया गया। मामला BNS की धारा 309(6), 3(5) और 351(3) के तहत दर्ज किया गया।

     

  • BBA Student का अपहरण करने वाले 4 आरोपी काबू, कार और धारदार हथियार बरामद, देखें वीडियो

    BBA Student का अपहरण करने वाले 4 आरोपी काबू, कार और धारदार हथियार बरामद, देखें वीडियो

    मोहालीः खरड़ इलाके में एक बीबीए छात्र का अपहरण कर लिया गया था। यह घटना फिरौती (पैसे वसूलने) के लिए की गई थी। जिसके बाद पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छात्र को सुरक्षित बचा लिया और इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित का नाम अवधेश सिंह राजपूत है, जिसकी उम्र 22 साल है। वह खरड़ के अर्बन होम्स, जीटीबी नगर का रहने वाला है और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में बीबीए की पढ़ाई कर रहा है।

    कैसे हुआ अपहरण
    30 मार्च को अवधेश अपने दोस्त के फ्लैट पर (अपर मीडोज, माता गुजरी रोड, खरड़) गया हुआ था। रात करीब 10 बजे वह बाजार में कुछ सामान लेने गया। वहां तीन लोगों ने उससे झगड़ा किया और जबरदस्ती अपनी कार में बैठाकर उसे अगवा कर लिया। आरोपियों ने उसे सुनसान जगह पर ले जाकर जान से मारने की धमकी दी। उससे 1 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। उन्होंने उसके दोस्तों से एक लड़की के खाते में 5,000 रुपये भी ट्रांसफर करवाए। इस दौरान आरोपियों ने अवधेश के साथ मारपीट की और उसे तलवार से घायल भी किया।

    कैसे बचकर निकला?
    अवधेश ने हिम्मत दिखाई और किसी तरह आरोपियों को चकमा देकर भाग निकला। वह सीधे खरड़ बस स्टैंड पहुंचा और अपने दोस्तों को बुलाया। इसके बाद उसे सिविल अस्पताल खरड़ में भर्ती कराया गया।

    पुलिस की कार्रवाई जारी
    इस मामले में थाना सिटी खरड़ में केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तनवीर कौर को गिरफ्तार किया, जिसके खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों — जसप्रीत सिंह, उदय शर्मा, रछपाल सिंह, लवप्रीत सिंह और प्रिंस कुमार को भी नामजद किया गया। इनमें से लवप्रीत सिंह, उदय शर्मा और प्रिंस कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।

    ये सामान हुए बरामद
    पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई मारुति कार, एक कृपाण (तेज धार वाला हथियार) बरामद की है।

    आगे की कार्रवाई जारी
    पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर उनका रिमांड लिया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

     

     

  • Jalandhar News: पुलिस ने सुलझाई हत्या की गुत्थी, आरोपी को गिरफ्तार कर घर से दफनाया शव किया बरामद, देखें वीडियो

    Jalandhar News: पुलिस ने सुलझाई हत्या की गुत्थी, आरोपी को गिरफ्तार कर घर से दफनाया शव किया बरामद, देखें वीडियो

    जालंधरः देहात पुलिस ने एक हत्या के मामले को सुलझाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। नकोदर पुलिस ने आरोपी के घर से एक व्यक्ति का दफनाया हुआ शव बरामद किया। मृतक की पहचान अमरजीत सिंह (45) के रूप में हुई है, जो नवंबर 2025 से लापता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुरदेव सिंह, पुत्र गेहल सिंह, निवासी ग्राम पचड़िया, थाना मेहटपुर,  वर्तमान निवासी ग्राम गंधरा, थाना सदर नकोदर के रहने वाले के रूप में हुई है।

    ये कार्रवाई SSP हरविंदर सिंह विर्क के दिशा-निर्देशों पर ग्रामीण पुलिस ने अभियान के तहत एक हत्या के मामले को सुलझाते हुए और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, विनीत अहलावत, IPS, पुलिस अधीक्षक (जांच) के नेतृत्व में और ओंकार सिंह बराड़ के नेतृत्व में (जिनकी टीम का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह, मुख्य अधिकारी, सदर नकोदर पुलिस स्टेशन कर रहे थे) एक टीम ने तत्काल कार्रवाई की। टीम ने आधुनिक और तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल करते हुए आरोपी गुरदेव सिंह का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ओंकार सिंह बराड़ ने बताया कि 01.04.2026 को अमनप्रीत सिंह (पुत्र बलविंदर सिंह, निवासी पट्टी अकालपुर मलसियां, पुलिस स्टेशन शाहकोट, जिला जालंधर) द्वारा एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसके चाचा अमरजीत सिंह (पुत्र अजमेर सिंह, उम्र लगभग 45 वर्ष), जो पिछले लगभग 20 वर्षों से गुरदेव सिंह के साथ काम कर रहे थे, नवंबर 2025 से घर नहीं लौटे हैं। शक के आधार पर, पुलिस स्टेशन सदर नकोदर में गुरदेव सिंह के खिलाफ धारा 103, 238 BNS के तहत मामला संख्या 63, दिनांक 01.04.2026 दर्ज किया गया।

    प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि 13.11.2025 को उसने अमरजीत सिंह की हत्या कर दी थी। शव को ठिकाने लगाने के इरादे से, उसने अपने घर में बाथरूम के पास लगभग 5-6 फीट गहरा गड्ढा खोदा और शव को एक बोरे में डालकर उसमें दफना दिया।

    ड्यूटी मजिस्ट्रेट पवनदीप सिंह की उपस्थिति में पुलिस टीम ने आरोपी के बताए अनुसार,  गांव गंधरा स्थित उसके घर के बाथरूम के पास दफनाए गए मृतक अमरजीत सिंह के शव को खोदकर बाहर निकाला और बरामद कर लिया। इस अवसर पर गांव गंधरा और मलसियां ​​पट्टी अकालपुर की पंचायतें भी उपस्थित थीं। शव का पोस्टमार्टम एक मेडिकल टीम द्वारा किया जाएगा और मृतक के DNA  सैंपल भी लिए जाएंगे। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड प्राप्त की जाएगी, ताकि आगे की जांच की जा सके।

  • Jalandhar News: S.S. Medicos सहित कई दुकानों पर विभाग की टीम ने मारी रेड, देखें वीडियो

    Jalandhar News: S.S. Medicos सहित कई दुकानों पर विभाग की टीम ने मारी रेड, देखें वीडियो

    जालंधरः कमिश्नरेट पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर ने भार्गव कैंप के इलाके में मेडिकल स्टोर की दुकानों पर रेड की। रेड के दौरान पुलिस ने S. Medicos स्टोर की दुकान से 500 से ज्यादा प्रतिबंधित गोलियां और कैप्सूल बरामद किए। इस दौरान दवा विक्रेता इन दवाइयों का लेखा जोखा नहीं दे पाए। सेहत विभाग व पुलिस ने कार्रवाई के बाद कई दवाइयां सील कर दवा विक्रेताओं को लेखाजोखा पेश करने के लिए नोटिस जारी किया है। साथ ही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    एडीसीपी सिटी टू राकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने पुलिस टीम और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम को साथ लेकर भार्गव कैंप इलाके में मेडिकल स्टोर की दुकानों पर रेड की, जहां उन्हें एक S. Medicos स्टोर की दुकान से 500 से ज्यादा प्रतिबंध गोलियां और कैप्सूल बरामद हुए। उन्होंने आरोपी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी और और उन्होंने सभी मेडिकल स्टोर की दुकान चलाने वाले दुकानदारों को चेतावनी दी है कि अगर उनके इलाक़े में कोई बिना रसीद श्रेणी के प्रतिबंधित गोलियां कैप्सूल बेचता पाया गया तो कार्रवाई करने से परहेज नहीं करेंगे।

  • पिस्तौल की नोक पर गैस एजेंसी कर्मचारी से 3.5 लाख की लूट, देखें वीडियो

    पिस्तौल की नोक पर गैस एजेंसी कर्मचारी से 3.5 लाख की लूट, देखें वीडियो

    मोहालीः खरड़ के पीर सुहाना रोड पर गुरुवार को दिनदहाड़े लूट की वारदात सामने आई। जहां, बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने पिस्तौल की नोक पर पनसप गैस एजेंसी के एक कर्मचारी से करीब साढ़े तीन लाख रुपये की नकदी लूट ली और मौके से फरार हो गए। वारदात के दौरान आरोपियों ने हवाई फायरिंग भी की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

    पीड़ित कर्मचारी विपन ने बताया कि वह एक्टिवा पर सवार होकर कैश बैंक में जमा करवाने जा रहा था। जैसे ही वह अंडरब्रिज के पास पहुंचा, दो बदमाशों ने उसे रोक लिया और पिस्तौल दिखाकर नकदी छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

    मौके पर पहुंची थाना सदर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

  • Punjab News: सीएम भगवंत मान ने संगरूर के चीमा गांव में ₹11.70 करोड़ का अस्पताल किया शुरू, ग्रामीण स्वास्थ्य को मिला बड़ा बल

    Punjab News: सीएम भगवंत मान ने संगरूर के चीमा गांव में ₹11.70 करोड़ का अस्पताल किया शुरू, ग्रामीण स्वास्थ्य को मिला बड़ा बल

    संगरूर, 2 अप्रैल 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को संगरूर के चीमा गांव में संत अत्तर सिंह जी महाराज अस्पताल का उद्घाटन किया। यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    करीब ₹11.70 करोड़ की लागत से बने इस आधुनिक 30 बेड वाले अस्पताल से 15 गांवों के लगभग 50,000 लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा आसपास के 35,000 से 40,000 लोगों को भी बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

    अब गांव में ही मिलेगा बेहतर इलाज

    मुख्यमंत्री ने अस्पताल का दौरा कर मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की और सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पहले उचित सुविधाएं न होने के कारण मरीजों को संगरूर, पटियाला और लुधियाना जाना पड़ता था।

    अब इस अस्पताल में आधुनिक मशीनें, इमरजेंसी सेवाएं और मातृ-शिशु वार्ड उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को अपने क्षेत्र में ही इलाज मिलेगा।

    उन्होंने यह भी घोषणा की कि संत बाबा अत्तर सिंह के नाम पर मेडिकल कॉलेज का काम जल्द शुरू किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

    10 से 30 बेड तक हुआ विस्तार

    मुख्यमंत्री ने बताया कि यह स्वास्थ्य केंद्र वर्ष 1975 में 10 बेड से शुरू हुआ था, जिसे बाद में 20 बेड किया गया और अब इसे बढ़ाकर 30 बेड कर दिया गया है।

    उन्होंने कहा कि यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जहां इमरजेंसी सेवाएं और सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

    कई तरह की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध

    इस अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए पीडियाट्रिक विशेषज्ञ, ईएनटी और डेंटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त दी जाएंगी।

    यहां एक्स-रे और ब्लड टेस्ट की सुविधा भी होगी और नशा मुक्ति के लिए इलाज की सुविधा भी दी जाएगी।

    नशा मुक्त पंजाब पर जोर

    मुख्यमंत्री ने नशे को कानूनी करने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि एक नशा दूसरे नशे का विकल्प नहीं हो सकता।

    उन्होंने कहा कि सरकार ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है, जिसमें तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और उनकी संपत्तियां जब्त की गई हैं।

    उन्होंने बताया कि जल्द ही ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाएगा जो नशा तस्करों के खिलाफ जानकारी देते हैं।

    सरकार ने गिनाईं विकास उपलब्धियां

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर क्षेत्र में बड़े बदलाव किए हैं। जनता के टैक्स का पैसा जनता के विकास में लगाया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि 90% घरों को मुफ्त बिजली दी जा रही है, 65,000 से ज्यादा युवाओं को बिना भ्रष्टाचार नौकरी दी गई है, और कई टोल प्लाजा बंद किए गए हैं जिससे रोजाना ₹70 लाख की बचत हो रही है।

    इस मौके पर कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक अमन अरोड़ा तथा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह भी मौजूद थे।

  • Punjab News: पंजाब की सेहत योजना के तहत ₹4 लाख की जान बचाने वाली सर्जरी मुफ्त, दिखा बड़ा असर

    Punjab News: पंजाब की सेहत योजना के तहत ₹4 लाख की जान बचाने वाली सर्जरी मुफ्त, दिखा बड़ा असर

    चंडीगढ़, 2 अप्रैल 2026: पंजाब सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभाव का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत ₹4 लाख की जान बचाने वाली सर्जरी पूरी तरह कैशलेस की गई।

    इस योजना का लाभ लेने वाली सुखपाल कौर, 37 वर्षीय निवासी चंडीगढ़, को गंभीर दिल की बीमारी ‘एओर्टिक डिसेक्शन’ का पता चलने के बाद PGIMER चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था। यह एक बेहद गंभीर स्थिति होती है, जिसमें तुरंत सर्जरी की जरूरत होती है।

    कैशलेस इलाज से बची जान

    डॉक्टरों के अनुसार, सर्जरी, अस्पताल में भर्ती और विशेष इलाज का खर्च करीब ₹4 लाख था, जिसे इतने कम समय में जुटाना परिवार के लिए मुश्किल था।

    लेकिन जैसे ही अस्पताल में सेहत कार्ड की पुष्टि हुई, इलाज बिना किसी देरी के शुरू कर दिया गया। यह पूरा इलाज योजना के तहत कैशलेस किया गया, जिसमें प्रति परिवार ₹10 लाख तक का कवर मिलता है।

    परिवार के एक सदस्य ने बताया, “सब कुछ बहुत जल्दी हुआ। डॉक्टरों ने कहा कि तुरंत सर्जरी जरूरी है। इतनी बड़ी रकम तुरंत जुटाना संभव नहीं था, लेकिन सेहत कार्ड के कारण इलाज तुरंत शुरू हो गया।”

    डॉक्टरों ने बताया समय पर इलाज जरूरी

    PGIMER के डॉक्टर सचिन महाजन ने बताया कि एओर्टिक डिसेक्शन एक गंभीर बीमारी है, जिसमें तुरंत सर्जरी करना जरूरी होता है।

    उन्होंने कहा, “ऐसे मामलों में थोड़ी सी देरी भी जोखिम बढ़ा सकती है। सेहत योजना के तहत कार्ड वेरिफाई होते ही हम बिना वित्तीय मंजूरी का इंतजार किए इलाज शुरू कर सकते हैं, जिससे मरीज को समय पर इलाज मिलता है।”

    सरकार ने बताया योजना का असर

    पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि ऐसे कठिन समय में किसी की जान बचाना बहुत संतोषजनक होता है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में यह योजना जमीन पर बड़ा असर दिखा रही है।

    “अब परिवारों को इलाज के लिए पैसे की चिंता नहीं करनी पड़ती और उन्हें तुरंत इलाज मिल जाता है,” उन्होंने कहा।

    पूरे पंजाब में योजना का विस्तार

    मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लाखों परिवार पहले ही लाभ ले चुके हैं और कई महंगे इलाज मुफ्त में किए जा रहे हैं।

    पंजाब सरकार लोगों को सेहत कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित कर रही है, ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें।

    अधिकारियों का कहना है कि यह योजना राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और लोगों पर आर्थिक बोझ कम करने में अहम भूमिका निभा रही है।

  • हरियाणा में पांडुलिपि सर्वे तेज, मुख्य सचिव ने तय की Deadline

    हरियाणा में पांडुलिपि सर्वे तेज, मुख्य सचिव ने तय की Deadline

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने ‘ज्ञान भारतम’ पहल के कार्यान्वयन और राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आज यहां उपायुक्तों, विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर ‘ज्ञान भारतम’ पहल के कार्यान्वयन और राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण की समीक्षा कर रहे थे।

    अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें भारत की ज्ञान परंपरा के संरक्षण, नवाचार और अनुकूलन को प्रमुख स्तंभ माना गया है। सितंबर 2025 में शुरू किया गया ‘ज्ञान भारतम’ पोर्टल आधुनिक तकनीक की मदद से सदियों पुरानी पांडुलिपियों की पहचान और संरक्षण के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

    उपायुक्तों को निर्देश दिए कि हर जिले में व्यवस्थित और समयबद्ध सर्वे सुनिश्चित किया जाए। इस सर्वे में संस्थानों के साथ-साथ मंदिरों, विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध पांडुलिपियों को भी शामिल किया जाए। व्यापक राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार करने के लिए उचित दस्तावेजीकरण, सूचीकरण और मानकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना आवश्यक है।

    कार्य योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि सर्वेक्षण एक संरचित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। इसमें पांडुलिपियों और संरक्षकों की पहचान, भौतिक सत्यापन एवं स्थिति का आकलन, विस्तृत सूचीकरण और मेटाडाटा तैयार करना, संरक्षण एवं उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटाइजेशन तथा अंत में प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए रिपॉजिटरी स्तर पर सत्यापन शामिल होगा।

    तकनीक की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि उच्च स्तरीय स्कैनर, मेटाडाटा निर्माण और क्लाउड स्टोरेज के साथ सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में डिजिटाइज्ड पांडुलिपियों को अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही प्राचीन ग्रंथों को अधिक सुलभ बनाने के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन और हैंडरिटन टेक्स्ट रिकग्निशन जैसी उन्नत तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा।

    क्षमता निर्माण के महत्व पर बल देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि संरक्षण कार्य के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही प्राचीन लिपियों में विशेष प्रशिक्षण देकर कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा रहा है।

    उन्होंने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने पर बल देते हुए कहा कि राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की निगरानी में तथा जिला स्तर पर उपायुक्तों की अध्यक्षता में समितियां गठित की गई हैं। उन्होंने प्रगति की निगरानी और समस्याओं के समाधान के लिए नियमित और पखवाड़ा समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि जून माह तक फील्ड सर्वे पूरा किया जाए। इसके लिए पूर्व-सर्वे समन्वय और निरंतर निगरानी की व्यवस्था की जाए।

    जनभागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालयों, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थानों, मीडिया विज्ञापनों तथा विशेषज्ञ नेटवर्क के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेख दान अभियान और धरोहरशास्त्री इंटर्नशिप कार्यक्रम जैसी पहलों की भी समीक्षा की। इन पहलों का उद्देश्य स्वैच्छिक अभिलेख दान को प्रोत्साहित करना और छात्रों को अभिलेखीय कार्यों से जोड़ना है।

    रस्तोगी ने कहा कि इस पहल से व्यापक पांडुलिपि डेटाबेस तैयार होगा, दुर्लभ और लुप्तप्राय पांडुलिपियों की पहचान होगी, जीआईएस आधारित राष्ट्रीय रिपॉजिटरी विकसित होगी और भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा के संरक्षण में संस्थागत और सामुदायिक भागीदारी मजबूत होगी।

    बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए, जबकि अभिलेखागार विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी, निदेशक डॉ. बलप्रीत सिंह, उपनिदेशक अभिलेखागार मंजू यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे ।

  • IGMC में न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का उद्घाटन, SPECT-CT के लिए 8 करोड़ रुपये की मिली मंजूरी

    IGMC में न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का उद्घाटन, SPECT-CT के लिए 8 करोड़ रुपये की मिली मंजूरी

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला में न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का उद्घाटन किया। इसी के साथ अब राज्य में सरकारी क्षेत्र में पहली बार पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पैट) स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो गई है।

    पैट स्कैन सुविधा रोगों का प्रारंभिक स्तर पर, मेटाबॉलिक और मॉलिक्यूलर स्तर पर पता लगाने में सक्षम है। पारंपरिक इमेजिंग तकनीकों जैसे सीटी और एमआरआई की तुलना में, जो बाद के चरणों में संरचनात्मक बदलाव दिखाती हैं, पैट तकनीक बहुत पहले ही शारीरिक परिवर्तनों का पता लगा लेती है। यह सुविधा कैंसर के स्टेज निर्धारण और पुनः मूल्यांकन, उपचार के प्रभाव का आकलन, बीमारी की पुनरावृत्ति का पता लगाने और रोग के पूर्वानुमान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    यह तकनीक मस्तिष्क ट्यूमर, सिर और गर्दन के कैंसर, थायरॉयड कारसिनोमा, लंग्स कारसिनोमा, प्लूरल मैलिगनेंसिज़, थाइमिक ट्यूमर, इसोफेगोगेसट्रिक कारसिनोमा, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर, ब्रेस्ट कारसिनोमा, कोलोरेक्टल कारसिनोमा तथा यूरोलॉजिकल एवं टेस्टिकूलर मैलिगनेंसिज़ के निदान और प्रबंधन में व्यापक रूप से उपयोग की जाती है। नई तकनीकों और ट्रेसर के विकास के साथ, ऑन्कोलॉजी में इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।

    ऑन्कोलॉजी के अलावा, पैट स्कैन का उपयोग अब हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, संक्रमण और सूजन संबंधी रोगों के आकलन में भी किया जा रहा है, विशेषकर उन मामलों में जहां पारंपरिक इमेजिंग से स्पष्ट निष्कर्ष नहीं मिल पाता।

    मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाल ही में इस प्रमुख संस्थान में 3 टेस्ला एमआरआई मशीन का भी शुभारम्भ किया गया है। आने वाले समय में प्रदेश सरकार राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी उन्नयन के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी ताकि लोगों को उनके घर के पास ही सुलभ और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।

    उन्होंने आईजीएमसी शिमला में स्पैक्ट-सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए 8 करोड़ रुपये की भी घोषणा की। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा व संजय अवस्थी, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • एमथ्रीएम फाउंडेशन और गोविंद सागर ब्लॉक लेवल फेडरेशन के बीच एमओयू हस्ताक्षरित

    एमथ्रीएम फाउंडेशन और गोविंद सागर ब्लॉक लेवल फेडरेशन के बीच एमओयू हस्ताक्षरित

    ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

    ऊना/सुशील पंडित: ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एमथ्रीएम फाउंडेशन ने पायल@40 अभियान के अंतर्गत बंगाणा ब्लॉक में गोविंद सागर ब्लॉक लेवल फेडरेशन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत थानाकलां में ग्रामीण आजीविका केंद्र (आरएलसी) के संचालन हेतु किया गया।

    इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों को संगठित प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण एवं आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना है। इसके साथ ही ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देकर उन्हें रोजगारोन्मुखी बनाया जाएगा। इस साझेदारी से क्षेत्र के 800 से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों, आजीविका संवर्धन गतिविधियों एवं कौशल विकास पहलों का लाभ मिलने की संभावना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि एवं स्थायी आजीविका सुनिश्चित हो सकेगी।

    इस अवसर पर एमथ्रीएम फाउंडेशन की चेयरपर्सन डा. पायल कनोदिया ने कहा कि पायल@40 केवल एक पहल नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सतत आजीविका सुनिश्चित करने की एक सशक्त प्रतिबद्धता है। बनारस से आरंभ हुआ यह कार्यक्रम देशभर में हजारों महिलाओं को सशक्त बना रहा है और बंगाणा जैसे क्षेत्रों में यह साझेदारी सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन का मजबूत आधार बनेगी।

    M3M फाउंडेशन के।मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. ऐश्वर्या महाजन ने अपने संबोधन में कहा कि यह साझेदारी जमीनी स्तर पर संस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए कौशल आधारित आजीविका के अवसरों को बढ़ाएगी, जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सभी अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों का आभार भी व्यक्त किया।

    खंड विकास अधिकारी किशोरी लाल वर्मा एवं बीएलएफ अध्यक्ष रजनी देवी ने एम3एम फाउंडेशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण युवाओं की क्षमता को सशक्त करेगा तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करेगा। यह एमओयू बंगाणा ब्लॉक, जिला ऊना में समग्र ग्रामीण विकास को गति देने और ग्रामीण परिवारों के लिए सतत आजीविका के अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

    इस पहल के अंतर्गत एम3एम फाउंडेशन आगामी तीन वर्षों में बंगाणा ब्लॉक की 2,500 से अधिक महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी किशोरी लाल वर्मा, एम3एम फाउंडेशन के प्रतिनिधि जावेद मीर एवं ऋषि भटनागर सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।