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  • पंजाब राज्य में 97.44 प्रतिशत गणना फॉर्मों का वितरण हुआ: CEO Anindita Mitra

    पंजाब राज्य में 97.44 प्रतिशत गणना फॉर्मों का वितरण हुआ: CEO Anindita Mitra

    चंडीगढ़: पंजाब राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत 25 जून, 2026 से लेकर 01 जुलाई, 2026 तक 97.44 प्रतिशत गणना फॉर्मों का वितरण किया जा चुका है। यह जानकारी पंजाब राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा द्वारा आज यहाँ दी गई।

    पंजाब राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन संबंधी कार्यवाही बहुत सुचारू ढंग से चल रही है, जिसके फलस्वरूप प्रदेश के 24,453 बी.एल.ओज़. द्वारा घर-घर जाकर प्रदेश के 2 करोड़ 14 लाख 61 हज़ार 43 मतदाताओं में से 01 जुलाई, 2026 तक 2 करोड़ 9 लाख 12 हज़ार 619 मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह कुल मतदाताओं का 97.44 प्रतिशत बनता है।

    सी.ई.ओ. श्रीमती अनिंदिता मित्रा द्वारा बताया गया कि बी.एल.ओज़. द्वारा मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित करने के साथ-साथ फॉर्म भरवाने में भी मदद की जा रही है, ताकि किसी भी मतदाता के गणना फॉर्म में कोई गलती न हो सके। बी.एल.ओज़. द्वारा भरे हुए गणना फॉर्म एकत्रित करने का कार्य भी आरंभ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इन फॉर्मों के डिजिटलीकरण का काम भी आरंभ हो गया है।

    अनिंदिता मित्रा द्वारा पंजाब राज्य के समस्त मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपना गणना फॉर्म भरना सुनिश्चित करें और बी.एल.ओज़. को अधिकतम सहयोग दें, ताकि इस बड़े कार्य को समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि बी.एल.ओज़. द्वारा घर-घर जाकर गणना फॉर्म का वितरण और भरे हुए फॉर्म वापस लेने का कार्य 24 जुलाई, 2026 तक किया जाएगा।

     

  • हरियाणा सरकार का मजदूर हितैषी कदम, देश में सबसे अधिक दैनिक मजदूरी का ऐलान

    हरियाणा सरकार का मजदूर हितैषी कदम, देश में सबसे अधिक दैनिक मजदूरी का ऐलान

    चंडीगढ: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि वीबी जीरामजी के तहत पूरे देश में हरियाणा प्रदेश सबसे ज्यादा मजदूरी 409 रुपए प्रतिदिन देगा, जो अब 15 दिन की बजाए 7 दिन के अंदर मिला करेगी और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही साबित होती है तो उस पर अब 10 हजार रुपए की पेनल्टी भी लगेगी, जो पहले मात्र एक हजार रुपए हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि हेरा-फेरी को रोकने के लिए श्रमिकों की कार्यस्थल पर बायोमेट्रिक से हाजिरी लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना की शुरुआत होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार की तरफ से इस स्कीम में 590.19 करोड़ रुपये और हरियाणा प्रदेश की तरफ से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में लगभग 370 करोड़ रुपए स्कीम में भेजे हैं। हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार वीरवार को कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के सभागार में हरियाणा ग्रामीण विकास विभाग के विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी जीरामजी) प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उन्होंने कुरुक्षेत्र में शहजादपुर गांव के तालाब की खुदाई के कार्य से ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से वीबी जीरामजी योजना का शुभारंभ किया। इसके साथ ही इस कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संबोधित किया। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि कल 1 जुलाई को पूरे हिंदुस्तान में वीबी जीरामजी स्कीम की शुरुआत हो चुकी है। हरियाणा प्रदेश में इस योजना की शुरुआत धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम से हो रही है। उन्होंने कहा कि पात्र श्रमिक को ऑनलाइन पंजीकरण करना है। पंजीकरण का सत्यापन, फिजिकल वेरिफिकेशन होने के बाद 15 दिन के अंदर रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। वर्षभर में 125 का काम दिया जाएगा। यदि 15 दिन में रोजगार नहीं दे सके तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इस योजना के तहत कार्य की मजदूरी का भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाएगा। श्रमिकों को फसल की कटाई और बिजाई के लिए 60 दिन अवकाश भी दिया जाएगा।

    वीबी जीरामजी के तहत 318 प्रकार के कामों को किया जा सकेगा

    विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि 1 जुलाई को शुरू की गई वीबी जीरामजी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का विकास, ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। इस योजना में जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा, ग्रामीण संरचना, कृषि एवं आजीविका संबंधित कार्य, जलवायु परिवर्तन, अनुकूल एवं आपदा निम्नीकरण संबंधित कार्य, पशुपालन, मत्स्य पालन, भंडारण, ग्रामीण बाजार, कौशल विकास को शामिल किया गया है। इस तरह के 318 ऐसे काम हैं, जिनको वीबी जीरामजी के तहत किया जा सकता है। सभी कार्यों की लिस्ट विभाग के कार्यालयों में पहुंच गई हैं।

    प्रदेश की 3 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

    मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि इस योजना के तहत महिलाओं पर विशेष तौर से फोकस किया गया है। महिलाओं के लिए ट्रेनिंग कम स्किल डेवलपमेंट सेंटर और उनके कार्य संबंधी वर्क पर पैसा खर्च हो सकेगा। हरियाणा प्रदेश में लगभग 70 हजार सेल्फ हेल्प ग्रुप हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में 5 लाख को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। करीब 3 लाख लखपति दीदी बन चुकी हैं।

    कांग्रेस पार्टी ने सदन में किया था बिल का विरोध

    मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि जब वीबी जीरामजी बिल को लोकसभा और राज्यसभा में लाया गया तो सबसे पहले विपक्ष में कांग्रेस ने उसका विरोध किया। कांग्रेस की सोच अच्छे काम के लिए विरोध करना है, जबकि वीबी जीरामजी कोई नई योजना नहीं है। यह वर्ष 1960 की योजना है। समय -समय पर योजना में कुछ अच्छे परिवर्तन हुए हैं। अब भी ऐसा ही किया गया है।

    2 लाख का बीमा, रिक्त पदों पर भर्ती व सड़क देखरेख को योजना में जोड़ने का सुझाव केंद्रीय मंत्री के सामने रखा

    मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान के साथ आयोजित 2 दिवसीय शिविर में वीबी जीरामजी योजना को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के सामने सुझाव देते हुए कहा कि इस योजना में प्रधानमंत्री सड़क योजना-4 के कार्य को वीबी जीरामजी के साथ जोड़ा जाए। इसके साथ ही सडक़ निर्माण के बाद देखरेख का बजट अलग से तय हो और उस कार्य को इस योजना के माध्यम से करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैटेरियल पेमेंट में 60 प्रतिशत हिस्सा लेबर का होता है। इस हिस्सा को अलग रखा जाए। सड़क के बीच खड़े पेड़ को हटाने की एनजीटी की पाबंधी को खत्म किया जाए और पीएम आवास योजना व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक किश्त आने के बाद दूसरी और तीसरी किश्त में काफी समय लगता है, जिससे गरीब व्यक्ति का मकान अधर में पड़ा रहता है। ये किश्त जल्दी जारी करने की बात रखी। इसके साथ ही इस योजना के तहत काम करने वाले रिक्त पदों को भरा जाए। काम के दौरान किसी श्रमिक की मृत्यु होने पर मात्र 25 हजार रुपए देने का प्रावधान है। इस प्रावधान को आगे बढ़ाते हुए दो लाख का बीमा किया जाए, ऐसी किसी अनहोनी होने पर परिवार की आर्थिक मदद हो सके। हरियाणा प्रदेश में मुख्यमंत्री खेतिहर किसान मजदूर योजना के तहत मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से मृत्यु होने पर 5 लाख रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है।  
  • पंजाब सरकार का बड़ा भर्ती फैसला, 619 हेल्थ वर्करों की भर्ती को मंजूरी

    पंजाब सरकार का बड़ा भर्ती फैसला, 619 हेल्थ वर्करों की भर्ती को मंजूरी

    चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत 619 मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) के पदों पर भर्ती तथा उद्योग विभाग के महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं फील्ड पदों के रणनीतिक पुनर्जीवन संबंधी व्यापक प्रशासनिक प्रस्तावों को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय का उद्देश्य जनसेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना तथा संस्थागत रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

    यहां जारी एक प्रेस बयान में दोनों प्रशासनिक स्वीकृतियों का विस्तृत विवरण साझा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इन कदमों का उद्देश्य पूरे पंजाब में जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना तथा औद्योगिक प्रशासन को अधिक सक्षम बनाना है। सरकार सख्त वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए यह सुनिश्चित करेगी कि आम जनता से सीधे जुड़े आवश्यक विभागों में कर्मचारियों की कोई कमी न रहे।

    राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में इस बड़े भर्ती अभियान की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि नए स्वीकृत ढांचे के अंतर्गत मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) ग्रुप-सी के 619 रिक्त पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन 619 पदों में प्रत्यक्ष भर्ती तथा पदोन्नति (प्रमोशन) कोटे का संतुलित और रणनीतिक समावेश किया गया है। वित्त मंत्री के अनुसार, कुल 220 पद ऐसे हैं जो एक वर्ष से कम समय से रिक्त हैं, जबकि 346 पद पदोन्नति कोटे के लिए आरक्षित किए गए हैं, ताकि प्रशिक्षित दाई (ट्रेंड दाई) कैडर के पात्र कर्मचारियों को मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) के रूप में पदोन्नत किया जा सके।

    प्रत्यक्ष भर्ती के 53 पद, जो एक वर्ष से अधिक समय से रिक्त थे और वित्त विभाग के 6 जून 2019 के दिशा-निर्देशों के अनुसार समाप्त कर दिए गए थे, उन्हें मंत्रिमंडल की आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर औपचारिक तौर पर पुनः बहाल किया जाएगा। वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “इस पहल के तहत स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति ‘पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा (प्रथम संशोधन) नियम, 2025’ के अनुसार लेवल-3 के 21,700 से 69,100 रुपये के वेतनमान में की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने इन 619 पदों को पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखने का निर्णय लिया है। इसके स्थान पर पूरी भर्ती प्रक्रिया बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़, फरीदकोट के माध्यम से संचालित की जाएगी। इस संबंध में 3 दिसंबर 2025 को अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा औपचारिक सहमति और स्वीकृति पहले ही प्रदान की जा चुकी है।”

    इन पदों को भरने से परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) के दौरान राज्य सरकार पर लगभग 16.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा। उद्योग क्षेत्र में प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कार्यकुशलता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष भर्ती कैडरों को पुनर्जीवित करने संबंधी उद्योग विभाग के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में हुए पुनर्गठन के दौरान उद्योग विभाग ने अपनी कुल 1,728 स्वीकृत पदों में से 721 पद समर्पित (सरेंडर) कर दिए थे, जिससे विभाग की संगठनात्मक क्षमता में लगभग 42 प्रतिशत की कमी आ गई थी और ग्रुप-ए, ग्रुप-बी तथा ग्रुप-सी में केवल 825 स्वीकृत पद ही शेष रह गए थे।

    वित्त मंत्री ने कहा कि यदि कर्मचारियों की संख्या में और कटौती होती है तो इससे विभाग के कार्यों तथा जमीनी स्तर पर सेवाओं की आपूर्ति पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए उद्योग विभाग को वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान अधिकतम 97 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी करने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही उन्होंने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि वह तत्काल एक व्यापक एवं आधुनिक पुनर्गठन समीक्षा तैयार करे, जिसमें विभाग की वर्तमान प्रशासनिक जिम्मेदारियों और कार्यों का वास्तविक आकलन प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद इस समीक्षा को दीर्घकालिक योजना के लिए वित्त विभाग को औपचारिक प्रस्ताव के रूप में भेजा जाएगा।

  • उपमुख्यमंत्री 3 जुलाई को हरोली में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ‘आईना’ का करेंगे लोकार्पण

    उपमुख्यमंत्री 3 जुलाई को हरोली में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ‘आईना’ का करेंगे लोकार्पण

    ऊना, सुशील पंडित: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शुक्रवार 3 जुलाई को जिला ऊना के एक दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे सुबह 11 बजे हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एसडीपीओ कार्यालय परिसर में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ‘आईना’ का विधिवत लोकार्पण करेंगे।
    सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह केंद्र क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
    इसके माध्यम से कानून-व्यवस्था के बेहतर प्रबंधन, निगरानी एवं नागरिक सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूती मिलेगी। प्रवक्ता ने बताया कि उप मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम गोन्दपुर जयचंद में रहेगा।
     
  • रिश्वत मांगने के आरोप में साइंस मास्टर-कम-कानूनी सलाहकार विजिलेंस ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार

    रिश्वत मांगने के आरोप में साइंस मास्टर-कम-कानूनी सलाहकार विजिलेंस ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कपूरथला के साइंस मास्टर-कम-कानूनी सलाहकार परमजीत सिंह को सतिंदर बीर सिंह की फर्म ‘एजूराइज एंटरप्राइज’ को साइकोमेट्रिक टेस्टिंग आवंटित करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

    आज यहां यह जानकारी साझा करते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पोर्टल पर सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी सतिंदर बीर सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है।

    प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत की जांच में पता चला कि शिकायतकर्ता ने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद स्कूली विद्यार्थियों के लिए साइकोमेट्रिक टेस्ट कराने हेतु अमृतसर में ‘एजूराइज एंटरप्राइज’ नामक कंपनी शुरू की थी। शिकायतकर्ता ने अपनी कंपनी की फाइल जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), कपूरथला को सौंपी थी, जिसमें शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए ब्लॉक भुलत्थ, कपूरथला के अंतर्गत आने वाले 14 सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत 187 छात्राओं की मनोवैज्ञानिक टेस्टिंग कराने की अनुमति मांगी गई थी।

    इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) के कार्यालय में तैनात सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कपूरथला के साइंस मास्टर-कम-कानूनी सलाहकार परमजीत सिंह ने कथित रूप से प्रति छात्रा 200 रुपये रिश्वत की मांग की, जिसे बाद में जिला शिक्षा अधिकारी के हवाले से घटाकर 150 रुपये प्रति छात्रा कर दिया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि उक्त टेस्ट कराने के लिए सरकार कंपनी को प्रति छात्रा 700 रुपये का भुगतान करती है।

    प्रवक्ता ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत की गई रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप सही पाए गए। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो पुलिस थाना, जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच के दौरान अन्य संदिग्ध अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। मामले की आगे की जांच जारी है।

     

  • तकनीक और जनभागीदारी से सुदृढ़ होगी जल प्रबंधन व्यवस्था : डॉ. अभिषेक जैन

    तकनीक और जनभागीदारी से सुदृढ़ होगी जल प्रबंधन व्यवस्था : डॉ. अभिषेक जैन

    राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला में प्रमुख परियोजनाओं की हुई समीक्षा

    ऊना, सुशील पंडितः उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली को तकनीक आधारित, अधिक जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के क्रम में गुरुवार को हरोली में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने की। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य पेयजल,  सिंचाई,  सीवरेज,  जल संरक्षण और बाढ़ प्रबंधन सहित सभी सेवाओं का समयबद्ध,  प्रभावी और जन केंद्रित संचालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने इसके लिए तकनीक आधारित कार्यप्रणाली, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग, जवाबदेही और जनभागीदारी को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

    प्रधान सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायत किसी भी माध्यम से प्राप्त हो, उसका अधिकतम 10 दिन के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी कारण तत्काल समाधान संभव न हो तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी अवश्य दी जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ व्यवहार संवेदनशील और सकारात्मक हो तथा प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए।

    बैठक में उपायुक्त जतिन लाल, इंजीनियर-इन-चीफ (प्रोजेक्ट) जल शक्ति विभाग मंडी धर्मेंद्र गिल, इंजीनियर-इन-चीफ अंजू शर्मा, मुख्य अभियंता हमीरपुर जोन रोहित दुबे, मुख्य अभियंता शिमला अनिल मेहता सहित ऊना,  हमीरपुर, बिलासपुर तथा हमीरपुर जोन के अंतर्गत आने वाले मंडी जिले के क्षेत्रों जोगिंदरनगर,  धर्मपुर और चौंतड़ा से जल शक्ति विभाग के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, कंसल्टेंट, पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा विभागीय योजनाओं के लाभार्थी उपस्थित रहे।

    डॉ. जैन ने कहा कि राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकों का उद्देश्य प्रगति रिपोर्ट ही देखना नहीं, योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फील्ड स्तर पर आकलन करना है। अधिकारी नियमित रूप से गांवों में जाकर लोगों से संवाद करें और उनकी जरूरतों व सुझावों के आधार पर योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार करें। इस श्रृंखला की शुरुआत कुल्लू से हुई है। आज ऊना में हूंसमीक्षा बैठक के बाद अगली बैठकें पालमपुर और शिमला में होंगी।

    जनभागीदारी को बताया योजनाओं की सफलता की कुंजी
    जल शक्ति विभाग की योजनाओं की सफलता में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। पंचायत प्रतिनिधियों,  जल समितियों और स्थानीय लोगों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि घरेलू स्तर पर जल प्रबंधन में उनकी भूमिका अत्यंत अहम है। लोगों में यह भावना विकसित की जाए कि विभागीय योजनाएं उनकी अपनी हैं और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी समाज की है।

    अधिकारी करें नियमित निरीक्षण
    प्रधान सचिव ने निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं का प्रत्येक माह एसडीओ तथा पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं का अधिशासी अभियंता स्वयं निरीक्षण करें। निरीक्षण पूर्व निर्धारित न होकर औचक हों तथा उनकी रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यालय भेजी जाए। उन्होंने अधिकारियों को दूरदराज क्षेत्रों में रात्रि प्रवास कर लोगों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए।

    संसाधन मैपिंग कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश
    उन्होंने विभाग की भूमि, भवन, मशीनरी एवं अन्य परिसंपत्तियों की संसाधन मैपिंग कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय परिसंपत्तियों का अद्यतन डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाए, जिससे उनके प्रभावी प्रबंधन, निगरानी और संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके।

    प्रधान सचिव ने विभाग के अच्छे कार्यों का दस्तावेजीकरण करने, लघु वीडियो तैयार करने तथ साथ ही नई तकनीकों, बेहतर कार्यप्रणालियों तथा प्रबंधन, नेतृत्व एवं स्मार्ट गवर्नेंस से जुड़े अध्ययन का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि अवैध खनन से यदि किसी पेयजल अथवा सिंचाई योजना को खतरा हो तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए। साथ ही बावड़ियों, खुइयों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, पेयजल योजनाओं में लीकेज, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन लॉस कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

    मानसून को लेकर तैयारियों पर बल, जोखिम वाली योजनाओं पर रखें विशेष नजर
    प्रधान सचिव ने मानसून की तैयारियों पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को संभावित जोखिम वाली योजनाओं की पहले से पहचान करने तथा आवश्यक मशीनरी और संसाधन पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा के दौरान पेयजल एवं अन्य जल शक्ति योजनाओं को न्यूनतम नुकसान पहुंचे और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही आवश्यक संसाधनों की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराने को भी कहा।

    जल संरक्षण के लिए तालाबों के विकास पर दिया जोर
    जल संरक्षण और ऊर्जा दक्षता को विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर बल देते हुए उन्होंने प्राकृतिक जल स्रोतों, तालाबों और जलाशयों के संरक्षण के साथ नए तालाब विकसित करने के निर्देश दिए। हरोली के पुबोवाल तालाब का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे अनुकरणीय मॉडल बताया और कहा कि ऐसे प्रयास अन्य जिलों में भी किए जाने चाहिए। उन्होंने मनरेगा और जल शक्ति विभाग के अभिसरण से जल संरक्षण संबंधी कार्यों को और गति देने पर जोर दिया।

    प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा
    बैठक के दौरान प्रधान सचिव ने पेयजल, सिंचाई, सीवरेज, ड्रेनेज, बाढ़ प्रबंधन तथा जल संरक्षण से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने 24.10 करोड़ रुपये की टाहलीवाल सीवरेज योजना, 22 करोड़ रुपये की प्रस्तावित टाहलीवाल ड्रेनेज योजना, 75 करोड़ रुपये की बीत एरिया सिंचाई परियोजना-द्वितीय, हरोली क्षेत्र में लगभग 97 करोड़ रुपये की कमांड एरिया डेवलपमेंट एवं मॉडर्नाइजेशन परियोजनाओं, बल्क ड्रग पार्क की पेयजल व्यवस्था, 170 करोड़ रुपये की भभौर साहिब पेयजल परियोजना तथा सनौली माजरा ड्रेनेज योजना की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश को जल जीवन मिशन के तहत 250 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। लंबित एक्शन प्लान तत्काल अपलोड करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इससे स्वीकृत धनराशि समय पर उपलब्ध हो सकेगी और कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होगा। इसके अलावा नाबार्ड की लंबित प्रोजेक्ट कम्प्लीशन रिपोर्ट शीघ्र पूरी करने तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के शेष कार्यों में तेजी लाने को कहा।

    साथ ही 145 करोड़ रुपये की हमीरपुर जोन एडीबी परियोजना, 142 करोड़ रुपये की ऊना एडीबी परियोजना तथा 140 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सकराई खड्ड बाढ़ प्रबंधन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इनके समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन तथा बिजली आपूर्ति के अभाव में लंबित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

    कार्यप्रणाली की मजबूती के निर्देश
    प्रधान सचिव ने विभागीय कार्यालयों को चरणबद्ध ढंग से ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ने, सभी निविदा एवं कार्यालयीन प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों और पारदर्शिता के साथ संचालित करने तथा नए पेयजल कनेक्शनों से जुड़े मामलों का एक माह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पाइप एवं मोटर चोरी की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने, विभागीय कार्यालयों एवं योजनाओं के सूचना बोर्डों को अद्यतन रखने तथा विभागीय विश्राम गृहों के रखरखाव के लिए जारी 50 सूत्रीय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

    पंचायत प्रतिनिधियों और जल समितियों से लिया फीडबैक
    बैठक के दौरान प्रधान सचिव ने पंचायत प्रतिनिधियों, जल समितियों के सदस्यों तथा लाभार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने पेयजल, सिंचाई,  जल गुणवत्ता,  औद्योगिक क्षेत्रों में जलापूर्ति, पानी की उपलब्धता, टैंकों एवं खड्डों की सफाई सहित विभिन्न स्थानीय मुद्दों पर फीडबैक लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जलजनित बीमारियों की स्थिति की भी जानकारी ली तथा लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप सेवाओं में निरंतर सुधार पर जोर दिया।

    समन्वय और टीम वर्क पर दिया जोर
    इस अवसर पर प्रमुख अभियंता (प्रोजेक्ट) जल शक्ति विभाग मंडी इंजीनियर धर्मेंद्र गिल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि उपमुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व एवं प्रधान सचिव डॉ अभिषेक जैन के मार्गदर्शन में विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार और समन्वय को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि नवाचार, तकनीक के उपयोग और टीम वर्क के माध्यम से विभाग बेहतर परिणामों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जिला प्रशासन जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय बनाकर एक टीम के रूप में कार्य करता रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जिले में पेयजल, सिंचाई तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी सभी परियोजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उनका लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके।

    तकनीकी सत्रों में आईओटी और जल गुणवत्ता पर चर्चा
    उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित तकनीकी सत्रों में आईओटी आधारित मॉनिटरिंग, जल स्रोतों के संरक्षण एवं रिचार्ज, उपभोक्ता-केंद्रित सेवा वितरण तथा ग्रामीण पेयजल योजनाओं में जल गुणवत्ता बनाए रखने जैसे विषयों पर विशेषज्ञों और अधिकारियों ने विस्तृत चर्चा की। विभिन्न पैनल चर्चाओं में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यवहारिक सुझाव दिए।

    उत्कृष्ट कार्य पर अधिकारियों को किया सम्मानित, प्रतिभागियों को दिए प्रमाणपत्र
    समापन अवसर पर प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कार्यशाला के प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र वितरित किए। विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं अभियंताओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। सम्मानित अधिकारियों में अधीक्षण अभियंता विकास कपूर, नरेश धीमान, राहुल दुबे, अधिशासी अभियंता राकेश वैद्य, विवेक हाजरी, पुनीत शर्मा, पंकज कुमार तथा सहायक अभियंता अमित चौधरी, रविंद्र कुमार, राकेश, आशीष चौधरी, निशा, प्रदीप राठौर, अविनाश पराशर, पवन और अमन कुमार शामिल रहे।

    जनप्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री का जताया आभार
    जनसंवाद के दौरान हरोली क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों एवं लाभार्थियों ने जल शक्ति मंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से क्षेत्र में पेयजल, सिंचाई, सीवरेज तथा अन्य जल शक्ति परियोजनाओं को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं की स्वीकृति तथा जल समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में हुए कार्यों का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।

    सुभद्रा चौधरी, रमन कुमारी, यशपाल राणा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन का भी आभार व्यक्त किया।

     

  • CM Nayab Singh Saini ने न्यायमूर्ति स्वर्गीय महाबीर सिंह सिंधु के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

    CM Nayab Singh Saini ने न्यायमूर्ति स्वर्गीय महाबीर सिंह सिंधु के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति स्वर्गीय महाबीर सिंह सिंधु के दुःखद निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री वीरवार को चंडीगढ़ स्थित न्यायमूर्ति स्वर्गीय महाबीर सिंह सिंधु के निवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा इस कठिन समय में उन्हें ढांढस बंधाया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायमूर्ति महाबीर सिंह सिंधु ने अपने दीर्घ न्यायिक जीवन में निष्पक्षता, निष्ठा, सत्यनिष्ठा एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ न्यायपालिका की गरिमा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व न्यायिक सेवा से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनका निधन न्यायिक जगत तथा समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवारजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करें।

  • सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा जुलाई-2026 के प्रवेश-पत्र किए जारी

    सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा जुलाई-2026 के प्रवेश-पत्र किए जारी

    चंडीगढ़: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि सीनियर सैकेण्डरी कंपार्टमैंट/आंशिक अंक सुधार/अतिरिक्त विषय की एक दिवसीय परीक्षा एवं सैकेण्डरी कंपार्टमैंट/आंशिक अंक सुधार/अतिरिक्त विषय की परीक्षा जुलाई-2026 के प्रवेश-पत्र 02 जुलाई, 2026 से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर लाईव कर दिए गए हैं।

    परीक्षार्थी अपना प्रवेश-पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक से पिछला अनुक्रमांक/नाम, पिता का नाम, माता का नाम भरते हुए डाउनलोड कर सकते हैं। इन परीक्षाओं मेें 50 हजार 867 परीक्षार्थी प्रविष्ठ होंगे। बोर्ड अध्यक्ष ने आगे बताया कि सीनियर सैकेण्डरी कंपार्टमेंट व अतिरिक्त विषय की एक दिवसीय परीक्षा 09 जुलाई (वीरवार) को संचालित होगी। इस परीक्षा में प्रदेशभर में 24 हजार 888 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिनमें 15676 छात्र तथा 9212 छात्राएं शामिल हैं। इसी प्रकार सैकेण्डरी कंपार्टमैंट(E.I.O.P), आंशिक अंक सुधार व अतिरिक्त विषयों की परीक्षाएं 10 जुलाई से 18 जुलाई तक संचालित करवाई जाएंगी। इस परीक्षा में 25 हजार 979 परीक्षार्थी प्रविष्ठ हो रहे हैं, जिनमें 16269 छात्र तथा 9710 छात्राएं शामिल हैं।

    जिन परीक्षार्थियों का परिणाम यू.एम.सी. की पुन: अपील की सुनवाई व पुन:जांच/पुनर्मूल्यांकन उपरांत अनुत्तीर्ण से कंपार्टमेंट संशोधित हुआ है, ऐसे परीक्षार्थी बिना विलंब शुल्क तथा जिन परीक्षार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई, ऐसे परीक्षार्थी 1000 रूपये विलंब शुल्क सहित रि-अपीयर विषय की परीक्षा आरम्भ होने से पूर्व बोर्ड कार्यालय में दस्ती तौर पर प्रतिवेदन देते हुए ऑफलाइन आवेदन करते हुए प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त जिन परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम पुन:जांच/पुनर्मूल्यांकन उपरांत कंपार्टमेंट से उत्तीर्ण संशोधित हुआ है, वे आंशिक अंक सुधार की परीक्षा दे सकते हैं।

    धूपड़ ने आगे बताया कि परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र डाउनलोड करने उपरान्त सभी विवरण भली भांति जांच लें। यदि विवरणों में कोई भी त्रुटि है तो बोर्ड कार्यालय में आकर निर्धारित अवधि में शुद्धि अवश्य करवा लें, बाद में त्रुटि ठीक करवाने बारे दिये गए प्रतिवेदन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यदि किसी परीक्षार्थी का अनुक्रमांक किसी कारण से रोका गया है, तो परीक्षार्थी किसी भी कार्यदिवस में बोर्ड कार्यालय में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर वांछित दस्तावेज उपलब्ध करवाते हुए अपना प्रवेश-पत्र जारी करवा सकते हैं।

    उन्होंने आगे बताया कि यदि किसी दिव्यांग परीक्षार्थी को लेखक की सुविधा लेनी है तो ऐसे परीक्षार्थी संबंधित दस्तावेज बोर्ड कार्यालय/ परीक्षा केन्द्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करवाते हुए परीक्षा आरंभ होने से पहले लेखक की अनुमति लेना सुनिश्चित करें। केन्द्र अधीक्षक द्वारा जिन परीक्षार्थियों को लेखक उपलब्ध करवाया गया है उनके दस्तावेज संबंधित शाखाओं की मेल आई.डी. पर भिजवाना सुनिश्चित करें।

    आगे बताया कि सभी परीक्षार्थी अपना रंगीन प्रवेश-पत्र ए-4 साईज पेपर पर ही प्रिन्ट करें। परीक्षार्थी अपना वही रंगीन फोटो प्रवेश-पत्र पर चिपकाएं जो आवेदन फार्म भरते समय अपलोड किया गया था तथा प्रवेश पत्र को किसी सरकारी/गैर सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय के प्राचार्य/मुख्याध्यापक या किसी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित करवाना सुनिश्चित करें। प्रवेश-पत्र एवं मूल आई.डी. कार्ड/आधार कार्ड के बिना परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र को लेमिनेशन न करवाएं क्योंकि प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी एवं पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर होने अनिवार्य हैं।

    परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र पर दिए गए दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए परीक्षा आरंभ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें। परीक्षा केन्द्र में इलैक्ट्रोनिक सामान जैसे मोबाईल, कैलकुलेटर व स्मार्ट वॉच आदि का प्रयोग वर्जित होगा।

    हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर बोर्ड वेबसाइट पर जारी हैल्पलाइन नं० 01664-254309, सैकेण्डरी शाखा की ई-मेल assec@bseh.org.in व सीनियर सैकेण्डरी शाखा की ई-मेल assrs@bseh.org.in पर तुरन्त संपर्क करते हुए समाधान करवाना सुनिश्चित करें।

     

  • बंगाणा महाविद्यालय में पी.जी. प्रथम सेमेस्टर प्रवेश के लिए 6 जुलाई से होंगे ऑनलाइन आवेदन

    बंगाणा महाविद्यालय में पी.जी. प्रथम सेमेस्टर प्रवेश के लिए 6 जुलाई से होंगे ऑनलाइन आवेदन

    ऊना/सुशील पंडित: अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय, बंगाणा के स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्षों की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए एम.ए. (हिंदी), एम.ए. (अंग्रेज़ी), एम.कॉम एवं पीजीडीसीए प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 6 जुलाई से 21 जुलाई, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। प्रथम सेमेस्टर की काउंसलिंग 22 एवं 23 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जबकि प्रथम मेरिट सूची 24 जुलाई को दोपहर 2:00 बजे प्रदर्शित की जाएगी।
    चयनित अभ्यर्थियों को 25 से 27 जुलाई तक प्रवेश शुल्क जमा करवाना होगा। इसके उपरांत रिक्त सीटों के लिए द्वितीय मेरिट सूची 28 जुलाई, 2026 को दोपहर 2:00 बजे जारी की जाएगी। महाविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला-5 द्वारा आयोजित पी.जी. प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों को प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के दौरान प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।
    महाविद्यालय प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने तथा काउंसलिंग के समय सभी मूल प्रमाण-पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज साथ लाने का आग्रह किया है। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी महाविद्यालय कार्यालय एवं महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।
     
  • IGNOU बनी देश की पहली ओपन यूनिवर्सिटी, शुरू किया एम.एससी. (जलवायु परिवर्तन) कार्यक्रम

    IGNOU बनी देश की पहली ओपन यूनिवर्सिटी, शुरू किया एम.एससी. (जलवायु परिवर्तन) कार्यक्रम

    ऊना/सुशील पंडित: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) ने देश की पहली ओपन यूनिवर्सिटी बनकर एम.एससी. (जलवायु परिवर्तन) कार्यक्रम शुरू किया है। यह दो वर्षीय बहुविषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) पाठ्यक्रम छात्रों को जलवायु विज्ञान, जलवायु जोखिम, अनुकूलन एवं शमन रणनीतियों, पर्यावरणीय शासन तथा सतत विकास की गहन समझ प्रदान करेगा।
    विश्वविद्यालय के अनुसार, इस कार्यक्रम में जल संसाधन, ऊर्जा, कृषि, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जैव विविधता, अपशिष्ट प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी, पर्यावरण कानून और जलवायु आकलन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों का वैज्ञानिक और टिकाऊ समाधान विकसित कर सकें।
    स्टडी सेंटर 1109 के समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम में किसी भी विषय से स्नातक विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जुलाई 2026 सत्र के लिए री-रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई 2026 कर दी गई है। पहले से नामांकित छात्र इस तिथि तक ऑनलाइन री-रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।