ऊना सुशील पंडित : 18 वर्षों तक भारतीय सेना में देश की सेवा करने वाले सेवानिवृत्त सैनिक जय सिंह अब जनसेवा के नए मिशन पर जुट गए हैं। डंगोली, वरनोह और डांगेड़ा क्षेत्र से बीडीसी सदस्य का चुनाव शानदार मतों से जीतने के बाद उन्होंने क्षेत्र के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान को अपनी प्राथमिकता बनाया है। जय सिंह अपनी ईमानदारी, सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सेवा भावना के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं। सेना में रहते हुए उन्होंने अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को आत्मसात किया, जिन्हें अब वह समाज सेवा में उतार रहे हैं। यही कारण रहा कि क्षेत्र के लोगों के आग्रह पर उन्होंने बीडीसी चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया और जनता ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें विजयी बनाया।
जय सिंह का सैन्य जीवन भी उपलब्धियों से भरा रहा है। वर्ष 2002 में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान उत्कृष्ट सेवाएं देने पर उन्हें प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया। वह न्यूक्लियर कमांड से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। अपने उत्कृष्ट कार्य और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें भारतीय वायु सेनाध्यक्ष द्वारा भी प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया, जो न केवल उनके लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। जय सिंह का कहना है कि सेना में रहते हुए उन्होंने हमेशा सेवा को सर्वोपरि माना और अब जनता के बीच रहकर उसी भावना के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरना उनका पहला दायित्व है।
उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकताओं में क्षेत्र में पेयजल समस्याओं का समाधान, गांवों के रास्तों का पक्कीकरण, सोलर लाइटों की स्थापना, सड़क किनारे बस स्टॉप पर बैठने की व्यवस्था तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल है। इसके अलावा ग्रामीणों के सहयोग और प्रशासन के समन्वय से क्षेत्र को विकास की नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जय सिंह अब गांव और समाज के विकास की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनका सेवाभाव, सादगी और समर्पण उन्हें क्षेत्र की जनता के बीच एक भरोसेमंद जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित कर रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सेना से मिले अनुभव और अनुशासन के बल पर जय सिंह अपने क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।