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  • पंजाबः स्कूल में टीका लगाए जाने के बाद स्टूडेंट की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

    पंजाबः स्कूल में टीका लगाए जाने के बाद स्टूडेंट की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

    श्री माछीवाड़ा साहिब: जिले के सरकारी कन्या सीनीयर सैकंडरी स्कूल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा छात्राओं को टीका लगाए जाने के बाद कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। जिसके चलते उन्हें अस्पताल भर्ती करवाना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार यहां के सरकारी कन्या सीनीयर सैकंडरी स्कूल में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा छात्राओं को टैटनैस का टीका लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 150 से अधिक छात्राओं को ये इंजेक्शन लगाए गए तो करीब 1 दर्जन छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी जिससे उन्हें चक्कर आने लगे और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं।

    छात्राओं की तबीयत बिगड़ती देख अफरा-तफरी मच गई और उन्हें तत्काल माछीवाड़ा सिविल अस्पताल लाया गया, यहां डॉक्टरों की टीम ने उनका ईलाज शुरू किया। इंजेक्शन लगाने के बाद जिन छात्राओं की हालत बिगड़ी उनमें मनप्रीत कौर बुर्ज पवात, अमनदीप कौर गढ़ी बेट, जसप्रीत कौर मंड सुखेवाल, मनप्रीत कौर झड़ौदी, शहनाज माछीवाड़ा, हरप्रीत कौर मिठ्ठेवाल और खुशी माछीवाड़ा के अलावा 4 अन्य लड़कियां थीं। फिलहाल इलाज करा रही सभी लड़कियों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और डॉक्टर अपनी देखरेख में उनकी देखभाल कर रहे हैं।

    छात्रों का इलाज कर रहे डॉ. रिशभ दत्त और डॉ. मनिंदरजीत सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार के निर्देश पर स्कूल में छात्राओं को विभिन्न बीमारियों के टीके लगाए जाते हैं और आज सरकारी कन्या स्कूल में टैटनेस का टीका भी लगाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि इंजेक्शन लगाने के दौरान कुछ छात्राएं घबरा गईं और उन्हें चक्कर आने लगे जिसके कारण उन्हें तुरंत ईलाज के लिए अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि करीब 1 दर्जन छात्राओं को यह समस्या थी जबकि बाकी पूरी तरह स्वस्थ हैं। डॉक्टरों के मुताबिक छात्राओं को टीकाकरण की जांच कराने के लिए भेजा जाएगा। फिलहाल इलाज करा रही छात्राओं की हालत स्थिर है।

  • सीएम के करीबी रहे RCP सिंह भाजपा में शामिल

    सीएम के करीबी रहे RCP सिंह भाजपा में शामिल

    पटना: पूर्व केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कभी करीबी रहे आरसीपी सिंह आज वीरवार को बीजेपी में शामिल होंगे। जेडीयू से इस्तीफा देने के बाद लगातार आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इस्तीफे के बाद उन्होंने कोई पार्टी जॉइन नहीं की थी लेकिन चर्चा थी कि वह बहुत जल्द बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. अब आज इस पर मुहर भी लग जाएगी।

    दिल्ली के पार्टी दफ्तर में कार्यक्रम

    आरसीपी सिंह जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं. कभी वे नीतीश कुमार दाहिने हाथ माने जाते थे। नई दिल्ली पार्टी दफ्तर में आज वह बीजेपी में शामिल हो जाएंगे। मिशन 2024 से पहले ही आरसीपी सिंह सरकार और नीतीश कुमार की पोल खोल रहे थे। नीतीश कुमार के मिशन 2024 से पहले नीतीश के लिए यह किसी झटके से कम नहीं होगा क्योंकि आरसीपी सिंह अब और तेवर में दिखेंगे। 1.30 बजे से दिल्ली के बीजेपी दफ्तर में कार्यक्रम है।

    पूर्व आईएएस अधिकारी रह चुके हैं आरसीपी सिंह

    बता दें कि आरसीपी सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। मूल रूप से नालंदा के रहने वाले हैं। नीतीश कुमार के कभी काफी करीबी रहने वाले आरसीपी सिंह आज राजनीतिक तौर पर उनके दुश्मन बन बैठे हैं। आरसीपी सिंह भी कुर्मी जाति से आते हैं तो वहीं नीतीश कुमार भी कुर्मी जाति से ही है। अब बीजेपी में शामिल होने के बाद देखना होगा कि आरसीपी सिंह कैसे काम करते हैं।

    कुछ दिन पहले अजय आलोक ने थामा था बीजेपी का दामन

    जनता दल यूनाइटेड के पूर्व प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने भी 28 अप्रैल को बीजेपी का दामन थामा था। यह भी सीएम नीतीश कुमार के लिए झटका से कम नहीं था। दिल्ली में उन्हें केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीजेपी की सदस्यता दिलाई थी। इससे पहले अजय आलोक जनता दल यूनाइटेड में काफी लंबे समय तक प्रवक्ता के रूप में काम कर चुके हैं। वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में माने जाते थे। प्रवक्ता के रूप में अजय आलोक विरोधियों पर तीखा हमला करते थे।

  • पंजाबः साले की शादी में आए 2 व्यक्तियों पर तेजधार हथियार से हमला 

    पंजाबः साले की शादी में आए 2 व्यक्तियों पर तेजधार हथियार से हमला 

    अबोहरः ईदगाह बस्ती में साले की शादी में आए उसके 2 जीजाओं को मोहल्ले के ही कुछ नशेड़ी युवकों ने तेजधार हथियारों से हमला कर घायल कर दिया। जिन्हें उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें रेफर कर दिया। पीड़ितों ने नशेड़ी युवकों को शराब देने से मना किया था। मिली जानकारी के अनुसार आगरा निवासी लच्छी राम व बृजेश ने बताया कि वह यहां गत रात अपने साले गोलू की शादी में आए थे। रात के समय अपनी कार में बैठकर बातें कर रहे थे।

    इसी दौरान मोहल्ले के 3-4 युवक आए और उनकी कार का शीशा खुलवाकर शराब पिलाने की मांग करने लगे। जब उन्होंने इस बात से मना किया तो युवकों ने पहले तो ईंटों से कार के शीशे तोड़ दिए। फिर उन्होंने अपने पास मौजूद तेजधार हथियारों से उनके सिर पर प्रहार कर लहूलुहान कर दिया। उनका शोर सुनकर अन्य बाराती एकत्र हुए और उन्हें तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचाया। साथ ही घटना की सूचना पुलिस को दी। इधर, थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि घायलों की एमएलआर ऑनलाइन उन्हें मिल गई है। इसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी।

  • पंजाब : होटल में ASI की गोली लगने से मौत

    पंजाब : होटल में ASI की गोली लगने से मौत

    मोहाली:  फेस-9 के रेड स्टोन होटल में अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। इसका पता लगने पर होटल स्टाफ तुरंत कॉन्स्टेबल के कमरे में पहुंचा तो उसे लहूलुहान हालत में नीचे गिरा देखा। मृतक की पहचान चंडीगढ़ की सेक्टर-26 पुलिस लाइन निवासी अश्वनी के रूप में हुई है। उसके पिता ईश्वर भी चंडीगढ़ पुलिस में बतौर ASI हैं। वर्तमान में सेक्टर-19 पुलिस थाने में कार्यरत हैं। सूत्रों के अनुसार कॉन्स्टेबल अश्वनी ने सुसाइड से पहले एक फोन किया। उसने फोन अटेंडेंट को बताया कि वह सुसाइड करने जा रहा है। अश्वनी किसी बात को लेकर काफी परेशान था। उसने देर रात परिजनों को फोन किया हो सकता है।

    हालांकि मोहाली पुलिस अश्वनी के परिवार से पूछताछ करने सहित उसके फोन कॉल रिकॉर्ड से यह पता लगाने में जुटी है कि उसने आखिरी कॉल किसे की और किस बात को लेकर परेशानी में था। पुलिस जांच में सामने आया कि अश्वनी परिवार का इकलौता बेटा था। उसने करीब 7 साल पहले शादी की थी। वह अपने पीछे मां-पिता, पत्नी और 6 वर्षीय बेटी को छोड़ गया है। पारिवारिक जानकारों से पता लगा कि अश्वनी 10 मई की सुबह सेक्टर-26 में ही मौजूद था। कुछ लोगों से उसकी मुलाकात भी हुई। इसके बाद वह ड्यूटी जाने की बात कहकर घर से चला गया, लेकिन ड्यूटी के बजाय होटल जा पहुंचा।

  • पंजाबः होजरी फैक्ट्री में लगी आग, लाखों रुपए का नुकसान

    पंजाबः होजरी फैक्ट्री में लगी आग, लाखों रुपए का नुकसान

    लुधियानाः इस्लामिया स्कूल के पास बनी होजरी फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। फैक्ट्री में चौथी मंजिल से आग की लपटें और धुआं निकलता देख लोगों ने पहले खुद उस पर काबू पाने की कोशिश की, फिर फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से लाखों रुपए का धागा जलकर राख हो गया। मौके पर काफी संख्या में लोगों का जमावड़ा लग गया। पुलिस चौकी डिवीजन नंबर 3 की पुलिस ने लोगों को वहां से दूर किया।

    बाद में अंदर फंसी लेबर को बाहर निकाला गया। फायर कर्मियों ने डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया। फिलहाल यही बात सामने आई है कि शॉट सर्किट की वजह से आग लगी है। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने बताया कि तंग गलियां होने की वजह से आग बुझाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पाइप लाइन बिछाकर उन्होंने आग पर काबू पाया। आसपास के बिल्डिंगों की मदद से वह फैक्ट्री में दाखिल हुए। साथ ही सावधानी के तौर पर आसपास के एरिया को खाली करवा दिया गया था।

  • सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को दी बड़ी राहत

    सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को दी बड़ी राहत

    नई दिल्ली: केंद्र से लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बीच दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को सुप्रीम कोर्ट में बड़ी जीत मिली है। मुख्यमंत्री बनाम उपराज्यपाल मामले में कोर्ट ने वीरवार को साफ कर दिया कि दिल्ली में असली शक्ति चुनी हुई सरकार के पास ही होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने दिल्ली और केंद्र सरकारों के बीच सेवा विवाद के मामले में सर्वसम्मति से फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र, संघीय ढांचा संविधान की मूलभूत संरचना का हिस्सा हैं।

    मामले चीफ जस्टिस ने कहा संविधान पीठ जस्टिस अशोक भूषण के 2019 के फैसले से सहमति नहीं है कि दिल्ली के पास सेवाओं पर कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि  अधिकारियों की तैनाती और तबादले का अधिकार दिल्ली सरकार को होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचित सरकार का प्रशासन पर नियंत्रण जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली विधानसभा को वह शक्तियां दी गई हैं क्योंकि वह लोगों का प्रतिनिधित्व करती है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड ने कहा, ‘यदि अधिकारी मंत्रियों को रिपोर्ट करना बंद कर देते हैं या उनके निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो सामूहिक उत्तरदायित्व का सिद्धांत प्रभावित होता है।’

  • सिख व्यक्ति के कत्ल मामले में 2 को उम्रकैद

    सिख व्यक्ति के कत्ल मामले में 2 को उम्रकैद

    प्रेट्र: लंदन में सोलह साल के एक अफगान सिख शरणार्थी की हत्या के दोषी दो लड़कों को ब्रिटेन की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वनुशन बालकृष्णन और इलियास सुलेमान को लंदन में ओल्ड बेली कोर्ट में रिश्मीत सिंह की हत्या का दोषी ठहराया गया। बुधवार को सजा सुनाते कोर्ट ने टिप्पणी करते कहा कि यह हत्याकांड काफी दुखद है और दोषियों ने सुनियोजित तरीके से हत्या को अंजाम दिया। जज सारा मुनरो ने इस मामले को दुखद बताते दोषियों के पैरोल पर विचार करने से पहले बालकृष्णन को न्यूनतम 24 साल और सुलेमान को न्यूनतम 21 साल की जेल की सजा सुनाई।

    हत्याकांड की जांच कर रहे मेट्रोपालिटन पुलिस के स्पेशलिस्ट क्राइम कमांड के डिटेक्टिव इंस्पेक्टर लारा सेम्पल ने कहा कि रिश्मीत एक 16 साल का युवा था। उसके आगे उसकी पूरी जिंदगी पड़ी थी। वह अपनी घर से थोड़ी दूर जा रहा था तभी बालाकृष्णन और सुलेमान ने उसका पीछा किया और चाकू मार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने कहा कि दोनों लड़कों ने सिंह पर 15 बार चाकू से हमला किया। बालकृष्णन और सुलेमान हमले के समय 17 वर्ष के थे। दोनों को दिसंबर 2021 में हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।

  • पंजाबः श्री हरिमंदिर साहिब के पास ब्लास्ट मामले में डीजीपी और जत्थेदार का आया बयान, देखें वीडियो

    पंजाबः श्री हरिमंदिर साहिब के पास ब्लास्ट मामले में डीजीपी और जत्थेदार का आया बयान, देखें वीडियो

    अमृतसरः हरिमंदिर साहिब के पास हुए बम धमाके के मामले को पंजाब पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि हमने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। इनकी पहचान आजादवीर सिंह, अमरीक सिंह, साहिब सिंह, हरजीत सिंह और धर्मेंद्र सिंह के रूप में हुई है। इनमें से तीन विस्फोटकों की सोर्सिंग में शामिल थे। एक महिला से भी पूछताछ की जा रही है। डीजीपी के अनुसार, आजाद वीर और अमरीक ने आईईडी स्थापित की थी। आजाद वीर से एक किलोग्राम के करीब विस्फोटक मिला है। इन तीनों बम धमाकों में पटाखों में प्रयोग होने वाले विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।

    हिरासत में ली गई लड़की आतिशबाजी बनाने का काम करती है और उसके पास इसका लाइसेंस भी है। वहीं आरोपी साहिब सिंह अमृतसर में ही पटाखे बनाने का काम करता है। सभी आरोपियों का क्रिमिनल रिकॉर्ड भी है। वहीं जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने कहा कि इस मामले की गहराई से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले समय से नफरत का माहौल जो बनाया गया था, कहीं वह तो इसमे शामिल नहीं। इस मामले की केंद्र की एजेंसियों और पंजाब पुलिस को गंभीरता से जांच करनी चाहिए। वहीं उन्होंने कहा जो श्रद्धालु यहां पर माथा टेकने आते है। उनमें भय का माहौल पाया जा रहा है। जत्थेदार ने कहा कि पंजाब का माहौल खराब करने के लिए शरारती अनंसरों द्वारा इस घटना को अंजाम दिया जा रहा है। वहीं पुलिस ने हरिमंदिर साहिब के पास हुए धमाकों के मामले में दोषियों को आज कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से पुलिस को आरोपियों का 7 दिन का रिमांड मिला। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रिमांड के दौरान उन्हें और भी खुलासे होने की संभावना है।

    ‘शांति भंग करना था मकसद’

    अमृतसर विस्फोट की साजिश रचने वाले पांच साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब पुलिस के अनुसार धमाके के पीछे का मकसद शांति भंग करना था। ब्लास्ट में पटाखों में इस्तेमाल विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। इन धमाकों की वजह से लोग दहशत में जी रहे थे।

    अभी तक किए जा चुके थे 3 धमाके

    आपको बता दें कि अमृतसर के हेरिटेज स्ट्रीट इलाके में बीते शनिवार को पहला बम धमाका किया गया था। इस धमाके की वजह से 4-5 लोगों को चोटें भी आई थी। आसपास के घरों की खिड़कियां भी टूट गई थी। इसके करीब 32 घंटे बाद सोमवार सुबह साढ़े 6 बजे के करीब दूसरा धमाका हुआ था। वही तीसरा धमाका वीरवार रात 1:45 बजे के करीब हुआ था। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मैनेजर विकरमजीत सिंह ने बताया था कि यह धमाका श्री गुरु रामदास सरां के पिछली तरफ गलियारे के पास हुआ था।

    हर एंगल से की जा रही थी जांच

    लगातार हुए हम धमाकों की वजह से पुलिस से लेकर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी भी हरकत में आ गई थी। धमाकों की हर एंगल से जांच की जा रही थी। पुलिस शुरूआती तौर पर इन धमाकों को आंतकी हमले से लेकर, शरारत्ती तत्वों की शरारत या फिर पर्सनल वजह तीनों तथ्यों को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हुई थी। एनआईए की टीम ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जांच की थी।

  • ​कैबिनेट में बड़ा फेरदबलः 5 मंत्रियों के बदले डिपार्टमेंट, देखें लिस्ट

    ​कैबिनेट में बड़ा फेरदबलः 5 मंत्रियों के बदले डिपार्टमेंट, देखें लिस्ट

    बेंगलुरु: तमिलनाडु से एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल एमके स्टालिन सरकार ने अपने मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश सरकार ने पांच मंत्रियों के प्रभार में फेरबदल किया है। बता दें कि पहले ही अटकलें लगाई जा रही थी कि प्रदेश के मंत्रिमंडल में बदलाव किए जा सकते हैं। तमिलनाडु सरकार ने पांच मंत्रियों के प्रभार में फेरबदल किए हैं। जिन विभागों के मंत्रियों के प्रभार में फेरबदल किए गए हैं उनमें उद्योग विभाग, जनसंचार विभाग, वित्त विभाग, मानव संसाधन विभाग, सूचना एवं प्रसारण विभाग शामिल हैं।

  • कैंसर का नकली टीका लाखों रुपए में बेचने के मामले में 4 गिरफ्तार

    कैंसर का नकली टीका लाखों रुपए में बेचने के मामले में 4 गिरफ्तार

    हरियाणाः कैंसर के नकली इंजेक्शन बेचने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस रैकेट के तार देश के कई राज्यों व विदेशों तक जुड़े हैं। हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इसका खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह अपनी तरह का पहला केस है, जिसमें किसी औषधि नियंत्रक अधिकारी द्वारा नकली दवा के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 3 सप्ताह में इस अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह कैंसर बीमारी ठीक करने के नाम पर नकली इंजेक्शन की सप्लाई कर रहा था। एक विदेशी नागरिक सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में आने वाले दिनों में और भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने 11 अप्रैल को एक एडवाइजरी जारी करके स्पष्ट किया था कि कैंसर की बीमारी के नाम पर मार्केट में नकली इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं।

    जांच आगे भी जारी रहेगीः गृह मंत्री अनिल विज 

    डब्ल्यूएचओ ने इंजेक्शन के नाम के साथ इनका निर्माण करने वाली कंपनी के नाम का भी खुलासा किया था। हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इसको लेकर जानकारी इकट्ठी की। इसके बाद 21 अप्रैल को ट्रैप लगाकर संदीप भुई नाम के एक आदमी को नकली इंजेक्शन एक नकली ग्राहक को ढाई लाख रुपये में बेचते हुए रंगे-हाथ पकड़ा। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हुए बुधवार को यहां मीडिया से रूबरू हुए स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि जांच आगे भी जारी रहेगी। विज ने कहा कि आरोपी संदीप भुई ने खुलासा किया कि वह औखला (दिल्ली) के रहने वाले मोती उर रहमान अंसारी के लिए काम करता है। 28 अप्रैल को अमनदीप चौहान द्वारा मोती उर रहमान अंसारी को गिरफ्तार किया गया। मोती उर रहमान अंसारी द्वारा जानकारी देने पर नई दिल्ली के रमेश नगर में रहने वाले कनिष्क राज कुमार को 9-10 मई की रात को नोएडा के सेक्टर-62 स्थित हार्टलेंट फार्मेसी बिल्डिंग से गिरफ्तार किया।

    जांच अधिकारियों से 15 दिन में जवाब तलब

    एक साल से अधिक समय से लंबित केसों से जुड़े जांच अधिकारियों से विज के निर्देशों पर डीजीपी ने कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इससे जुड़े सवाल पर विज ने कहा कि पिछले एक साल से ज्यादा लगभग 3500 एफआईआर लंबित थी। इनके बारे में जांच अधिकारियों को नोटिस जारी करके 15 दिन में जवाब देने को कहा है। उन्हें यह बताना होगा कि केस दर्ज होने के बाद भी उनमें कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जवाब आने के बाद अगली कार्रवाई होगी।

    ठगी के 10 हॉटस्पाट

    100 करोड़ की ठगी से जुड़े मामले पर विज ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने बहुत बड़ा काम किया है। इस तरह के पूरे देश में ठगी के 10 हॉटस्पाट हैं, जहां से इस प्रकार की साइबर ठगी होती है। इसी में से एक नूंह था। 5000 पुलिस कर्मियों को लगाकर इन ठगों को पकड़ा है और लगभग 28 हजार केस के तार इससे जुड़े हैं। इस मामले में 65 लोगों को गिरफ्तार किया है और 250 लोगों को गिरफ्तार करने के लिए टीमों का गठन किया है।

    कंपनी ने कहा-यह बैच यूएई व किर्गिस्तान में भी

    विज ने कहा कि 21 अप्रैल को विभाग की ओर से इंजेक्शन बनाने वाली असली कंपनी को ईमेल भेजी। साथ ही, नकली इंजेक्शन का लेबल भी भेजा गया। लेबल पर असली कंपनी का नाम दर्ज था। कंपनी ने ईमेल के जवाब में दो-टूक कहा कि यह इंजेक्शन नकली है। साथ ही, यह भी खुलासा किया कि यह बैच यूनाइटेड अरब अमीरात व किर्गिस्तान देशों में भी पाया गया है। निर्माता कंपनी से नकली इंजेक्शन की पुख्ता जानकारी के बाद गुरुग्राम के औषधि नियंत्रण अधिकारी अमनदीप चौहान ने आरोपी संदीप भुई को गिरफ्तार किया।

    नकली इंजेक्शन की बिक्री का रिकार्ड जब्त

    विज ने बताया कि आरोपी कनिष्क राज कुमार के ठिकाने से नकली इंजेक्शन ‘Defitelio 80 mg/ml’ का बिक्री रिकॉर्ड भी औषधि नियंत्रण अधिकारी द्वारा जब्त किया है। इसमें मोती उर रहमान अंसारी द्वारा नकली इंजेक्शन देने की पुष्टि हुई है। कनिष्क राजकुमार ने पूछताछ में बताया कि एक तुर्की नागरिक मोहम्मद अली तरमानी उसके ऑफिस में जनवरी 2023 से आ रहा है। वह एक नकली इंजेक्शन मोहम्मद अली तरमानी से 1.75 लाख रुपये में खरीदकर 2.50 लाख रूपये में बेचता है। उसने यह भी बताया कि मोहम्मद अली तरमानी इस समय मुंबई के किसी होटल में ठहरा हुआ है। कनिष्क राजकुमार ने मोहम्मद अली तरमानी का मोबाइल नंबर भी औषधि नियंत्रण अधिकारी को बताया। इसके बाद मोहम्मद अली तरमानी का फोन निगरानी पर लगाया गया। इससे पता चला कि वह कोलाबा, मुंबई के एक होटल में रह रहा है। राज्य औषधि नियंत्रक ने इस बारे में मुंबई के जोन-। के डीसीपी हरी बालाजी से बात की। डीसीपी की टीम ने आरोपी मोहम्मद अली तरमानी को गिरफ्तार किया।