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Himachal News: महाविद्यालय ऊना से प्रोफ़ेसर डॉक्टर संजय वर्मा हुए सेवानिवृत्त

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Himachal News: महाविद्यालय ऊना से प्रोफ़ेसर डॉक्टर संजय वर्मा हुए सेवानिवृत्त

ऊना /सुशील पंडित: राजकीय महाविद्यालय ऊना में आज संगीत विभाग के प्रोफ़ेसर डॉक्टर संजय वर्मा सेवानिवृत्त हुए ।उन्होंने लगभग 28 वर्षों तक  शिक्षा के क्षेत्र में अपनी  सेवाएं दी ।  कॉलेज की प्राचार्या डॉक्टर मीता शर्मा ने इस उपलक्ष्य पर उनके माता पिता , धर्मपत्नी व प्रोफेसर संजय वर्मा को शॉल और टोपी देकर सम्मानित किया ।  कॉलेज की प्राचार्या ने सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य पर अपने विचार साझा किए , उन्होंने प्रोफेसर के साथ शिक्षा से जुड़े अनेक पहलुओं की व्याख्या करते हुए अपने कुछ निजी अनुभव भी साझा किए । उन्होंने उनकी नई शुरुआत के लिए उनके स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की। डॉ. संजय वर्मा शिक्षा, संगीत साधना एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में अपने बहुआयामी योगदान के कारण निरंतर चर्चा में रहे । जिला ऊना में जन्मे डॉ. वर्मा एक संस्कार समृद्ध परिवार में पले-बढ़े, जहाँ अनुशासन, कर्मनिष्ठा और मानवीय मूल्यों ने उनके व्यक्तित्व को विशेष दिशा प्रदान की।

प्रारम्भिक शिक्षा शिमला के राजकीय विद्यालय संजौली से प्राप्त करने के बाद उन्होंने एस.वी.एस.डी. कॉलेज भटोली, ऊना से उच्च शिक्षा ग्रहण की। संगीत के प्रति गहन रुचि ने उन्हें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला तक पहुँचाया, जहाँ से उन्होंने वर्ष 1992 में संगीत (वोकल) में स्नातकोत्तर एवं एम.फिल. तथा वर्ष 2016 में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की खयाल गायकी की इंदौर घराना परंपरा के सुप्रसिद्ध गुरु पं. भीमसेन शर्मा ‘गुरुरंग’ के मार्गदर्शन में उन्होंने संगीत साधना की उच्च परंपराओं को आत्मसात किया।

तीन दशकों से अधिक के शिक्षण अनुभव के साथ डॉ. वर्मा पिछले 26 वर्षों से महाविद्यालय संवर्ग में अपनी सेवाएँ दे रहे थे । उनके मार्गदर्शन में राजकीय महाविद्यालय ऊना के विद्यार्थियों ने विभिन्न संगीत प्रतियोगिताओं में 50 से अधिक पुरस्कार प्राप्त कर संस्थान एवं प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनके शोधपत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में प्रस्तुत हो चुके हैं, जिससे शैक्षणिक जगत को महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

संगीत के अतिरिक्त साहित्य, रंगमंच, नृत्य, ललित कला एवं खेल गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाती है। उनकी विद्वत्ता के सम्मानस्वरूप उन्हें ‘प्राचीन कला केंद्र’ की गवर्निंग बॉडी तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रदर्शन कला संकाय की बोर्ड ऑफ स्टडीज़ का सदस्य नामित किया गया है। उत्कृष्ट शिक्षण सेवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा “श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार” हेतु चयनित शिक्षकों में उनका नाम शामिल होना उनके समर्पण और उपलब्धियों का प्रमाण है।

इस उपलक्ष्य में कॉलेज के अन्य प्रवक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए । इनमें प्रोफेसर पुनीत कंवर , प्रोफ़ेसर सुरेश , प्रोफ़ेसर शशि कंवर , प्रोफ़ेसर सतपाल सिंह , प्रोफ़ेसर रुचि शर्मा , प्रोफेसर अनीता सैनी , प्रोफेसर मोनिका ठाकुर , प्रोफेसर श्रेयसी सिंह और प्रोफेसर शामली ने भी अपने विचार साझा किए । इसके साथ साथ उनकी धर्मपत्नी मीनू वर्मा , सुपुत्री प्रोफ़ेसर स्वरिमा एवं उनके साथ आए सगे संबंधियों ने भी अपने विचार साझा किए। इस मौके पर  कॉलेज के समस्त प्रोफेसर और नॉन टीचिंग स्टाफ उपस्थित रहे ।

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