Home Himachal>Una उच्च शिक्षा के सपने साकार करने हेतु अधिक से अधिक बच्चें उठाएं डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना का लाभ – अनिल कुमार

उच्च शिक्षा के सपने साकार करने हेतु अधिक से अधिक बच्चें उठाएं डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना का लाभ – अनिल कुमार

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उच्च शिक्षा के सपने साकार करने हेतु अधिक से अधिक बच्चें उठाएं डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना का लाभ – अनिल कुमार

ऊना/सुशील पंडित: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि हिमाचल प्रदेश का कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक अभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। इसी सोच को साकार करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरंभ की गई है, जो युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख रही है।

वर्ष 2023 में शुरू की गई यह योजना उन मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक भरोसेमंद सहारा है, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनके मार्ग में बाधा बनती रही है। योजना के अंतर्गत हिमाचल सरकार द्वारा 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र 1 प्रतिशत ब्याज दर पर प्रदान किया जा रहा है। इस ऋण राशि का उपयोग ट्यूशन फीस, आवास, भोजन तथा अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जा सकता है।

आय सीमा बढ़ाकर अधिक विद्यार्थियों को मिला अवसर

ऊना जिला के उप निदेशक उच्चतर शिक्षा अनिल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के आरंभ में लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय सीमा 4 लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के कहीं अधिक विद्यार्थी योजना के दायरे में आए हैं और उच्च शिक्षा के अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि हिमाचल के विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर ज्ञान, कौशल और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। इस दिशा में डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना एक प्रभावी और दूरदर्शी पहल सिद्ध हो रही है। वर्तमान में ऊना जिला से तीन विद्यार्थी इस योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया

उपनिदेशक ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही पिछली कक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है। योजना के अंतर्गत मेडिकल, फार्मेसी, नर्सिंग, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग सहित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। आवेदन के लिए आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है। इच्छुक विद्यार्थी उप निदेशक उच्चतर शिक्षा ऊना की वेबसाइट www.ddheuna.in अथवा डायरेक्टर स्कूल शिक्षा शिमला की वेबसाइट से प्रपत्र-2 डाउनलोड कर सकते हैं। भरे हुए प्रपत्र को किसी भी कार्यदिवस में उप निदेशक उच्चतर शिक्षा कार्यालय, ऊना में जमा करवाया जा सकता है।

योजना का लाभ उठाने की अपील

अनिल कुमार ने जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह योजना बच्चों के उच्च शिक्षा के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम है और भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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