Home Himachal>Una सहायक आयुक्त ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण एवं 15 सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा की

सहायक आयुक्त ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण एवं 15 सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा की

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सहायक आयुक्त ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण एवं 15 सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा की

ऊना, सुशील पंडित : सहायक आयुक्त, विनय मोदी ने आज वीरवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत गठित समितियों की बैठकें लीं। उन्होंने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसी ने जिला सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक में जातीय भेदभाव की रोकथाम और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय व राहत प्रदान करने पर बल दिया। उन्होंने अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 31 मई, 2026 तक जिला में 67 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 59 मामले न्यायालय में लंबित हैं। तीन मामलों में निर्णय हो चुका है, जबकि 2 मामलों में जांच के बाद एससी-एसटी एक्ट की धाराएं हटाई गई हैं और तीन मामलों में पुलिस जांच जारी है।

उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत पीड़ितों को एक लाख रुपये से लेकर 8 लाख 25 हजार रुपये तक की राहत राशि प्रदान करने का प्रावधान है। यह राशि चरणवार तरीके से प्रदान कीे जाती है। उन्होंने अधिकारियों को मामलों की नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ितों को समय पर राहत और न्याय मिल सके।

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अधिनियम के प्रावधानों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए और पीड़ितों को त्वरित राहत व विधिक संरक्षण उपलब्ध कराने में कोई ढिलाई न बरती जाए।

इसके उपरांत सहायक आयुक्त ने 15 सूत्रीय कार्यक्रम जोकि अल्पसंख्यक वर्ग विशेष के उत्थान के लिए सरकार द्वारा आरम्भ किया गया है, की समीक्षा बैठक में बताया कि जिला ऊना में अल्पसंख्यक समुदाय से सम्बंधित 48 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा 42 आंगनवाड़ी सहायिकाएं एकीकृत बाल विकास योजना में सेवाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि इन आंगनवाड़ी में छः माह से 6 वर्ष तक के 673 बच्चे तथा 180 माताओं को पोषण अभियान के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। इसी प्रकार 3 से 6 वर्ष के 148 बच्चे प्री-स्कूल शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि उप-निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा, ऊना की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में जिला में कोई भी मदरसा नहीं चलाया जा रहा है। अल्पसंख्यक समुदाय से सम्बंध रखने वाले विद्यार्थी छात्रवृति प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 1968 अल्पसंख्यकों को जाॅब कार्ड जारी किए गए जिनमें से 438 ने अल्पसंख्यकों ने रोजगार की मांग की और सभी को रोजगार उपलब्ध करवाया गया।

सहायक आयुक्त ने बताया कि जिला के सभी सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अल्पसंख्यक वर्ग के 32 विद्यार्थी विभिन्न श्रेणियों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।  इसके अतिरिक्त अल्पसंख्यक वर्ग के लिए ऋण प्राप्त के लिए आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष निधारित की गई है और पारिवारिक वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 81,000 और शहरी क्षेत्रों में 1,03,000 रुपये निर्धारित की गई है। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी शिव वर्मा, जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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